विदेश
Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने नेपाली पीएम सुशीला कार्की का इस्तीफा मांगा:कहा- हमने कुर्सी पर बैठाया, हटाने में वक्त नहीं लगेगा, बिना सलाह के मंत्री चुनने का आरोप
Published
4 months agoon
By
Divya Akashकाठमांडू,एजेंसी। नेपाल में Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम पीएम सुशीला कार्की का इस्तीफा मांगा है। वे कैबिनेट विस्तार को लेकर नाराज हैं। प्रदर्शनकारियों ने रविवार रात पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार प्रदर्शनकारियों की राय लिए बिना मंत्रियों को चुन रही है। इसका नेतृत्व सुदान गुरुंग कर रहे थे। गुरुंग ने धमकी देते हुए कहा,
अगर हम फिर सड़क पर उतरे तो कोई हमें रोक नहीं पाएगा। जिस कुर्सी पर बैठाया है, वहीं से निकाल फेंकेंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीनियर वकील ओमप्रकाश आर्यल सरकार में दखलअंदाजी कर रहे हैं। गुरुंग का आरोप है कि आर्यल ने खुद को गृहमंत्री बनाने का फैसला किया है। ओमप्रकाश आर्यल काठमांडू के मेयर बालेन शाह के करीबी माने जाते हैं।
पीएम कार्की ने ओमप्रकाश आर्यल को गृह और कानून मंत्री, रामेश्वर खनाल को वित्त मंत्री और कुलमान घिसिंग को ऊर्जा मंत्री नियुक्त किया है।

कार्की ने तीन दिन पहले 12 सितंबर को अंतरिम पीएम की शपथ ली थी। इस दौरान गुरुंग ने माथा टेकते हुए कार्की के पैर छुए थे।
गुरुंग ने नेपाल में Gen-Z आंदोलन का ऐलान किया था
36 साल के गुरुंग ने 8 सितंबर को काठमांडू में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। वे हामी नेपाल नाम के NGO के संस्थापक हैं।
2015 में बना यह संगठन आपदाओं के दौरान राहत पहुंचाने के लिए जाना जाता है। भूकंप और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों में इसके सदस्य बचाव, भोजन और पानी की व्यवस्था करते रहे हैं।
संगठन ने समय-समय पर छात्रों और प्रवासी नेपाली नागरिकों से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। इसी साल भुवनेश्वर में एक नेपाली छात्रा की आत्महत्या के मामले में भी ‘हामी नेपाल’ ने खुलकर आवाज उठाई थी और सोशल मीडिया पर लगातार अपडेट साझा किए थे।
दिलचस्प यह है कि यह संगठन आमतौर पर राजनीतिक विवादों से दूरी बनाए रखता है। इसके इंस्टाग्राम पेज पर ज्यादातर मानवीय गतिविधियों की ही झलक मिलती है। ऐसे में काठमांडू विरोध का ऐलान गुरुंग के रुख में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
गुरुंग का नाम पहली बार राजनीतिक विवाद में तब आया था, जब उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर पैसे और राजनीतिक दबाव के जरिए भर्तियां की जा रही हैं। इसी प्रकरण के बाद उन पर जानलेवा हमला भी हुआ था।

Gen-Z आंदोलन के बाद नेपाल की पार्टियों पर संकट
नेपाल की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की नियुक्ति और संसद के भंग होने के बाद अब सियासी पार्टियों के भीतर ही असंतोष तेज हो गया है।
बड़े दलों के दिग्गज नेता अपनी-अपनी पार्टियों में घिर गए हैं और इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है। नेपाली कांग्रेस, CPN-UML और माओवादी केंद्र सहित 8 प्रमुख दलों ने संसद भंग करने को असंवैधानिक करार दिया है।
शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस, केपी शर्मा ओली की CPN-UML और पुष्प कमल दहल प्रचंड की CPN (माओवादी सेंटर) के युवा नेताओं ने अपने शीर्ष नेताओं से पद छोड़ने की मांग शुरू कर दी है।
नेताओं पर इस्तीफा देने का दबाव
नेपाली कांग्रेस के भीतर गगन थापा और बिश्व प्रकाश शर्मा खुलकर शेर बहादुर देउबा से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, UML में शंकर पौडेल और योगेश भट्टराई सुधार की मांग उठाकर पार्टी अध्यक्ष पर दबाव बना रहे हैं।
माओवादी केंद्र में जनार्दन शर्मा ने कहा, प्रचंड अब नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपें। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नेता कार्की को सीधे निशाना बनाने से बच रहे हैं, लेकिन जनता और कार्यकर्ताओं के दबाव के चलते उन्हें अपनी ही पार्टी में जवाब देना पड़ रहा है।
कार्की मंत्रिमंडल के लिए 3 नाम फाइनल हुए
नेपाल में पहली बार मंत्री चुनने का तरीका भी बिल्कुल अलग होगा। अंतरिम पीएम सुशीला कार्की की तरह उनके कैबिनेट में मंत्री भी सोशल मीडिया पोलिंग के जरिए चुने जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक कार्की मंत्रिमंडल के लिए 3 नाम फाइनल हो गए हैं। पूर्व वित्त सचिव रमेशोर खनाल को वित्त मंत्री, वकील ओम प्रकाश आर्यल को गृह मंत्री और नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व प्रमुख कुलमान घीसिंग को ऊर्जा एवं सिंचाई मंत्री के रूप में चुना है।
घीसिंग को दो अन्य मंत्रालयों – भौतिक अवसंरचना एवं परिवहन, और शहरी विकास – की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये तीनों नेता सोमवार को शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बाकी बचे मंत्रिस्तरीय पदों पर चर्चा बाद में होगी।
सविता भंडारी नेपाल की पहली महिला अटॉर्नी जनरल बनीं
नेपाल में पहली बार किसी महिला को अटॉर्नी जनरल बनाया गया है। सीनियर एडवोकेट सविता भंडारी बराल को प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नियुक्त किया।
इससे पहले राष्ट्रपति ने अटॉर्नी जनरल रमेश बदाल का इस्तीफा मंजूर किया था।

सीनियर एडवोकेट सविता भंडारी बराल।
PM कार्की बोली- नेपाल में पहली बार 27 घंटे आंदोलन हुआ
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कार्यभार संभालने के बाद रविवार को कहा था कि Gen-Z आंदोलन में मारे गए लोगों को शहीद घोषित किया जाएगा।
साथ ही पीड़ितों के परिजनों को 10-10 लाख नेपाली रुपए का मुआवजा भी दिया जाएगा। नेपाल हिंसा में मरने वालों की संख्या 72 हो गई है, इनमें 1 भारतीय महिला भी शामिल है।
कार्की ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा था, ‘नेपाल में पहली बार 27 घंटे तक लगातार आंदोलन हुआ।’ 12 सितंबर को PM पद संभालने के बाद कार्की को नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।
Gen-Z नेता बोले थे- सरकार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन निगरानी करेंगे
शुक्रवार को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद भंग करने का भी ऐलान किया था। पूर्व पीएम केपी ओली की कम्युनिस्ट पार्टी (UML) ने इस फैसला का विरोध किया है।
UML महासचिव शंकर पोखरेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की है।
वहीं, Gen-Z नेताओं ने इस सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उनका कहना है कि वे सरकार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन सरकार के कामकाज की निगरानी करेंगे।
नेपाल में सामान्य हो रहे हालात
6 दिनों की हिंसा के बाद काठमांडू के कई इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। नेपाल में अब हालात सामान्य हो रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट कल से शुरू किया गया। साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर भी आवाजाही शुरू की गई।
हालांकि, काठमांडू के 6 जगहों पर अब भी कर्फ्यू जारी है। यहां 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, भूख हड़ताल, धरना, घेराव, जुलूस और सभा करने पर रोक लगा दी गई है। नोटिस में कहा गया है कि यह आदेश दो महीने तक लागू रहेगा।

नेपाल में 6 दिन की हिंसा के बाद शनिवार को पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू किया गया।
You may like
पहला विमान कल तेहरान से दिल्ली आएगा, स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन पूरा, पासपोर्ट जमा किए
नई दिल्ली,एजेंसी। ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने वहां से भारतीयों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। पहला विमान कल तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना होगा।
जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने एक बयान में कहा, सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। भारतीय दूतावास ने उनकी पर्सनल डिटेल और पासपोर्ट इकट्ठा कर लिए हैं। पहले बैच को सुबह 8 बजे तक तैयार रहने की जानकारी दे दी गई है।
पहले बैच में गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शाहिद बहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के कुछ स्टूडेंट्स शामिल हैं। फाइनल लिस्ट देर रात शेयर की जाएगी।
ईरान में करीब 10000 भारतीय रहते हैं। इसमें से 2500-3000 स्टूडेंट हैं, जो मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां गए थे।

यह तस्वीर कश्मीर की है, जिनके बच्चे ईरान में फंसे हुए हैं। उनके पेरेंट्स चिंता कर रहे हैं।

कश्मीर में रहने वाले लोगों ने सरकार से मांग की है कि पढ़ाई करने ईरान गए बच्चों को वापस लाया जाए।

भारत सरकार ने 14 जनवरी को एडवाइजरी जारी की थी।
विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किया
एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों अपने पासपोर्ट,वीजा और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपने पास तैयार रखें। इस संबंध में किसी भी मदद के लिए वे भारतीय दूतावास से संपर्क करें।
दूतावास ने आपातकालीन संपर्क हेल्पलाइन भी जारी की हैं। मोबाइल नंबर: +989128109115; +989128109109; +989128109102; +989932179359। ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
ईरान में मौजूद वे सभी भारतीय नागरिक जिन्होंने अभी तक भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनसे अनुरोध है कि वे इस लिंक (https://www.meaers.com/request/home) के माध्यम से रजिस्टर्ड करें।
यह लिंक दूतावास की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। यदि ईरान में इंटरनेट बाधित होने के कारण कोई भारतीय नागरिक पंजीकरण करने में असमर्थ है, तो भारत में उनके परिवार के सदस्यों से अनुरोध है कि वे उनकी ओर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच बातचीत हुई
बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। उन्होंने ईरान के हालातों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को ईरान ना जाने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं।
भारत सरकार की यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रम्प की उस धमकी के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का हिंसा से जवाब देना जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
दावा- ईरान में 12 हजार लोगों की मौत

ईरानी मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक रूप से गिरने के बाद पिछले महीने ईरान में प्रदर्शन शुरू हुए थे। तब से देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए हैं।
प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या पर नजर रखने वाली अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अब तक 2,550 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं।
हालांकि ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि देशभर में कम से कम 12 हजार लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।
देश
लश्कर के आतंकी की हिंदुओं का गला काटने की धमकी:वायरल वीडियो में कहा- कश्मीर को आजादी भीख मांगने से नहीं, जिहाद से मिलेगी
Published
2 days agoon
January 14, 2026By
Divya Akashइस्लामाबाद,एजेंसी। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अबू मूसा कश्मीरी ने हिंदुओं की गर्दन काटने की धमकी दी है। उसने यह बयान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में दिया। इसका वीडियो भी सामने आया है, हालांकि ये कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
वीडियो में अबू मूसा कहता है- कश्मीर मुद्दे का हल सिर्फ आतंकवाद और जिहाद से ही हो सकता है। आजादी भीख मांगने से नहीं, हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी। हमें जिहाद का झंडा उठाना होगा।
अबू मूसा कश्मीरी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट का मेंबर है। उसका नाम अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले से भी जुड़ा था।
पाकिस्तानी नेताओं पर इस्लामी सिद्धांतों से भटकने का आरोप
अपने भाषण में अबू मूसा ने पाकिस्तानी नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पाकिस्तान के नेता इस्लामी सिद्धांतों से भटक चुके हैं और जिहाद के रास्ते पर नहीं चल रहे हैं।
उसने कहा जो नेता जिहाद के लिए प्रतिबद्ध नहीं है, उसे पाकिस्तान पर हुकूमत करने का कोई अधिकार नहीं है। मूसा ने दावा किया कि वह पहले भी ऐसे ही बयान मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ हुई एक बैठक में दे चुका है।
अबू मूसा पहलगाम हमले में भी शामिल था
अबू मूसा पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में भी शामिल था। दैनिक भास्कर ने तब पड़ताल की थी कि आखिर पहलगाम अटैक के दौरान पाकिस्तान से आतंकियों को कौन आदेश दे रहा था। इस दौरान दो पाकिस्तानी हैंडलर के नाम मिले थे।
पहला अबू मूसा और दूसरा रिजवान हनीफ। दोनों पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिंग कमांडर हैं। इन्हीं दोनों ने मुरीदके में अफगान को ट्रेनिंग भी दी थी। हालांकि सूत्रों का दावा था कि पहलगाम अटैक का मास्टरमाइंड अबू मूसा ही है। ये सैफुल्लाह कसूरी का करीबी भी है।
अबू मूसा ने पहले भी हिंदुओं को मारने की बात कही थी
पहलगाम हमले से 4 दिन पहले 18 अप्रैल को लश्कर के एक कार्यक्रम में अबू मूसा ने कश्मीर में हिंदुओं को मारने का जिक्र किया था। इसका वीडियो भी सामने आया था। इसमें मूसा ने कहा था, ’गाजा और कश्मीर का एक ही मसला है और दोनों मसलों का एक ही हल है, वो है जिहाद। उसने कहा था- हमें भीख नहीं, आजादी चाहिए। फिलिस्तीन और कश्मीर के जो दुश्मन हैं, वो हमारे दुश्मन हैं। जब इजराइल को घुटने पर ले आए, तो कश्मीर में भी करेंगे।’

अबू मूसा कथित तौर पर ‘जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट’ (JKUM) का नेतृत्व करता है। ये तस्वीर पिछले साल 18 अप्रैल को हुए उसी आयोजन की है, जिसमें उसने कश्मीर की तुलना गाजा-फिलिस्तीन से की थी।
लश्कर के एक और आतंकी ने पाकिस्तानी नेताओं पर तंज किया था
लश्कर-ए-तैयबा के एक अन्य कमांडर मोहम्मद अशफाक राणा ने भी कुछ दिन पहले इसी तरह पाकिस्तानी नेताओं पर तंज किया था। अशफाक राणा ने सीधे शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की आलोचना करते हुए उन पर देश को सही तरीके से न चलाने और अंतरराष्ट्रीय कर्ज को बर्बाद करने का आरोप लगाया था।
उसने दावा किया था कि अगर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिले पैसों का सही इस्तेमाल किया गया होता, तो पाकिस्तान आज सऊदी अरब से भी ज्यादा खूबसूरत और ब्रिटेन व स्पेन से ज्यादा विकसित होता।
उसने आगे कहा कि इसके बावजूद देश की हालत लगातार खराब होती जा रही है। उसने कहा कि पाकिस्तान में पैदा होने वाला हर बच्चा भारी कर्ज के बोझ के साथ जन्म ले रहा है। अगर यह पैसा देश के भीतर लगाया गया होता तो पाकिस्तान आज कई विकसित देशों से आगे होता।
विदेश
थाइलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरी, 30 की मौत:67 घायल, ज्यादातर स्कूली छात्र, 65 फीट ऊंचाई से मलबा गिरा, डिब्बे पटरी से उतरे
Published
2 days agoon
January 14, 2026By
Divya Akashथाईलैंड,एजेंसी। थाईलैंड में बुधवार को तेज रफ्तार से चल रही पैसेंजर ट्रेन पर 65 फीट ऊंचाई से एक क्रेन गिर गई। इसके चलते ट्रेन के कई डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 67 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
क्रेन का इस्तेमाल रेल ब्रिज के निर्माण में हो रहा था। हादसे के समय ट्रेन में 195 लोग सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें ज्यादातर यात्री स्कूल के छात्र थे। दुर्घटना के समय ट्रेन लगभग 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही थी।

थाईलैंड में बुधवार को रेल ब्रिज में इस्तेमाल हो रही क्रेन 65 फीट की ऊंचाई से एक पैसेंजर ट्रेन पर गिरी।

क्रेन गिरने के कारण थाईलैंड में बुधवार को पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई।

क्रेन गिरने के कारण ड्राइवर को ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिला, जिससे यह हादसा हुआ।

टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रेन के शीशे टूट गए और ट्रेन क्षतिग्रस्त हो गई।

पटरी से उतरते ही ट्रेन के डिब्बों में आग लग गई।

रेस्क्यू टीम ने घायल यात्रियों को निकालकर उन्हें पास के अस्पतालों में पहुंचाया।
ड्राइवर को ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिला
यह दुर्घटना नाखोन राचासिमा प्रांत के सिखियो जिले में हुई। हादसे के वक्त ट्रेन राजधानी बैंकॉक से उबोन राचाथानी जा रही थी। क्रेन ट्रेन के तीन डिब्बों पर गिरा, जिनमें से दो डिब्बों में सबसे ज्यादा लोग सवार थे। इन्हीं डिब्बों में जानमाल का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
न्यूज वेबसाइट ‘नेशन थाईलैंड’ के मुताबिक क्रेन गिरने के कारण ड्राइवर को ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद क्रेन का मलबा कोच पर गिरा, जिससे कई डिब्बे पटरी से उतर गए। पटरी से उतरते ही डिब्बों में आग लग गई।
बचाव दल ने अब तक 12 शव बरामद किए
हादसे के कुछ मिनट बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।
कई यात्री डिब्बों में फंसे हुए थे, जिन्हें कटिंग और स्प्रेडिंग उपकरणों की मदद से बाहर निकाला गया। अब तक 12 शव बरामद कर लिए गए हैं।
प्रशासन और रेलवे अधिकारी जांच कर रहे हैं कि क्रेन क्यों गिरी और सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं। स्थानीय लोग और परिवार इस दुखद घटना से सदमे में हैं।
ट्रेन का डिब्बा दो हिस्सों में कटा
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय निवासी ने AFP समाचार एजेंसी को बताया कि उन्होंने एक तेज आवाज सुनी, जिसके बाद दो विस्फोट हुए।
निवासी ने कहा , “जब मैं यह देखने गया कि क्या हुआ है, तो मैंने पाया कि क्रेन एक यात्री ट्रेन पर पड़ी हुई थी। क्रेन से निकला मेटल का टुकड़ा ट्रेन के बीचों-बीच जा टकराया, जिससे वह दो हिस्सों में कट गया।”

हृदयविदारक घटना – 25 वर्षीय युवती का सर कुचलकर हत्या,,,,दीपका…..देखे पूरी खबर
सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन
बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख
कटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
सुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
ग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
Trending
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
Uncategorized4 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
कोरबा1 year agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई