Connect with us

छत्तीसगढ़

भूपेश-कैबिनेट में FL-10 लाइसेंस को मिली थी मंजूरी:EOW चालान में जिक्र,रमन बोले-राजनीति का सबसे बड़ा क्राइम, बैज बोले- 3% कमीशन की जांच कौन करेगा

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में EOW की ओर से दो दिन पहले पेश किए गए पूरक चालान में भूपेश कैबिनेट की बैठक का जिक्र है। कैबिनेट में नई लाइसेंस प्रणाली (FL&10A/10B) को फरवरी 2020 में स्वीकृति मिली, फिर आदेश भी जारी किया गया।

इसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि, शुरू से लेकर अंत तक कांग्रेस सरकार ने सरकारी खजाने में डाका डालने का काम किया है। इससे बड़ा अपराध हिंदुस्तान की राजनीति में कभी नहीं हुआ है।

वहीं, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे कांग्रेस को बदनाम करने का षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि, भाजपा सरकार में 3 प्रतिशत कमीशन की जांच कौन करेगा। जांच एजेंसी केवल कांग्रेस के लिए है क्या ?

झारखंड की जेल में बंद आरोपी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जा रहा है।

झारखंड की जेल में बंद आरोपी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जा रहा है।

रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शराब घोटाले में कांग्रेस के सभी नेता और पूरी कैबिनेट संलिप्त थी। कांग्रेस की नीति सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की रही है। उन्होंने कहा कि शराब नीति में बदलाव कैबिनेट ने ही किया था।

EOW ने शराब घोटाला मामले की जांच तेज कर दी है। झारखंड की जेल में बंद आरोपी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जा रहा है। दोनों श्री ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं।

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की तरह झारखंड में भी घोटाला हुआ है। इसमें अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा का नाम भी सामने आया। संतोषजनक जवाब नहीं मिले तो 2 महीने पहले झारखंड ACB दोनों को गिरफ्तार कर ले गई थी।

पहले जानिए EOW के चालान में क्या है ?

कैबिनेट में FL-10A/10B लाइसेंस लागू करने मिली थी स्वीकृति

EOW ने अपने चालान में लिखा है कि, 1 अप्रैल 2020 से नई आबकारी नीति लागू की गई। इस नीति का तर्क दिया गया कि दुकानों में कई ब्रांड्स की कमी की शिकायतों को दूर करने के लिए विदेशी शराब के सप्लाई और भंडारण के लिए नई लाइसेंस प्रणाली (FL&10A/10B) लाई जाए।

प्रस्ताव के अनुसार, विदेशी शराब के लाइसेंसधारी (FL-10A/10B) अपने पंजीकृत सप्लायर की मदिरा CSBCL के गोदामों में भंडारित करेंगे। वहीं से CSMCL को सप्लाई करेंगे।

यदि बिक्री न हो, तो CSBCL और CSMCL को शास्ति अधिरोपित करने का अधिकार होगा। इस प्रस्ताव को मंत्री परिषद ने 8 फरवरी 2020 को स्वीकृति दी गई। 11 फरवरी 2020 को आदेश जारी हुआ।

EOW के पूरक चालान में कैबिनेट बैठक का जिक्र।

EOW के पूरक चालान में कैबिनेट बैठक का जिक्र।

इससे बड़ा अपराध हिंदुस्तान की राजनीति में कभी नहीं हुआ- रमन

रमन सिंह ने कहा कि, इससे बड़ा अपराध हिंदुस्तान की राजनीति में कभी नहीं हुआ जो छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले के रूप में हुआ है। पैसा आ रहा और दो हिस्सों में बट रहा है। यह बात प्रामाणिकता के साथ है।

उन्होंने कहा कि, राजनीति के क्षेत्र में हम काम करते हैं। बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन खुले किताब की तरह करप्शन भी हिम्मत का काम है। ऐसे हिम्मत वाले लोगों को सोचता हूं कि ये लोग बहुत अद्भुत हैं।

3 प्रतिशत कमीशन की जांच कौन करेगा-बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, EOW-ED कांग्रेस को बदनाम करने और नेताओं को टारगेट करने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र अपना रही है। हमारे नेताओं को जेल भेज दिया गया है। उसके बाद भी तसल्ली नहीं हुई। फिर से तलाश कर रही है।

बैज ने कहा कि, भाजपा सरकार में 3 प्रतिशत कमीशन की जांच कौन करेगा। एक जग 32 हज़ार में खरीदा जाता है, 1 लाख का टीवी 10 लाख में खरीदा जाता है।

बस्तर ओलिंपिक के नाम पर 1400 का ट्रैकसूट 2500 में खरीदा गया। 100 रुपए की चप्पल 1300 रुपए में खरीदी गई। इन सबकी जांच कौन करेगा। जांच एजेंसी केवल कांग्रेस के लिए है क्या ?

भाजपा सरकार पर भी क्यों नहीं हो रही

बैज ने जांच एजेंसियों को घेरते हुए कहा कि, कांग्रेस के लिए एक तरफा कार्रवाई क्यों हो रही है। भाजपा सरकार में हो रही गड़बड़ियों पर एजेंसी जांच क्यों नहीं कर रही है। ऐसा दोहरा चरित्र नहीं चलेगा।

कांग्रेस पर एक तरफा कार्रवाई नहीं चलेगी। हम गलत नहीं है कार्रवाई से नहीं डरेंगे। लेकिन भाजपा सरकार में गड़बड़ी हो रही है, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। चूहा और बिल्ली का खेल नहीं चलेगा।

चालान में EOW ने शराब घोटाले के पैटर्न का उल्लेख किया है।

चालान में EOW ने शराब घोटाले के पैटर्न का उल्लेख किया है।

विजय भाटिया को 14 करोड़, संजय-मनीष-अभिषेक को 11 करोड़ मिले

बता दें कि, EOW ने मंगलवार को रायपुर के विशेष कोर्ट में 6वां चालान पेश किया। चालान के अनुसार ओम साई बेवरेज से जुड़े विजय कुमार भाटिया को 14 करोड़ मिले हैं। विजय भाटिया ने अलग-अलग अकाउंट और डमी डायरेक्टरों के जरिए रुपए निकाले।

EOW की जांच के मुताबिक नेक्सजेन पावर इंजिटेक से जुड़े संजय मिश्रा, मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को 11 करोड़ मिले। FL-10 A/B लाइसेंस व्यवस्था लागू कर सिंडिकेट ने घोटाला किया था। इस अभियोग पत्र में EOW ने कांग्रेस सरकार में घोटाला होने और घोटाले के पैटर्न का उल्लेख किया है।

FL-10 लाइसेंस क्या है ?

FL-10 का फुल फॉर्म है, फॉरेन लिकर-10। इस लाइसेंस को छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब की खरीदी के लिए राज्य सरकार ने ही जारी किया था। जिन कंपनियों को ये लाइसेंस मिला है, वे मैन्युफैक्चरर्स यानी निर्माताओं से शराब लेकर सरकार को सप्लाई करते थे। इन्हें थर्ड पार्टी भी कह सकते हैं।

खरीदी के अलावा भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन का काम भी इसी लाइसेंस के तहत मिलता है। हालांकि, इन कंपनियों ने भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन का काम नहीं किया। इसे बेवरेज कॉर्पोरेशन को ही दिया गया था। इस लाइसेंस में भी A और B कैटेगरी के लाइसेंस धारक होते थे।

  • FL-10 A इस कैटेगरी के लाइसेंस-धारक देश के किसी भी राज्य के निर्माताओं से इंडियन मेड विदेशी शराब लेकर विभाग को बेच सकते हैं।
  • FL-10 B राज्य के शराब निर्माताओं से विदेशी ब्रांड की शराब लेकर विभाग को बेच सकते हैं।

सिंडिकेट बनाकर किया गया घोटाला

EOW के अफसरों ने न्यायालय को बताया कि, जांच में सामने आया कि तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, निरंजन दास, अनवर ढेबर, विकास अग्रवाल और अरविंद सिंह ने मिलकर सिंडिकेट बनाया और शराब घोटाला किया।

इस सिंडिकेट के नियंत्रण में शासकीय शराब दुकानों में सप्लाई पर कमीशन, डिस्टलरी से अतिरिक्त शराब निर्माण कर अवैध बिक्री और विदेशी शराब की सप्लाई पर भी अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई गई थी।

सरकार को 248 करोड़ का नुकसान हुआ

EOW के जांच अधिकारियों के अनुसार, साल 2020-21 में नई आबकारी नीति लागू कर विदेशी शराब सप्लाई का ठेका तीन प्राइवेट कंपनियों को दिया गया।

इनमें ओम साई ब्रेवरेज प्रा.लि., नेक्सजेन पावर इंजिटेक प्रा.लि. और दिशिता वेंचर्स प्रा.लि. शामिल थीं। EOW का कहना है कि इन कंपनियों को लाइसेंस देने से सरकार को करीब 248 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

संजय, मनीष और अभिषेक को मिले 11 करोड़

ओम साई ब्रेवरेज से जुड़े विजय कुमार भाटिया को छुपा लाभार्थी बताया गया है। जिसने अलग-अलग खातों और डमी डायरेक्टरों के जरिए करोड़ों रुपए निकाले। वहीं, नेक्सजेन पावर इंजिटेक से संजय मिश्रा, मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को 11 करोड़ मिले।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

SECL गेवरा में सदस्यता सत्यापन के दौरान शराब वितरण पर बवंडर, दो यूनियनों में विवाद, सीआईएसएफ की सुरक्षा व्यवस्था व प्रबंधन की खामोशी पर उठे गंभीर सवाल

Published

on

​कोरबा/गेवरा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा परियोजना अंतर्गत एक्स-वर्कशॉप गेट के पास गत 12 सितंबर 2026 को सदस्यता सत्यापन (यूनियन वेरिफिकेशन) के दौरान एक बेहद आपत्तिजनक व शर्मनाक मामला सामने आया है सत्यापन स्थल पर कर्मचारियों को खुलेआम शराब व अन्य नशीले पदार्थ बांटे जाने को लेकर दो श्रमिक संगठनों के बीच तीखी झड़प और भारी विवाद की स्थिति निर्मित हो गई ।

​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) नेताम साहब की प्रत्यक्ष मौजूदगी में घटित हुआ लेकिन इसके बावजूद स्थिति पर अंकुश लगाने या दोषियों पर रोक लगाने का कोई प्रयास नहीं किया गया ।

​सीआईएसएफ बैरियर की सख्त सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

​गेवरा खदान के सीआईएसएफ (CISF) बैरियर को अत्यंत संवेदनशील व हाई-सिक्योरिटी ज़ोन माना जाता है यहाँ बिना कड़े चेकिंग गेट पास सर में हेलमेट और वाहनों की सघन तलाशी के ना तो कोई व्यक्ति अंदर प्रवेश कर सकता है और ना ही खदान क्षेत्र से कोई सामान बाहर ले जाया जा सकता है ऐसे अति-सुरक्षित क्षेत्र के भीतर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और शराब कैसे पहुँचे?


​क्या सीआईएसएफ बैरियर की चेकिंग केवल आम कर्मचारियों और खदान मजदूरों के लिए है? ​क्या जानबूझकर शराब और नशीली सामग्रियों को अंदर जाने की छूट दी गई? यह पूरे सुरक्षा तंत्र की भारी लापरवाही और मिलीभगत की ओर इशारा करता है जो जांच का एक बेहद गंभीर विषय है ।

​प्रबंधन को खुला चैलेंज, उच्चाधिकारियों की चुप्पी संदिग्ध

​विवाद के दौरान एक यूनियन नेता द्वारा सरेआम चिल्ला-चिल्लाकर प्रबंधन को चुनौती दी गई कि मैं नशीले पदार्थ और दारू बाँटूंगा जिसे जो करना है कर ले l

​सार्वजनिक रूप से प्रबंधन को इस प्रकार खुला चैलेंज दिए जाने और औद्योगिक परिसर की मर्यादा तार-तार होने के बावजूद एसईसीएल का उच्च प्रबंधन पूरी तरह खामोश बैठा हुआ है घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी ना तो शराब बांटने वाले असामाजिक तत्वों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और ना ही मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई जांच बिठाई गई ।

​प्रमुख मांगें

  1. ​उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच:- सीआईएसएफ बैरियर के भीतर नशीली सामग्रियां पहुँचने के मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी सुरक्षा कर्मियों पर कार्रवाई हो ।
  2. ​जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरे:- घटना स्थल पर मूकदर्शक बने रहे वरिष्ठ मानव संसाधन प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं ।
  3. ​माहौल खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई:- अनुशासनहीनता फैलाने और शराब बांटकर औद्योगिक शांति भंग करने वाले नेताओं/संगठनों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए ।

​यदि एसईसीएल प्रबंधन इस गंभीर मामले पर तत्काल कठोर कदम नहीं उठाता है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि खदान क्षेत्र में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को प्रबंधन का मौन संरक्षण प्राप्त है ।

Continue Reading

कोरबा

ACB समूह और SECL में करोड़ों के कोयला घोटाले की CBI व SIT जांच की मांग, बिलासपुर मुख्यालय पर भारतीय जनाधिकार पार्टी का विशाल प्रदर्शन

Published

on

बिलासपुर/कोरबा। भारतीय जनाधिकार पार्टी (छत्तीसगढ़) के तत्वावधान में 23 सितंबर बुधवार को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL मुख्यालय बिलासपुर के समक्ष एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर ज्ञापन सौंपा गया यह प्रदर्शन ACB समूह की विभिन्न कोल वाशरियों दीपका गेवरा कुसमुंडा चाकाबुड़ा रतिजा रेंकी बिंझारी तथा संबद्ध ताप विद्युत परियोजनाओं कोयला परिवहन एवं रेलवे साइडिंग में वर्ष 1999 से जारी कथित व्यापक वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की बहु-विभागीय जांच की मांग को लेकर किया गया ।

धरना-प्रदर्शन की प्रमुख मांगें

  1. CBI एवं उच्चस्तरीय SIT जांच:- 1999 से वर्तमान तक के उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वित्तीय व डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट तथा भौतिक सत्यापन कराया जाए ।
  2. कोयला अफरा-तफरी की निष्पक्ष जांच:- स्वीकृत क्षमता और वास्तविक उत्पादन/प्रसंस्करण का वर्षवार मिलान हो प्रतिवर्ष 1 करोड़ टन से अधिक कच्चे व रिजेक्ट कोयले के परिवहन के स्रोत वाशरी प्रसंस्करण एवं वास्तविक उपयोग का वैज्ञानिक हिसाब निकाला जाए ।
  3. पर्यावरण व पेसा (PESA) कानून का पालन:- दीपका के 10 किमी दायरे में वायु जल भूजल कृषि व जनस्वास्थ्य पर स्वतंत्र वैज्ञानिक सर्वे हो ग्रामसभा की वास्तविक सहमति तथा वनाधिकारों के अनधिकृत उपयोग की जांच हो ।
  4. ईंधन व कर छूट का मिलान:- वर्ष 2015 से औद्योगिक डीजल/बायोडीजल की खरीद और ACB ग्रुप को मिली कर छूट/सरकारी प्रोत्साहनों का वर्षवार परीक्षण किया जाए ।
  5. डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हों:- तौल कांटा सर्वर GPS Fastag ANPR CCTV RFID CEMS तथा ERP/SAP डेटा को तत्काल सुरक्षित करने के निर्देश दिए जाएं ।
  6. श्रमिक अधिकार व अधिकारियों की जवाबदेही:- न्यूनतम मजदूरी EPF ESIC सुरक्षा मानकों की जांच हो तथा निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले नियामक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो ।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

पार्टी के प्रदेश संयोजक दीपक दुबे ने कहां कि यह अरबों-खरबों रुपये के रिजेक्ट कोल और उच्च गुणवत्ता के कोयले की अफरा-तफरी का गंभीर मामला है जब कोल लेवी मामले में वरिष्ठ अधिकारी व कारोबारी जेल में हैं तो 6.5 लाख टन अवैध कोयला पकड़े जाने के बावजूद इस वाशरी संचालक पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? कोल लेवी की अवैध वसूली 25 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति टन हो चुकी है जिसके लिए SECL के जिम्मेदार अधिकारी सीधे दोषी हैं ।

युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय रत्नाकर ने बताया कि कोरबा में पेसा (PESA) एक्ट लागू होने के बावजूद सैकड़ों एकड़ जंगल की जमीन कंपनियों के नाम कैसे दर्ज हो गई इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए ।

वही पार्टी के पदाधिकारी कमल किशोर साव ने कहा वर्ष 2015 से कंपनियों को मिली टैक्स छूट और बायोडीजल के संदिग्ध उपयोग की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है ।

धरना प्रदर्शन को INTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश सेठ तथा आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. सुनील राज किरण ने भी अपना समर्थन दिया उन्होंने भूविस्थापित किसानों को समुचित मुआवजा व रोजगार देने कागजों पर चल रहे विकास कार्यों तथा SECL के CSR मद की निष्पक्ष जांच की मांग की ।

आगामी चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा

यदि राज्य सरकार CBI और SIT द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती है तो पार्टी द्वारा निम्नलिखित आंदोलन किए जाएंगे:-

2 अक्टूबर 2026 कलेक्टर कार्यालय (कोरबा) के समक्ष 24 घंटे की गांधीवादी न्याय भूख हड़ताल
22 अक्टूबर 2026 SECL मुख्यालय बिलासपुर के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना
1 नवंबर 2026 केंद्रीय कोयला मंत्री के आवास हैदराबाद तेलंगाना के समक्ष प्रदर्शन

कार्यक्रम में भारतीय जनाधिकार पार्टी के शैलेंद्र कुमार गोपाल विन्देश सिंह राठौर कमल किशोर साव दिनेश यादव संजय रत्नाकर हेमंत पैगवार मो. असद खान (छात्र संघ) अशफाक खान (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) होरी दास महंत (चिकित्सा प्रकोष्ठ) मीडिया प्रभारी कृष्णा टंडन संजय सिंह संतोष अनंत संतोष यादव हेमंत पटेल जितेंद्र कुमार आशीष तिवारी मारुति कुमार पप्पू सरदार देवेंद्र सिंह सत्य प्रकाश किरारी ताम्रध्वज सूर्यवंशी जमीर कुरैशी संजू टंडन सुनील टंडन बजरंग रत्नाकर कलाराम साहू संतोष कुर्रे अखिलेश सिंग किशन कुमार सहित काफी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे l

Continue Reading

कोरबा

सेवा संकल्प अभियान के तहत निकला “शिक्षा रथ”, ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर किया सहयोग

Published

on

कापी-किताब, पेंसिल, पेन, स्कूली बैग सहित 1622 सामग्री व 7320 रु नगद दान, शिक्षा के प्रति जताई प्रतिबद्धता

कोरबा/रामपुर। विकासखंड करतला के जोन रामपुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “सेवा – मेरा योगदान” कार्यक्रम के तहत आज शिक्षा रथ निकाला गया। जोन प्रभारी लतीफ खान अंसारी के नेतृत्व में निकला यह शिक्षा रथ पूरे रामपुर क्षेत्र की बस्ती में भ्रमण कर लोगों को जरूरतमंद एवं वंचित छात्र-छात्राओं की शिक्षा में सहयोग के लिए प्रेरित करता रहा।

शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य ऐसे बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाना है, जो आर्थिक अथवा अन्य कारणों से आवश्यक शिक्षण सामग्री से वंचित रह जाते हैं।

शिक्षा रथ के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामवासियों ने स्वेच्छा से आगे आकर अभियान में अपना अमूल्य योगदान दिया।

आज दिनांक तक प्राप्त कुल सहयोग:
कॉपी 497, पेन 818, पेंसिल 173, स्कूली बैग 2, रबर 14, कटर 30, स्केच पेन 16 पैकेट, कंपास बॉक्स 6, बेल्ट 3, पेंसिल बैग 2, पानी बोतल 2, पहाड़ा बुक 30, कलर पेंसिल 8 पैकेट सहित कुल 1622 शैक्षणिक सामग्री एवं 7320 रुपये नगद राशि प्राप्त हुई।

इस अवसर पर जोन प्रभारी लतीफ खान अंसारी ने कहा कि “शिक्षा केवल व्यक्ति के विकास का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला है। समाज के सक्षम लोगों द्वारा जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है।”

उन्होंने ग्रामीणों द्वारा दिए गए उत्साहपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। प्राप्त समस्त सामग्री व राशि जरूरतमंद व वंचित छात्र-छात्राओं तक पहुंचाकर उनके अध्ययन में सहायता प्रदान की जाएगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677