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कोरबा

प्रथम किश्त प्राप्त आवासों का निर्माण 30 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें : सीईओ जिला पंचायत

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित सभी योजनाओं में लाएं गति और गुणवत्ता

मनरेगा अंतर्गत आजीविका डबरी को बनाएं स्थायी आय का स्रोत

डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों में प्रगति लाकर सुनिश्चित करें सतत निगरानी

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख योजनाओं—प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पीएम जनमन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन एवं जिला खनिज संस्थान न्यास – डीएमएफ के कार्यों की गहन समीक्षा बैठक ली।

बैठक में सीईओ नाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की ग्राम पंचायतवार विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास निर्माण कार्यों में प्रगति लाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रथम किश्त प्राप्त कर चुके सभी हितग्राहियों के आवास 30 मार्च 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराए जाएं। शून्य प्रगति वाले मैदानी अमले के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उन्होंने योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद पंचायत सीईओ एवं एसडीओ को नियमित समीक्षा और सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

सीईओ ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पीवीटीजी परिवारों के आवासों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। डीएमएफ मद से स्वीकृत जनहितैषी कार्यों जैसे- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आवासीय परिसर आदि में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने तथा निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री नाग ने एनआरएलएम के अंतर्गत वित्तीय समावेशन एवं प्रकरणों की बैंक स्वीकृति एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा।

मनरेगा की समीक्षा में सीईओ ने आजीविका डबरी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने, तकनीकी प्रणाली के माध्यम से गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा अभिसरण के तहत कृषि, सब्जी उत्पादन, मछली पालन, सिंघाड़ा एवं मखाना उत्पादन जैसी गतिविधियों से ग्रामीणों की आय बढ़ाने के अवसर सृजित करने के निर्देश दिए। मनरेगा एवं अभिसरण से स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के साथ ही उत्कृष्ट कार्यों की सफलता की कहानी जिला कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए।

पंचायत विभाग की समीक्षा में अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के भवन निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने तथा केंद्रों में वीएलई की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही एरिया ऑफिसर ऐप के माध्यम से मनरेगा कार्यों का नियमित निरीक्षण कर ऐप में प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व दोनों सुदृढ़ हों।

बैठक में कार्यपालन अभियंता आरईएस, उप संचालक पंचायत, सहायक परियोजना अधिकारी, एसडीओ आरईएस, जनपद पंचायत सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं मनरेगा के जिला व जनपद स्तरीय अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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