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छत्तीसगढ़

धमतरी: प्रकृति और अध्यात्म का अनूठा संगम : मांदागिरी में मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली बनेगी छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन केंद्र

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प्रकृति और अध्यात्म का अनूठा संगम

धमतरी,19 अगस्त 2026। धमतरी जिले के वनांचल नगरी (सिहावा) क्षेत्र की प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत में मेचका स्थित मांदागिरी पर्वत का विशेष महत्व है। नगरी विकासखंड के मेचका गांव के समीप मेखलाकार पहाड़ी पर स्थित मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली श्रद्धा, अध्यात्म और प्रकृति के अद्भुत संगम के रूप में जानी जाती है।

                छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी (सिहावा) वनांचल में स्थित मांदागिरी पर्वत जल्द ही राज्य में धार्मिक, प्रकृति और साहसिक पर्यटन (ट्रेकिंग) के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बनाने जा रहा है। मेचका गांव के पास मेखलाकार पहाड़ी पर स्थित पौराणिक मुचुकुंद ऋषि की यह पावन तपोस्थली श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करने के लिए तैयार की जा रही है।

​पौराणिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य

               पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मुचुकुंद महाराज इक्ष्वाकु वंश के राजा मांधाता के पुत्र थे। सुर-असुर संग्राम के बाद उनकी तपस्या से जुड़ा यह स्थल सिहावा-नगरी अंचल की ‘सप्तऋषि तपोभूमि’ की आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध करता है। मांदागिरी पर्वत पर सुंदर तालाब, प्राचीन प्रतिमाएं और माता सीता सहित देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं। ​इसके अलावा, पहाड़ी की ऊंचाई से सोंढूर जलाशय (डेम) और विस्तृत वनांचल का विहंगम दृश्य दिखाई देता है, जो ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य है।

​       धमतरी के कलेक्टर ने बताया कि मांदागिरी की आध्यात्मिक और प्राकृतिक क्षमता को देखते हुए इसके समग्र विकास की योजना बनाई जा रही है। इस स्थल के लिए ​मूलभूत सुविधाएं जैसे पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाएगा। धार्मिक आस्था के संरक्षण के साथ-साथ ट्रेकिंग और एडवेंचर स्पॉट्स को चिन्हित किया जाएगा। इसके साथ ही वनांचल क्षेत्र में पर्यटन से स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।नगरी से लगभग 27 किलोमीटर पूर्व स्थित यह स्थल आने वाले समय में राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म और पिलग्रिम टूरिज्म मैप पर प्रमुखता से उभरेगा।

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कोरबा

कोरबा में 50 हाथियों का डेरा:दंतैल ने घर तोड़ा, खेतों में फसल रौंदी, ग्रामीणों ने पत्थर मारकर भगाया, वन विभाग अलर्ट

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कोरबा। कोरबा जिले में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। कटघोरा और कोरबा वन मंडल के अलग-अलग रेंज में करीब 50 हाथी झुंडों में विचरण कर रहे हैं। पसान रेंज में मरवाही से पहुंचे एक दंतैल हाथी ने कुम्हारी सानी के पास ग्रामीणों को दौड़ाने का प्रयास किया।

वहीं, बनिया के जंगल में घूम रहे दूसरे दंतैल ने रात में तनेरा गांव में एक मकान तोड़ दिया। हाथियों की लगातार बदलती लोकेशन से वन विभाग ने सभी रेंज में अलर्ट जारी किया है।

ग्रामीणों ने पत्थर फेंके तो दंतैल ने दौड़ाया

पसान रेंज के कुम्हारी सानी गांव के पास मंगलवार को एक दंतैल हाथी नाले के किनारे पहुंच गया। हाथी को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया और उसे भगाने के लिए पत्थर फेंकने लगे। इससे हाथी कई बार ग्रामीणों की ओर दौड़ने लगा। बाद में वह खेतों से होते हुए जंगल की ओर चला गया। शाम को यही हाथी पसान गांव के किनारे कोसाबाड़ी क्षेत्र में दिखाई दिया।

दूसरे दंतैल ने तनेरा में तोड़ा मकान

पसान रेंज के बनिया जंगल में भी एक दंतैल हाथी घूम रहा है। इस हाथी ने रात में तनेरा गांव में एक मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मरवाही से पसान पहुंचा दंतैल अब बीजाडाड़ की ओर बढ़ गया है। वन विभाग उसकी लगातार निगरानी कर रहा है।

कुदमुरा में 2 दंतैल, 3 किसानों की फसल बर्बाद

कोरबा वन मंडल के कुदमुरा रेंज में भी दो दंतैल हाथी सक्रिय हैं। दोनों ने तीन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग को आशंका है कि ये हाथी वापस धरमजयगढ़ की ओर लौट सकते हैं।

7 हाथियों का दल सक्ती की ओर गया

करतला रेंज के लबेद में घूम रहा 7 हाथियों का दल रात में सक्ती रेंज के रैनखोल की ओर चला गया। इससे स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। यह दल पहले 22 हाथियों के झुंड के साथ क्षेत्र में पहुंचा था।

कटघोरा वन मंडल में 50 हाथी, रेंजों में अलर्ट

वन विभाग के अनुसार, कटघोरा वन मंडल में फिलहाल करीब 50 हाथी अलग-अलग झुंडों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 19 हाथी सीमा क्षेत्र में हैं, जबकि केंदई रेंज के कोरबी क्षेत्र में 10 हाथी देखे गए हैं। रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि 19 हाथी जटगा की ओर लौट गए हैं।

हाथी एक जगह नहीं रुक रहे, वन अमला निगरानी में

वन विभाग का अमला बुधवार को गांवों में पहुंचकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। रेंजर के मुताबिक, हाथी लगातार अपना स्थान बदल रहे हैं। इसी वजह से सभी रेंज के वनकर्मियों को अलर्ट किया गया है।

वन विभाग की अपील- जंगल न जाएं, हाथियों से दूरी रखें

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में जंगल की ओर न जाएं। हाथियों को देखकर उनके पास जाने, शोर मचाने या पत्थर मारकर भगाने की कोशिश न करें। खासकर दंतैल हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इनके हमले का खतरा अधिक रहता है।

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कोरबा

एसीबी समूह की कोलवाशरियों एवं पावर प्लांटों की जांच की मांग को लेकर 6 घंटे तक धरना प्रदर्शन

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राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन:सीबीआई, एसआईटी जांच की मांग

11 सितंबर को SECL मुख्यालय बिलासपुर का महाघेराव करने और 2 अक्टूबर को इंसानियत सभा आयोजित करने की चेतावनी

कोरबा/दीपका। भारतीय जनाधिकार पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा ACB समूह की कोयला वाशरियों संबद्ध ताप विद्युत परियोजनाओं कोयला परिवहन एवं अन्य औद्योगिक गतिविधियों में वर्ष 1999 से वर्तमान तक हुए गंभीर तकनीकी पर्यावरणीय वित्तीय एवं नियामकीय अनियमतताओं की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर आज दीपका में एक दिवसीय विशाल एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया ।

सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बारिश के बावजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रभावित ग्रामीणों ने छाता लेकर 6 घंटे तक अनुशासित आंदोलन किया प्रदर्शन के उपरांत कार्यपालन दंडाधिकारी एवं तहसीलदार दीपका अभिजीत राज भानु के माध्यम से राष्ट्रपति प्रधानमंत्री केंद्रीय गृहमंत्री केंद्रीय कैबिनेट सचिव केंद्रीय कोयला मंत्री केंद्रीय ऊर्जामंत्री तथा केंद्र व राज्य सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया ।

ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें एवं जांच के बिंदु

1999 से CBI एवं SIT जांच

मामला केवल किसी एक इकाई का नहीं बल्कि पूरी कोयला-ईंधन-पर्यावरण व्यवस्था की जांच का है पार्टी ने मांग की है कि CBI के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) और राज्य सरकार की बहु-विभागीय टीम द्वारा दीपका गेवरा कुसमुंडा चकाबुड़ा रतीजा रेंकी बिंझरी एवं अन्य संबद्ध कोल वाशरियों व पावर प्लांट्स की व्यापक जांच कराई जाए ।

1 करोड़ टन से अधिक कोयला परिवहन की जांच

खदान से वाशरी सड़क/रेलवे साइडिंग और ताप विद्युत संयंत्रों तक परिवहन किए गए एक-एक टन कच्चे एवं रिजेक्ट कोयले का स्वतंत्र वैज्ञानिक मिलान किया जाए ।

रिजेक्ट कोयले के नाम पर विचलन की आशंका

रिजेक्ट कोयले की आड़ में मूल्यवान और व्यावसायिक गुणवत्ता वाले कोयले का अन्यत्र विचलन या हेरफेर तो नहीं हुआ इसकी स्वतंत्र फोरेंसिक जांच हो ।

डिजिटल साक्ष्य और तौल कांटा की फोरेंसिक जांच

फर्जी वाहन प्रविष्टि काल्पनिक यात्रा और गलत तौल की संभावना को खत्म करने के लिए तौल कांटा सर्वर जीपीएस (GPS) फास्टैग आरएफआईडी (RFID) एएनपीआर और सीसीटीवी रिकॉर्ड्स को तत्काल सील कर डिजिटल फोरेंसिक परीक्षण कराया जाए ।

पर्यावरणीय उल्लंघन व स्वास्थ्य सर्वेक्षण

स्वीकृत क्षमता CTO/CTE, जल दोहन नदी-नालों के प्रदूषण और प्रभावित 10 किलोमीटर के दायरे में वायु जल कृषि एवं जनस्वास्थ्य पर पड़े प्रभावों का स्वतंत्र वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाए ।

डिजेल-बायोडीजल व टैक्स लाभ की पड़ताल

वर्ष 2015 से प्रयुक्त औद्योगिक डीजल/बायोडीजल की खरीद-बिक्री ई-वे बिल और कंपनियों द्वारा ली गई टैक्स छूट व सरकारी सुविधाओं का वर्षवार मिलान हो ।

JSW Energy-MCCPL रू.1,410 करोड़ डील की फोरेंसिक जांच

ACB समूह से संबंधित कंपनी MCCPL के JSW Energy द्वारा किए गए लगभग रू.1,410 करोड़ के अधिग्रहण परिसंपत्तियों कोयला लिंकेज और वित्तीय दायित्वों के Due Diligence की उच्चस्तरीय फोरेंसिक जांच कराकर जवाबदेही तय की जाए ।

नियामक संस्थाओं की समीक्षा

SECL पर्यावरण खनन राजस्व वन और श्रम विभागों की निगरानी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय हो ।

पार्टी नेतृत्व का वक्तव्य एवं आगामी रणनीति

धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनाधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुबे ने सख्त लहजे में कहा यह राष्ट्रीय स्तर का महाघोटाला है यदि हमारी न्यायोचित मांगों और सीबीआई जांच की मांग को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अनदेखा किया गया तो हम चुप नहीं बैठेंगे जनता के स्वास्थ्य पर्यावरण और राष्ट्रीय संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।

आगामी आंदोलन की रूपरेखा

11 सितंबर 2026:- SECL मुख्यालय बिलासपुर (CMD कार्यालय) का महाघेराव एवं विशाल धरना-प्रदर्शन ।
2 अक्टूबर 2026:- दीपका-गेवरा क्षेत्र में इंसानियत सभा का आयोजन ।

प्रमुख उपस्थिति

आंदोलन में भारतीय जनाधिकार पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी कमल किशोर साव, कृष्ण टंडन, हेमंत पैगवार, संजय रत्नाकर, संतोष अनंत, अमर खांडे, बजरंग रत्नाकर, शिव चौरसिया, जय सेवायक, शैलेन्द्र, गोपाल, राकेश कुर्रे, करण लहरे, देव प्रसाद, प्रमोद यादव, राजेंद्र, अनिल कश्यप, तरुण कश्यप, किशन, शुक्रिता कुर्रे, लाल चौहान, लकी दिवाकर, आशीष तिवारी, नीरज, रामचंद्र कवर, गणेश कश्यप, नकुल सूर्यवंशी, यशवंत सूर्यवंशी, शिवचरण, योगेश सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं प्रभावित गांवों के ग्रामीण उपस्थित रहे ।

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कुसमुंडा

कोयला मजदूर पंचायत (HMS) की कुसमुंडा क्षेत्रीय समिति का पुनर्गठन, वसन्त कुमार बने अध्यक्ष एवं मिलन पाण्डेय बने महामंत्री

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कोरबा/कुसमुंडा। हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन से संबद्ध श्रमिक संगठन कोयला मजदूर पंचायत (HMS) ने एस.ई.सी.एल. (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र की अपनी नई क्षेत्रीय समिति का पुनर्गठन कर दिया है। संगठन के महामंत्री विनय सिंह द्वारा इस संबंध में औपचारिक पत्र महाप्रबंधक (खनन) एस.ई.सी.एल. कुसमुंडा क्षेत्र सहित प्रशासनिक एवं श्रम अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है ।

औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 33.4 औद्योगिक विवाद सेन्ट्रल रूल्स 1957 की धारा 61.1 तथा आई.आर. कोड सेन्ट्रल रूल 2026 की धारा 39.1 के तहत गठित इस समिति के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को संरक्षित कर्मचारी (Protected Workman) की श्रेणी में माना जाएगा ।

नवगठित क्षेत्रीय समिति के प्रमुख पदाधिकारी

अध्यक्ष बसन्त कुमार, कार्यवाहक अध्यक्ष जनार्दन यादव, उपाध्यक्ष विनोद कुमार यादव, नारायण प्रसाद चन्द्रा, इमामुद्दीन अंसारी, राजदेव सिंह, सुशील कुमार साहू, कौशिक नवरंगे, महामंत्री मिलन पाण्डेय, उपमहामंत्री राजू राजभर, अशोक कुमार, सचिव मनोज कुमार सिंह, चंपालाल बंजारे, जगजीत सिंह, भगवत, हरपाल सिंह, राज बहादुर थापा, सह सचिव करण कुमार, दीपक पटेल, भुपेन्द्र कुमार, कमल कुमार यादव, अनिकेत कुमार, रामायण यादव, संगठन सचिव बालबीर सिंह, सरफराज अहमद, नवल किशोर सिंह, सूर्यप्रकाश बंजारे, विरेन्द्र यादव, जय किशन, कार्यालय सचिव सुनील साहू, सजल मलिक, कोषाध्यक्ष हरि शंकर जायसवाल ।

इनके अलावा संगठन में 30 से अधिक वरिष्ठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है ।

श्रमिक हितों और संगठन की मजबूती पर जोर

पुनर्गठन की घोषणा करते हुए केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रेशमलाल यादव ने नवगठित कार्यकारिणी को बधाई दी उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम कुसमुंडा खदान क्षेत्र में कार्यरत कोयला श्रमिकों के अधिकारों सुरक्षा वेतन-भत्तों और कल्याणकारी सुविधाओं के लिए पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ संघर्ष करेगी ।

पत्र की प्रतिलिपि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक SECL बिलासपुर निदेशक (HR) उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कलेक्टर कोरबा एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा को आवश्यक कार्यवाही व सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई है ।

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