Connect with us

कोरबा

प्राइवेट हॉस्पिटल में परिवार वालों ने स्टाफ को पीटा:जुड़वा बच्चों में से एक की मौत, दूसरा गंभीर, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले के शारदा विहार स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में जन्मे जुड़वा बच्चों में से एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।

विवाद इतना बढ़ गया कि परिवार वाले स्टाफ की पिटाई के लिए पाइप तक उठा लिए। स्टाफ और परिजनों के बीच हाथापाई का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

आरोप है कि बच्चे को पीलिया था, डॉक्टरों ने सही समय पर इलाज नहीं किया और ना ही रेफर किया, जिससे बच्चे की जान चली गई। जबकि अस्पताल प्रबंधन ने समय पर रेफर करने की बात कही है। दूसरे बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

17 जुलाई को जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था।

17 जुलाई को जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था।

परिवार वालों ने स्टाफ को मारने के लिए पाइप उठा लिए।

परिवार वालों ने स्टाफ को मारने के लिए पाइप उठा लिए।

एक बच्चे की मौत के बाद स्टाफ और परिजनों के बीच हाथापाई हो गई।

एक बच्चे की मौत के बाद स्टाफ और परिजनों के बीच हाथापाई हो गई।

14 साल बाद हुआ था बच्चा

परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा की पत्नी ने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। शादी के लगभग 14 साल बाद घर में बच्चों के आने से परिवार में खुशी का माहौल था। जन्म के समय दोनों बच्चों का वजन सामान्य था।

एक बच्चे का वजन 2 किलो था, जबकि दूसरे का वजन 2 किलो 700 ग्राम था। परिजनों ने बताया कि जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद नसबंदी भी करा दी गई। अब एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है।

परिवार वालों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने पीलिया को गंभीरता से नहीं लिया।

परिवार वालों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने पीलिया को गंभीरता से नहीं लिया।

ननद बोली- बच्चा पीला दिख रहा था, डॉक्टरों ने हल्के में लिया।

सुकन्या ओझा की ननद ने बताया कि जन्म के बाद बच्चे स्वस्थ थे। अगले ही दिन बच्चा पीला दिखने लगा। डॉक्टरों को बताने पर उन्होंने कहा कि सब नॉर्मल है। पीलिया होने की जानकारी देरी से दी गई। जब हालत बिगड़ी तो बच्चे को सब्जी भाजी की तरह पकड़ा दिया गया।

14 साल बाद हमारे इकलौते भाई के घर बच्चा हुआ था। जुड़वा बच्चे होने के बाद बच्चा बंद होने का ऑपरेशन (नसबंदी) भी करवा लिए। अब एक बच्चा नहीं रहा। दूसरे की हालत गंभीर है। ऐसे में हम क्या करेंगे।

अस्पताल प्रबंधन बोला- पीलिया के लक्षण दिखे तो रेफर किया

इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि नवजात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पीलिया के लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज शुरू किया गया था और स्थिति गंभीर होने पर ही बच्चे को रेफर किया गया।

डायरेक्टर ज्योति श्रीवास्तव ने कहा कि सुकन्या ओझा 3 साल पहले हमारे हॉस्पिटल में आई थीं। शादी के 14 साल बाद तक उन्हें संतान नहीं हुई थी। इलाज के बाद वह गर्भवती हुईं और यहीं उनकी डिलीवरी हुई।

जांच में पता चला कि बच्चे उल्टी स्थिति (ब्रीच पोजीशन) में थे। सावधानीपूर्वक डिलीवरी के बाद स्वस्थ जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ। इनमें से एक बच्चे का वजन कम था। उसे पीलिया था। हमारे यहां इसके इलाज की सुविधा नहीं थी, इसलिए हमने उसे रेफर करने की सलाह दी।

Continue Reading

कोरबा

भाजपा नेता अरूण मिश्रा (पप्पू महराज) का निधन

Published

on

कोरबा। सिंचाई कालोनी रामपुर कोरबा निवासी भाजपा नेता अरूण मिश्रा (पप्पू महराज) का आज प्रात: आकस्मिक निधन हो गया। अरूण मिश्रा पूर्व एल्डमेन एवं भाजपा नेता बाल महराज एवं भाजपा नेता राकेश मिश्रा के बड़े भाई हैं।
वे अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र, दो पुत्रियां, दो भाई सहित भरापूरा परिवार छोड़कर स्वर्गलोक सिदार गए। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और आज प्रात: ह्दयाघात आने से उनका निधन हो गया। उनके निधन और नियति के इस असहनीय आघत से सम्पूर्ण मिश्रा परिवार को असहनीय वेदना पहुंची है।
उनका अंतिम संस्कार दोपहर 3.00 बजे पोड़ीबहार स्थित आदर्श नगर मुक्तिधाम में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास वार्ड क्र. 37 सिंचाई कालोनी रामपुर से निकल कर पोड़ीबहार मुक्तिधाम पहुंची, जहां उनके पुत्र विभव मिश्रा ने उनका अग्रिसंस्कार विधि विधान से पंडित जी की उपस्थिति में किया। उनकी अंतिम यात्रा में कोरबा के भाजपा नेता, स्थानीय नागरिकगण एवं परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
पप्पू महराज सरल और व्यवहार कुशल व्यक्तित्व के धनी थे। उनके निधन से शुभचिंतक हतप्रभ हैं। वे वनविभाग सहित अन्य विभागों में ठेकेदार थे।

Continue Reading

कोरबा

मानवीय प्रेरणा:अस्पताल में भर्ती अखबार वितरक रामा का हालचाल जानने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल पहुंचे

Published

on

रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल, पत्रकार गेंदलाल शुक्ला भी पहुंचे
एमजेएम हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. प्रिंस जैन स्वयं कर रहे रामा का ईलाज
कोरबा। कोरबा में कभी-कभी ऐसे दृश्य आ जाते हैं, जो लोगों के लिए प्रेरणा का सबब बन जाते हैं। आर्थिक दृष्टि से यदि समाज का आंकलन करें तो नीचे तबके में अखबार वितरक भी आते हैं। अखबार वितरक रामा उर्फ रामायण सिंह को कोरबा के अधिकांश लोग जानते हैं और करीब 40 साल से भी अधिक समय से अखबार वितरण कर परिवार का लालन-पोषण कर रहे हैं। तीन दिन पूर्व रामायण सिंह को कमजोरी लगी और अखबार वितरक संघ के जिला इकाई के अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू एवं टीम ने रामा को एमजेएम हास्पिटल टीपी नगर कोरबा में भर्ती कराया।

एमजेएम हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. प्रिंस जैन रामा से परिचित थे और विपेन्द्र कुमार साहू ने जब डॉ. जैन से सम्पर्क किया तो डॉ. प्रिंस जैन रामा को सहृदयता से अपने अस्पताल में भर्ती किया और स्वयं की देख-रेख में उनका ईलाज प्रारंभ किया। यह मानवता के प्रति उत्कृष्ट उदाहरण कहा जा सकता है।

यह दृश्य हमें प्रेरणा देता है। इतना ही नहीं जब रामा की तबियत खराब होने की सूचना पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल को मिली तो वे भी वरिष्ठ अखबार वितरक रामा का हालचाल जानने एमजेएम अस्पताल पहुंचे। श्री अग्रवाल पहले डॉ. प्रिंस जैन के केबिन में पहुंचे और रामा के बारे में जानकारी ली। दोनों साथ मिलकर रामा से मिले और उनका हालचाल जाना। यह दृश्य भी हमें प्रेरित करता है कि एक कोरबा के लब्धप्रतिष्ठित राजनेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल नीचे तबके के व्यक्ति का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचते हैं। श्री अग्रवाल ने डॉ. प्रिंस जैन से कहा कि रामा का ईलाज बेहतर ढंग से करें और खर्च की परवाह न करें।

चेम्बर आफ कामर्स के पूर्व अध्यक्ष एवं रेडक्रास सोसायटी के कोरबा जिला अध्यक्ष तथा कोरबा के समाजसेवी रामसिंह अग्रवाल भी रामा को देखने एमजेएम अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल जाना। रामसिंह अग्रवाल ने रामा से कहा- फिकर करे के जरूरत नई हे… सब बंदोबस्त हो जाही। पैसा कौड़ी के जरूरत नई हे। उन्होंने भी डॉ. प्रिंस जैन को रामा का ईलाज पूरी सिद्दत से करने की बात कही। वरिष्ठ पत्रकार गेंदलाल शुक्ला सहित कोरबा के कई मूर्धन्य लोग भी रामा को देखने पहुंचे थे।
छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के जिला इकाई के अध्यक्ष सहित उनकी टीम ने भी रामा को सहयोग प्रदान किया और लगातार तीन दिन से संघ के सदस्य उनकी निगरानी कर रहे हैं और हौसला बढ़ा रहे हैं।

Continue Reading

कोरबा

अमृत सरोवरों के तट पर हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

Published

on

ध्वजारोहण के साथ निकली तिरंगा यात्रा, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्साह

जल एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ सामुदायिक सहभागिता का दिया संदेश

कोरबा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित किए गए अमृत सरोवरों के तट पर स्वतंत्रता दिवस का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न अमृत सरोवर परिसरों में ध्वजारोहण सहित सामुदायिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमृत सरोवर स्थलों को विशेष रूप से सजाया गया। विभिन्न स्थानों पर स्वतंत्रता सेनानियों, शहीद परिवारों के सदस्यों एवं ग्राम पंचायत के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके पश्चात स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता से तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारों से गांव और सरोवर परिसर गूंज उठे।

अमृत सरोवर बने सामुदायिक सहभागिता के केंद्र

आयोजन का उद्देश्य अमृत सरोवरों को केवल जल संरक्षण के स्थलों तक सीमित न रखते हुए उन्हें जीवंत सामुदायिक केंद्रों के रूप में विकसित करना तथा ग्रामीणों में सामुदायिक भागीदारी की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, स्व-सहायता समूहों, युवा क्लबों, पर्यावरण प्रेमियों एवं अन्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

वृक्षारोपण और स्वच्छता से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

अमृत सरोवर परिसरों में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और श्रमदान जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्रामीणों ने सरोवरों एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया। जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शपथ, जनसंपर्क एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला मंच

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी कला एवं प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। विभिन्न अमृत सरोवर स्थलों पर देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वतंत्रता, राष्ट्रप्रेम, स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संदेश दिया।

इन आयोजनों के माध्यम से अमृत सरोवरों को जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और सतत आजीविका के बहुआयामी केंद्र के रूप में विकसित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, वीबी-जी राम जी योजना के हितग्राही, युवा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677