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छत्तीसगढ़

राखी के पवित्र बंधन को साइबर सुरक्षा के संकल्प में बदलना पुलिस की अनूठी पहल: अमर सुल्तानिया

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श्री श्याम ग्रुप परिवार की सहभागिता बनी मिसाल

जांजगीर। राखी के पवित्र बंधन को साइबर सुरक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस के “एक राखी साइबर जागृति की” अभियान में श्री श्याम ग्रुप परिवार ने भी महती सहभागिता निभाई। बनारी और मुड़पार स्थित श्री श्याम ग्रुप परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों ने साइबर जागृति की राखी बांधकर ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से सतर्क रहने का संकल्प लिया।

अमर सुल्तानिया ने की पहल की सराहना

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, जशपुर जिला संगठन प्रभारी एवं उद्योगपति अमर सुल्तानिया ने अभियान के गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने पर जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय व पुलिस विभाग को बधाई देते हुए इस पहल की सराहना की और कहा कि साइबर अपराध आज केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि हर परिवार की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि राखी जैसे भावनात्मक पर्व को साइबर जागरूकता से जोड़कर पुलिस ने संदेश को लोगों के घर-घर तक पहुंचाने का अभिनव तरीका अपनाया है। एक लाख से अधिक लोगों का एक साथ साइबर सुरक्षा का संकल्प लेना इस अभियान की सफलता और जनभागीदारी की ताकत को दर्शाता है।

अमर सुल्तानिया ने कहा कि श्री श्याम ग्रुप परिवार के अधिकारी-कर्मचारियों की इस अभियान में सहभागिता केवल एक कार्यक्रम में शामिल होना नहीं, बल्कि डिजिटल युग में सुरक्षित समाज बनाने की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान तभी प्रभावी होते हैं, जब शासन-प्रशासन, उद्योग जगत और आम नागरिक मिलकर जागरूकता को जनआंदोलन का रूप दें।

पुलिस की इस अभिनव पहल का असर जिलेभर में देखने को मिला। 432 ग्राम पंचायतों सहित गांव से शहर तक एक लाख से अधिक लोगों ने अभियान में सहभागिता निभाई। इस व्यापक जनभागीदारी के चलते “एक राखी साइबर जागृति की” अभियान ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान बनाया।

श्री श्याम ग्रुप परिवार ने निभाई जिम्मेदार नागरिक की भूमिका

बनारी और मुड़पार स्थित श्री श्याम ग्रुप परिसर में नैला उपथाना प्रभारी दिलीप वैष्णव एवं पुलिस टीम की मौजूदगी में अधिकारियों और कर्मचारियों ने साइबर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में राखी को सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक न मानकर डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदारी का संकल्प बनाया गया।
इस दौरान कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाव के जरूरी उपायों की जानकारी दी गई और अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी साझा नहीं करने तथा ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया।

इस अवसर पर श्री श्याम ग्रुप की ओर से, सुखवीर सिंह, रवि मरैय्या, सहदेव डहरे, प्रकाश अग्रवाल, बिमलेश प्रसाद, अजय अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, नीरज श्रीवास, संतोष पटेल, चन्दशेखर दिनकर, जयशंकर साहू, राधेश्याम धीवर, भूपेन्द्र पटेल, रामशंकर साहू, दिनाराम पटेल, ललीत बरेठ, ब्रजेश शर्मा, पवन साहू, मनीष यादव, भूपेन्द्र केंवट, नयन राय, विनोद पटेल, अजीत पटेल, विकास यादव, मधुसूदन पटेल सहित बड़ी तदात में अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहें।

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कोरबा

रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची महतारी वंदन की 31वीं किश्त, सरस्वती चौहान बोली -विष्णु भैया ने राखी से पहले दिया उपहार’

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कोरबा 27 अगस्त 2026। रक्षाबंधन पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचने से बहनों की खुशियां और बढ़ गई हैं। योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का आधार बन रही है। इससे वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले की तरह दूसरों पर निर्भर नहीं हैं।
कोरबा नगर के सीतामढ़ी निवासी श्रीमती सरस्वती चौहान भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि हर माह उन्हें समय पर एक हजार रुपये की राशि प्राप्त हो जाती है। राशि खाते में आने का संदेश मोबाइल पर मिलते ही वे अपनी जरूरत के अनुसार इसका उपयोग करती हैं। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है।
श्रीमती चौहान ने कहा, ’विष्णु भैया ने हम महिलाओं को एक हजार रुपये का हक दिया है। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है, ऐसे में भैया ने अपनी बहनों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखते हुए योजना की राशि पहले ही खातों में पहुंचा दी है।’
उन्होंने कहा, ’आमतौर पर भाई राखी के बाद बहनों को उपहार देते हैं, लेकिन हमारे विष्णु भैया ने राखी से पहले ही बहनों को यह उपहार दे दिया। इसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।’
महतारी वंदन योजना से मिल रही नियमित आर्थिक सहायता से श्रीमती सरस्वती चौहान जैसी हजारों महिलाएं अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा कर रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर समय से पहले मिली 31वीं किश्त उनके लिए आर्थिक सहारा बनने के साथ-साथ भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का सुखद एहसास भी लेकर आई है।

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कोरबा

रक्षाबंधन के पर्व पर महतारी वंदन योजना बनी प्रियंका के लिए परिवार का सहारा

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कोरबा 27 अगस्त 2026। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधती हैं, वहीं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाली महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता भी एक मजबूत सहारे का काम करती है। बांकीमोंगरा क्षेत्र के शुक्लाखार वार्ड की प्रियंका पटेल के जीवन में महतारी वंदन योजना की मासिक सहायता ऐसी ही राहत लेकर आई है।
प्रियंका बताती हैं कि उनके पति एक निजी कंपनी में काम करते हैं और उनकी आय सीमित है। परिवार में दो बच्चों की जिम्मेदारी है। ऐसे में घर-गृहस्थी के खर्च को संभालना आसान नहीं होता। इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली राशि परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उनका सहारा बन रही है।
“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महिलाओं के खाते में हर माह एक हजार रुपये की राशि भेजते हैं। इस राशि से घर के छोटे-बड़े जरूरी खर्च निकालने में मदद मिलती है। इससे पति की कमाई पर पूरा भार नहीं पड़ता,” प्रियंका ने बताया।
रक्षाबंधन के इस खुशनुमा माहौल में प्रियंका के चेहरे पर अपने परिवार को बेहतर भविष्य देने का संकल्प भी नजर आता है। वह पढ़ी-लिखी हैं और घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ नौकरी की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना है कि वे जल्द ही अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आर्थिक मजबूती में अपना योगदान दें।
रक्षाबंधन का संदेश सिर्फ रिश्तों की डोर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे, सुरक्षा और साथ का भी प्रतीक है। प्रियंका के लिए महतारी वंदन योजना की राशि इसी भरोसे का एक माध्यम बनी है, जो घर की जरूरतों में मदद कर रही है और उन्हें अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने का हौसला दे रही है।
परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने भविष्य के लिए प्रयासरत प्रियंका जैसी महिलाएं यह संदेश देती हैं कि जब महिलाओं को आर्थिक संबल और अवसर मिलता है, तो वे परिवार को संभालने के साथ अपने सपनों को भी नई उड़ान दे सकती हैं।

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छत्तीसगढ़

मैनपाट में 58 दिन से ग्रामीणों ने बॉक्साइट खनन-परिवहन रोका:कहा-बिना मुआवजा जमीन नहीं देंगे, CMDC ने कराई FIR, गांव वालों ने भी दी शिकायत

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सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा के मैनपाट के बरीमा में बॉक्साइट खनन को लेकर ग्रामीणों और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) के बीच विवाद बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मुआवजा दिए बिना उनकी जमीन से बॉक्साइट निकाला जा रहा है। विरोध में ग्रामीणों ने 1 जुलाई से बॉक्साइट का उत्खनन और परिवहन रोक रखा है।

वहीं, CMDC की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ कमलेश्वरपुर थाने में FIR दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने भी CMDC और ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।

सीएमडीसी की तरफ से लीज खत्म होने के बाद भी खनन हो रहा है।

सीएमडीसी की तरफ से लीज खत्म होने के बाद भी खनन हो रहा है।

2017 से 2024 तक थी लीज

ग्रामीणों के मुताबिक, बरीमा में बॉक्साइट खनन के लिए CMDC को लीज मिली थी। इसकी अवधि 2017 से 2024 तक निर्धारित थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवधि में खनन नहीं हुआ। लीज अवधि खत्म होने के बाद इसे बढ़ाने के लिए ग्रामीणों की सहमति या पंचायत का प्रस्ताव भी नहीं लिया गया।

ग्रामीण बोले- मुआवजा मंजूर नहीं

ग्रामीणों का आरोप है कि, लीज खत्म होने के बाद भी CMDC के ठेकेदार द्वारा उनकी जमीन से बॉक्साइट निकाला जा रहा है। ग्रामीण अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि CMDC की ओर से हर साल 72 हजार 500 रुपए मुआवजा तय किया गया है, जबकि ग्रामीण 10 लाख रुपए प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि वे जमीन नहीं देंगे। उनका आरोप है कि उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ मुआवजा देने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने खनन से खोदी गई जमीन को समतल करने की मांग की है, ताकि वे दोबारा वहां खेती कर सकें।

ठेकेदार के कैंप में ग्रामीण विरोध जता रहे हैं।

ठेकेदार के कैंप में ग्रामीण विरोध जता रहे हैं।

बॉक्साइट परिवहन रोकने पर CMDC ने कराई FIR

CMDC के उप महाप्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने कमलेश्वरपुर थाने में ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि 2024-25 से पहले खोदे गए बॉक्साइट का परिवहन ग्रामीण रोक रहे हैं।

शिकायत के मुताबिक, CMDC के अधिकारी और ठेकेदार ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुंजबिहारी यादव समेत अन्य ग्रामीण परिवहन रोकते रहे। पुलिस ने मामले में धारा 126 और 221 के तहत अपराध दर्ज किया है।

ग्रामीणों ने भी थाने में दी शिकायत

ग्रामीणों ने CMDC और ठेकेदार के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दी है। उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मैनपाट में खदानों का विरोध

मैनपाट में बॉक्साइट खदानों को लेकर पहले से ही विरोध चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन महीने पहले CMDC की पांच खदानों के लिए जनसुनवाई हुई थी। इसका विधायक, भाजपा नेताओं और ग्रामीणों ने विरोध किया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों से जुड़े दस्तावेजों में मंदिर, तिब्बती कैंप और वन भूमि से संबंधित जानकारी भी छिपाई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल बरीमा में खनन और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों और CMDC के बीच विवाद जारी है।

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