छत्तीसगढ़
बीजापुर में दो DEO की नियुक्ति पर विवाद:विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
बीजापुर,एजेंसी। बीजापुर जिले में एक ही कार्यालय में दो जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की पदस्थापना का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी ने शुक्रवार को विधानसभा के शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि जिले में एक ही समय पर दो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यरत हैं, जिससे प्रशासनिक भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने इसे ‘अव्यवस्थित व्यवस्था’ बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है, जो अब पटरी से उतरती दिख रही है।

मंडावी ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
मंडावी ने इस मामले को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि वर्तमान में बीजापुर में एन.एल. धनेलिया जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं, वहीं राजकुमार कठौते सहायक संचालक और प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं।

बताया गया है कि 10 जुलाई 2025 से दोनों अधिकारी एक ही कार्यालय से कार्य संचालन कर रहे हैं। इससे विभागीय कार्यों में टकराव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। विधायक ने मंत्री से मांग की है कि स्थिति स्पष्ट करते हुए एक ही अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
इस पूरे मामले ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

छत्तीसगढ़
रायपुर : वनौषधि परंपरा के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : वन मंत्री केदार कश्यप


रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाइंट, रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा , विधायक किरण सिंह देव, विधायक अनुज शर्मा और विधायक इंद्रकुमार साहू अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 44.21 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। यहां के वनों में विभिन्न प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से उपचार के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और आमजन तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन अंजय शुक्ला द्वारा उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके अनुभव से औषधि पादप बोर्ड को मजबूती मिलेगी और यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड द्वारा वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्री शुक्ला के मार्गदर्शन में बोर्ड और बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को विधायक किरण सिंह देव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि श्री शुक्ला के अनुभव का लाभ औषधि पादप बोर्ड को मिलेगा और बोर्ड नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कि राज्य सरकार वन औषधीय के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए पादप बोर्ड का गठन किया है। जो लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने श्री शुक्ला को बधाई देते हुए कहा पादप बोर्ड को उनके अनुभव का निश्चित ही लाभ मिलेगा और बोर्ड बेहतर नवाचार करेगा।
कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष अल्प संख्यक आयोग अमरजीत सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, लोकेश कावड़िया, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण नंदकुमार साहू , जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती स्वाती वर्मा, सतनामी समाज के धर्मगुरू गुरू बालदास, रमेश सिंह ठाकुर, अशोक पाण्डे, श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव सुरेन्द्र पाटनी, अमित साहू, आलोक साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़
कवर्धा : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा
ठेकेदारों को निर्माण कार्य 1 वर्ष में पूरा करने दिए निर्देश
जिला स्तरीय समिति निर्माण कार्यों की करेगी निगरानी
हर सोमवार को देनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट


कवर्धा। रायपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण से जुड़े विभागों और ठेकेदारों की मैराथन समीक्षा बैठक ली।उन्होंने प्रोजेक्ट में मुख्य मंदिर परिसर का उन्नयन, सरोवर का सौंदर्यीकरण, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा, पार्किंग में अब तक हुए कार्यों की प्रगति की गहनता से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा पर पूर्णता इन दो पैमानों पर सभी कामों की मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की गई है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से कहा कि 15-15 दिन में किए जाने वाले कार्यों की टाइमलाइन दें। निगरानी समिति को हर सोमवार कार्यस्थल का मुआयना कर प्रगति की समीक्षा के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे सभी प्रोजेक्ट इंचार्ज और इंजीनियर्स को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए कहा। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्य मंदिर परिसर में पेड़ों के इर्द गिर्द यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने के लिए चबूतरे बनवाये जाएं। मंदिर परिसर में जो भी प्रवेश द्वार और खंभे बनने का रहे हैं उनमें ‘फनी नागवंशी’ स्थापत्य की झलक दिखे, ऐसी संरचनाएं बनाई जाएं, लकड़ी के दरवाजों में इसी के अनुसार की नक्काशी की जाए। मुख्य प्रवेश द्वार सहित सभी द्वार भव्य रूप से बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरोवर स्थल में पिचिंग और लाइनिंग का काम तकनीकी उत्कृष्टता के साथ किया जाए। उन्होंने सरोवर तट पर सीढ़ियां तथा उसके ऊपर शेड का निर्माण व्यवस्थित रूप से करने के लिए कहा ताकि श्रद्धालु वहां आराम से बैठ सकें। सरोवर के किनारे लगने वाले स्ट्रीट लाइट के पोल भी आकर्षक रूप से तैयार करवाए जाएं जो पूरे मार्ग को भव्यता प्रदान करे।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मंदिर परिसर में बनने वाले विश्राम स्थल में दरवाजे खिड़की इस प्रकार से लगाए जाएं जो पूरे भवन को भव्यता के साथ पर्याप्त हवा और रोशनी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगने वाली कलाकृतियों में स्थानीयता और लोक संस्कृति की छाप दिखनी चहिए। उन्होंने पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ मजबूत फ्लोरिंग तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पार्किंग में करीब बनने वाले दुकानों को इस प्रकार से बनाया जाए जिससे पार्किंग स्थल पर वाहनों का प्रवेश और निकासी व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो। उन्होंने पूरे कॉरिडोर में पेयजल, शौचालय जैसे जनसुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मड़वा महल में प्रवेश द्वार, बाउंड्री वाल, कलाकृतियों की स्थापना, पर्यटकों की बैठक व्यवस्था का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार छेरकी महल, रामचुवा में होने वाले निर्माण और उन्नयन कार्यों की प्रगति के बारे में संबंधित ठेकेदार से जानकारी ली गई। सरोदा डैम में कैफेटेरिया, डैम तक सीढ़ियों और व्यू प्वाइंट का निर्माण, सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को लेकर कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, एमडी पर्यटन विवेक आचार्य, कलेक्टर गोपाल वर्मा, नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशीराम धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार मेरावी, राम किंकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बोड़ला नन्द श्रीवास, लोकचंद साहू, आदित्य श्रीवास्तव, दुर्गेश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़
अंबिकापुर: मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ
3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय
बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु बजट में 10 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान
सरगुजा ओलंपिक में बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना सुखद, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें युवा : श्रीमती गीता फोगाट
सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी
खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने शासन की अनूठी पहल से जुड़ रहे है लोग


अंबिकापुर। नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी। श्री साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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