रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने इंडिगो को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में मांग की गई है कि पीड़ित यात्रियों को इंडिगो टिकट कीमत का 10 गुना मुआवजा दे। इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री को भी शिकायत भेजी गई है, जिसमें इंडिगो पर 9000 करोड़ (करीब एक बिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाने की मांग की गई है।
वहीं आज (मंगलवार) सुबह 9 बजे रायपुर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट कैंसिल हो गई है। इसके अलावा मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद से आने वाली एक-एक फ्लाइट यानी कुल चार फ्लाइट कैंसिल है। दिनभर में और भी फ्लाइटें कैंसिल, डायवर्ट और डिले हो सकती हैं। फ्लाइट संकट से ट्रेनों और बसों में भीड़ बढ़ गई है।
इससे पहले सोमवार को ही रायपुर एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली इंडिगो की 8 फ्लाइट रद्द हुई थी। रायपुर से मुंबई की 2, हैदराबाद की 2 और बेंगलुरु की 1, भोपाल की 1, कोलकाता की 1 और दिल्ली की 1 फ्लाइट कैंसिल हुई थी।
पिछले चार दिनों में इंडिगो ने रायपुर से उड़ान भरने वाली अपनी 64 फ्लाइट्स रद्द कर दी है। देश भर में पिछले पांच दिनों में 3 हजार से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हुई हैं। यात्रियों को न इंडिगो एयर लाइंस से और न ही एयरपोर्ट ऑथोरिटी की ओर कोई जवाब दिया जा रहा है।
यात्रियों को न इंडिगो एयर लाइंस से और न ही एयरपोर्ट ऑथोरिटी की ओर कोई जवाब दिया जा रहा है।
रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ लग गई, यात्री परेशान हो रहे हैं। भारी संख्या में फोर्स भी तैनात है।
रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट कैंसिल होने से परेशान होते रहे यात्री।
सिविल सोसायटी ने 5 दिनों में मुआवजा देने को कहा
सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने इंडिगो के प्रबंध निदेशक/सीईओ को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि पांच दिनों में तीन हजार से अधिक फ्लाइट्स रद्द हुई हैं। इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल करना न सिर्फ यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि भारतीय कानूनों और DGCA दिशानिर्देशों की अनदेखी भी है।
सोसायटी ने कहा है कि इंडिगो ने बिना पूर्व सूचना, बिना पारदर्शी कारण बताए फ्लाइटें रद्द कीं, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा प्लानिंग फेल हुई। उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। मानसिक तनाव और समय का नुकसान भी हुआ। इसकी एवज में 5 दिनों के भीतर सोसायटी ने हर यात्री को टिकट कीमत का कम से कम 10 गुना मुआवजा देने की मांग इंडिगो से की है।
इसके अलावा होटल, वैकल्पिक यात्रा, चिकित्सा खर्च सहित सारे नुकसान की पूरी भरपाई करने को भी कहा है।
पीएम, गृह मंत्री और उड्डयन मंत्री को भेजी शिकायत
सोसायटी ने बताया कि प्रभावित यात्रियों की ओर से केंद्र सरकार को भी शिकायत भेज दी गई है। इसमें पूरे मामले पर DGCA की विशेष जांच, इंडिगो पर 9000 करोड़ (1 बिलियन डॉलर) का जुर्माना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नए कानून बनाने की मांग की गई है।
सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों में जवाब नहीं मिला तो सक्षम न्यायालयों और प्राधिकरणों में सिविल और आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
6 दिसंबर को 11 फ्लाइट्स बिना सूचना रद्द की
इससे पहले 6 दिसंबर यानी शनिवार को इंडिगो ने 11 फ्लाइट्स बिना किसी सूचना के रद्द कर दी। यात्रियों ने फोन, ई-मेल और एसएमएस के जरिए संपर्क किया तो एयरलाइन की ओर से केवल एक जवाब मिला ‘टिकट का पैसा रिफंड कर देंगे।’
यात्रियों का कहना है कि जरूरी कामों से बाहर निकलना था, अब रिफंड मिल भी जाए तो क्या फायदा? इतनी परेशानी हुई। समय खराब होने का मुआवजा कौन देगा?
चार दिन में इंडिगो ने 64 फ्लाइट्स कैंसिल
पिछले तीन दिनों में इंडिगो एयरलाइंस ने 64 फ्लाइट्स रद्द की है। बार-बार रिफंड का दावा करने के बाद भी अभी सैकड़ों यात्रियों का पैसा वापस नहीं किया गया है। जब लोग बार-बार पूछ रहे हैं, तो जवाब मिलता है 3 से 4 दिन में रकम ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी।
परेशान यात्रियों ने रायपुर एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा किया।
यात्री एयरपोर्ट में फ्लोर पर बैठकर ताली बजाते हुए प्रदर्शन करते रहे।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।