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कोरबा

राज्यपाल ने ली आकांक्षी ब्लाक कोरबा और पोंड़ीउपरोड़ा में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक

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आकांक्षी ब्लाक के पैरामीटर में प्रगति लाने के दिये निर्देश

कोरबा। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने आज कोरबा जिले में आकांक्षी ब्लॉक कोरबा और पोड़ी उपरोड़ा के विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आकांक्षी ब्लॉक के इंडिकेटर्स में निर्धारित बिंदुओं पर चर्चा की और स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य पैरामीटर्स में वृद्धि लाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने योजनाओं के विषय में गाँव के लोगों को जागरूक करते हुए उन्हे लाभान्वित करने, उनके जीवन में बदलाव लाने, जो कार्य किया जा रहा है उसे और बेहतर करते हुए कार्य करने, विकास कार्यों के लिए उपलब्ध राशि का सदुपयोग करने, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी अच्छे कार्यों में भागीदार बनाने के निर्देश देते हुए अपने गाँव, जिला,राज्य और देश के विकास के लिए कार्य करने कहा। उन्होंने कोरबा जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात को बेहतर करने के लिये जुर्माना ही विकल्प नहीं है। लोगों का जीवन अनमोल है और जीवन की रक्षा के लिए जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह जागरूकता का ही परिणाम है कि लोग हाथों की अच्छे से सफाई और शौचालय का उपयोग करते हैं। राज्यपाल ने एसपी को यातायात जागरूकता हेतु कैंप लगाने के भी निर्देश दिए।

    आकांक्षी ब्लॉक कोरबा और पोड़ी उपरोड़ा के अधिकारियों की बैठक लेकर राज्यपाल डेका ने अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की और प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आकांक्षी ब्लॉक अंतर्गत निर्धारित इंडिकेटर्स में सेचुरेशन के निर्देश दिए। राज्यपाल ने स्वास्थ्य अंतर्गत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, आयुष्मान के माध्यम से उपचार, टीबी, हाइपरटेंशन, डाइबिटीज के मरीजों की पहचान करते हुए उनका समय पर उपचार और इसके रोकथाम के लिए जागरूकता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों के बच्चों को समय पर पूरक पोषण आहार प्रदान करते हुए उन्हें सुपोषित बनाने के निर्देश दिए। राज्यपाल डेका ने शाला त्यागी (ड्राप आउट) बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, बोर्ड परीक्षाफल में सुधार करने और 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यावरण और जलसंरक्षण की दिशा में कदम उठाने के निर्देश देते हुए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के निर्माण को बढ़ावा देने, मनरेगा अन्तर्गत निर्मित अमृत सरोवर, डबरी एवं तालाबो में  जल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मानसून से पहले और मानसून के बाद जल भराव की स्थिति का आकलन करते हुए ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के निर्देश दिये। राज्यपाल डेका ने गांव में खेलकूद को बढ़ावा देने, सामाजिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप में संचालित करने, अध्ययन का माहौल विकसित करने जिम, सामुदायिक भवन, लाइब्रेरी की स्थापना पर भी जोर देने के निर्देश दिये। उन्होंने स्कूल, छात्रावास, अस्पताल तक पहुंच मार्ग, पीएम आवास योजना अन्तर्गत राशि प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को आवास पूर्ण कराने प्रोत्साहित करने, स्वसहायता समूह की सदस्यों को लखपति दीदी बनाने, ग्रामीणों को पशु पालन से जोड़ते हुए उनकी आजीविका की दिशा में कार्य करने के भी निर्देश दिये। राज्यपाल ने भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा संचालित फ्लैगशिप योजनाओं में प्रगति लाने और योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित करते हुए जरूरतमंद हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिये। राज्यपाल डेका ने पोंड़ीउपरोड़ा क्षेत्र में भारत नेट और पीएम आवास योजना के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए क्षेत्र के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए पालक-शिक्षक मीटिंग लेने के निर्देश दिए। राज्यपाल डेका ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी को जागरूक बनने और अपने घर, अपने आसपास और कालोनियों, महत्वपूर्ण परिसरों में एक पेड़ मॉ के नाम लगाने के निर्देश दिए।

इस दौरान कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि महामहिम राज्यपाल द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर, एसडीएम कोरबा, पोंड़ीउपरोड़ा सहित ब्लाक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

कोरबा में एकलव्य आवासीय स्कूल में छात्रों का हंगामा:विधायक-जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर प्रिंसिपल हटाने की मांग, कार्रवाई के दिए निर्देश

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल

छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।

अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी

अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।

शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा

प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।

विधायक ने दिए जांच के निर्देश

छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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कोरबा

बाइक गुम होने के तनाव में युवक ने दी जान:कोरबा में नशे की हालत में खोई थी बाइक, कमरे में फंदे पर मिला शव

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कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।

सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव

परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।

घर में मचा कोहराम

घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।

सुसाइड नोट नहीं मिला

पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।

पुलिस कर रही जांच

परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

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कोरबा

कोरबा में सोते परिवार पर धारदार हथियार से हमला:बुजुर्ग महिला की हत्या, बेटा-बहू गंभीर, पूछताछ में आरोपी परिजन ने जुर्म कबूला

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कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राडीह में शनिवार (25 जुलाई) देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हमले में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे हेतराम (45) और बहू प्रमिला (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने मामले में मृतका के एक परिजन को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

देर रात घर में घुसकर किया हमला

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे और बहू के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति घर में घुसा और धारदार हथियार से तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों ने पहुंचाई पुलिस को सूचना

हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 तथा पाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जबकि दोनों घायलों को शुरुआती इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

परिजन ही निकला आरोपी

घटना की जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या और हमले की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस मामले के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।

शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

सड़क नहीं होने से खाट पर ले जाना पड़ा शव

घटना के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि हर्राडीह तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। यही कारण रहा कि शव और दोनों घायलों को करीब एक किलोमीटर तक खाट और लकड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गांव तक जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग दोहराई है।

कोरबा के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हर्राडीह में शनिवार देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे 45 वर्षीय हेतराम और बहू 40 वर्षीय प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया है, जो मृतिका का परिजन बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे हेतराम और बहू प्रमिला के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और तीनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तुरंत 112 और पाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल हेतराम और प्रमिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मृतिका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इस घटना का एक दुखद पहलू यह भी सामने आया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। इसके बाद ही उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।

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