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छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण’ के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को दे रहे नई गति – अरुण साव

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पिछले ढाई सालों में 12,666 करोड़ के 1572 कार्यों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति, इनमें सड़कों के 1285, पुलों के 247 और भवन निर्माण के 42 कार्य शामिल

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की दी जानकारी

रायपुर : 'लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण' के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को दे रहे नई गति – श्री अरुण साव

रायपुर, 19 अगस्त 2026। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य का सबसे बड़ा निर्माण विभाग लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के विकास का आधार है। सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण के साथ विभागीय कार्यों में तेजी और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए विभाग लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिसम्बर-2023 में सरकार बनने के बाद से अब तक लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासकीय स्वीकृतियां मिली हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने प्रेस-कान्फ्रेंस में बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभाग को 12 हजार 666 करोड़ रुपए से अधिक के लागत के कुल 1572 कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृतियां मिली हैं। इसमें सड़क निर्माण के 1285, पुलों के 247 और भवन निर्माण के 42 कार्य शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसम्बर-2023 से मार्च-2024 तक 80 कार्यों के लिए 551 करोड़ 42 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इनमें 374 किमी लंबाई की 72 सड़कें, 6 पुल और दो भवन शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2590 करोड़ 70 लाख रुपए लागत के कुल 438 कार्यों के लिए की स्वीकृति दी गई। इनमें 1465 किमी लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए इस वर्ष 9129 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली, जो राज्य निर्माण के बाद पिछले 25 वर्षों के इतिहास में विभाग को मिली सर्वाधिक स्वीकृति है। इस वित्तीय वर्ष में 5129.60 किमी लंबाई की 754 सड़कों, 200 पुलों और 39 भवनों सहित कुल 993 कार्यों को मंजूरी दी गई। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक विभाग को 608 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किमी लंबाई की 59 सड़कें और दो पुलों के निर्माण शामिल हैं। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभाग में कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। बेहतर संचालन और प्रशासनिक कसावट के लिए सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण भी शामिल है।

श्री साव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (WAMIS – Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा। इस प्रणाली से डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्य की स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन और एकीकृत प्रणाली से संचालित होंगी। इससे वर्तमान में विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाले लंबे समय को कम किया जा सकेगा और निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से विभागीय कामकाज में सुगमता के साथ गुणवत्ता और निगरानी में भी सुधार होगा। हम राज्य में “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को नई गति देने लगातार सक्रियता से काम कर रहे हैं।

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कोरबा

कोरबा में 50 हाथियों का डेरा:दंतैल ने घर तोड़ा, खेतों में फसल रौंदी, ग्रामीणों ने पत्थर मारकर भगाया, वन विभाग अलर्ट

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कोरबा। कोरबा जिले में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। कटघोरा और कोरबा वन मंडल के अलग-अलग रेंज में करीब 50 हाथी झुंडों में विचरण कर रहे हैं। पसान रेंज में मरवाही से पहुंचे एक दंतैल हाथी ने कुम्हारी सानी के पास ग्रामीणों को दौड़ाने का प्रयास किया।

वहीं, बनिया के जंगल में घूम रहे दूसरे दंतैल ने रात में तनेरा गांव में एक मकान तोड़ दिया। हाथियों की लगातार बदलती लोकेशन से वन विभाग ने सभी रेंज में अलर्ट जारी किया है।

ग्रामीणों ने पत्थर फेंके तो दंतैल ने दौड़ाया

पसान रेंज के कुम्हारी सानी गांव के पास मंगलवार को एक दंतैल हाथी नाले के किनारे पहुंच गया। हाथी को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया और उसे भगाने के लिए पत्थर फेंकने लगे। इससे हाथी कई बार ग्रामीणों की ओर दौड़ने लगा। बाद में वह खेतों से होते हुए जंगल की ओर चला गया। शाम को यही हाथी पसान गांव के किनारे कोसाबाड़ी क्षेत्र में दिखाई दिया।

दूसरे दंतैल ने तनेरा में तोड़ा मकान

पसान रेंज के बनिया जंगल में भी एक दंतैल हाथी घूम रहा है। इस हाथी ने रात में तनेरा गांव में एक मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मरवाही से पसान पहुंचा दंतैल अब बीजाडाड़ की ओर बढ़ गया है। वन विभाग उसकी लगातार निगरानी कर रहा है।

कुदमुरा में 2 दंतैल, 3 किसानों की फसल बर्बाद

कोरबा वन मंडल के कुदमुरा रेंज में भी दो दंतैल हाथी सक्रिय हैं। दोनों ने तीन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग को आशंका है कि ये हाथी वापस धरमजयगढ़ की ओर लौट सकते हैं।

7 हाथियों का दल सक्ती की ओर गया

करतला रेंज के लबेद में घूम रहा 7 हाथियों का दल रात में सक्ती रेंज के रैनखोल की ओर चला गया। इससे स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। यह दल पहले 22 हाथियों के झुंड के साथ क्षेत्र में पहुंचा था।

कटघोरा वन मंडल में 50 हाथी, रेंजों में अलर्ट

वन विभाग के अनुसार, कटघोरा वन मंडल में फिलहाल करीब 50 हाथी अलग-अलग झुंडों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 19 हाथी सीमा क्षेत्र में हैं, जबकि केंदई रेंज के कोरबी क्षेत्र में 10 हाथी देखे गए हैं। रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि 19 हाथी जटगा की ओर लौट गए हैं।

हाथी एक जगह नहीं रुक रहे, वन अमला निगरानी में

वन विभाग का अमला बुधवार को गांवों में पहुंचकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। रेंजर के मुताबिक, हाथी लगातार अपना स्थान बदल रहे हैं। इसी वजह से सभी रेंज के वनकर्मियों को अलर्ट किया गया है।

वन विभाग की अपील- जंगल न जाएं, हाथियों से दूरी रखें

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में जंगल की ओर न जाएं। हाथियों को देखकर उनके पास जाने, शोर मचाने या पत्थर मारकर भगाने की कोशिश न करें। खासकर दंतैल हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इनके हमले का खतरा अधिक रहता है।

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कोरबा

एसीबी समूह की कोलवाशरियों एवं पावर प्लांटों की जांच की मांग को लेकर 6 घंटे तक धरना प्रदर्शन

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राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन:सीबीआई, एसआईटी जांच की मांग

11 सितंबर को SECL मुख्यालय बिलासपुर का महाघेराव करने और 2 अक्टूबर को इंसानियत सभा आयोजित करने की चेतावनी

कोरबा/दीपका। भारतीय जनाधिकार पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा ACB समूह की कोयला वाशरियों संबद्ध ताप विद्युत परियोजनाओं कोयला परिवहन एवं अन्य औद्योगिक गतिविधियों में वर्ष 1999 से वर्तमान तक हुए गंभीर तकनीकी पर्यावरणीय वित्तीय एवं नियामकीय अनियमतताओं की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर आज दीपका में एक दिवसीय विशाल एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया ।

सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बारिश के बावजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रभावित ग्रामीणों ने छाता लेकर 6 घंटे तक अनुशासित आंदोलन किया प्रदर्शन के उपरांत कार्यपालन दंडाधिकारी एवं तहसीलदार दीपका अभिजीत राज भानु के माध्यम से राष्ट्रपति प्रधानमंत्री केंद्रीय गृहमंत्री केंद्रीय कैबिनेट सचिव केंद्रीय कोयला मंत्री केंद्रीय ऊर्जामंत्री तथा केंद्र व राज्य सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया ।

ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें एवं जांच के बिंदु

1999 से CBI एवं SIT जांच

मामला केवल किसी एक इकाई का नहीं बल्कि पूरी कोयला-ईंधन-पर्यावरण व्यवस्था की जांच का है पार्टी ने मांग की है कि CBI के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) और राज्य सरकार की बहु-विभागीय टीम द्वारा दीपका गेवरा कुसमुंडा चकाबुड़ा रतीजा रेंकी बिंझरी एवं अन्य संबद्ध कोल वाशरियों व पावर प्लांट्स की व्यापक जांच कराई जाए ।

1 करोड़ टन से अधिक कोयला परिवहन की जांच

खदान से वाशरी सड़क/रेलवे साइडिंग और ताप विद्युत संयंत्रों तक परिवहन किए गए एक-एक टन कच्चे एवं रिजेक्ट कोयले का स्वतंत्र वैज्ञानिक मिलान किया जाए ।

रिजेक्ट कोयले के नाम पर विचलन की आशंका

रिजेक्ट कोयले की आड़ में मूल्यवान और व्यावसायिक गुणवत्ता वाले कोयले का अन्यत्र विचलन या हेरफेर तो नहीं हुआ इसकी स्वतंत्र फोरेंसिक जांच हो ।

डिजिटल साक्ष्य और तौल कांटा की फोरेंसिक जांच

फर्जी वाहन प्रविष्टि काल्पनिक यात्रा और गलत तौल की संभावना को खत्म करने के लिए तौल कांटा सर्वर जीपीएस (GPS) फास्टैग आरएफआईडी (RFID) एएनपीआर और सीसीटीवी रिकॉर्ड्स को तत्काल सील कर डिजिटल फोरेंसिक परीक्षण कराया जाए ।

पर्यावरणीय उल्लंघन व स्वास्थ्य सर्वेक्षण

स्वीकृत क्षमता CTO/CTE, जल दोहन नदी-नालों के प्रदूषण और प्रभावित 10 किलोमीटर के दायरे में वायु जल कृषि एवं जनस्वास्थ्य पर पड़े प्रभावों का स्वतंत्र वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाए ।

डिजेल-बायोडीजल व टैक्स लाभ की पड़ताल

वर्ष 2015 से प्रयुक्त औद्योगिक डीजल/बायोडीजल की खरीद-बिक्री ई-वे बिल और कंपनियों द्वारा ली गई टैक्स छूट व सरकारी सुविधाओं का वर्षवार मिलान हो ।

JSW Energy-MCCPL रू.1,410 करोड़ डील की फोरेंसिक जांच

ACB समूह से संबंधित कंपनी MCCPL के JSW Energy द्वारा किए गए लगभग रू.1,410 करोड़ के अधिग्रहण परिसंपत्तियों कोयला लिंकेज और वित्तीय दायित्वों के Due Diligence की उच्चस्तरीय फोरेंसिक जांच कराकर जवाबदेही तय की जाए ।

नियामक संस्थाओं की समीक्षा

SECL पर्यावरण खनन राजस्व वन और श्रम विभागों की निगरानी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय हो ।

पार्टी नेतृत्व का वक्तव्य एवं आगामी रणनीति

धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनाधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुबे ने सख्त लहजे में कहा यह राष्ट्रीय स्तर का महाघोटाला है यदि हमारी न्यायोचित मांगों और सीबीआई जांच की मांग को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अनदेखा किया गया तो हम चुप नहीं बैठेंगे जनता के स्वास्थ्य पर्यावरण और राष्ट्रीय संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।

आगामी आंदोलन की रूपरेखा

11 सितंबर 2026:- SECL मुख्यालय बिलासपुर (CMD कार्यालय) का महाघेराव एवं विशाल धरना-प्रदर्शन ।
2 अक्टूबर 2026:- दीपका-गेवरा क्षेत्र में इंसानियत सभा का आयोजन ।

प्रमुख उपस्थिति

आंदोलन में भारतीय जनाधिकार पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी कमल किशोर साव, कृष्ण टंडन, हेमंत पैगवार, संजय रत्नाकर, संतोष अनंत, अमर खांडे, बजरंग रत्नाकर, शिव चौरसिया, जय सेवायक, शैलेन्द्र, गोपाल, राकेश कुर्रे, करण लहरे, देव प्रसाद, प्रमोद यादव, राजेंद्र, अनिल कश्यप, तरुण कश्यप, किशन, शुक्रिता कुर्रे, लाल चौहान, लकी दिवाकर, आशीष तिवारी, नीरज, रामचंद्र कवर, गणेश कश्यप, नकुल सूर्यवंशी, यशवंत सूर्यवंशी, शिवचरण, योगेश सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं प्रभावित गांवों के ग्रामीण उपस्थित रहे ।

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कुसमुंडा

कोयला मजदूर पंचायत (HMS) की कुसमुंडा क्षेत्रीय समिति का पुनर्गठन, वसन्त कुमार बने अध्यक्ष एवं मिलन पाण्डेय बने महामंत्री

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कोरबा/कुसमुंडा। हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन से संबद्ध श्रमिक संगठन कोयला मजदूर पंचायत (HMS) ने एस.ई.सी.एल. (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र की अपनी नई क्षेत्रीय समिति का पुनर्गठन कर दिया है। संगठन के महामंत्री विनय सिंह द्वारा इस संबंध में औपचारिक पत्र महाप्रबंधक (खनन) एस.ई.सी.एल. कुसमुंडा क्षेत्र सहित प्रशासनिक एवं श्रम अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है ।

औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 33.4 औद्योगिक विवाद सेन्ट्रल रूल्स 1957 की धारा 61.1 तथा आई.आर. कोड सेन्ट्रल रूल 2026 की धारा 39.1 के तहत गठित इस समिति के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को संरक्षित कर्मचारी (Protected Workman) की श्रेणी में माना जाएगा ।

नवगठित क्षेत्रीय समिति के प्रमुख पदाधिकारी

अध्यक्ष बसन्त कुमार, कार्यवाहक अध्यक्ष जनार्दन यादव, उपाध्यक्ष विनोद कुमार यादव, नारायण प्रसाद चन्द्रा, इमामुद्दीन अंसारी, राजदेव सिंह, सुशील कुमार साहू, कौशिक नवरंगे, महामंत्री मिलन पाण्डेय, उपमहामंत्री राजू राजभर, अशोक कुमार, सचिव मनोज कुमार सिंह, चंपालाल बंजारे, जगजीत सिंह, भगवत, हरपाल सिंह, राज बहादुर थापा, सह सचिव करण कुमार, दीपक पटेल, भुपेन्द्र कुमार, कमल कुमार यादव, अनिकेत कुमार, रामायण यादव, संगठन सचिव बालबीर सिंह, सरफराज अहमद, नवल किशोर सिंह, सूर्यप्रकाश बंजारे, विरेन्द्र यादव, जय किशन, कार्यालय सचिव सुनील साहू, सजल मलिक, कोषाध्यक्ष हरि शंकर जायसवाल ।

इनके अलावा संगठन में 30 से अधिक वरिष्ठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है ।

श्रमिक हितों और संगठन की मजबूती पर जोर

पुनर्गठन की घोषणा करते हुए केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रेशमलाल यादव ने नवगठित कार्यकारिणी को बधाई दी उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम कुसमुंडा खदान क्षेत्र में कार्यरत कोयला श्रमिकों के अधिकारों सुरक्षा वेतन-भत्तों और कल्याणकारी सुविधाओं के लिए पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ संघर्ष करेगी ।

पत्र की प्रतिलिपि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक SECL बिलासपुर निदेशक (HR) उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कलेक्टर कोरबा एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा को आवश्यक कार्यवाही व सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई है ।

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