नई दिल्ली,एजेंसी। DMK के राज्यसभा सांसद तिरुचि सिवा विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार हो सकते हैं। कांग्रेस के एक सीनियर लीडर ने नाम न बताने की शर्त पर भास्कर रिपोर्टर को यह जानकारी दी है।
दरअसल, बीते दिन NDA ने तमिलनाडु के नेता सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया था। ऐसे में कहा जा रहा है कि I.N.D.I.A. ब्लॉक का सिवा को कैंडिडेट बनाना एक राजनीतिक कदम हो सकता है। इससे मुकाबला तमिलनाडु के दो नेताओं के बीच होगा।
इनके अलावा, अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद का भी कैंडिडेट के लिए नाम चल रहा है। इधर, सोमवार को I.N.D.I.A ब्लॉक के नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली आवास पर मीटिंग हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिए जॉइंट कैंडिडेट के नाम पर चर्चा हुई। हालांकि नाम का ऐलान नहीं हुआ है।
दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव की हलचल की तस्वीरें…
NCP (SCP) चीफ शरद पवार, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन और इंडिया अलायंस के अन्य नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक में शामिल हुए।
NDA उम्मीदवार घोषित होने के बाद सीपी राधाकृष्णन सोमवार को दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, प्रहलाद जोशी समेत अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।
सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। पीएम ने शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ की फोटोज शेयर कीं।
नड्डा बोले- निर्विरोध चुनाव के लिए विपक्ष से बात करेंगे भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन को निर्विरोध चुनने के लिए विपक्ष से बात करेगी। नड्डा ने कहा कि आम सहमति बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हम विपक्ष से भी बात करेंगे, ताकि हम मिलकर उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध चुनाव करवा सकें।
नड्डा ने कहा, ‘हमने पहले भी कहा था कि हम उनके (विपक्ष) संपर्क में हैं, और हमारे सीनियर नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और आगे भी हम उनके संपर्क में रहेंगे। सीपी राधाकृष्णन के नाम पर सभी NDA सहयोगियों ने हमारा समर्थन किया है।
YSR कांग्रेस उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA को समर्थन देगी आंध्र प्रदेश की प्रमुख पार्टी YSR कांग्रेस उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को समर्थन करेगी। पार्टी के लोकसभा सांसद मदिला गुरुमूर्ति ने सोमवार को न्यूज एजेंसी PTI को यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से बात कर NDA उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा था। YSR कांग्रेस के लोकसभा में 4 और राज्यसभा में 7 सांसद हैं।
20 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे सीपी राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार राधाकृष्णन 20 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान NDA शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग होगी। उसी दिन काउंटिंग भी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। 25 अगस्त तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकती है।
दरअसल, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।
6 स्टेप में चुना जाता है उपराष्ट्रपति, ऐसे समझें
एक ही दिन वोटिंग और रिजल्ट: मतदान के बाद ही रिजल्ट आ जाता है। उसकी वजह यह है कि दोनों सदनों के 782 सदस्य मतदान करते हैं। इनकी गणना कुछ घंटों में हो जाती है। जीत के लिए कुल वैध मतों का बहुमत यानी 50% से अधिक प्राप्त करना होता है। इसके बाद नतीजे घोषित किए जाते हैं। इस बार 9 सितंबर को सुबह 10 से 5 बजे के बीच वोटिंग होगी।
सबसे पहले निर्वाचक मंडल की लिस्ट बनती है: उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए सबसे पहले निर्वाचक मंडल लिस्ट बनती है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और नामित सदस्य (सांसद) शामिल होते हैं। राज्यसभा में 233 निर्वाचित सांसद और 12 नामांकित सांसद हैं। लोकसभा में 543 सांसद हैं। यानी कुल सांसदों की संख्या 788 है। मौजूदा समय में राज्यसभा में 5 और लोकसभा में एक सीट खाली है। इसलिए निर्वाचक मंडल में यह संख्या 782 होगी। इस तरह उपराष्ट्रपति चुनाव जीत में 391 सांसदों (50%) के समर्थन की जरूरत होगी।
7 अगस्त को जारी की जाएगी अधिसूचना: चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को उपराष्ट्रपति के चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। अधिसूचना 7 अगस्त को जारी की जाएगी। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन शुरू हो जाता है। इसकी आखिरी तारीख 21 अगस्त है। 25 अगस्त को कैंडिडेट नामांकन वापस ले सकता है।
लोकसभा में कुल सांसदों की संख्या 542 है। एक सीट खाली है। एनडीए के 293 सांसद हैं। इसी तरह राज्यसभा में 245 सांसद हैं। 5 सीट खाली हैं। एनडीए के पास एक129 सांसद हैं। यह मानते हुए कि उपराष्ट्रपति के लिए नामांकित सदस्य भी एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे।
इस तरह, सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। बहुमत के लिए 391 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। अगस्त 2022 में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे। वहीं विपक्षी उम्मीदवार मार्गेट अल्वा को सिर्फ 182 वोट मिले थे। तब 56 सांसदों ने वोट नहीं डाला था।
नामांकन के लिए 20 सांसदों का समर्थन जरूरी: उम्मीदवार को कम से कम 20 सांसदों की तरफ से प्रस्तावित होना जरूरी है। इसके अलावा 20 सांसदों का समर्थन भी चाहिए।
सांसद ही मतदाता, इसलिए प्रचार सीमित: चुनाव में केवल सांसद मतदाता होते हैं। इसलिए यह प्रचार सीमित दायरे में होता है। उम्मीदवार और उनके समर्थक दल प्रचार में शामिल होते हैं।
मतदान कैसे होता है: हर सांसद मतपत्र पर प्रत्याशियों को प्राथमिकता के क्रम में (1, 2, 3…) टिक करता है। वोटिंग तभी होती है, जब एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में होते हैं। अन्यथा एक उम्मीदवार होने पर प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीत जाता है।
भंडारा, एजेंसी। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में शुक्रवार को ट्रक और बोलेरो की टक्कर में 3 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं। पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 4 बजे नागपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर पिंपलगांव सड़क के पास हुआ।
सभी लोग छत्तीसगढ़ के रायपुर से नेशनल हाईवे-53 के रास्ते नागपुर जा रहे थे। ट्रक में फंसे पिकअप को निकालने के लिए दो जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू किया।
घटना से जुड़ी तस्वीरें…
हादसे के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा।
हादसे के बाद बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें कितने लोग सवार थे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मौके पर पुलिस ने क्रेन और जेसीबी की मदद से ट्रक में फंसी बोलेरो को बाहर निकाला।
घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
10 सितंबर: वैन-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत
इससे पहले गुरुवार को नांदेड जिले में नांदेड-भोकर रोड पर वैन और ट्रक की टक्कर हो गई थी। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
पुलिस के मुताबिक हादसा शाम करीब 7 बजे सीताखंडी घाट के पास हुआ। टाटा मैजिक वैन नांदेड से भोकर की ओर जा रही थी, तभी सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और वैन में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही हुई। टूटे घर, सड़कें, पुल और दूसरी सुविधाएं दोबारा बनाने के लिए 7,233 करोड़ नेपाली रुपए यानी करीब रू.45 हजार करोड़ की जरूरत का अनुमान है। यह नेपाल की GDP का करीब 11% है।
बाढ़ और भूस्खलन से 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 1,377 लोगों की मौत और करीब 5,130 लोगों के लापता होने की खबर है। करीब 65% रिकवरी खर्च यानी रू.29 हजार करोड़ सड़क, पुल, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर खर्च होंगे। बाढ़ में 7,570 घर, 48 सरकारी इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
बाढ़ और भूस्खलन से हुई मौतों के बाद नुवाकोट जिले के बिदुर में सामूहिक दफन की तैयारी करते सुरक्षाकर्मी।
बाढ़ और भूस्खलन के 16 दिन बाद भी तबाही के निशान साफ नजर आ रहे हैं। नुवाकोट के देवीघाट में मलबे के बीच से गुजरते स्थानीय लोग।
बाढ़ और भूस्खलन से जमा हुए मलबे को हटाने का काम जारी है। नुवाकोट के धुंगे बाजार इलाके में बाढ़ से बर्बाद हुए इलाकों से मलबा हटाती क्रेन।
बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों की मदद जारी है। नुवाकोट में अस्थायी राहत केंद्र के बाहर मुफ्त दवा वितरण केंद्र पर बाढ़ पीड़ित मरीज से बात करतीं सशस्त्र पुलिस बल की डॉक्टर सबिता केसी।
545 लापता लोगों की तलाश में खोजी कुत्ते उतारे
अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 545 लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशिक्षित खोजी कुत्ते उतारे गए हैं। टीमें सुरंगों, हेडवर्क्स और मलबे में तलाश कर रही हैं।
बाढ़ के समय प्रोजेक्ट में 1,433 लोग काम कर रहे थे। इनमें 878 बचा लिए गए, जबकि 545 लापता हैं। इनमें 9 दक्षिण कोरियाई, 34 चीनी और 50 भारतीय शामिल हैं।
नेपाली सेना, ड्रोन टीम, दक्षिण कोरियाई विशेषज्ञ और शेरपा रेस्क्यू टीम भी अभियान में जुटी हैं।
भारत ने भेजी 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री
नेपाल के राहत और बचाव अभियान में भारत लगातार मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 26 अगस्त से अब तक आठ विशेष उड़ानों के जरिए नेपाल को 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी गई है।
भारत ने 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें सुरंग और मलबे में फंसे लोगों को निकालने वाली टीमें, मेडिकल विशेषज्ञ और फोरेंसिक कर्मी शामिल हैं।
भारत ने टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाओं के साथ मलबा हटाने और सुरंगों में बचाव के लिए गैस डिटेक्टर, ब्रीदिंग उपकरण, मड रेस्क्यू सूट, जनरेटर, लाइटिंग टावर और पानी निकालने वाले पंप भी भेजे हैं।
पुनर्निर्माण की लागत का 75% सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर पर
पुनर्निर्माण की अनुमानित लागत में करीब 75% यानी रू.2.96 लाख करोड़ बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने में खर्च होंगे। बाढ़ में 7,570 निजी घर, 48 सार्वजनिक इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इससे साफ है कि नेपाल के सामने चुनौती केवल लोगों को तत्काल राहत देने की नहीं है। उसे अगले कई वर्षों तक सड़क, पुल, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और घरों को दोबारा बनाने के लिए भारी खर्च करना होगा।
हिसार, एजेंसी। केंद्र और हरियाणा सरकार ने भारत-पाकिस्तान धार्मिक यात्राओं के नियम बदल दिए हैं। यह फैसला ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए पाक जासूसी नेटवर्क और हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा केस के बाद लिया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) और वहां के प्राइवेट टूर ऑपरेटर धार्मिक यात्रा के नाम पर भारतीय नागरिकों को स्पॉन्सर करते हैं, ताकि उनसे जासूसी करा सकें। इसे देखते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान से चलने वाले सभी प्रकार के प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर पर पाबंदी लगा दी है। वीजा की शर्तें भी बदल दी गई हैं।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया कि ज्योति मल्होत्रा जैसे जासूसी केस मिलने के बाद से प्राइवेट स्पॉन्सर टूर बंद कर दिए गए हैं। पहले पाकिस्तान जाने वाले लोग वहां की एजेंसी से संपर्क कर टूर प्रोग्राम अरेंज करते थे। फिर यहां से वहां जाकर धार्मिक टूर करते थे।
करीब 10 महीने पहले कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से जत्था रवाना हुआ था।
पाकिस्तान धार्मिक यात्रा कैसे होती है, कोटा कितना है
भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राएं दोनों माध्यमों (इंडिविजुअल और जत्थे) से होती हैं। अधिकांश श्रद्धालु भारत-पाकिस्तान ‘रिलीजियस श्राइन्स प्रोटोकॉल 1974’ के तहत जत्थों (ग्रुप) में यात्रा करते हैं। इसमें विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय की ओर से वीजा व सुरक्षा क्लीयरेंस दी जाती है।
2019 में बने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए भारतीय नागरिक/OCI कार्डधारक बिना वीजा के केवल पासपोर्ट के आधार पर सुबह जाकर शाम को वापस आ सकते हैं। इसके अलावा कटासराज मंदिर (शिवरात्रि) के लिए भी विशेष ग्रुप/इंडिविजुअल वीजा पर लोग जाते हैं।
SGPC और HSGMC सालाना जत्थे का स्वीकृत कोटा
1974 के द्विपक्षीय समझौते के तहत सिख श्रद्धालुओं के मुख्य जत्थे साल में 4 प्रमुख अवसरों पर पाकिस्तान जाते हैं। इस समझौते के तहत चारों मौकों पर मिलाकर हर साल कुल 8,000 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति (वीजा कोटा) है।
बैसाखी/खालसा साजना दिवस (अप्रैल): अधिकतम 3,000 श्रद्धालु
श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस (मई-जून): अधिकतम 1,000 श्रद्धालु
महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि (जून): अधिकतम 1,000 श्रद्धालु
श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व (नवंबर- ननकाना साहिब): अधिकतम 3,000 श्रद्धालु
पाकिस्तान हाई कमीशन की 28 मार्च 2024 को दिल्ली में हुई इफ्तार पार्टी में पाकिस्तानी अधिकारी दानिश और उसकी पत्नी के साथ ज्योति। (फाइल)
कैसे होती थी स्पॉन्सरशिप और अब क्या बदला…
पुलिस वेरिफिकेशन ज्यादा सख्त
सभी आवेदन SGPC और HSGPC के पास एकत्र होंगे। इसके बाद लोकल पुलिस, सीआईडी (CID) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां आवेदकों के बैकग्राउंड की जांच करेंगी। क्लीयरेंस मिलने के बाद ही वीजा के लिए फाइल गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
पहले का नियम (प्राइवेट स्पॉन्सरशिप)
पाकिस्तान के प्राइवेट टूर ऑपरेटर (जैसे लाहौर और इस्लामाबाद की ट्रैवल एजेंसियां) भारतीय नागरिकों, इन्फ्लुएंसर्स और श्रद्धालुओं को सीधे स्पॉन्सरशिप लेटर भेजती थीं। इससे दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से वीजा आसानी से मिल जाता था। पंजाब और हरियाणा पुलिस की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, इसी आड़ में पाक एजेंसियां यात्रियों को ठहरने, घूमने और सुविधाएं देने का लालच देकर उनसे संपर्क करती थीं। फिर भारत से जुड़ी रणनीतिक व संवेदनशील जानकारियां जुटाने का काम करती थीं।
नया नियम (केवल मान्यता प्राप्त )
सरकार ने प्राइवेट नेटवर्क को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब पाकिस्तान यात्रा के लिए केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) जैसे पंजीकृत और संवैधानिक धार्मिक निकायों को ही तय सीमा में जत्थे (ग्रुप) ले जाने की अनुमति दी जाएगी। निजी तौर पर वीजा के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
गुरुपर्व पर हरियाणा से जाएगा 2000 श्रद्धालुओं का जत्था
इसी बीच श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व (गुरुपर्व) के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए हरियाणा सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। 22 नवंबर से 1 दिसंबर तक होने वाले धार्मिक समारोहों में शामिल होने के लिए सिख संगत से आवेदन मांगे गए हैं। श्रद्धालु 12 सितंबर तक आवेदन जमा कर सकते हैं।
हिसार की यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान जाते हुए।
ज्योति मल्होत्रा का केस क्या था…
सैन्य शिविरों के वीडियो पाक एजेंटों तक पहुंचाने का आरोप
हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को 16 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में दावा किया गया कि उसने कश्मीर डैम और राजस्थान बॉर्डर के सैन्य शिविरों के वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए और उनसे लगातार संपर्क में रही। 90 दिन की जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
पाक एजेंटों से संपर्क और मीटिंग का दावा
हिसार पुलिस के अनुसार ज्योति ने ट्रैवल एडवाइजरी के विरुद्ध पाकिस्तान की यात्रा की, पाक एजेंटों से नंबर शेयर किए और मीटिंग की। उसके मोबाइल से पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली और ISI से जुड़े बताए गए शाकिर, हसन अली व नासिर ढिल्लों से संपर्क का पता चला।
पाकिस्तान-चीन यात्राओं से भी जांच में आई
ज्योति 2024 में पहले पाकिस्तान और फिर करीब 25 दिन बाद चीन गई थी। पाकिस्तान में उसने पंजाब की CM मरियम नवाज का इंटरव्यू भी किया था। इन यात्राओं और पाकिस्तानी संपर्कों के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर उस पर गई।
जासूसी केस में टूरिज्म इंचार्ज भी जांच के दायरे में आए थे
हिसार जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने पाकिस्तान वीजा के सिलसिले में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह से संपर्क साधा था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने हरकीरत से पूछताछ की थी। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।