बिलासपुर,एजेंसी। बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा में इस बार 1301 करोड़ रुपए से अधिक का बजट पास किया गया। मेयर पूजा विधानी ने बताया कि यह बजट केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्मार्ट सिटी सुविधाएं, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
साथ ही सभा में 33% महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पार्षदों को सांसद और विधायक की तर्ज पर आजीवन पेंशन देने, मानदेय बढ़ाने और पार्षद निधि की राशि में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
इसके अलावा क्रिकेट स्टेडियम के लिए 12 एकड़ जमीन देने पर भी सहमति बनी है, जो कि ग्राम मंगला में बनेगा। दरअसल क्रिकेट संघ बिलासपुर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के जरिए शहर में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए निगम से ग्राम मंगला स्थित 12 एकड़ जमीन देने का आवेदन किया था।
वहीं बैठक में प्रश्नकाल की शुरुआत में मेयर निधि के खर्च और गंदे पानी की सप्लाई को लेकर जमकर हंगामा हुआ। अवैध निर्माण पर भड़के सभापति ने सदन में अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि, मेरे वार्ड गोलबाजार में अवैध निर्माण चल रहा है। उन्होंने तत्काल तोड़ने के निर्देश दिए। बैठक से पार्षद पति समेत कई लोग बाहर भी निकाल दिए गए।
मेयर पूजा विधानी ने अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को 3 नए जज मिल गए हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार को 3 ज्यूडिशियल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसमें संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार शामिल है। यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद की गई है।
हाईकोर्ट में जजों की मंज़ूर संख्या 22 है, लेकिन अभी 11 जज हैं। अब यह संख्या बढ़कर 14 हो जाएंगी। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए तीन ज्यूडिशियल अफसरों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
कोरबा/कुसमुण्डा। राजनीतिक में उभरता सितारा सूरज महंत का जन्मदिन 01 सितम्बर को कोरबा जिले के कई स्थानों में मनाया गया और सूरज महंत भी अधिकांश कार्यक्रमों में शामिल हो कर लोगों का अभिवादन किया। कुसमुण्डा में एक नजारा ऐसा दिखा, जिसमें गिरोह के लोग सूरज का महामाला से स्वागत कर जन्मदिन का जश्न मनाया। ये गिरोह के लोग वही हैं, जो करीब दो साल पहले जब सुश्री सरोज पाण्डेय लोकसभा का चुनाव लड़ रही थीं और कुसमुण्डा में टेंट लगाकर ये भाजपा में शामिल होने बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे, लेकिन कटघोरा विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद इनका टेंट उखड़ गया और सरोज पाण्डेय उक्त कार्यक्रम में पहुंची ही नहीं और इनकी भाजपा में एंट्री नहीं हो पाई। भाजपा में एंट्री न होने के कारण अब फिर श्रीमती ज्योत्सना महंत से नजदीकी बढ़ाने में लगे हुए हैं। ब्लाक कांग्रेस का कार्यक्रम था और कोई फोटो खिंचाता है तो खुशी के क्षण में मना भी नहीं कर सकते- मनोज चौहान गिरोह का महामाला के साथ सूरज महंत का स्वागत राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और यह फोटो जमकर वायरल हो रही है। एक कांग्रेस नेता ने उक्त फोटो दिव्य आकाश को उपलब्ध कराई, जिसमें सूरज महंत ऐसे लोगों से अनजान, महामाला से स्वागत स्वीकार कर लिया, लेकिन इस उभरते सितारे को फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा, ताकि राजनीति में कलंक जैसे शब्द न आए। प्रतिक्रिया जानने दिव्य आकाश प्रतिनिधि ने जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनोज चौहान से प्रतिक्रिया जानी, जिस पर उन्होंने कहा कि कुसमुण्डा में सूरज महंत का जन्मदिन कार्यक्रम ब्लाक कांग्रेस कमेटी का था, जिसमें प्रमुख रूप से वे स्वयं मनोज चौहान, पूर्व जिला अध्यक्ष हरीश परसाई, ब्लाक अध्यक्ष संजय आजाद, डा. देवेश, श्रीमती प्रभा कंवर, परमानंद सिंह, आर बी मिश्रा, नवल किशोर पंडित, अमित भदोरिया, श्यामू सलाम, निक्की कुकरेजा, आशा साहू, पालकी कुजूर, भुवनेश्वरी दास, प्रदीप अग्रवाल, अनिल गुप्ता, विनोद सारथी सहित युवा कांग्रेस, इंटक एवं तीन महिला समूह की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। सूरज महंत का जन्मदिन कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया।
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर मोबाइल स्टेटस पर लगाना युवक को भारी पड़ गया। युवक ने ED कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर से जुड़ी खबर स्टेटस पर लगाकर नीचे ‘जामगांव एम’ लिख दिया।
इसे देखकर जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर ने युवक को फोन किया और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि ‘मारते-मारते थाने ले जाऊंगा, 6 महीने के लिए जेल में डलवा दूंगा।’ इसके बाद डर के कारण युवक को गांव छोड़ना पड़ा। मोबाइल पर दी गई धमकी का ऑडियो भी वायरल हो रहा है।
दरअसल, ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर और धमकी देने वाले जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति हैं। मामले में पाटन थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित युवक ने पूरी बातचीत दूसरे फोन से रिकॉर्ड किया।
स्टेटस लगाने के अगले दिन आया कॉल
जानकारी के मुताबिक, पाटन के रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर ने वॉट्सऐप पर न्यूज पेपर की कटिंग अपने स्टेटस पर लगाई थी। खबर स्टेटस पर लगाने के अगले दिन उन्हें एक व्यक्ति ने कॉल किया।
खुद को अनिल चंद्राकर बताते हुए उसने परमेश्वर से गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। कुछ घंटे बाद आरोपी के गांव आने की जानकारी मिली तो परमेश्वर डरकर गांव छोड़कर चले गए।
परमेश्वर ने फोन पर हुई बातचीत को अपने दोस्त के मोबाइल से रिकॉर्ड करने की बात कही है।
उत्सुकता में स्टेटस पर लगाई थी ED की खबर
मामला 3 सितंबर का है। परमेश्वर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उस दिन एक अखबार में यह खबर छपी थी। खबर में ED की कार्रवाई का जिक्र था। इसमें लिखा था कि करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपए अनिल चंद्राकर को दिए गए थे।
परमेश्वर के मुताबिक, उन्होंने खबर को सिर्फ उत्सुकता में अपने मोबाइल के स्टेटस पर लगाया था। उनका कहना है कि वे अखबार में नाम छपे किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं और न ही उनका किसी से विवाद है।
पीड़ित ने बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को दी
शिकायत के मुताबिक, 4 सितंबर को दोपहर करीब 1.40 बजे परमेश्वर के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अनिल चंद्राकर बताया। परमेश्वर का आरोप है कि फोन उठाते ही उसने भद्दी-भद्दी गालियां दी और कहा कि मारते-मारते थाने ले जाऊंगा।
परमेश्वर ने उसे समझाने की कोशिश की कि उसने किसी को अपमानित करने के लिए अखबार की खबर अपने स्टेटस पर नहीं लगाई थी। इसके बावजूद गाली-गलौज जारी रहने का आरोप है।
परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि बातचीत के दौरान वह डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कराई। इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया है।
गांव आने की सूचना मिली तो घर छोड़कर चला गया
परमेश्वर के अनुसार, उसी दिन करीब 3.10 बजे उसे अनिल चंद्राकर के गांव आने की जानकारी मिली। गांव के ही हितेंद्र पटेल ने फोन कर बताया कि अनिल गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। शिकायत में परमेश्वर ने आरोप लगाया है कि उसे यह भी कहा गया कि आज तुम्हें जान से मार देंगे।
परमेश्वर का कहना है कि डर के कारण वह गांव छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का डर है और इसी वजह से वह घर से बाहर रहने को मजबूर है। शिकायत में जिस अनिल चंद्राकर का जिक्र है, वह ED की कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर से अलग है।
ईडी मामले से अपना कोई संबंध नहीं बताया
परमेश्वर ने शिकायत में बताया है कि जिस मामले से जुड़ी खबर उन्होंने स्टेटस पर लगाई थी, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि वह न तो इस मामले में गवाह हैं और न ही किसी जांच का हिस्सा हैं। अखबार में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने उसे केवल जानकारी के लिए अपने स्टेटस पर लगाया था।
परमेश्वर ने पुलिस को अखबार में छपी खबर की कॉपी और फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में देने की बात कही है। शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
ED केस के अनिल चंद्राकर के नाम से हुआ भ्रम
ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर और धमकी देने वाले जामगांव एम के अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति हैं। ED के मुताबिक, CGPSC-2021 परीक्षा का पेपर लीक कर कुछ अभ्यर्थियों और आरोपियों के रिश्तेदारों तक पहुंचाया गया था। इसके बदले अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए। जांच में डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों पर गलत तरीके से चयन कराने की कोशिश का भी पता चला।
ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को पेपर देने का भरोसा दिलाकर 3 करोड़ रुपए से ज्यादा नकद लिए थे। इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपए ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर को दिए गए थे।
इसी मामले में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर अखबार में प्रकाशित हुई थी। इस खबर को परमेश्वर ने अपने मोबाइल स्टेटस पर लगाया था, जिसके बाद जामगांव एम के अनिल चंद्राकर ने उसे फोन कर धमकी दी।