Connect with us

कोरबा

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बालको की बढ़ती भूमिका

Published

on

बालकोनगर, 24 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की कहानी में कुछ संस्थानों का योगदान केवल उनके उत्पादन आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। उनका वास्तविक प्रभाव रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए अवसर और समाज में आए सकारात्मक बदलावों से समझा जाता है। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ऐसी ही औद्योगिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वर्ष 1965 में स्थापित बालको आज छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान का प्रमुख स्तंभ है। वर्ष 2001 में वेदांता समूह के प्रबंधन में आने के बाद कंपनी ने उत्पादन क्षमता, ऊर्जा, तकनीक और अधोसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया। वर्तमान में बालको की एल्यूमिनियम स्मेल्टर क्षमता 5.95 लाख टन प्रतिवर्ष है और विस्तार परियोजना के बाद यह बढ़कर 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। यह विस्तार केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने की परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, रोजगार, व्यापार और स्थानीय विकास के अगले चरण की नींव है।
उद्योग से बढ़ती स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत

बालको का प्रभाव उसके संयंत्र परिसर तक सीमित नहीं है। कंपनी के विकास के साथ कोरबा और बालकोनगर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। प्रत्यक्ष रोजगार के साथ व्यवसायिक साझेदारों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सेवाओं तथा छोटे-बड़े स्थानीय व्यवसायों के लिए अवसर बढ़े हैं। पिछले एक दशक में बालको ने छत्तीसगढ़ राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
देश की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में भी बालको की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी अपने उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत एल्यूमिनियम घरेलू बाजार में उपलब्ध कराती है। एल्यूमिनियम आधुनिक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण धातुओं में शामिल है और परिवहन, निर्माण, ऊर्जा, रक्षा तथा अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बालको ने देश की वैज्ञानिक और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए एल्यूमिनियम की आपूर्ति में भी योगदान दिया है।
1 मिलियन टन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बालको अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और 1 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 525 किलो एम्पीयर पॉटलाइन से फर्स्ट मेटल उत्पादन शुरू होना क्षमता विस्तार यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि नई तकनीक, बेहतर दक्षता और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप संचालन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह विस्तार केवल बालको की उत्पादन क्षमता में वृद्धि नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी जुड़ी हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने, स्थानीय व्यवसायों को गति मिलने तथा व्यवसायिक साझेदारों, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और स्थानीय उद्यमों के लिए नए अवसर बनने की संभावना है। इस तरह बालको का आर्थिक प्रभाव संयंत्र से निकलकर कोरबा और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचता है।
तकनीक और नवाचार से स्मार्ट उद्योग की ओर
औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के बदलते दौर में तकनीक और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। बालको अपने संचालन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा आधारित समाधानों को अपना रहा है।
उत्पादन प्रक्रियाओं में डिजिटल निगरानी और स्मार्ट समाधान परिचालन दक्षता, गुणवत्ता तथा सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। तकनीक आधारित यह परिवर्तन कंपनी को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए तैयार करने के साथ उत्पादन प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार की संस्कृति को मजबूत कर रहा है।
सतत विकास के साथ औद्योगिक प्रगति
एल्यूमिनियम उत्पादन के साथ पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करना बालको की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, पौधारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों और कम कार्बन उत्सर्जन वाले उत्पादों के माध्यम से अधिक टिकाऊ औद्योगिक विकास की दिशा में काम कर रही है।
रिस्टोरा लो-कार्बन एल्यूमिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो कम कार्बन उत्सर्जन वाले एल्यूमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में योगदान देता है। औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन स्थापित करने का यह प्रयास भविष्य के अधिक टिकाऊ उद्योग की दिशा को दर्शाता है।
सुरक्षा के साथ विकास की संस्कृति
औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालको कर्मचारियों और व्यवसायिक साझेदारों के लिए नियमित प्रशिक्षण, सुरक्षा प्रथम, ‘असुरक्षित कार्य को ना कहना’ मॉक ड्रिल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। कंपनी की ‘सुरक्षा संकल्प’ पहल सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। सुरक्षा को संचालन का अभिन्न हिस्सा बनाकर बालको सुरक्षित कार्यस्थल, जागरूक कार्यबल और जिम्मेदार औद्योगिक संचालन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।
विकसित भारत की औद्योगिक यात्रा में योगदान
भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में मजबूत घरेलू धातु क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। बुनियादी ढांचे से लेकर रक्षा, ऊर्जा, परिवहन और अंतरिक्ष तक, देश की विकास यात्रा गुणवत्तापूर्ण धातुओं की उपलब्धता से जुड़ी है। ऐसे में बालको का बढ़ता उत्पादन, तकनीकी क्षमता और नवाचार देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से विकसित भारत की दिशा में बालको की यात्रा अब एक औद्योगिक संयंत्र की विकास कहानी से आगे बढ़कर रोजगार, तकनीक, नवाचार, आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण की कहानी बन चुकी है। 1 मिलियन टन की ओर बढ़ता बालको उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ देश की बढ़ती एल्यूमिनियम जरूरतों को पूरा करने की दिशा में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
आने वाले वर्षों में क्षमता विस्तार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के माध्यम से बालको भारतीय एल्यूमिनियम उद्योग को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की धरती पर शुरू हुई यह औद्योगिक यात्रा अब राष्ट्र निर्माण के बड़े लक्ष्य से जुड़ चुकी है। बालको का अगला अध्याय केवल अधिक एल्यूमिनियम उत्पादन का नहीं, बल्कि अधिक अवसर, अधिक नवाचार और अधिक विकास गढ़ने का है।

Continue Reading

कोरबा

साइबर जागृति अभियान जिले में लगातार जारी : द्वितीय सप्ताह में विभिन्न वित्तीय संस्थाओं में हो रहे है जागृति कार्यक्रम

Published

on

कलेक्टोरेट सभागार में विभिन्न बैंकों की जिलास्तरीय बैठक संपन्न

विभिन्न साइबर फ्रॉड, UPI फ्रॉड, बैंक फ्रॉड सहित विभिन्न विषयों पर दी जा रही है महत्वपूर्ण जानकारी

कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 25.08.2026 को थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो , रजगामार, चैतमा द्वारा विभिन्न बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक तथा सार्वजनिक क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दीपका के यूको बैंक, कटघोरा के SBI बैंक , बांगो के लमना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महिला थाना के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक दर्री एवं शासकीय विद्यालय गोपालपुर, हरदीबाजार के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, बालको के ग्रामीण बैंक तथा ICICI बैंक, उरगा के SBI बैंक तथा ग्रामीण बैंक , टी पी नगर के PNB बैंक, कोतवाली के SBI पुराना बस स्टैंड, करतला के SBI बैंक, पसान के SBI कियोस्क सेंटर में पुलिस टीम द्वारा नागरिकों को UPI फ्रॉड, साइबर अपराध के संबंध में जानकारी दी गई।

सभी को OTP, UPI PIN, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक, फर्जी कॉल, संदिग्ध APK फाइल एवं फर्जी वेबसाइट से सावधान रहने की समझाइश दी गई।

कोरबा पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। समय पर की गई शिकायत साइबर ठगी की राशि को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं, जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

Continue Reading

कोरबा

15 घंटे टापू पर फंसे 3 दोस्तों का रेस्क्यू:देवपहरी वाटरफॉल पिकनिक मनाने गए थे, धमतरी में चेकडैम बहा, 2 दिन बारिश का अलर्ट

Published

on

कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में नदी के तेज बहाव के बीच टापू पर फंसे 3 दोस्तों को 15 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों पिकनिक मनाने पहुंचे थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वे बीच में फंस गए। रातभर टापू पर रहने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे तीनों का रेस्क्यू किया।

धमतरी जिले के हरदी गांव में वाटरशेड परियोजना के तहत बन रहा एक चेकडैम बारिश के कारण टूट गया। लगभग 42 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस चेकडैम का एक हिस्सा ढह गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

पिछले 24 घंटे में बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कुछ जगह भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इधर, कोरबा में सोमवार दोपहर से हुई तेज बारिश के कारण दादर नाला, मानिकपुर, डिपरा पारा बाईपास और पोड़ीबहार नाला उफान पर आ गए। दादर नाला किनारे कई घरों में पानी घुस गया।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिन प्रदेश में मानसून एक्टिव रहेगा। आज कई इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद बारिश की एक्टिविटी में कमी आने की संभावना है।

धमतरी में बन रहा चेकडैम बारिश के कारण बह गया।

धमतरी में बन रहा चेकडैम बारिश के कारण बह गया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टापू में फंसे तीनों दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टापू में फंसे तीनों दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

कोरबा के देवपहरी जलप्रपात में तीनों युवक टापू पर फंसे थे।

कोरबा के देवपहरी जलप्रपात में तीनों युवक टापू पर फंसे थे।

कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश से घरों में पानी घुस गया।

कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश से घरों में पानी घुस गया।

केलो डैम से छोड़ा गया पानी, निचले इलाकों में अलर्ट

रायगढ़ के केलो डैम में लगातार ज्यादा पानी आ रहा है। इसे देखते हुए जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे केलो नदी का जलस्तर करीब 3 फीट तक बढ़ने की संभावना है।

जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी, जलभराव वाले क्षेत्रों और संभावित बाढ़ प्रभावित जगहों पर जाने से बचने को कहा गया है। प्रशासन जलस्तर पर नजर रख रहा है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।

केलो नदी का बढ़ेगा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट।

केलो नदी का बढ़ेगा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट।

रायपुर में 120 मिमी बारिश

रायपुर सिटी में पिछले 24 घंटे में 4.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। रायपुर में 2 इंच बारिश भी दर्ज की गई है। रायपुर में आज (25 अगस्त) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रह सकता है।

बस्तर के छोटेडोंगर में 180 मिमी बारिश

पिछले 24 घंटे में बारिश का सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिला। छोटेडोंगर में 180 मिमी (7.1 इंच), अंतागढ़ और बास्तानार में 160-160 मिमी (6.3-6.3 इंच), बड़े बचेली में 130 मिमी (5.1 इंच), उसूर में 110 मिमी (4.3 इंच), जगरगुंडा में 110 मिमी (4.3 इंच) और दरभा में 100 मिमी (3.9 इंच) बारिश हुई।

जगदलपुर में भी 50 मिमी (2 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बीजापुर में 100 मिमी (3.9 इंच) और सुकमा में 90 मिमी (3.5 इंच) बारिश हुई।

प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बारिश अब-तक सामान्य से 4% कम है। हालांकि इसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है। अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ।

छत्तीसगढ़ में बारिश का पूरा हिसाब: 4 जिले एक्सेस, 4 में कमी

छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान अब तक 832.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 866.4 मिमी है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश 4% कम है, लेकिन इसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

जिलेवार आंकड़ों में बारिश का अंतर काफी ज्यादा है। बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, महासमुंद, मुंगेली, नारायणपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बेमेतरा, जशपुर, कांकेर और सूरजपुर में बारिश सामान्य से काफी कम है।

सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में, 1220 मिमी रिकॉर्ड

प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में 48.0 इंच दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 36.7 इंच है। यानी सामान्य से 31% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बाद बलरामपुर में 43.0 इंच, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 41.9 इंच, बीजापुर में 41.8 इंच और महासमुंद में 38.4 इंच बारिश दर्ज हुई है।

बेमेतरा में सबसे कम बारिश

बारिश की कमी के मामले में बेमेतरा सबसे आगे है। यहां अब तक 18.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 31.1 इंच है। यानी बारिश 40% कम है। इसके बाद सूरजपुर में 20.8 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 41% कम है। जशपुर में 26.7 इंच यानी 33% और कांकेर में 25.4 इंच यानी 37% कम बारिश हुई है।

इन जिलों में भी बारिश कम

प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। कबीरधाम में 16%, कोंडागांव में 16%, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 17%, कोरिया में 19%, कोरबा में 10%, रायगढ़ में 4% और सक्ती में 2% कमी है।

हालांकि इन जिलों में बारिश को मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश

रायपुर में अब तक 34.3 इंच बारिश हुई है। सामान्य बारिश 29.8 इंच है। यानी रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। वहीं गरियाबंद में 36.0 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 16% ज्यादा है। धमतरी में 31.6 इंच यानी 2% ज्यादा बारिश हुई है।

आंकड़ों में कम, लेकिन कैटगरी में बारिश सामन्य

बारिश के आंकड़ों में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं होता कि कितने मिलीमीटर पानी गिरा। किसी जिले में बारिश सामान्य है या कम-ज्यादा, यह उसके लंबे समय के औसत यानी सामान्य आंकड़े से तुलना करके तय किया जाता है।

आमतौर पर सामान्य से 19% तक का अंतर सामान्य, 20% से 59% ज्यादा बारिश एक्सेस और 20% या उससे ज्यादा कमी डेफिशिएंट मानी जाती है।

इसलिए किसी जिले में 31.5 इंच बारिश होने के बावजूद वह सामान्य से कम हो सकती है, जबकि दूसरे जिले में यही बारिश सामान्य से ज्यादा हो सकती है। इसका कारण दोनों जिलों की सामान्य बारिश अलग-अलग होना है।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा की जर्जर सड़कों को लेकर जिला कांग्रेस ने कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग की

Published

on

बलगी से बरबसपुर तक कई प्रमुख मार्ग बदहाल, बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुलों की स्थिति पर भी चिंता- औद्योगिक परिवहन वाले मार्गों के लिए बालको की वित्तीय सहभागिता की मांग
कोरबा। कोरबा नगर की लगातार बिगड़ती सड़क व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर की जर्जर एवं दुर्घटनाजनक सड़कों के तत्काल पुनर्निर्माण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच तथा औद्योगिक परिवहन से प्रभावित मार्गों में बालको प्रबंधन की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक नगर एवं ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा में आज अनेक प्रमुख सड़कें गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण अत्यंत खराब स्थिति में हैं। बारिश के दौरान कई मार्गों पर आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है और आम नागरिकों के साथ स्कूली बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में आर.पी. नगर में एसईसीएल की परित्यक्त रेलवे लाइन के समीप हाल ही में बनी सी.सी. सड़क के पहली ही वर्षा ऋतु में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख करते हुए इसकी स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की गई है। वहीं सुभाष चौक–आर.पी. नगर मार्ग पर नाली निर्माण के बाद सड़क किनारे डाली गई मिट्टी का समतलीकरण नहीं किए जाने से उत्पन्न कीचड़ और फिसलन की समस्या को भी उठाया गया है।
कांग्रेस ने चेक पोस्ट–लालघाट–रिंग रोड, रिंग रोड–गायत्री मंदिर–बालको नगर बस स्टैंड, ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–झगरहा चौक, अगारखार चौक–बलगी, पुष्पलता कॉलोनी–लाटा–एनटीपीसी मुख्य मार्ग, साडा कॉलोनी, राताखार मुख्य मार्ग, घंटाघर चौक से हेलीपैड पहुँच मार्ग तथा सीतामणी – गौ माता चौक – बरबसपुर मार्ग की बदहाल स्थिति को तत्काल सुधारने की मांग की है।
ज्ञापन में विशेष रूप से कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण अगारखार चौक से बलगी तक का लगभग 5 किलोमीटर मार्ग कई स्थानों पर तालाब में तब्दील हो गया है। इसी तरह साडा कॉलोनी की सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए पैदल चलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है। सीतामणी – गौ माता चौक से बरबसपुर मार्ग भी पूरी तरह जर्जर होने के कारण चारपहिया वाहनों तक के लिए जोखिमपूर्ण हो गया है।
बेलगिरी नाला एवं ढेंगुरनाला पुलों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताते हुए दोनों पुलों का तकनीकी एवं संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की गई है, क्योंकि इन मार्गों से भारी औद्योगिक वाहनों का लगातार आवागमन होता है।
मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–ढेंगुरनाला पुल मार्ग पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन संचालित होते हैं। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के प्रयासों के बाद बजरंग चौक से रिसदा ढेंगुरनाला पुल तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बालको प्रबंधन द्वारा ₹30 करोड़ की राशि जिला प्रशासन के पास जमा की गई है। ऐसे में इस औद्योगिक परिवहन से प्रभावित शेष मार्गों के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण में भी बालको की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा इन सड़कों के सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला कांग्रेस एवं स्थानीय नागरिक जनहित में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, धरना एवं निगम कार्यालय का घेराव जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी कोरबा निगम के अधिकारियों की होगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677