कांग्रेस बोली- शिक्षक दिवस पर टीचर्स का हुआ अपमान:राजभवन में लाइन लगवाकर पहले ही मोमेंटो-प्रशस्ति पत्र पकड़ाया, संघ बोला- यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन
रायपुर,एजेंसी। शिक्षक दिवस पर राजभवन में समारोह को लेकर कांग्रेस और शिक्षक संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, यह कार्यक्रम शिक्षकों के सम्मान का नहीं बल्कि अपमान का प्रतीक बन गया।
वहीं, शालेय शिक्षाकर्मी संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि कार्यक्रम के लिए शिक्षकों का ड्रेस कोड रखा गया था। इस कार्यक्रम में शिक्षकों के व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन हुआ। इससे पहले भी राज्यपाल रहे है। उन्होंने पूर्व में अपने हाथों से शिक्षकों को सम्मानित किया। शिक्षा विभाग इस नई परंपरा का सुधार करें।
राजभवन के अंदर छत्तीसगढ़ मण्डपम में शिक्षकों के सम्मान के दौरान ग्रुप में फोटो खिंचवाई गई।
अगर आदर से सम्मानित नहीं करना था तो बुलाया क्यों?
कांग्रेस नेता सुशील आनंद ने सवाल उठाया कि, अगर शिक्षकों को सम्मानित करने का समय और शिष्टाचार नहीं था, तो उन्हें कार्यक्रम में बुलाया ही क्यों गया। उन्होंने कहा कि आपके पास इतना समय नहीं है कि आप अपने हाथों से मोमेंटो दें, प्रमाण पत्र दें? राजभवन अधिकारियों की यह कोताही बर्दाश्त के योग्य नहीं है।
व्यक्तिगत सम्मान होना चाहिए था
शालेय शिक्षाकर्मी संघ अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि, शिक्षकों का वित्तीय बोझ पहले से ही बहुत है, और ऐसे में शिक्षकों पर ड्रेस कोड थोपना भी उचित नहीं है। दुबे ने कहा कि उन्होंने कहा कि शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर राज्यपाल के हाथों से सम्मानित किया जाना चाहिए था।
लेकिन इस बार पांच-पांच के समूह में बुलाकर पहले से ही प्रशस्ति पत्र और सामग्री दे दी गई। इस बार राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में ऐसा लगा जैसे केवल फोटो सेशन किया जा रहा हो। यह गलत परंपरा शिक्षा विभाग ने शुरू की है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल रमेन डेका भाषण देते।
मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में हुआ अपमान
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील ने कहा कि, जब शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा था उस दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में यह सब हुआ और शिक्षा मंत्री को इस विषय पर ध्यान देना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं यह केवल राज्य के उत्कृष्ट शिक्षकों का ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी शिक्षकों का अपमान है।कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि भाजपा सरकार और राजभवन को शिक्षकों से इस आचरण के लिए माफी मांगनी चाहिए।
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आम नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 01 अक्टूबर से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहें। इसी क्रम में 02 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय एवं नगर पंचायत छुरीकला अंतर्गत बस स्टैंड छुरी के समीप शिविर आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठायें।
पीएम जनमन के अंतर्गत लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से अटल चौक से जंगल पारा तक बना 2.38 किलोमीटर मार्ग कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। विकासखंड पाली के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला के जंगल पारा में रहने वाले बिरहोर परिवारों के लिए बारिश का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। अटल चौक से बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था और बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे। अब प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत बनी पक्की सड़क ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान कर दी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अटल चौक से जंगल पारा तक लगभग 2.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मार्ग में सीसी सड़क के साथ डामर सड़क भी बनाई गई है। इससे बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लगभग 40 परिवारों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। बस्ती के सुनहर सिंह बिरहोर बताते हैं कि पक्की सड़क बनने से अब आने-जाने में आसानी होती है। गीता बाई के अनुसार उन्हें रास्ते में पहले जैसी परेशानी नहीं होती और बच्चे भी आसानी से स्कूल आ-जा सकते हैं। गाँव के किसान पुनो राम पटेल पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बारिश में रास्ते पर घुटनों तक कीचड़ हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से उस परेशानी से राहत मिली है। जंगल पारा के परिवारों के लिए यह सड़क स्कूल और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने का सुगम रास्ता बन गई है। बारिश के दिनों में जिस मार्ग से गुजरना कठिन था, उसी पर अब ग्रामीण अधिक आसानी से आ-जा रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग की सहायता से अपनाई ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और उन्नत खेती कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नगौई बछेरा निवासी किसान गुरुचरण मरार पहले परंपरागत तरीके से धान की खेती करते थे। वर्ष में एक ही फसल लेने के कारण खेती से होने वाली आय सीमित थी। सिंचाई का साधन नहीं था और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य मशीनें किराये पर लानी पड़ती थीं। ऐसे में छह सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था। गांव के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने श्री मरार को विभागीय योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी, नगौई में आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग तथा ग्राफ्टेड बैंगन रोपण के लिए कुल 46 हजार रुपये का विभागीय अनुदान मिला। इन संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन की मदद से श्री मरार ने खेती के तरीके में बदलाव किया। अब वे वर्ष में दो से तीन फसलें लेते हैं और वर्तमान में भिंडी की खेती से भी आय अर्जित कर रहे हैं। विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित वार्षिक आय पहले लगभग 45 हजार रुपये थी, जो अब लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है। वे गांव के अन्य किसानों को भी खेती से जुड़ी जानकारी देते हैं। श्री मरार कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी मिलने पर उनका आधुनिक खेती के प्रति उत्साह बढ़ा। वे आगे भी विभागीय मार्गदर्शन लेकर खेती करना चाहते हैं और मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।