बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल द्वारा दिनांक 16 फरवरी 2026 को एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में कोयला उपभोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय एवं संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कंज़्यूमर मीट का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन ने की।
इस दौरान निदेशक (तकनीकी संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार एवं निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र महापात्र उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सीएमडी हरीश दुहन ने स्पष्ट रूप से कहा कि टीम एसईसीएल अब “गुणवत्ता सर्वोपरि” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एसईसीएल का उद्देश्य केवल अधिक कोयला उत्पादन नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता युक्त, भरोसेमंद और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से खुलकर अपने सुझाव एवं विचार साझा करने का आह्वान किया और विश्वास दिलाया कि प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। श्री दुहन ने आश्वस्त किया कि गुणवत्ता नियंत्रण, पारदर्शिता, तकनीकी उन्नयन और बेहतर समन्वय के माध्यम से एसईसीएल उपभोक्ता संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा तथा उद्योगों की ऊर्जा आवश्यकताओं की विश्वसनीय पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
निदेशक (तकनीकी संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने अपने संबोधन में “Production with Purity, Dispatch with Quality” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि उत्पादन प्रक्रिया से लेकर डिस्पैच तक हर स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि ही एसईसीएल की वास्तविक सफलता है।
बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक (खनन/विक्रय) अजीत चौधरी द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कंपनी की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रणाली, गुणवत्ता प्रबंधन तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान उपभोक्ताओं ने कोयले के मूल्य की वापसी (Refund of Coal Value), बैंक गारंटी, गुणवत्ता युक्त कोयले की आपूर्ति एवं अन्य परिचालन संबंधी विषयों पर प्रश्न एवं सुझाव प्रस्तुत किए। सीएमडी हरीश दुहन संपूर्ण बैठक के दौरान उपस्थित रहे तथा सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (गुणवत्ता) संजीव निगम, महाप्रबंधक (वित्त) श्रीमती रोंटी बसु सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कोरबा। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साडा में शुक्रवार को ब्लैक डे एवं मातृ-पितृ पूजन दिवस के अवसर पर भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर की गई। उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षकों ने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
इसके पश्चात मातृ-पितृ पूजन दिवस कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें सामाजिक संस्था ‘संस्कारम’ की संरक्षिका श्रीमती चित्रलेखा चंदेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि माता-पिता ही जीवन के प्रथम गुरु होते हैं। उनके संस्कार, त्याग और मार्गदर्शन से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने छात्राओं से माता-पिता के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं सेवा भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लीनेस ममता रानी वासन ने आधुनिक जीवनशैली के दौर में पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में बच्चों को माता-पिता से सतत संवाद बनाए रखना चाहिए तथा उनके अनुभवों से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में माता-पिता के प्रति आदर, प्रेम एवं सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती सविता पाठक ने किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य रणधीर सिंह, वरिष्ठ व्याख्याता सुषमा द्विवेदी, रेणुका नायक एवं उमा साहू, समाजसेविका लीनेस गायत्री नायक सहित विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। अंत में व्याख्याता रेणुका लदेर ने आभार प्रदर्शन किया।
कोरबा। कोरबा जिले के साडा कन्या विद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत ‘ए’ प्रमाण पत्र परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह परीक्षा अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं की लिखित एवं मौखिक दोनों प्रकार की परीक्षाएं ली गईं।
परीक्षा में कुल 23 स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत बाह्य परीक्षक के स्वागत से हुई। इस अवसर पर मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर वर्षा सिंह तंवर बाह्य परीक्षक के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी सविता पाठक ने उन्हें पुष्प गुच्छ एवं बैच लगाकर औपचारिक स्वागत किया।
परीक्षा के दौरान स्वयंसेविकाओं के अनुशासन, तैयारी और आत्मविश्वास की सराहना की गई। लिखित परीक्षा में एनएसएस के उद्देश्य, गतिविधियों एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े प्रश्न पूछे गए, जबकि मौखिक परीक्षा में छात्राओं की समझ और व्यवहारिक ज्ञान का आकलन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य रणधीर सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस केवल प्रमाण पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने सभी स्वयंसेविकाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अखबार वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह चंदेल, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, जिला सचिव जय नेताम, राय सिंह, तपेश्वर राठौर, रामा, अनिल गिरी, कार्यक्रम सह प्रभारी रेणुका लदेर, शिक्षिका सविता राठौर एवं विनय साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और एनएसएस गतिविधियों को और अधिक सक्रिय बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
कोरबा/पाली। क्षेत्रीय सह सुविधा केन्द्र, मध्य क्षेत्र, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय नई दिल्ली के तत्वावधान में एक दिवसीय औषधीय कार्यशाला का आयोजन कोरबा जिले के पाली ब्लाक अंतर्गत ग्राम डोंगानाला में सम्पन्न हुआ।
डॉ. ज्ञानेन्द्र तिवारी-समन्वयक, क्षेत्रीय सह सुविधा केन्द्र मध्य क्षेत्र एवं विभागाध्यक्ष-औषधीय एवं पादप बोर्ड, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय के परामर्श में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला में कोरबा-पाली फार्मर्स प्रोडक्ट्स कम्पनी के डायरेक्टर एवं जिले के विकासशील किसान रामफल पटेल एवं मध्य भारत मनोहर जी उपस्थित रहे। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ द्वारा औषधीय वैज्ञानिक की उन्नत कृषिकरण तकनीक संरक्षण एवं अवलोकन कर व्यख्यान दिया गया। प्रतिभागियों को उन्नत तकनीक की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय सह सुविधा केन्द्र के सहायक परियोजना प्रबंधक (विपणन) पियुष वर्मा द्वारा विपणन में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. शैलेन्द्र कुमार परियोजना सलहाकार (तकनीकी) द्वारा किसानों को शतावर, अश्वगंधा, सर्पगंधा, कालमेहा की खेती से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां प्रदान की। प्रशिक्षण कार्यशाला में डॉ. शैलेन्द्र ठाकुर परियोजना सलाहकार (तकनीकी) द्वारा किसानों को औषधीय पौधों के संबंध में जानकारियां दी और आधुनिक पद्धति से अधिक उत्पादन और आय के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों को अश्वगंधा, शतावर सहित अन्य औषधीय पौधों का वितरण किया गया और रोपण की विधियां बतायी। कार्यक्रम के अंत में रामफल पटेल सभी का आभार जताया।