Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी, 30-50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी:कमर्शियल यूजर्स के लिए 20-40 पैसे बढ़ी कीमत, 1 जुलाई से लागू होगी नई दरें

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट महंगी होगी।

वहीं कमर्शियल बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।

आयोग ने बताया कि बिजली वितरण कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज किया गया है। औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति kVAh तय किया गया है।

नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू होंगी। आयोग के अनुसार, बिजली कंपनी को 1 यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन वर्तमान बिजली दरों के हिसाब से उसे प्रति यूनिट सिर्फ 6.71 रुपए की आय हो रही है।

CSERC ने 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान किया।

CSERC ने 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान किया।

नई दरों का असर आम जनता पर सीमित- शुक्ला

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला ने कहा कि पूरे टैरिफ में देखे तो 40 से 42 पैसे औसतन वृद्धि की गई है, लेकिन सभी श्रेणियों में एक समान बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निचले स्लैब में 30 पैसे प्रति यूनिट और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है।

200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट मिलती रहेगी

उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिल हाफ योजना का लाभ ले रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट मिलती है। राज्य के लगभग 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए नई दरों का असर उन पर सीमित रहेगा।

शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले कई उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए हैं। इससे उनकी ग्रिड से बिजली की खपत कम हो जाती है और वे भी कम खपत वाली श्रेणी में आकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कृषि पंपों के संबंध में शुक्ला ने कहा कि सब्सिडी प्राप्त करने वाले किसानों के लिए भी बिजली दरों में केवल 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी व्यवस्था यथावत रहने से किसानों पर बढ़ोतरी का असर सीमित रहेगा।

लो-वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव

  • अस्थायी कनेक्शन पर सामान्य टैरिफ का 1.5 गुना शुल्क लगेगा।
  • 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं पर टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ लागू।
  • सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत छूट।
  • शाम 5 से रात 11 बजे तक उपयोग पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क।
  • 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय में 20 पैसे प्रति यूनिट छूट।
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए टैरिफ 7.13 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित।
  • महिला स्व-सहायता समूहों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।
  • ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों को 10 प्रतिशत छूट जारी।
  • पोहा और मुरमुरा मिलों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।

हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए अहम फैसले

  • हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति kVAh तय।
  • स्टोन माइंस को HV-3 औद्योगिक श्रेणी में शामिल किया गया।
  • आयरन वाशरी और बेनिफिसिएशन प्लांट को HV-4 श्रेणी में रखा गया।
  • छोटे और माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को पहले 5 वर्षों तक डिमांड चार्ज से छूट जारी।
  • सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए ट्रांसमिशन शुल्क संबंधी नई व्यवस्था लागू।
  • पैरेलल ऑपरेशन चार्ज 16 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित।
  • ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया आधारित ऊर्जा पर क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज नहीं लगेगा।

अलग-अलग स्लैब के हिसाब से की गई बढ़ोतरी को समझिए

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सबसे कम खपत वाले वर्ग यानी 0 से 100 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों की दर 4.10 रुपए से बढ़ाकर 4.40 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। यानी 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है।

101 से 200 यूनिट तक खपत करने वालों की दर 4.20 रुपए से बढ़कर 4.50 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। यहां भी 30 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार बढ़ा है।

201 से 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दर 5.60 रुपए से बढ़कर 6 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। इस वर्ग में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है।

401 से 600 यूनिट तक खपत करने वालों को पहले 6.60 रुपए प्रति यूनिट देना पड़ता था, अब 7 रुपए प्रति यूनिट देना होगा। यहां भी 40 पैसे प्रति यूनिट का भार बढ़ा है।

वहीं 600 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दर 8.30 रुपए से बढ़ाकर 8.80 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। इस वर्ग पर सबसे ज्यादा 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।

दुकानों और कमर्शियल यूजर्स पर कितना असर?

छोटी दुकानों, कार्यालयों और अन्य गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0 से 100 यूनिट तक की दर 6.30 रुपए से बढ़कर 6.50 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। यानी 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हुई है।

101 से 400 यूनिट तक खपत वाले कमर्शियल उपभोक्ताओं की दर 7.30 रुपए से बढ़कर 7.60 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। यहां 30 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार बढ़ा है।

401 यूनिट से अधिक खपत वाले कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए दर 8.70 रुपए से बढ़कर 9.10 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। इस वर्ग में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है।

थ्री-फेज कमर्शियल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है।

ज्यादा बिजली खपत करने वालों पर ज्यादा असर

अगर आपके घर 200 यूनिट बिजली खर्च करता है तो हर यूनिट पर 30 पैसे ज्यादा लगेंगे। 400 यूनिट तक खपत करने वालों को प्रति यूनिट 40 पैसे ज्यादा देने होंगे, जबकि 600 यूनिट से ऊपर जाने पर 50 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।

इसी तरह दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बिजली 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हुई है। ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई दरों का असर ज्यादा दिखाई देगा।

Continue Reading

कोरबा

Breaking:कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत का मरवाही ट्रांसफर

Published

on

निशांत का भ्रष्टाचार और तानाशाही से रहा नाता

कोरबा/कटघोरा। करीब 02 साल से अधिक समय तक कटघोरा वनमंडल में पदस्थ रहे आईएफएस कुमार निशांत का स्थानांतरण मरवाही डीएफओ के रूप में हो गया है।
उनके स्थान पर शासन ने आईएफएस जितेन्द्र कुमार उपाध्याय को पोस्टिंग दी है। श्री उपाध्याय इसके पूर्व धरमजयगढ़ में डीएफओ थे।
निशांत का भ्रष्टाचार और तानाशाही से रहा नाता
कटघोरा में पदस्थ कुमार निशांत का कटघोरा डीएफओ बनते ही तानाशाही और भ्रष्टाचार से नाता रहा। कटघोरा डीएफओ रहते कैम्पा मद में भारी गड़बड़ी की शिकायत रही और विधानसभा तक इसकी गूंज रही। एक विधायक के सवाल के जवाब में छत्तीसगढ़ के उन आईएफएस अधिकारियों का नाम वनमंत्री केदार कश्यप ने बताया, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चल रही है, जिनमें कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत का नाम शामिल है। भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चलने के बाद भी कुमार निशांत को सालों तक अभयदान मिलता रहा और काफी समय कटघोरा डीएफओ के रूप में बिताने के बाद 08 अगस्त को उनका स्थानांतरण मरवाही वनमंडल में डीएफओ के रूप में हुआ है। भ्रष्टाचार में जहां वे चर्चा में रहे, वहीं वे तानाशाही के लिए भी चर्चित रहे।
जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा-कटघोरा डीएफओ कार्यालय में जा कर लेंगे बैठक
उनकी हिटलरशाही आम जनता के लिए तो चर्चा का विषय रहा ही, वे जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की भी अवहेलना करने में भी चर्चित रहे। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को एक साल से अधिक हो गए। एक साल में जिला पंचायत की सामान्य सभा जितनी बार हुई, उसमें एक बार भी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत नहीं पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ एवं अध्यक्ष डॉ. पवन के निर्देशों को भी वे हवा में उड़ा देते रहे और अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच कहते-फिरते रहे कि उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। हुआ भी यही, वे राजा की तरह दम्भ के साथ कटघोरा में अपना पूरा कार्यकाल बिताया और अब 08 अगस्त को शासन स्तर पर हुए तबादला आदेश में वे मरवाही जा रहे हैं।

एक साल की एक भी सामान्य सभा में डीएफओ कुमार निशांत की उपस्थिति न होने पर कई बार कटघोरा डीएफओ को नोटिस दिया गया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा, इससे खिन्न हो कर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि अबकी बार कटघोरा डीएफओ उपस्थित नहीं होते, तो वे सभी सदस्यों के साथ कटघोरा वनमंडल कार्यालय में डीएफओ की बैठक लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके।
सीएम तक हुई शिकायत, लेकिन नौकरशाही हावी रही
डॉ. पवन सिंह सहित जिला पंचायत सदस्यों, भाजपा नेताओं ने कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत की तानाशाही एवं भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास पहुंचे, लेकिन महीनों-महीनों बीत गए, लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला पंचायत सीईओ के आदेश को मानने के लिए वे अपने आपको बाध्य नहीं मानते थे, क्योंकि वे फ्रेश आईएफएस हैं, जबकि जिला पंचायत सीईओ प्रमोटिव एडीएम/जिला पंचायत सीईओ थे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

सरकारी स्कूल में शिक्षकों की शराब और चिकन पार्टी:सक्ती में छलकाए जाम, ग्रामीणों ने पकड़ा तो हाथ जोड़कर मांगी माफी

Published

on

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सरकारी स्कूल में शराब और चिकन पार्टी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में 5 शिक्षक और 1 स्वीपर स्कूल कैंपस में शराब और चिकन पार्टी करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने नरेंद्र कुमार लहरें (लेक्चरर), राजू कुमार साहू (लेक्चरर), राजेश धीरी (लेक्चरर), दिनेश चक्रधारी (लेक्चरर), रात्रे (स्वीपर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

डीईओ ने कहा कि कर्मचारियों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला मालखरौदा ब्लॉक के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किरारी का है।

छुट्टी के बाद स्कूल में कर रहे थे पार्टी

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। स्कूल की छुट्टी के बाद कुछ शिक्षक और स्वीपर परिसर में शराब और नॉनवेज के साथ पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए और उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।

वायरल वीडियो में टेबल पर शराब की बोतल और प्लेट में नॉनवेज साफ नजर आ रहा है। वहीं, गिलास में शराब का पैक भी दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ शिक्षक टेबल के आसपास बैठे हुए नजर आ रहे हैं।

ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर किया वायरल

ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया। ग्रामीणों का दावा है कि इससे पहले भी शिक्षक स्कूल कैंपस में इस तरह की पार्टी कर चुके हैं।

5 शिक्षकों और स्वीपर को नोटिस

जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने मामले में एक्शन लेते हुए वीडियो में नजर आ रहे पांच शिक्षकों और एक स्वीपर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी को तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग ने संबंधित कर्मचारियों से घटना को लेकर अपना पक्ष मांगा है। जवाब मिलने के बाद मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों का ट्रांसफर:गणवीर धम्मशील बने वन विभाग के विशेष सचिव, कई जिलों के DCF और CCF बदले

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन ने 24 IFS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को अलग-अलग वनमंडलों और विभागीय संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जारी आदेश के मुताबिक, गणवीर धम्मशील को वन और जलवायु परिवर्तन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। जबकि उत्तम कुमार गुप्ता को इंद्रावती टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (CCF) बनाया गया है।

दुलेश्वर प्रसाद साहू को मनेन्द्रगढ़ वनमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंकज राजपूत को रायपुर का नया वन उप संरक्षक (DCF) बनाया गया है। प्रभाकर खलखो को सरगुजा कार्य आयोजना वनमंडल का प्रभारी वन संरक्षक बनाया गया है।

वन विकास निगम में 3 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति

संजय यादव, गीष्मी चांद और ऋषभ जैन को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति दी गई है। वहीं, पंकज कुमार कमल को वन विकास निगम से वापस लेते हुए बलौदाबाजार वन उप संरक्षक बनाया गया है।

लघु वनोपज संघ और PCCF कार्यालय में भी बदलाव

अभिषेक जोगावत को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में उप महाप्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं रौनक गोयल को PCCF कार्यालय में वन उप संरक्षक बनाया गया है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677