कोरबा/रायगढ़। छत्तीसगढ़ में 13 सितंबर (शनिवार) की रात हाथियों ने रायगढ़ और कोरबा में जमकर उत्पात मचाया है। कोरबा में वीडियो बना रहे ग्रामीणों को हाथी ने दौड़ा दिया। पसान बस्ती में घर, दीवारें, दुकानों के शटर, बाइक और कार के शीशे तोड़ दिए।
दूसरा मामला रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल का है। जहां 170 हाथियों के दल की मौजूदगी है। यहां हाथियों ने 32 किसानों की टमाटर और धान की फसल को रौंदकर खराब कर दिया। एक मकान ढहा दिया। एक युवक हाथी के पैर के नीचे आने से बाल-बाल बचा।
इसके अलावा सूरजपुर जिले के तमोर पिंगला एलीफेंट रिजर्व में बेबी एलीफेंट के कीचड़ में खेलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।
तमोर पिंगला एलीफेंट रिजर्व में बेबी एलीफेंट कीचड़ में खेलता हुआ दिखाई दिया।
कोरबा में लाइट दिखाकर ग्रामीण हाथी को परेशान करते रहे। इस दौरान हाथी ने ग्रामीणों को दौड़ा दिया।
कोरबा में हाथी ने दुकान का शटर उखाड़ा, कार के शीशे तोड़े और चावल बिखरा दिया।
रायगढ़ में हाथियों ने 32 किसानों की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया है।
रायगढ़ में 170 हाथियों की मौजूदगी
रायगढ़ जिले के 2 वन मंडल में 170 हाथियों का दल मौजूद है। जिसमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 153 हाथी हैं। रायगढ़ वन मंडल में 17 हाथियों की मौजूदगी है। इन दलों में नर 49, मादा 73 और शावकों की संख्या 48 है। कुछ हाथियों का दल कापू रेंज के जंगल से निकलकर सरगुजा वन मंडल में चले गया है।
धरमजयगढ़ वन मंडल में शुक्रवार (12 सितंबर) रात हाथियों का दल जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंचा। जहां लैलूंगा वन परिक्षेत्र के सागरपाली गांव में 6 किसानों के धान की फसल को रौंदकर खराब कर दिया। वहीं, हाथी के पैर के नीचे आने से एक ग्रामीण बाल-बाल बच गया।
टमाटर और धान की फसल चौपट
वहीं, हाथियों ने बाकरूमा रेंज के रैरूमा में 5 किसानों की टमाटर और धान की फसल को चौपट कर दिया। एक मकान की दीवार को ढहा दिया। छाल के लोटान में 1 और पुरूंगा में 3 किसानों की फसल को नुकसान किया।
बोरो रेंज के चाल्हा में 1, घोंचल में 5, धरमजयगढ़ के आमापाली में 1 और मेढरमार में 6 किसानों की फसलों को रौंदा है। इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा रेंज के डेहरीडीह में विचरण कर रहा 48 हाथियों का दल 4 किसानों की फसल को नुकसान कर छाल रेंज की ओर चला गया।
रायगढ़ में किसान की फसल खराब, घायल युवक अस्पताल में भर्ती और ड्रोन से हाथी की निगरानी।
हाथी मित्र दल और वनकर्मियों ने बचाई जान
12 सितंबर की रात हाथी मित्र दल और वनकर्मियों को सूचना मिली कि 48 हाथियों का दल घरघोड़ा परिक्षेत्र की ओर से देउरमार की ओर आ रहा है। जिसके बाद गश्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। ग्राम देउरमार में ग्रामीणों की भीड़ शोर मचाकर हाथियों को जंगल की तरफ भगाने का प्रयास कर रही थी। तभी एक हाथी उग्र होते हुए वापस मुड़कर ग्रामीणों की ओर दौड़ पड़ा।
इसी भागदौड़ में पवन कुमार राठिया (21 साल) जमीन पर गिर गया। हाथी उसके पास पहुंचने ही वाला था कि गश्त टीम ने हूटर बजाकर हाथी को भगाया। जिससे पवन बाल-बाल बच गया। इसके बाद युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गांव में कराई गई मुनादी
लैलूंगा सब डिवीजन SDO मकरलाल सिदार ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रात में झगरपुर रोड पर हाथी का दल आ गया था। दोनों ओर से आने-जाने वाले लोगों को रोककर हाथियों का रोड क्रॉस कराया गया। हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। प्रभावित गांवों में मुनादी करा दी गई है।
कोरबा में हाथी के करीब पहुंचकर लोग वीडियो बना रहे।
कोरबा के एक बस्ती में 3 घंटे तक रहा हाथी
कोरबा जिले की ग्राम पंचायत पसान बस्ती में शनिवार (13 सितंबर) की रात एक दंतैल हाथी ने खूब उत्पात मचाया। हाथी ने 3 घंटे तक बस्ती में घूमता रहा। इस दौरान उसने ग्रामीणों के घर, दीवारें, दुकानों के शटर, बाइक और कार के शीशे को तोड़ दिया।
हाथी की दहाड़ सुनकर बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर चढ़ना पड़ा। एक स्टाफ नर्स की आटा चक्की का शटर तोड़कर हाथी ने अंदर रखा धान खा लिया। ग्रामीणों ने हाथियों का वीडियो भी बनाया। इस दौरान हाथी ने उन्हें दौड़ा दिया।
कटघोरा वनमंडल में 5 दिन पहले ही शावक का जन्म हुआ है।
वीडियो के चक्कर में हाथी के करीब पहुंचे लोग
पसान के वार्ड नंबर 8 के पंच की कार और एक किसान की बाइक को हाथी ने नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण वन विभाग के कर्मचारियों के साथ हाथी को खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोग वीडियो और सेल्फी लेने के चक्कर में हाथी के करीब पहुंच गए। हालांकि, कोई बड़ी घटना नहीं हुई। हाथी ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों ने दूसरे के घर में शरण ली
कोरबा डिप्टी रेंजर ईश्वर दास मानिकपुरी के अनुसार, हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है। वन विभाग हाथी पर नजर रख रहा है। साथ ही ग्रामीणों को भी सुरक्षा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई लोगों को दूसरों के घरों में शरण लेनी पड़ी।
कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।
अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी
अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।
शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।
विधायक ने दिए जांच के निर्देश
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।
सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।
घर में मचा कोहराम
घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।
सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस कर रही जांच
परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राडीह में शनिवार (25 जुलाई) देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हमले में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे हेतराम (45) और बहू प्रमिला (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने मामले में मृतका के एक परिजन को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
देर रात घर में घुसकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे और बहू के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति घर में घुसा और धारदार हथियार से तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने पहुंचाई पुलिस को सूचना
हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 तथा पाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जबकि दोनों घायलों को शुरुआती इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजन ही निकला आरोपी
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या और हमले की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस मामले के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।
सड़क नहीं होने से खाट पर ले जाना पड़ा शव
घटना के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि हर्राडीह तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। यही कारण रहा कि शव और दोनों घायलों को करीब एक किलोमीटर तक खाट और लकड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गांव तक जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग दोहराई है।
कोरबा के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हर्राडीह में शनिवार देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे 45 वर्षीय हेतराम और बहू 40 वर्षीय प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया है, जो मृतिका का परिजन बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे हेतराम और बहू प्रमिला के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और तीनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तुरंत 112 और पाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल हेतराम और प्रमिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मृतिका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इस घटना का एक दुखद पहलू यह भी सामने आया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। इसके बाद ही उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।