रायपुर,एजेंसी। यूपी के जौनपुर में 56 श्रद्धालुओं से भरी AC बस पीछे से ट्रेलर में घुस गई। हादसे में 4 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। 4 मृतकों में तीन महिलाएं आशा भवाल (30), रेखा बानिक, गुलाव देवी (32) कांकेर जिले की रहने वाली थीं। जबकि बस ड्राइवर दीपक यूपी का रहने वाला था। 56 में से 53 पखांजूर और 3 यात्री गढ़चिरौली महाराष्ट्र के रहने वाले थे।
ये सभी बालाजी ट्रेवल्स की बस CG 07 CT 4681 में सवार होकर रामलला के दर्शन करने अयोध्या गए थे। वहां से वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने जा रहे थे।
SP डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया- बस के आगे ट्रेलर चल रहा था। ओवरटेक के दौरान ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और बस ट्रेलर से जा भिड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। हादसा इतना भयानक था कि आगे का केबिन पिचक गया।
घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। ट्रेलर चालक से पूछताछ की जा रही है। हादसे के चलते हाईवे पर कुछ देर जाम रहा, जिसे बाद में पुलिस ने खुलवाया। हादसा वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर के पास हुआ।
ओवरटेक करने के चक्कर में बस आगे चल रही ट्रेलर में साइड मारते हुए घुस गई।
हादसे में 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पखांजूर से बैठे थे सभी यात्री
यूपी में जिस बस से हादसा हुआ है वो बस दो महीने पहले ही अर्जुंदा, बालोद निवासी वेद सोनकर ने खरीदी है। ट्रेवल्स का नाम बालाजी है। जिसने बस की बुकिंग की उसका नंबर बंद आ रहा है। सारे यात्री पखांजूर से बैठे थे। बस की बुकिंग भी वहीं से हुई है।
बस में दो ड्राइवर सवार थे। जिसमें अर्जुंदा, बालोद निवासी ड्राइवर सुरक्षित है। दुर्ग निवासी ड्राइवर की मौत हो गई है।
हादसा कैसे हुआ, घायल यात्री की जुबानी पढ़िए
घायल यात्री दिलीप दास ने बताया- बताया कि हम 50 लोगों का एक ग्रुप 7 सितंबर को छत्तीसगढ़ से निकला था। हम सभी लोगों ने पहले अमर कंटक, मैहर देवी, चित्रकूट, वृंदावन, अयोध्या और फिर काशी विश्वनाथ दर्शन करने जा रहे थे।
रविवार सुबह वृंदावन से अयोध्या धाम पहुंचे थे। हमने रामलला का दर्शन किया और अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की। इसके बाद ऑटो से अयोध्या घूमा। फिर रात 11 बजे खाना खाने के बाद हम सभी बस में बैठ गए। रात ज्यादा हो गई थी, इसलिए सभी लोग बस में सो गए थे।
दिलीप दास ने बताया- अयोध्या से निकलने के बाद 3 बजे अचानक बस किसी गाड़ी से टकरा गई। मैं पीछे बैठा था, इसलिए उसे केवल हल्की चोटें आईं। जब मैं बस से उतरा तो देखा कि ड्राइवर का केबिन पूरी तरह पिचक गया था।
ड्राइवर की केबिन में दबकर मौत हो गई थी। बस बाईं ओर से ट्रेलर से बुरी तरह टकराई। हमारे गांव का एक साथी बस की खिड़की से आधा बाहर लटक रहा था। लोगों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी।पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को अस्पताल ले गई। बस में सवार आशा भावल (38), रेखा बर्निक (40), गुलाब (35) और ड्राइवर दीपक (40) की मौत हो गई।
उपन ने बताया कि हम लोग अमरकंटक, मैहर, चित्रकूट, वृंदावन, अयोध्या और बनारस दर्शन के लिए 7 सितंबर को छत्तीसगढ़ से निकले थे।
हादसा बताते-बताते रो पड़ा युवक
हादसे में मरने वाली आशा भावल (38) के पति उपन ने बताया- हम लोग अमरकंटक, मैहर, चित्रकूट, वृंदावन, अयोध्या और बनारस दर्शन के लिए 7 सितंबर को छत्तीसगढ़ से निकले थे। कल रात हम काशी के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में अचानक बस किसी गाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ऊपर की सीट पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े। ऊपर रखा सामान मेरे ऊपर आ गिरा।
किसी तरह सामान हटाकर मैं उठा और अपनी पत्नी को ढूंढने लगा। मैंने देखा कि वह बस की खिड़की और सीट के बीच बुरी तरह फंसी हुई थी। उसकी हालत देखकर मैं घबरा गया। वह सिर से पांव तक खून से लथपथ थी। मैंने किसी तरह उसे खींचकर बाहर निकाला। मेरे दो बच्चे हैं और बेटी की शादी होने वाली है। मैं अपने बच्चों को क्या जवाब दूंगा? इतना कहते-कहते वह रो पड़ा।
हादसे के बाद सुबह बस और ट्रेलर को क्रेन से हटाया गया है।
नई बस की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं को छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा
डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि हादसा सुबह 3 से 4 बजे के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर लौट रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल भिजवाया। चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बाकी यात्रियों को सुरक्षित पुलिस लाइन में ठहराया गया और जौनपुर प्रशासन की ओर से नई बस की व्यवस्था कर उन्हें छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा है। डीएम ने कहा कि फिलहाल हादसे के कारण स्पष्ट नहीं हैं, प्राथमिक जानकारी के अनुसार साइड लगने से दुर्घटना हुई। मामले की जांच पुलिस कर रही है।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।
कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 28 जुलाई तक कुल 528.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 546.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 372.8, भैंसमा, 478.4, करतला 471.1, बरपाली 567.5, कटघोरा 540.9 दीपका 572.5, दर्री 661.3, पाली 581.4, हरदीबाजार 429.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 577.6, और पसान तहसील में 539.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
खनिज विभाग कोरबा की लगातार कार्यवाही से खनिज माफियाओं में मचा हड़कंप
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गठित खनिज उड़़नदस्ता दलों द्वारा जिले के कई स्थानों पर छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान सीतामढ़ी में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर, बरमपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, राताखार में गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 2 हाइवा व रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, कुसमुंडा में ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर तथा कटघोरा में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर सहित कुल 9 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सिटी कोतवाली थाना, सर्वमंगला पुलिस चौकी, कुसमुंडा थाना, दर्री थाना व खनिज जांच चौकी, कटघोरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज ( विकास और विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।