ऊर्जाधानी भूविस्थापित संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
मतलब निकल गया तो पहचानते नही – कुलदीप
कोरबा/गेवरा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र द्वारा वर्ष 2010 में पाली विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम अमगांव का सम्पूर्ण अर्जन किया गया था और 2025 में ग्राम को राज्य शासन के अनुमोदन पश्चात कलेक्टर के आदेशानुसार विलोपित कर दिया गया है, जिसके कारण ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान नही होने से लोग परेशान हैं। ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने अनुविभागीय अधिकारी पाली, सीएमडी और महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर तत्काल कार्यवाही की मांग किया है ।
समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने प्रबंधन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव का विस्थापन से पूर्व समस्याओं का समाधान पूर्ण रूप से कर लिया जाना चाहिए पर जब गांव को ही विलोपित किया गया है तब भी रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा जैसी बुनियादी मांगो के लिए लोंगो को भटकाया जा रहा है। पुनर्वास स्थल में भी समस्याएं व्याप्त है, जिसे दूर नही किया जा सका है, अब समिति लोंगो के साथ आंदोलन की राह पर है। सौपे गए ज्ञापन पर सकारात्मक कार्यवाही नही हुई और समस्याओं के प्रति गंभीरता नही दिखायी गयी तो जल्द ही आक्रामक आंदोलन खड़ा किया जाएगा ।
मांगे :-
संशोधित CIL R&R पालिसी 2022 के तहत रोजगार व कौशल उन्नयन सहायता राशि:- एस ई सी एल बोर्ड मेम्बर्स की 328 वां मीटिंग दिनांक 8 जुलाई 2022 में लिए गए निर्णय के अनुसार LFCTLARR के नियमो के प्रकाश में CIL R&R पालिसी में संशोधन करते हुये पुनर्वास व पुनर्व्यवस्थापन हेतु दीपका, कुसमुंडा गेवरा क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान लागू किया गया था, जिसके तहत विस्थापित होने वाले ऐसे परिवारों को जो कि रोजगार से वंचित हो रहे हैं। उनके लिए रोजगार व कौशल उन्नयन के लिए लगभग 5 लाख रूपये प्रदान करने का प्रस्ताव लिया गया है, जिसका लाभ ग्राम भिलाईबाजार अंतर्गत भठोरा के ग्रामीणों को दिया गया किन्तु ग्राम अमगांव के लोंगो को वंचित कर दिया गया ।
एस ई सी एल गेवरा प्रबन्धन का तर्क है कि उक्त ग्राम का पूर्ण विलोपन पूरा कर लिया गया है किन्तु वर्ष 2024-25 तक ग्राम अमगांव का पंचायत और राज्य शासन की समस्त सुविधाएँ ग्रामीणों के मकान, शासकीय भवन सहित अपने अस्तित्व में थी और अभी भी रोजगार, पुनर्वास इत्यादि लम्बित पड़ी हुयी है |
अत: पूर्व में रोजगार कौशल उन्नयन के लिए प्रदान किये गए 50 हजार रूपये के अतिरिक्त शेष राशि का भुगतान संबधितों को किया जाये ।
भूमि के बदले लंबित रोजगार
CIL R&R पालिसी के तहत 296 रोजगार अनुमोदित किया गया था RTI से प्राप्त जानकारी के अनुसार 77 रोजगार दिया जाना शेष है ।
मांग है कि ऐसे रोजगार प्रकरणों का निपटारा के लिए जिला प्रशासन के द्वारा विशेष शिविर का आयोजन किया जाये जहां पर सबंधितों को आमंत्रित किया जाये और तत्काल रोजगार प्रदान किया जाये ।
जमीन, मकान व अन्य परिसम्पतियों की मुआवजा राशि
ग्रामीणों द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार 235 लोंगो को जमीन, मकान व अन्य परिसम्पतियों का मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। छोटी छोटी दस्तावेजों की कमी अथवा अन्य कारणों से विस्थापित परिवारों को अपने मुआवजा के लिए भटकना पड़ रहा है । मांग है कि एस ई सी एल प्रबन्धन और जिला प्रशासन तत्काल कार्यवाही पूर्ण करे और लम्बित मुआवजा प्रदान किया जाये ।
शेष बचे विस्थापितों का पुनर्वास (बसाहट)
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमगांव के विस्थापित होने वाले परिवारों के अनेक लोंगो को नियमानुसार पुनर्वास प्रदान नहीं किया गया है और कुछ लोंगो को अपात्र बताया जा रहा है, जिस पर जिला प्रशासन को हस्तक्षेप कर पुनर्वास प्रदान कराने हेतु उचित कार्यवाही करने की आवश्यकता है ।
अत: शेष बचे उन सभी विस्थापित परिवारों को जिनका अभी तक पुनर्वास नहीं हुआ है, उन्हें बतारी (नेहरू नगर) में तत्काल और समुचित बसाहट/पुनर्वास प्रदान किया जाए तथा बसाहट स्थल में समुचित विकास कार्य पूर्ण कराया जाये ।
विस्थापित ग्राम के बच्चों का जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने में समस्या
विगत समय में जिला प्रशासन के द्वारा ग्राम अमगांव को विलोपित कर दिया गया जिसके कारण विद्यालयीन कार्यों, रोजगार अथवा शासकीय कार्यों के लिए जाति व निवास प्रमाण पत्र की मांग होने पर दस्तावेज प्रस्तुत करने में भारी परेशानी हो रही है। अत: जिला प्रशासन को इस गंभीर विषय पर उचित निर्णय लेकर कर विस्थापित होने वाले परिवारों और उनके बच्चो को जाति व निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शिविर आयोजित किया जाये ।
ग्राम अमगांव के बेरोजगारों और महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार
भूमि अर्जित हो जाने के बाद अब गाँव के लोंगो के पास कृषि और उससे सबंधित कार्य समाप्त हो गया है, एस ई सी एल अपने खनन एवं अन्य कार्यों के लिए आउटसोर्स के माध्यम से कार्य पूर्ण करा रही है, किन्तु वहां पर विस्थापित हो चुके ग्रामो की अनदेखी किया जा रहा है, जिससे बेरोजगारों के सामने जीवन यापन की गम्भीर समस्याए उत्पन्न हो रही है ।
मांग है कि ग्राम अमगांव के बेरोजगारों और महिलाओं के लिए वैकल्पिक रोजगार, गृह उद्योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाये |
बांकीमोंगरा :– नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के प्रशासनिक गलियारे में हलचल तेज है। शहर के समग्र विकास और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान को नई दिशा देने के लिए 4 नए एल्डरमैनों की नियुक्ति के बाद उनका औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो गया।
कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व/SDM) द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाए जाने के साथ ही बांकीमोंगरा के विकास का नया खाका खिंचना शुरू हो गया है।
नई जिम्मेदारी: इन चार चेहरों पर टिका भरोसा
शहर के विकास और जनसेवा की डोर अब जिन 4 नवनियुक्त एल्डरमैनों के हाथों में सौंपी गई है, वे हैं:
🔹 श्रीमती राखी अग्रवाल
🔹 जितेन्द्र सिंह
🔹 देव यादव
🔹 निराकार नाहक
शपथ ग्रहण के बाद अतिथियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी का भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया।
VVIPs की मौजूदगी: मंच पर जुटी सत्ता और संगठन की ताकतकार्यक्रम केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं था, बल्कि मंच से नगर के भावी विकास का खाका भी पेश किया गया।
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन (वाणिज्य, उद्योग, आबकारी एवं श्रम) ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
प्रेमचंद पटेल (विधायक, कटघोरा) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष, नपा बांकीमोंगरा) एवं श्रीमती गायत्री कंवर (उपाध्यक्ष) की गरिमामय मौजूदगी रही।
कार्यक्रम में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्रीमती ज्योत्सना टोप्पो, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, भाजपा मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा, पालिका के समस्त पार्षदों सहित क्षेत्र के सामाजिक व व्यापारिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मुख्य अतिथियों के बड़े बयान: किस पर रहेगा फोकस?
लखनलाल देवांगन (कैबिनेट मंत्री): “एल्डरमैन नगर विकास की मजबूत कड़ी हैं। आप सभी को जनसेवा की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं को पहुँचाना है। बांकीमोंगरा के विकास के लिए खजाना हमेशा खुला रहेगा!
“प्रेमचंद पटेल (विधायक): “प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जुगलबंदी से ही बांकीमोंगरा में विकास की रफ्तार दोगुनी होगी।
“श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष): “नगर की सफाई, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएँ हमारी पहली प्राथमिकता हैं। नई टीम के साथ काम करने में और मजबूती मिलेगी।
“विकास झा (नेता): “बांकीमोंगरा के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको एक टीम की तरह काम करना होगा।”
आगे क्या? नवनियुक्त एल्डरमैनों के आने से नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली में गति आने की संभावना जताई जा रही है। शहर के आम नागरिकों को उम्मीद है कि बुनियादी सुविधाओं जैसे—सड़क, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट्स की समस्याओं का अब त्वरित समाधान हो सकेगा।
कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।
अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी
अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।
शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।
विधायक ने दिए जांच के निर्देश
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।
सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।
घर में मचा कोहराम
घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।
सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस कर रही जांच
परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।