कोरबा
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से आमजन को मिल रही त्वरित राहत
सीएम हेल्पलाइन की पहल से गौरीबाई को मिला अंत्योदय राशन कार्ड, शासकीय योजनाओं का रास्ता हुआ आसान
स्वच्छता एवं जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का हुआ समयबद्ध समाधान
कोरबा। आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण हेतु मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत सुशासन, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण कर आमजन को राहत पहुंचाई जा रही है। शासन की संवेदनशील पहल के तहत नागरिकों की समस्याओं पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों द्वारा मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में विकासखण्ड पाली के ग्राम पोलमी निवासी गौरीबाई के पास राशन कार्ड नहीं होने के कारण विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के निराकरण हेतु उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए उनके प्रकरण का परीक्षण किया गया। पात्रता संबंधी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर जनपद पंचायत पाली द्वारा गौरीबाई को अंत्योदय राशन कार्ड जारी किया गया। अंत्योदय राशन कार्ड प्राप्त होने से अब गौरीबाई को खाद्यान्न सहित विभिन्न पात्रतानुसार शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इससे उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का प्रभावी समाधान हुआ है। गौरीबाई ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद उनकी समस्या का शीघ्र और संतोषजनक समाधान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन व प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन की संवेदनशील एवं जनहितैषी कार्यप्रणाली से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण संभव हो रहा है।

कटघोरा नगरीय क्षेत्र के सिद्धि विहार स्थित शांति विला गोदावरी निवास के पास आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर शिकायतकर्ता श्रीमती वंदना यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि क्षेत्र में कुछ आवारा कुत्ते घूम रहे हैं, जिनमें कुछ आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय का वातावरण बना हुआ है। साथ ही क्षेत्र में बंध्याकरण एवं टीकाकरण अभियान नहीं होने की जानकारी भी दी गई थी।
शिकायत प्राप्त होने के कुछ घण्टे के भीतर ही नगर पालिका कटघोरा द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्र में आवश्यक बंध्याकरण एवं टीकाकरण की कार्यवाही कराई गई तथा आवारा कुत्तों के संबंध में आवश्यक प्रबंधन किया गया। समस्या के निराकरण के उपरांत शिकायतकर्ता से संपर्क कर उनकी संतुष्टि प्राप्त की गई । शिकायतकर्ता श्रीमती यादव ने समस्या के त्वरित समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका समयबद्ध निराकरण किया जाना शासन की जनहितैषी कार्यप्रणाली का परिचायक है।

कोरबा नगरीय क्षेत्र के मोतीसागरपारा निवासी शांतनु मिश्रा द्वारा मोहल्ले के नाली में गाद मिट्टी जमा होने के कारण जलभराव की समस्या होने की जानकारी देते हुए नाली सफाई की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत प्राप्ति के कुछ ही समय बाद नगर निगम की स्वच्छता टीम द्वारा मौके पर जाकर नाली की सफाई एवं पानी निकासी को व्यवस्था कर आवेदन का निराकरण किया गया है। वार्ड क्रमांक 58 सरदार वल्लभभाई पटेल नगर में एमआईजी-750 एवं एमआईजी-751 के पीछे स्थित खाली भूखंड में लंबे समय से जमा कचरे एवं गंदगी की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त हुई थी। शिकायत पर निगम की स्वच्छता टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी एवं ट्रैक्टर की सहायता से जमा कचरे को हटाया तथा पूरे क्षेत्र की सफाई कराई। कार्रवाई के बाद संबंधित स्थल को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाया गया, जिससे आसपास के रहवासियों को बड़ी राहत मिली। आस पास के निवासियों ने सफाई कार्य पूर्ण होने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से बनी समस्या का समाधान होने से वातावरण स्वच्छ हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की यह प्रक्रिया शासन की जनहितैषी एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली को दर्शाती है। नागरिकों की शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कर उन्हें समयबद्ध राहत प्रदान की जा रही है, जिससे शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों पर तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करते हुए आमजनों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है। प्रशासन द्वारा पंचायत, राजस्व, नगरीय निकाय, सड़क, बिजली, पेयजल, खाद्य, समाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के आवेंदनो का त्वरित निराकरण कर आमजनों को राहत पहुचाया जा रहा है। यह पहल न केवल जनसमस्याओं के समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित कर रही है, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ बना रही है।
कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
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