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छत्तीसगढ़

कांग्रेस ने पुलिस से मांगी BJP विधायक की सुरक्षा:रिकेश सेन बोले- मेरी हत्या की साजिश, एक हफ्ते बाद भी ‘पीली फाइल’ की जांच नहीं

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दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के भिलाई में वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है। दरअसल, महिला दिवस के दिन विधायक रिकेश सेन ने खुद सार्वजनिक मंच से उनकी हत्या की साजिश की बात कही थी। साथ ही पूर्व पार्षद जय प्रकाश यादव की ओर से दिखाई गई पीली फाइल में साजिशकर्ताओं के नाम होने का दावा किया गया था।

अब इस मुद्दे पर कांग्रेस भी खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस नेताओं ने सुपेला थाने पहुंचकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि एक सप्ताह से ज्यादा समय होने के बाद भी अब तक बीजेपी के पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव की पीली फाइल की जांच नहीं की गई, जिसमें रिकेश की हत्या की साजिश करने वालों के नाम थे।

इस मामले को लेकर अब कांग्रेस ने राज्य शासन पर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने सुपेला थाना में ज्ञापन सौंपकर विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा की मांग की है, साथ ही साजिश करने वालों के नाम सार्वजनिक करने की भी मांग की है।

कांग्रेस प्रदर्शन की तस्वीरें-

वैशाली नगर क्षेत्र के बीजेपी विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा के लिए कांग्रेस ने किया प्रदर्शन।

वैशाली नगर क्षेत्र के बीजेपी विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा के लिए कांग्रेस ने किया प्रदर्शन।

कांग्रेसियों ने थाने के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेसियों ने थाने के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

पुलिस से मिलकर कांग्रेसियों ने रिकेश सेन की सुरक्षा की मांग की है।

पुलिस से मिलकर कांग्रेसियों ने रिकेश सेन की सुरक्षा की मांग की है।

क्या है पूरा मामला

महिला दिवस 8 मार्च के दिन विधायक रिकेश सेन ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने खिलाफ रची गई कथित साजिश का जिक्र किया था। उन्होंने एक वीडियो भी दिखाया था, जिसमें भाजपा के पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव पीले रंग की एक फाइल लेकर बैठे नजर आए थे।

इस फाइल में कथित तौर पर उन लोगों के नाम होने का दावा किया गया था जो उन्हें फंसाने या नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे थे। रिकेश सेन ने उस समय कहा था कि किसी ने एक वीडियो जारी किया है, जिससे वे और उनका पूरा परिवार सदमे में है।

उन्होंने दावा किया था कि कुछ लोगों ने उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची थी। उनके मुताबिक उन्हें फर्जी दुष्कर्म केस में फंसाने की योजना बनाई गई थी।

महिला दिवस के दिन विधायक रिकेश सेन ने खुद सार्वजनिक मंच से हत्या की साजिश की बात कही थी।

जहर देकर मारने या फिर एक्सीडेंट की दी थी धमकी

विधायक ने बताया था कि भाजपा के पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव ने उन्हें व्हाट्सऐप कॉल कर सावधान रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि किसी के यहां भोजन करने न जाएं और अकेले घर से बाहर भी न निकलें, क्योंकि उन्हें नुकसान पहुंचाने की तैयारी चल रही है।

उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें जहर देकर मारने की योजना बनाई गई थी। उनके अनुसार, किसी के जन्मदिन के बहाने केक में जहर मिलाकर खिलाने या खाने पर बुलाकर जहर देने जैसी साजिश की बात सामने आई थी। इसके अलावा उनकी हत्या को सड़क दुर्घटना की तरह दिखाने की भी योजना बनाई गई थी।

विधानसभा में भी उठा था मुद्दा

इस बीच यह मुद्दा छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में भी गूंजा। शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्ट बयान देने की मांग की।

बघेल ने सदन में कहा कि उन्होंने खुद विधायक से बातचीत की है और उन्होंने भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में सत्तारूढ़ दल का ही विधायक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है तो यह गंभीर विषय है और सरकार को इस पर स्थिति साफ करनी चाहिए।

बीजेपी नेता और पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर पीली फाइल दिखाई और रिकेश सेन के समर्थन में खुलकर सामने आए।

बीजेपी नेता और पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर पीली फाइल दिखाई और रिकेश सेन के समर्थन में खुलकर सामने आए।

कौन हैं जेपी यादव, क्यों आए पीली फाइल को लेकर चर्चा में

दरअसल, बीजेपी नेता और पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव पर नौकरी के नाम पर पैसे की धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इसके बाद उन्होंने इसका जिम्मेदार विधायक रिकेश सेन को बताते हुए उन्हें फंसाने की बात कही थी। इसके लिए जेपी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस भी ली थी।

इसके बाद जय प्रकाश यादव के खिलाफ 11 फरवरी को नौकरी के नाम पर 16 लाख रुपए ठगी करने का मामला दर्ज किया गया।

आरोप है कि पीड़ितों ने उसे नौकरी दिलाने के लिए पैसे दिए। इसमें भाई के लिए SI पद के नाम पर 4 लाख रुपए, बेटी के लिए स्टाफ नर्स के लिए 4 लाख रुपए, बहू के लिए 3 लाख रुपए, दो बेटों के लिए 2-2 लाख रुपए और एक अन्य व्यक्ति ने अपने बेटे को प्यून पद दिलाने के लिए 2 लाख रुपए दिए।

पीड़ितों ने जय प्रकाश यादव के साथ हुए व्हाट्सऐप मैसेज के स्क्रीनशॉट और फोन कॉल के वॉइस रिकॉर्ड भी सबूत के तौर पर पुलिस को दिए थे।

इसके बाद अचानक से जेपी यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर एक पीली फाइल दिखाई और रिकेश सेन के समर्थन में खुलकर सामने आए। रिकेश से महिला दिवस के दिन जेपी यादव के ही वीडियो दिखाकर अपनी जान को खतरा बताया था।

भिलाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने क्या कहा

भिलाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि वैशाली नगर क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि उनकी जान को खतरा है। उनको जान से मारने की साजिश रची जा रही है।

उन्होंने कहा कि अब लगभग एक हफ्ता बीत गया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक साजिशकर्ताओं की पहचान नहीं की और न ही कोई जांच शुरू की है। आज हम सभी कांग्रेस नेता यहां मौजूद हैं और हमारी मांग है कि इस घटना और धमकी की उच्च स्तरीय जांच की जाए।

कांग्रेस नेता ने बताया कि यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए हम आज यहां इसकी जांच की मांग करने आए हैं।

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कोरबा

वेदांता पावर प्लांट में हादसा: कल उद्योगमंत्री करेंगे दौरा

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कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन गुरूवार 16 अप्रैल को सक्ती एवं रायगढ़ जिले के प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार केबिनेट मंत्री श्री देवांगन सवेरे 11.00 बजे नवा रायपुर स्थित निवास से प्रस्थान कर दोपहर 2.00 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे। जहां वे सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई के निजी पॉवर प्लांट में हुई औद्योगिक दुर्घटना में घायल हुए श्रमिकों से मुलाकात करेंगे और ईलाज से संबंधित जानकारी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं चिकित्सकों की टीम से लेंगे। 

उद्योग मंत्री श्री देवांगन शाम 4.00 बजे रायगढ़ से रवाना होकर शाम 5.00 बजे जिला मुख्यालय सक्ती पहुंचेंगे। इस दौरान वे रेस्ट हाउस में वेदांता पॉवर लिमिटेड सिंघीतराई से संबंधित घटना के संबंध में कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेंगे। तत्पश्चात वे शाम 5.30 बजे कोरबा जिले के लिए रवाना होंगे। 

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कोरबा

बालको में ‘अलाइसा’ रोबोट तैनात, कर्मचारियों को मिलेगा रियल-टाइम सुरक्षा ट्रेनिंग

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘अलाइसा’ (एल्यूमिनियम एआई सपोर्ट एजेंट) नामक एक अत्याधुनिक एआई-संचालित ह्यूमनॉइड असिस्टेंट को संयंत्र में तैनात किया है। यह अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जिसे एल्यूमिनियम निर्माण में शॉप फ्लोर की क्षमता, संचालन दक्षता और औद्योगिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बालको के स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में कार्यरत ‘अलाइसा’ शॉप फ्लोर टीम के लिए ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण, ज्ञान और निर्णय-सहायता के एक इंटरफेस के रूप में कार्य करता है। यह सिस्टम कन्वर्सेशनल एआई को प्लांट-विशिष्ट ऑपरेशनल इंटेलिजेंस के साथ जोड़ते हुए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), मानक रखरखाव प्रथाओं (एसएमपी) और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल पर रियल-टाइम, संदर्भित मार्गदर्शन सीधे कार्यस्थल पर उपलब्ध कराता है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि हमारी कंपनी में तकनीक और मानव क्षमता के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘अलाइसा’ की तैनाती हमारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शॉप फ्लोर पर सीखने, निर्णय लेने और सुरक्षा के मानकों को नई दिशा दे रहा है। यह पहल न केवल कर्मचारियों को रियल-टाइम मार्गदर्शन प्रदान करती है, बल्कि उन्हें अधिक सक्षम, जागरूक और आत्मनिर्भर भी बनाती है। हम एक सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य-तैयार कार्यस्थल के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शुरुआती चरण में ‘अलाइसा’ ने 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। यह लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम प्रश्न समाधान और मूल्यांकन-आधारित सिस्टम प्रदान करता है, जिससे सुपरवाइजर कर्मचारियों की समझ और कौशल प्रगति की प्रभावी निगरानी कर सकते हैं। डेटा-आधारित सतत सीखने को शॉप फ्लोर में समाहित कर, यह सिस्टम प्रक्रियाओं के मानकीकरण, सुरक्षा नियमों के अनुपालन को सुदृढ़ करने और उच्च-तीव्रता वाले औद्योगिक वातावरण में कार्यबल की तैयारी को बेहतर बना रहा है।

प्रारंभिक फीडबैक से यह भी स्पष्ट हुआ है कि कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी तक बेहतर पहुंच मिली है, संचालन संबंधी समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और रियल-टाइम निर्णय लेने में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

बालको में कार्यरत परास्नातक प्रशिक्षु उदय चौहान ने कहा कि पॉटलाइन पर कार्य शुरू करने से पहले मैंने ‘अलाइसा’ के माध्यम से एसओपी-आधारित सुरक्षा प्रशिक्षण लिया। यह एक उत्कृष्ट अनुभव रहा। एक रोबोट होने के बावजूद, प्रशिक्षण उतना ही प्रभावी था जितना किसी मानव ट्रेनर द्वारा दिया जाता है।

यह पहल भारत के मेटल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और बालको को कोर मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड एआई अपनाने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल करती है। कंपनी भारत में पहली और वैश्विक स्तर पर चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जिसने डिजिटल स्मेल्टर तकनीक लागू की है। इसके माध्यम से संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाना और समय पर निर्णय लेना संभव हो पाया है।

‘अलाइसा’ कंपनी की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन, पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट तक विस्तारित है। ये सभी पहल उन्नत एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के माध्यम से संचालन दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षा प्रदर्शन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हैं।

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कोरबा

इधर सक्ती हादसे में 20 श्रमिकों की जान चली गई उधर उद्योग मंत्री केक काटकर मनाते रहे जन्मदिन

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कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने बताया असंवेदनशीलता
कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा है कि सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को बॉयलर फटने से 20 श्रमिकों की मौत के बाद प्रदेश में शोक का माहौल है, लेकिन दूसरी तरफ 14 अप्रैल को घटना के समय उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का कोरबा में जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होना बेहद दुखद है। उन्होंने इसे लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे असंवेदनशीलता करार दिया।
मंत्री का जन्मदिन 12 अप्रैल को था, लेकिन कोरबा के साहित्य भवन में 14 अप्रैल की शाम को आयोजित एक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उनका बिलेटेड जन्मदिन समारोह रखा गया था। इसी दौरान दोपहर को सक्ती में भीषण हादसे की खबर सामने आई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने बयान जारी कर जांच की बात कही और दुख भी जताया, लेकिन निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। राठौर ने कहा है कि इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय घटना को लेकर शोक संदेश दे रहे थे और इधर मंत्री लखन लाल केक काट रहे थे।जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और इसे मानवता के खिलाफ बताते हुए उद्योग मंत्री की असंवेदनशीलता करार दिया।
राठौर ने कहा कि जब प्रदेश में इतनी बड़ी औद्योगिक दुर्घटना हुई और कई परिवारों के घर उजड़ गए, घायलों व उनके परिवार के सदस्यों में चीख पुकार मची रही। तब जिम्मेदार पद पर बैठे जनप्रतिनिधि का जन्मदिन मनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के समय में संवेदनशीलता दिखाना आवश्यक होता है, लेकिन यहां उल्टा दृश्य देखने को मिला।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले में सरकार स्पष्ट करे कि हादसे के समय संबंधित विभाग और जिम्मेदार लोग क्या कर रहे थे। साथ ही संयंत्र में सुरक्षा मानकों की स्थिति और हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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