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छत्तीसगढ़

हिंद कोल ग्रुप में GST रेड,कोयले में मिक्सिंग की आशंका:बिलासपुर में गतौरा-बलौदा-हिंडाडीह सहित कई ठिकानों में छापेमारी, टैक्स चोरी के साथ कई खामियां मिलीं

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्टेट GST टीम ने 15 दिसंबर को एक बार फिर कोयला कोराबारी के ठिकानों में छापेमारी की। इस दौरान हिंद कोल ग्रुप के गतौरा, हिंडाडीह और बलौदा स्थित कोल वाशरी के साथ ही ऑफिस में दस्तावेजों की जांच की गई। इसके साथ ही कंपनी के ऑफिस सहित अन्य जगहों पर सर्चिंग की। राजेश अग्रवाल इस ग्रुप के डायरेक्ट हैं।

वहीं इंद्रमनी ग्रुप के डायरेक्टर सुनील अग्रवाल के भी दो ठिकानों समेत कुल पांच जगहों पर कार्रवाई की गई है।

बता दें कि दो दिन पहले ही स्टेट GST सेक्रेटरी मुकेश बंसल के निर्देश पर रायपुर की टीम ने 3 बड़े कोयला व्यापारियों महावीर कोल वाशरी, फील कोल और पारस कोल एंड बेनेफिशिएशन के 11 ठिकानों पर छापे मारी की थी। जिसमें एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और विक्की जैन के परिवार के लोग भी शामिल थे।

जांच के दौरान सोमवार की सुबह से लेकर देर रात तक टीम में शामिल अफसरों ने एक साथ कोल कंपनी के लेन-देन और इनकम रिकॉर्ड की जांच की। पता चला है कि शहर के बड़े कोल कारोबारियों पर पिछले लंबे समय से जीएसटी की टीम निगरानी कर रही थी। इस दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता और टैक्स चोरी की आशंका पर यह कार्रवाई की गई।

कोल मिक्सिंग के साथ टैक्स में हेराफेरी का शक

अफसरों की शुरुआती जांच में पता चला है कि कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर कोल मिक्सिंग के साथ ही टैक्स की हेराफेरी की बात सामने आई है। कारोबारी अपने टैक्स बचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे थे।

इसके अलावा कारोबार से होने वाले आय की तुलना में उनका टैक्स कम मिलने के बाद डायरेक्ट रायपुर की टीम ने कारोबारियों के घर में रेड की। रेड के दौरान जांच करने पहुंचे अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। जानकारों का कहना है कि टीम के सदस्यों को कंपनी के रिकार्ड में कई खामियों के साथ ही टैक्स चोरी मिली है।

हालांकि, बताया जा रहा है कि शहर के 3 बड़े कोल कारोबारी लंबे समय से जीएसटी की डायरेक्ट निगरानी में थे। उनका कारोबार का तार देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ा है। कारोबार से होने वाले आय की तुलना में उनका टैक्स कम मिलने के बाद डायरेक्ट रायपुर की टीम ने कारोबारियों के घर रेड की।

तीन बड़े कारोबारी सरेंडर कर चुके हैं 27.50 करोड़

दो दिन पहले स्टेट जीएसटी की टीम ने शहर के तीन बड़े कोयला कारोबारियों के 11 से अधिक ठिकानों की जांच की, जिसके बाद जीएसटी की कार्रवाई के डर से महावीर कोल वाशरी ने 10 करोड़ सरेंडर किए।

इसके दूसरे दिन फील ग्रुप ने 11 करोड़ और पारस कोल वाशरी ने 6 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर किए। इस तरह तीनों कारोबारियों ने मिलाकर 27 करोड़ 50 लाख सरेंडर किए हैं। जानकारी के मुताबिक महावीर कोलवाशरी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और विक्की जैन के परिवार से जुड़ा है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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