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छत्तीसगढ़

मैनपाट में 58 दिन से ग्रामीणों ने बॉक्साइट खनन-परिवहन रोका:कहा-बिना मुआवजा जमीन नहीं देंगे, CMDC ने कराई FIR, गांव वालों ने भी दी शिकायत

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सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा के मैनपाट के बरीमा में बॉक्साइट खनन को लेकर ग्रामीणों और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) के बीच विवाद बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मुआवजा दिए बिना उनकी जमीन से बॉक्साइट निकाला जा रहा है। विरोध में ग्रामीणों ने 1 जुलाई से बॉक्साइट का उत्खनन और परिवहन रोक रखा है।

वहीं, CMDC की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ कमलेश्वरपुर थाने में FIR दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने भी CMDC और ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।

सीएमडीसी की तरफ से लीज खत्म होने के बाद भी खनन हो रहा है।

सीएमडीसी की तरफ से लीज खत्म होने के बाद भी खनन हो रहा है।

2017 से 2024 तक थी लीज

ग्रामीणों के मुताबिक, बरीमा में बॉक्साइट खनन के लिए CMDC को लीज मिली थी। इसकी अवधि 2017 से 2024 तक निर्धारित थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवधि में खनन नहीं हुआ। लीज अवधि खत्म होने के बाद इसे बढ़ाने के लिए ग्रामीणों की सहमति या पंचायत का प्रस्ताव भी नहीं लिया गया।

ग्रामीण बोले- मुआवजा मंजूर नहीं

ग्रामीणों का आरोप है कि, लीज खत्म होने के बाद भी CMDC के ठेकेदार द्वारा उनकी जमीन से बॉक्साइट निकाला जा रहा है। ग्रामीण अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि CMDC की ओर से हर साल 72 हजार 500 रुपए मुआवजा तय किया गया है, जबकि ग्रामीण 10 लाख रुपए प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि वे जमीन नहीं देंगे। उनका आरोप है कि उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ मुआवजा देने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने खनन से खोदी गई जमीन को समतल करने की मांग की है, ताकि वे दोबारा वहां खेती कर सकें।

ठेकेदार के कैंप में ग्रामीण विरोध जता रहे हैं।

ठेकेदार के कैंप में ग्रामीण विरोध जता रहे हैं।

बॉक्साइट परिवहन रोकने पर CMDC ने कराई FIR

CMDC के उप महाप्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने कमलेश्वरपुर थाने में ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि 2024-25 से पहले खोदे गए बॉक्साइट का परिवहन ग्रामीण रोक रहे हैं।

शिकायत के मुताबिक, CMDC के अधिकारी और ठेकेदार ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुंजबिहारी यादव समेत अन्य ग्रामीण परिवहन रोकते रहे। पुलिस ने मामले में धारा 126 और 221 के तहत अपराध दर्ज किया है।

ग्रामीणों ने भी थाने में दी शिकायत

ग्रामीणों ने CMDC और ठेकेदार के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दी है। उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मैनपाट में खदानों का विरोध

मैनपाट में बॉक्साइट खदानों को लेकर पहले से ही विरोध चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन महीने पहले CMDC की पांच खदानों के लिए जनसुनवाई हुई थी। इसका विधायक, भाजपा नेताओं और ग्रामीणों ने विरोध किया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों से जुड़े दस्तावेजों में मंदिर, तिब्बती कैंप और वन भूमि से संबंधित जानकारी भी छिपाई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल बरीमा में खनन और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों और CMDC के बीच विवाद जारी है।

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कोरबा

शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में अप्रेंटिसशिप जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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कोरबा 27 अगस्त 2026। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), कोरबा में 21 अगस्त 2026 को युवाओं एवं प्रशिक्षणार्थियों को अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अप्रेंटिसशिप जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से आईटीआई उत्तीर्ण एवं प्रशिक्षणरत युवाओं तथा स्कूली विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। आईटीआई के प्रभारी प्राचार्य एम.एल. कुशवाहा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के महत्व एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। जिला रोजगार अधिकारी दीपेश भारती तथा जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के प्रबंधक श्री एल.एन. उइके ने अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार के संबंध में प्रतिभागियों को विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
संस्था के प्रशिक्षण अधिकारी दीपक चन्द्रा ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के महत्व, पंजीयन प्रक्रिया, पात्रता, प्रशिक्षण अवधि, स्टाइपेंड, रोजगार के अवसर तथा उद्योगों में अप्रेंटिसशिप के माध्यम से उपलब्ध करियर संभावनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में सीएसईबी एवं बालको के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। पीजीटीआई, सीएसपीजीसीएल कोरबा के पी.पी. कुजूर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, मिथलेश सिंह, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, गीतेश टंडन, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर तथा श्रीमती वंदना बरेठ, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने सीएसईबी में उपलब्ध अप्रेंटिसशिप के अवसरों एवं प्रशिक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी स्कूल रामपुर, कोरबा एवं बाल मानस विद्या मंदिर के कक्षा 10वीं के 120 छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकगण एवं संस्था के प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण एवं रोजगार की संभावनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के लिए पंजीयन एवं चयन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, प्रशिक्षण अधिकारियों, शिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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कोरबा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत संकेतकों की संतृप्तता हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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कोरबा 27 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत जिले में निर्धारित संकेतकों की शत-प्रतिशत संतृप्तता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र , कटघोरा, कोरबा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के कोरबा, कटघोरा एवं करतला विकासखंड से लगभग 55 कृषि विस्तार अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में योजना के अंतर्गत निर्धारित विभिन्न संकेतकों, उनकी प्रगति की समीक्षा, लक्षित हितग्राहियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने तथा विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान संकेतकों की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करते हुए शेष लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान योजना से संबंधित गतिविधियों, संकेतकों की प्रगति, आंकड़ों की शुद्धता, फील्ड स्तर पर सत्यापन तथा प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के संबंध में प्रतिभागियों को आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने योजना के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने तथा जिले में निर्धारित संकेतकों की शत-प्रतिशत संतृप्तता सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा योजना के क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा आवश्यक सुझाव साझा किए गए। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों की शंकाओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के उद्देश्यों के अनुरूप जिले में कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के विकास को गति देने तथा योजना  का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की बात कही गई। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर, बीज प्रमाणीकरण अधिकारी लखनपुर, कटघोरा से सुश्री मंजुला वर्मा एवं गणेश मिश्रा, बीज प्रक्रिया प्रभारी लखनपुर, कटघोरा से सी.पी. मिश्रा तथा कृषि विज्ञान केंद्र कोरबा से दीपक तंवर, एम.एस. उर्रे, श्रीमती अर्चना कुर्रे, डॉ.अंजय सिंह एवं सुश्री अनामिका निराला सहित के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

कोरबा जिले में 300 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को निःशुल्क फोस्टैक प्रशिक्षण

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कोरबा, 27 अगस्त 2026। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला कोरबा द्वारा खाद्य कारोबारियों में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 26 एवं 27 अगस्त 2026 को होटल टॉप इन टाउन, आई.टी.आई. कोरबा में दो दिवसीय फोस्टैक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के 300 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

यह कार्यक्रम अटल नगर नवा रायपुर के नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में नेस्ले  एवं नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया  के सौजन्य से आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ श्रीमती पुष्पा खाखा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला कोरबा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम, 2006 एवं विनियम, 2011 के प्रावधानों के अनुसार खाद्य कारोबारियों के लिए फोस्टैक प्रशिक्षण आवश्यक है। इसी क्रम में फुटपाथ एवं सड़क किनारे खाद्य पदार्थों का व्यवसाय करने वाले स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें चाय-नाश्ता-भोजन,ठेला/टपरी/खोमचा,जलेबी/पकौड़ा/भजिया विक्रेता, चाट-गुपचुप-इडली-डोसा विक्रेता, भुंजा-फ्रायती दाना विक्रेता, जूस/लस्सी/शेक विक्रेता, फास्ट फूड/मोजो/चाइनीज वेंडर, मोबाइल आइसक्रीम फलूदा सहित अन्य विक्रेता शामिल रहे।

प्रशिक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से तैयार करने, परोसने एवं खाद्य पदार्थों से संबंधित निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद सभी 300 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र एवं हाईजिन किट निःशुल्क प्रदान किए गए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा इस पहल का उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों की जानकारी देकर स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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