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कोरबा

कलेक्टर ने विद्युत गृह विद्यालय में बीएलओ को दिए जा रहे एसआईआर प्रशिक्षण का किया निरीक्षण

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बीएलओ को प्रशिक्षण में विशेष ध्यान देने व बारीकियों का गहनता से जानकारी प्राप्त करने के दिए निर्देश

कोई भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से ना छूटे- कलेक्टर

कोरबा। भारत एवं  छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्ष 2025-26 के लिए मतदाता सूची के वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथियाँ घोषित की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले में विभिन्न प्रपत्रो की प्रिंटिंग एवं प्रशिक्षण कार्य 03 नवंबर 2025 तक किया जाएगा। ततपश्चात 04 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 तक बीएलओ द्वारा  डोर टू डोर विजिट कर सर्वेक्षण एवं सूचीकरण कार्य संचालित किया जाएगा। इस हेतु जिले के सभी विधानसभाओं में बीएलओ को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा कोरबा नगरीय क्षेत्र के विद्युत गृह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में  आयोजित  विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 21, कोरबा अंतर्गत नियुक्त बीएलओ के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षण का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित सभी बीएलओ को इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी  देते हुए कहा कि कोई भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से ना छूटे ,तथा कोई भी अपात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में ना रहे। सभी इस बात का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बीएलओ को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि एसआईआर कार्यक्रम में बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस हेतु आप सभी प्रशिक्षण में विशेष ध्यान दें, सभी बारीकियों का गहनता से जानकारी प्राप्त कर  अपनी शंकाओ एवं सर्वे के दौरान जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का भी निराकरण प्राप्त कर लें। इस दौरान एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, मास्टर ट्रेनर गौरव शर्मा  सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।


मास्टर ट्रेनर द्वारा सभी बीएलओ व बीएलओ सुपरवाइजर को विभिन्न प्रपत्रों , डोर टू डोर सर्वे कार्य, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, स्थानांतरित करने, काटने हेतु उपयोगी प्रपत्रों के बारे में बताया गया। मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण में बीएलओ को जानकारी देते हुए बताया गया कि  उक्त सर्वे अवधि में बीएलओ प्रत्येक घर के मतदाताओं को गणना पत्रक की दो प्रति बाटेंगे तथा उसको भरने में मतदाताओं को सहयोग भी करेंगे। यदि मतदाता अनुपस्थित हो तो गणना पत्र को घर पर छोड़कर एक सूचना घर के दरवाजे पर चिपकाएंगे जिसमें इस बात का उल्लेख होगा कि बूथ लेवल ऑफिसर तीन अलग-अलग तिथियां में गणना पत्रक लेने के लिए पुनः आएंगे। गणना पत्र की एक प्रति  बीएलओ अपने पास रखेंगे एवम दूसरी प्रति में मतदाताओं को पावती देंगे। गणना पत्रक पूर्व मुद्रित होगा जिसमें मतदाता की जानकारी मुदित होगी। मतदाताओं का वर्गीकरण अलग-अलग श्रेणी में करते हुए जिसमें सामान्य मतदाता ऐसे मतदाता होंगे जिनके नाम 2025 की मतदाता सूची में भी हो एवं 2003 के गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची में भी हो । इसी प्रकार कुछ मतदाता जिनका नाम 2025 की सूची में तो है, परंतु उनका नाम 2003 की सूची में नहीं है, परंतु उनके रिश्तेदार जैसे माता या पिता का नाम उस सूची में हो उनका चिन्हांकन करते हुए  पत्रक भरा जाएगा । ऐसे दोनों प्रकार के मतदाताओं को कोई भी दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी, केवल 2003 के मतदाता सूची की स्क्रीनशॉट देनी होगी। जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987  से पूर्व हुआ होगा एवं उनका नाम 2003 की सूची में नहीं है उन्हें 12 विहित दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। ऐसे मतदाता जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के मध्य हुआ हो उन्हें स्वयं के पहचान के लिए 12 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज तथा माता या पिता में से किसी एक के दस्तावेज को प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी । इसी प्रकार 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लिए समस्त मतदाताओं को अपने स्वयं की पहचान के लिए कोई एक दस्तावेज के साथ-साथ माता एवं पिता दोनों के पहचान के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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कोरबा

“सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत कोरबा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, लूट के मामले का खुलासा

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लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चौकी मानिकपुर में लूट की घटना का त्वरित खुलासा किया गया है।

प्रार्थी योगेश कुमार कंवट, निवासी तिलकेजा दरी मोहल्ला, थाना उरगा, दिनांक 25.03.2026 को अपने जीजा के घर मानिकपुर आया था। दिनांक 26.03.2026 को रात्रि लगभग 02:00 बजे वापस जाते समय मानिकपुर बाजार के पास कुछ अज्ञात आरोपियों द्वारा उसे रोककर हाथ-मुक्का से मारपीट करते हुए उसकी हीरो एचएफ डीलक्स मोटर सायकल एवं नगदी रकम 2000 रुपये लूटकर फरार हो गए।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली चौकी मानिकपुर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें अभिरक्षा में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपीगण का विवरण:–

  1. फैजल अहमद अंसारी उर्फ अमन, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।
  2. विजय चौहान, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।

आरोपियों से पृथक-पृथक मेमोरण्डम कथन लेकर उनके कब्जे से लूट की मशरूका, जिसमें एक पुरानी इस्तेमाल की गई मोटर सायकल (हीरो एचएफ डीलक्स), मोटर सायकल क्रमांक CG 11 AB 8037 एवं नगदी राशि बरामद की गई।

बरामद सामग्री को विधिवत गवाहों के समक्ष जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

कोरबा पुलिस द्वारा “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत क्षेत्र में अपराध नियंत्रण हेतु निरंतर सख्त कार्यवाही जारी रहेगी एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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कोरबा

“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोतवाली पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही

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डीजे विवाद में चाकूबाजी की घटना का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 25 मार्च 2026 को थाना कोतवाली, जिला कोरबा क्षेत्रांतर्गत डीजे को लेकर हुए विवाद में प्रार्थी संदीप भास्कर के कूल्हे पर चाकू मारने की घटना सामने आई थी। उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 109(3), 296, 351(3), 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

आरोपियों का नाम पता:—

  1. संतोष बाबा पिता पंचराम वैष्णव, उम्र 18 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
  2. शिव यादव पिता छोटेलाल, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
  3. पुरुषोत्तम सोनी उर्फ पांडू पिता जयराम, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती।

तीनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना करना स्वीकार किया गया। उनके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू जप्त किया गया। प्रकरण में धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है।
उक्त सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

♦️“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस द्वारा अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है तथा आगे भी यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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कोरबा

ग्रामीणों के आंदोलन के आगे झुका प्रबंधन, SECL गेवरा और PNC कंपनी का खदानबंदी समाप्त, 13 को तत्काल और 7 को 8 अप्रैल तक रोजगार का मिला लिखित आश्वासन

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कोरबा/गेवरा। SECL गेवरा परियोजना के प्रभावित ग्राम नरईबोध और गेवरा क्षेत्र के ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज गेवरा खदान और आउटसोर्सिंग कंपनी PNC के कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया।पुनर्वास, मुआवजा, बसाहट और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर सुबह 9:00 बजे से शुरू हुआ, यह उग्र प्रदर्शन दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहा, जिससे परियोजना का कार्य लगभग 4 घंटे तक बाधित रहा ।

मुख्य घटनाक्रम

  • नारेबाजी और घेराव:- भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और CISF के जवान मुस्तैद रहे ।
  • प्रशासनिक मध्यस्थता:- आंदोलन को समाप्त कराने के लिए तहसीलदार और SECL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई ।
  • सहमति और समाधान:- वार्ता के दौरान PNC कंपनी में 13 भू-विस्थापितों को तत्काल प्रभाव से रोजगार में बहाल करने का निर्णय लिया गया। वहीं शेष 7 भू-विस्थापितों को उनका बी-फॉर्म (B-Form) और मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात 8 अप्रैल 2026 तक कार्य पर रखने का लिखित आश्वासन दिया गया ।
  • लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

एसईसीएल गेवरा के अधिकारियों और नायब तहसीलदार द्वारा लिखित में आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रही गोमती केवट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी 20 लोगों की जॉइनिंग और अन्य मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो भविष्य में पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।

इस समझौते के बाद खदान और PNC कंपनी में कार्य पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गया है ।

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