कोरबा
डिप्टी-रेंजर बोली-फॉरेस्ट गार्ड को पैसे देकर शिकारी फरार हो गए:जंगली सुअर शिकार पर आरोपियों को बचाने वसूली के आरोप,DFO ने दिए जांच के आदेश
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा के कटघोरा वनमंडल में जंगली सुअर के शिकार के मामले में वन विभाग ने छापा मारा। इस दौरान कुछ लोगों पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। लेकिन इसी बीच यह भी आरोप लगे हैं कि कुछ आरोपियों को बचाने के नाम पर पैसे वसूले गए।

मामले में डिप्टी रेंजर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डिप्टी रेंजर यह कहती हुई नजर आ रही हैं कि शिकारियों ने जंगली सुअर का शिकार किया। मैं गाली खाई। मैं बदनाम हुई। वो फॉरेस्ट गार्ड को डेढ़-दो लाख रुपए देकर फरार हो गए।
वहीं वायरल वीडियो को लेकर डीएफओ कुमार निशांत ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

यह मामला पसान वन परिक्षेत्र के लैंगा बीट के करी गांव का है। कुछ दिन पहले गांव वालों ने मिलकर जंगली सुअर का शिकार किया था और गांव में पार्टी की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच इसकी जानकारी फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम को लग गई, जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई की।
वन विभाग ने शिकार में शामिल कुछ लोगों पर मामला दर्ज किया है। साथ ही, शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री भी जब्त कर ली गई है।
इसी बीच इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी कुछ ग्रामीणों के साथ बैठी नजर आ रही हैं।
इस वीडियो में डिप्टी रेंजर यह कहती हुई नजर आ रही हैं कि शिकारियों ने जंगली सुअर का शिकार किया और इस मामले में उन्हें गालियां भी सुननी पड़ीं, जिससे उनकी बदनामी हुई।
वीडियो में वह यह भी कहती हैं कि फॉरेस्ट गार्ड को डेढ़-दो लाख रुपए देकर आरोपी वहां से फरार हो गए।
वहीं ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें लगा इस पैसे में उन्हें भी कुछ पैसे जाएंगे, इसलिए उन्हें सूचना नहीं दी।
वायरल वीडियो के बाद वन विभाग ने शुरू की जांच
वहीं कोरबा के डीएफओ कुमार निशांत ने वायरल वीडियो की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए पसान रेंजर मनीष सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
डीएफओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि कोरबा जिले में जंगली जानवरों के शिकार के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। वन विभाग ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई करता रहा है और वन्य जीवों का शिकार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
कोरबा
कोरबा प्रेस क्लब में जयसिंह और अरुण साव आमने-सामने:शपथ ग्रहण समारोह में विकास पर सियासी बहस, उपलब्धियों और चुनावी नतीजों को लेकर तीखी नोकझोंक
कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह का मंच गुरुवार को उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री तथा स्थानीय विधायक लखनलाल देवांगन भी मौजूद थे।
अपने संबोधन में जयसिंह अग्रवाल ने कहा, “सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे।” उन्होंने कहा कि यदि विकास के दावे किए जा रहे हैं तो उन पर खुले मंच से सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार के किसी भी मंत्री को कोरबा के विकास कार्यों पर चर्चा की चुनौती दी।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर किया पलटवार
कोरबा का दौरा करने की दी सलाह
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव लंबे समय बाद कोरबा आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, कटघोरा और बालको का दौरा करें, ताकि जिले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
महापौर पर नरमी, सरकार पर सवाल
पूर्व मंत्री ने कहा कि कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत का कार्यकाल अभी केवल 16 महीने का है, इसलिए उनके कामकाज पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा। वहीं उन्होंने राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी अधिकारियों की गड़बड़ी का खुले मंच से विरोध किया जाता था।
अरुण साव का पलटवार
जयसिंह अग्रवाल के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा, “पहले जयसिंह अग्रवाल अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करें। पांच साल कांग्रेस की सरकार रही, महापौर भी उनके घर से थी, लेकिन जनता ने चुनाव में जवाब दे दिया।”
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम कर रही है।
कोरबा
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक स्थगित
कोरबा। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक, जो 24 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में श्रीमती ज्योत्सना महंत, सांसद, लोकसभा क्षेत्र कोरबा की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली थी, अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा ने बताया कि बैठक की अगली तिथि एवं समय की सूचना संबंधित सदस्यों एवं अधिकारियों को पृथक से प्रदान की जाएगी।
कोरबा
सामान्य सभा की बैठक 25 जुलाई को
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 25 जुलाई शनिवार को दोपहर 12 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई है।
बैठक में शिक्षा विभाग, स्वास्थय, पशुपालन, कृषि, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल ग्रामीण कोरबा/कटघोरा की समीक्षा की जायेगी।
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