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छत्तीसगढ़

4 करोड़ 61 लाख का गांजा और नशीली-टैबलेट पकड़ाया:ड्राई-फ्रूट और पैकर्स की आड़ में तस्करी,महासमुंद में छत्तीसगढ़-ओडिशा और MP-UP के 13 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ‘ऑपरेशन निश्चय’ चल रही है। जिसके तहत सोमवार को महज 10 घंटे के अंदर 4 थाना इलाके से 6 क्विंटल 85 किलो गांजा और 700 नशीली टैबलेट बरामद किया है। जिसकी कीमत 4 करोड़ 61 लाख रुपए है। 13 तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया, जिसमें से 7 दूसरे राज्य के निवासी हैं।

यह कार्रवाई बसना, कोमाखान, सिंघोड़ा और महासमुंद थाना क्षेत्रों में की गई है। गिरफ्तार आरोपी छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। यह आरोपी ड्राई फ्रूट से भरे ट्रक, घरेलू सामान, पैकर्स एंड मूवर्स की आड़ तस्करी कर रहे थे।

नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार हुए आरोपी।

नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार हुए आरोपी।

गांजे के साथ पकड़ाए आरोपी।

गांजे के साथ पकड़ाए आरोपी।

इस कार्रवाई से ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

इस कार्रवाई से ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

इन 4 थाना इलाके में हुई कार्रवाई

कोमाखान थाना: एनएच-353 टेमरी नाका पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजे 9286 से 25 किलो गांजा जब्त किया गया। एमपी के मोहित साहू (27) और पुष्पेन्द्र साहू (21) को गिरफ्तार किया गया।

इसी थाने की टीम ने डिजायर कार क्रमांक जेएच 01 एफजेड 4071 से 200 किलो गांजा बरामद किया। इस कार में उत्तर प्रदेश के 3 आरोपी सवार थे। पकड़े गए गांजे की कीमत 1.08 करोड़ रुपए बताई गई है।

बसना थाना: पैकर्स एंड मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के बोलेरो पिकअप में रायगढ़ से घरेलू सामान हैदराबाद ले जाने के लिए निकले थे। लेकिन बीच में ओडिशा से सामान के नीचे 454.890 किलो गांजा छिपाकर ले जा रहे थे।

पिकअप चालक इमरान (37) राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल और 10 हजार कैश समेत 2.38 करोड़ रुपए का गांजा बरामद किया है।

सिंघोड़ा थाना: नेशनल हाईवे 53 रेहटीखोल से बाइक सीजी 11 एजेड 3766 में सवार बलौदा जिला जांजगीर-चांपा निवासी देवचरण रात्रे (46) और पेटूपाली बरगढ़ ओडिशा निवासी किशोर राउतिया (25) बैग में 6 किलो गांजा ले जा रहे थे। जब्त गांजे की कीमत 3 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी से दो मोबाइल भी जब्त किया है।

सिटी कोतवाली महासमुंद: रेलवे स्टेशन के पास रेड कार्रवाई में पुलिस ने 700 नग नशीली दवाई जब्त की है। पुलिस 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राकेश कुमार (32), मनोज कुमार सोनबेर (33), सद्दाम कुरेशी (32), रिंकू चंद्राकर (34) और कामेश चंद्राकर (30) सभी महासमुंद निवासी शामिल है।

एनएच-353 टेमरी नाका पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजे 9286 से 25 किलो गांजा जब्त किया गया।

एनएच-353 टेमरी नाका पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजे 9286 से 25 किलो गांजा जब्त किया गया।

पुलिस ने कारें और बाइक-ट्रक किया जब्त

पुलिस ने सिर्फ गांजे की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपए आंकी है। इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल एक ट्रक, एक पिकअप, दो कार और एक बाइक समेत कई सामग्रियों को जब्त किया है। जिसकी कुल कीमत 4 करोड़ 61 लाख 67 हजार 506 रुपए बताई गई है।

ऐसे आड़ में करते थे तस्करी

पुलिस जांच में सामने आया है कि, तस्कर नशे की खेप पहुंचाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल कर रहे थे। इनमें ड्राई फ्रूट से भरे ट्रक, घरेलू सामान, पैकर्स एंड मूवर्स की आड़, कार, बाइक और ट्रेन जैसे माध्यम शामिल थे। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के कारण उनके सभी प्रयास विफल रहे।

4 राज्यों से जुड़ा नेटवर्क

इस कार्रवाई से ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कुछ मामलों में थोक विक्रेताओं, सप्लायरों और लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेटरों को भी गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। इस बड़े ऑपरेशन में बिलासपुर पुलिस और रायपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने भी मदद की है।

3 महीने में बड़ी सफलताएं

महासमुंद पुलिस ने पिछले 3 महीने में 63 केस दर्ज कर 4054.350 किलो गांजा जब्त कर चुकी है। 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 117 अन्य राज्यों के हैं। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के अनुसार, जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

13 सितंबर को होगा मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह:130 टैलेंटेड स्टूडेंट्स को किया जाएगा सम्मानित, करियर और भविष्य को लेकर मिलेगा मार्गदर्शन

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ प्रदेश माहेश्वरी सभा के अंतर्गत संचालित छ.ग. महेश सेवा निधि की ओर से मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन 13 सितंबर को किया जाएगा। कार्यक्रम केपीएस डूंडा स्कूल, रायपुर के ऑडिटोरियम में होगा। इसमें कक्षा 10वीं से लेकर उच्च शिक्षा तक बेहतर प्रदर्शन करने वाले और अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले करीब 130 छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

समारोह में नागपुर के सीए राजेश लोया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें भविष्य और करियर को लेकर मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष नंदकिशोर राठी, प्रबंध न्यासी अजय सोमानी, मंत्री गगन लड्ढा, पूर्व प्रबंध न्यासी बाल किशन झँवर, सीए मनोज राठी, डॉ. सतीश राठी और कोषाध्यक्ष प्रणय भूतड़ा सहित सेवा निधि के सदस्य, विद्यार्थी और उनके अभिभावक शामिल होंगे।

बच्चे की पढ़ाई पर फोकस

महेश सेवा निधि की ओर से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा चिकित्सा से जुड़ी आपात स्थिति में भी जरूरत के अनुसार आर्थिक मदद की जाती है। संस्था का उद्देश्य आर्थिक परेशानी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके और जरूरत के समय समाज के लोगों को चिकित्सा सहायता मिल सके।

सेवा निधि के अनुसार इन कामों के लिए समाज के सदस्यों से मिलने वाली आर्थिक मदद का उपयोग किया जाता है। संस्था का लक्ष्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद आत्मनिर्भर बनने में सहयोग देना है। कार्यक्रम की जानकारी प्रदेश मीडिया प्रभारी विष्णु सारडा ने दी।

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छत्तीसगढ़

गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी पर 3.19 लाख का जुर्माना:बिना अनुमति खुदाई का आरोप, पेयजल की पाइपलाइन टूटी, निगम ने जारी किया दूसरा नोटिस

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही एचसीजी रायपुर प्राइवेट लिमिटेड पर नगर निगम ने कार्रवाई की है। निगम के जोन-2 ने कंपनी पर 3 लाख 19 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

कंपनी पर फाफाडीह चौक और देवेंद्र नगर क्षेत्र में बिना अनुमति खुदाई करने और इस दौरान सड़क के साथ पेयजल की मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में निगम ने कंपनी को अब दूसरा नोटिस जारी किया है।

निगम के नोटिस के मुताबिक कंपनी ने पाइपलाइन बिछाने के लिए करीब 300 मीटर लंबाई में सड़क और पाइपलाइन क्षेत्र में खुदाई की। देवेंद्र नगर में खुदाई के दौरान मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं फाफाडीह चौक के आसपास सड़क भी खोदी गई, जिससे लोगों के आने-जाने में परेशानी हुई।

जिस कंपनी को गैस पाइपलाइन बिछाने का काम, उसी पर जुर्माना

एचसीजी रायपुर प्राइवेट लिमिटेड को शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम मिला है। पाइपलाइन डालने के लिए कंपनी की ओर से अलग-अलग इलाकों में खुदाई की जा रही है। इसी काम के दौरान निगम के जोन-2 क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन की शिकायत सामने आई।

निगम का कहना है कि संबंधित क्षेत्र में बिना जरूरी अनुमति के खुदाई की गई। इसके अलावा खुदाई के दौरान पेयजल की मुख्य पाइपलाइन टूटने से लोगों की पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सड़क को भी नुकसान पहुंचा।

पहले नोटिस के बाद अब दूसरा नोटिस

मामले में निगम पहले भी कंपनी को नोटिस दे चुका है। अब जोन-2 ने दूसरा नोटिस जारी किया है। इसमें कंपनी को खराब सड़क और पाइपलाइन की मरम्मत कर जगह को पहले जैसी स्थिति में लाने के निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस के मुताबिक, सड़क और अन्य नुकसान की मरम्मत में 3.19 लाख रुपए खर्च होंगे। इसी आधार पर कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है।

निगम की अनुमति के बिना सड़क नहीं खोद सकते

शहर में गैस या दूसरी पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदने से पहले संबंधित विभाग और नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी है। खुदाई के दौरान सड़क, पानी की पाइपलाइन या किसी अन्य सार्वजनिक सुविधा को नुकसान होने पर उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी।

नगर निगम ने कंपनी को बिना अनुमति काम नहीं करने की हिदायत दी है। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर व्यवस्था पहले जैसी करने के निर्देश दिए हैं।

आयुक्त के निर्देश पर जोन-2 ने की कार्रवाई

नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-2 के जोन कमिश्नर संतोष पांडेय ने कंपनी को नोटिस दिया है। निगम ने साफ कहा है कि विकास कार्यों के लिए सड़क खोदने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इससे लोगों को परेशानी या सरकारी सुविधाओं को नुकसान नहीं होना चाहिए।

बिना अनुमति खुदाई करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कंपनी से मरम्मत का खर्च वसूला जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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खेल

40 वें नेशनल गेम्स की मेजबानी मांगेगा छत्तीसगढ़:छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक रोडमैप तैयार, खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं को तराशने पर जोर

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी और जनरल काउंसिल की बैठक शनिवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में हुई। बैठक में प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने और खेल संघों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी बनाई जा रही है, जबकि जशपुर के पंडरापाठ में 20 से 25 करोड़ रुपए से आर्चरी अकादमी तैयार होगी। इसके साथ ही शासन और खेल संघों के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी देने का फैसला लिया गया।

बैठक में 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए प्रयास करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मेजबानी मिलती है तो नेशनल गेम्स के कुछ आयोजन बस्तर में कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। रायपुर में बनने वाली आर्चरी अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा देने की तैयारी है। सरकार का फोकस ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करने पर है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकें।

पंडरापाठ में 25 करोड़ तक की आर्चरी अकादमी

मुख्यमंत्री ने जशपुर में तीरंदाजी की प्रतिभाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वनांचल के युवाओं में इस खेल की प्राकृतिक प्रतिभा है। खासकर पहाड़ी कोरवा समुदाय में तीरंदाजी परंपरा का हिस्सा रही है।

इसी को देखते हुए जशपुर के पंडरापाठ में 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी बनाई जा रही है। इससे जशपुर और आसपास के वनांचल के खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण मिल सकेगा।

बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से गांवों की प्रतिभाओं को मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के जरिए दूरदराज के इलाकों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। बस्तर ओलंपिक का आयोजन हर साल किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में खेलों की अच्छी प्रतिभा है। उन्हें सही प्रशिक्षण और संसाधन मिलें तो यहां से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।

खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं की तलाश

सरकार खेल उत्कर्ष मिशन के जरिए प्रदेशभर में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं देने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ी बड़े शहर का हो या किसी दूरस्थ गांव और वनांचल का, सभी को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।

खेल संघों को उद्योगों से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई बड़े उद्योग समूह काम कर रहे हैं। इनके सहयोग से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं के आयोजन में मदद मिल सकती है।इसके लिए अलग-अलग उद्योग समूहों को अलग-अलग खेलों और खेल संघों से जोड़ने की योजना पर काम किया जाएगा।

खेल अलंकरण फिर शुरू होने से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद खेल अलंकरण समारोह फिर शुरू किया गया है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मान के साथ आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के अवसर देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

वनांचल में तीरंदाजी और मलखंब की प्रतिभाएं: केदार कश्यप

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचल में तीरंदाजी की प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने की है। उन्होंने कहा कि बस्तर के आदिवासी युवा मलखंब में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

दूसरे जिलों में भी बनेंगे जिला ओलंपिक संघ

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया ने बैठक में संघ की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। बैठक में विभिन्न खेल संघों की जरूरतों, नेशनल गेम्स और आगामी खेल गतिविधियों पर चर्चा हुई।

इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में जिला ओलंपिक संघ बनाने के लिए समिति गठित करने पर भी सहमति बनी। बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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