भारतीय ज्ञान-परंपरा और गुरु-शिष्य संस्कृति के गौरव का हुआ गुणगान, आचार्यों के त्याग और राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया गया नमन एनटीपीसी कोरबा के सहयोग से नवनिर्मित एवं सुसज्जित सभा-भवन का उल्लेख, विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास में मील का पत्थर बताया विद्या भारती के आचार्यों को राष्ट्र निर्माण का शिल्पकार बताते हुए उनके निःस्वार्थ सेवा, संस्कार और समर्पण को किया गया सम्मानित
कोरबा। भारतीय ज्ञान-परंपरा के संवाहक, मनीषी एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पावन जयंती (शिक्षक दिवस) के पुण्य अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रगति नगर (एनटीपीसी कोरबा) के पावन प्रांगण में भव्य ‘आचार्य अभिनंदन समारोह’ का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया। सर्वेश्वर शिक्षण समिति, जमनीपाली द्वारा आयोजित इस समारोह में प्रगति नगर एवं जमनीपाली दोनों विद्या-मंदिरों के तपस्वी, निष्ठावान एवं कर्मठ आचार्यों का वंदन एवं अभिनंदन किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने गुरु की भारतीय परंपरा में प्रतिष्ठा, शिक्षा के माध्यम से चरित्र निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण में आचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह का विधिवत शुभारंभ वीणावादिनी मां सरस्वती, ॐ, भारत माता एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैलचित्र के समक्ष दीप-प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन तथा वैदिक स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सुमधुर सरस्वती वंदना एवं गुरु-वंदना ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक दिव्यता से सराबोर कर दिया। श्रद्धा और सम्मान से ओत-प्रोत इस आयोजन में आचार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान को नमन किया गया। आचार्य सम्मान और विद्यालय विकास पर अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार राठौर ने रखे विचार
प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार राठौर ने मंचासीन अतिथियों का भावभीना परिचय एवं औपचारिक स्वागत प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यालय के आधारभूत विकास में एनटीपीसी कोरबा के सतत योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एनटीपीसी प्रबंधन ने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए विद्यालय में जिस सुसज्जित एवं नवीकृत सभा-भवन का निर्माण व लोकार्पण कराया है, वह विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने इसके लिए मुख्य अतिथि शत्रुघ्न बेहरा (महाप्रबंधक) एवं विशिष्ट अतिथि विजय कुमार गर्ग (महाप्रबंधक) का संपूर्ण विद्यालय परिवार एवं प्रबंध समिति की ओर से हृदयतल से आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने आशा एवं विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्र-निर्माण के इस पावन शैक्षणिक प्रकल्प को भविष्य में भी एनटीपीसी का ऐसा ही स्नेहपूर्ण एवं संबलकारी सहयोग निरंतर प्राप्त होता रहेगा। गुरु को जीवन-शिल्पी बताते हुए अमरदीपक देवांगन ने किया आचार्यों के योगदान का बखान प्रबंधकारिणी समिति के सचिव अमरदीपक देवांगन ने सनातन जीवन-मूल्यों के आलोक में गुरु-शिष्य परंपरा एवं गुरु की अलौकिक महिमा का भावपूर्ण बखान किया। उन्होंने कहा, “गुरु केवल साक्षर बनाने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि अंतर्मन के तिमिर को हरकर प्रज्ञा का दीप प्रज्वलित करने वाले जीवन-शिल्पी हैं। कुम्हार जिस प्रकार माटी को गढ़कर सुंदर घट का रूप देता है, ठीक उसी प्रकार हमारे आचार्य बालकों की दुर्बलताओं को दूर कर उनमें राष्ट्रप्रेम, शुचिता और उच्च नैतिक संस्कारों की प्राण-प्रतिष्ठा करते हैं।” उन्होंने कहा कि आज समाज भौतिकता की अंधी दौड़ में भटक रहा है और ऐसे संक्रमण काल में विद्या भारती के आचार्यों का त्याग एवं निष्ठा पूरे समाज के लिए प्रकाशस्तंभ है। उन्होंने कहा कि आचार्यों का सम्मान करना वास्तव में समाज का स्वयं को गौरवान्वित करना है। मुख्य अतिथि शत्रुघ्न बेहरा ने चरित्र निर्माण को बताया शिक्षा का मूल उद्देश्य
मुख्य अतिथि शत्रुघ्न बेहरा, महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण, एनटीपीसी लिमिटेड, कोरबा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा, “सच्चा शिक्षक वह नहीं जो केवल पाठ्य-पुस्तकों का अक्षर-ज्ञान कराए, अपितु वह है जो अंतश्चेतना को झकझोर कर जीवन-मूल्यों की नींव सुदृढ़ करे। औद्योगिक एवं तकनीकी विकास तभी सार्थक है, जब समाज की धुरी चरित्रवान नागरिकों के हाथ में हो; और इस चरित्र-निर्माण की पावन भट्ठी में तपने वाले शिल्पकार केवल हमारे आचार्य हैं। आचार्यों का यह मौन तप राष्ट्र को अविचल सम्बल प्रदान करता है।” उन्होंने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और अक्षर-ज्ञान तक सीमित न मानते हुए जीवन-मूल्यों एवं चरित्र निर्माण से जोड़ा। उनके वक्तव्य में आचार्यों के मौन तप, समर्पण और राष्ट्र के लिए उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। विशिष्ट अतिथि विजय कुमार गर्ग ने गुरु को बताया संस्कार और ज्ञान के संतुलन का आधार विशिष्ट अतिथि विजय कुमार गर्ग, महाप्रबंधक, रसायन, एनटीपीसी लिमिटेड, कोरबा ने कहा, “रसायन शास्त्र जिस प्रकार विभिन्न तत्त्वों के संतुलन से नवीन ऊर्जा का सृजन करता है, ठीक उसी प्रकार एक गुरु विद्यार्थी के अंतर्मन में संस्कार, विचार एवं ज्ञान का संतुलन स्थापित कर उसे समाजोपयोगी व्यक्तित्व बनाता है। आधुनिक युग की चकाचौंध में भी विद्या भारती के आचार्य जिस प्रकार विद्यार्थियों में राष्ट्रनिष्ठा, विनम्रता और आत्मसंयम का बीजारोपण कर रहे हैं, वह समस्त मानवता के लिए अनुकरणीय एवं वन्दनीय है।” उन्होंने विद्या भारती के आचार्यों द्वारा विद्यार्थियों में राष्ट्रनिष्ठा, विनम्रता एवं आत्मसंयम जैसे मूल्यों के विकास के प्रयासों को अनुकरणीय बताया। मुख्य वक्ता जुड़ावन सिंह ठाकुर ने आचार्य को बताया राष्ट्र निर्माण का शिल्पकार मुख्य वक्ता जुड़ावन सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष, विद्या भारती, मध्य क्षेत्र ने सनातन ऋषि-परंपरा में आचार्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “हमारी सनातन ऋषि-परम्परा में आचार्य का पद देवतुल्य माना गया है—‘गुकारस्त्वन्धकारस्तु रुकारस्तन्निरोधकः’। आचार्य वह सूर्य हैं जो अज्ञान के सघन अंधकार को भेदकर ज्ञान के शाश्वत आलोक का संचरण करते हैं।” उन्होंने कहा कि विद्या भारती केवल प्रमाणपत्र बांटने वाला संस्थान नहीं, अपितु व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की अविरल साधना है। आचार्यों का अभिनंदन समाज द्वारा उनके अप्रतिम त्याग, निःस्वार्थ साधना एवं राष्ट्र-सेवा के प्रति व्यक्त की गई विनम्र कृतज्ञता है। रोली-तिलक, श्रीफल और उपहार देकर हुआ आचार्यों एवं दीदियों का अभिनंदन कार्यक्रम के मुख्य चरण में मंचासीन अतिथियों एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा दोनों विद्यालयों के समस्त आचार्यों एवं दीदियों का रोली-तिलक लगाकर, श्रीफल एवं उपहार सादर समर्पित कर अभिनंदन किया गया। अपने आचार्यों का ऐसा दिव्य सम्मान देखकर उपस्थित जनसमुदाय भाव-विभोर हो उठा। सम्मान के इस अवसर पर करतल ध्वनि से पूरा परिसर गूंज उठा और वातावरण गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना से भर गया। समारोह में सर्वेश्वर शिक्षण समिति के पदाधिकारीगण, स्थानीय प्रबंध समिति के सदस्य तथा प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय जीवन-मूल्यों, संस्कार आधारित शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में आचार्यों की भूमिका को केंद्र में रखते हुए वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन विश्व-कल्याण की भावना से ओत-प्रोत ‘शान्ति मन्त्र’ एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह ने आचार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता, सम्मान और विश्वास को अभिव्यक्त किया तथा शिक्षा के माध्यम से संस्कारवान एवं चरित्रवान पीढ़ी के निर्माण के महत्व को रेखांकित किया।
कोरबा, 07 सितंबर 2026। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला साक्षरता विभाग, कोरबा द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह का आयोजन 8 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2 बजे कलेक्टर सभा कक्ष, कोरबा में किया जाएगा। समारोह का आयोजन “साक्षर बनें, सशक्त बनें” एवं “उल्लास से उज्ज्वल भविष्य की ओर” की थीम पर किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने तथा उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के प्रति जागरूक करना है। समारोह में मुख्य अतिथिलखन लाल देवांगन, माननीय मंत्री, वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम, छत्तीसगढ़ शासन होंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, सांसद लोकसभा क्षेत्र कोरबा, प्रेमचंद पटेल विधायक कटघोरा, फूलसिंह राठिया विधायक रामपुर, तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम विधायक पाली-तानाखार, श्रीमती संजू देवी राजपूत महापौर नगर पालिक निगम कोरबा, डॉ. पवन सिंह अध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, नूतन सिंह ठाकुर सभापति नगर पालिक निगम कोरबा तथा श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा उपस्थित रहेंगी। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले में साक्षरता के साथ-साथ नागरिकों को दैनिक जीवन में उपयोगी ज्ञान, कौशल एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिला साक्षरता विभाग ने जिलेवासियों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहभागी बनकर साक्षरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है।
खनन प्रभावित ग्रामों में कलेक्टर ने सरपंचों और ग्रामीणों से किया वन-टू-वन संवाद, विकास कार्यों की ली जानकारी
सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा में लगी चौपालः शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता
कोरबा, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्राम पंचायतों सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायत भवनों में सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर सीधे संवाद किया तथा गाँव की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने सरपंचों और पंचों से कहा कि गाँव के समग्र विकास के लिए सभी मिलकर एक समग्र कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि गाँव में जिन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। महत्वपूर्ण कार्यों को जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को केवल समय-सीमा में पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, आप स्वीकृत काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करिए, मैं गाँव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा। आप काम पूरा करते जाइए और नए कार्यों के प्रस्ताव लेकर आइए, ताकि गाँव के विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रहे। स्वीकृत कार्यों के साथ भुगतान की समस्या भी होगी दूर कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्राम पंचायतों को भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्यों से संबंधित भुगतान में यदि जनपद पंचायत अथवा किसी अन्य एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही संबंधित कार्यों का भुगतान भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। गाँवों में पेयजल, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के सुधार पर जोर
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों की मरम्मत की मांग रखी। कलेक्टर ने आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने तथा अनुपयोगी भवनों के स्थान पर नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत करने की बात कही। विभिन्न स्थानों पर सीसी सड़क निर्माण की मांग पर भी उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों द्वारा शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए मंगल भवन की मांग रखे जाने पर कलेक्टर ने कहा कि अलग-अलग वार्डों में छोटे-छोटे भवन बनाने की अपेक्षा गाँव के प्रमुख स्थान पर सभी की सहमति से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाया जाना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने ग्रामीणों की सहमति के आधार पर इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर विचार करने की बात कही। पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप
ग्रामीणों की मांग पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप स्थापित करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मंच एवं अहाता निर्माण, सोलर लाइट, सड़क पर ब्रेकर, गोठान विकास, तालाब में पचरी निर्माण, पुल निर्माण, खराब बोर की मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने जैसी मांगों पर भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
चौपाल में पट्टा निरस्तीकरण, राशन दुकान में अंगूठा लगवाने के बाद चावल नहीं मिलने, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, पूर्ण आवास का मजदूरी भुगतान नहीं होने तथा अवैध शराब विक्रय पर रोक लगाने जैसी समस्याएं भी ग्रामीणों ने रखीं। कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों द्वारा नए स्कूल खोलने तथा अरिहन नदी पर पुल निर्माण की मांग भी रखी गई। कलेक्टर ने दोनों मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। जल जीवन मिशन में घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही भुगतान
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत गाँवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित ठेकेदारों को तीन माह की समय-सीमा में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति शुरू होने और उसका सत्यापन होने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को सुझाव दिया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर न्यूनतम शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे बिजली बिल, पंप खराब होने अथवा अन्य आकस्मिक आवश्यकताओं के समय राशि की समस्या न हो। सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत के साथ अतिरिक्त आय का अवसर कलेक्टर ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो ग्रामीण अपने घर में सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, वे ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं। ऐसे परिवार जिनके घर में पक्की छत नहीं है अथवा खपरैल वाले घर हैं, वे भी 8 से 15 ग्रामीणों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोलर ऊर्जा के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ ही अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है। “12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई भी जरूरी”-बच्चों की उच्च शिक्षा पर कलेक्टर का जोर कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से कहा कि आज के समय में केवल 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और आगे कॉलेज की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग दिया जा रहा है। कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को यदि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए नीट अथवा जेईई की तैयारी करनी है, तो उनके लिए आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद यदि कोई विद्यार्थी देश के किसी भी मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज अथवा अन्य पाठ्यक्रम में किसी बड़े सरकारी शिक्षण संस्थान में प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसकी फीस का वहन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के संबंध में सीपेट और बालिकाओं के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेषन द्वारा 30 हजार रूपए के छात्रवृत्ति के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी। महिलाओं को प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक जोड़ने की पहल कलेक्टर ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इच्छुक महिलाएं प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं। उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की मांग पर दोना-पत्तल बनाने की मशीन, सिलाई कार्य, साबुन निर्माण, स्कूल ड्रेस सिलाई, बर्तन बैंक तथा ढलाई से संबंधित सेंटरिंग कार्य के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने सहित अन्य प्रकार से सहयोग करने की बात कही। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और परिवार के साथ-साथ गाँव की आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। महिलाओं द्वारा बैठक के लिए भवन की मांग किए जाने पर कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल गाँव के किसी पुराने भवन की मरम्मत कर बैठक के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार नए भवन के निर्माण के लिए भी प्रयास किया जाएगा। गोठान के स्थान पर गौधाम योजना से जुड़ने की सलाह गाँव में गोठान विकसित करने की मांग पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को गौधाम योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौ सेवा आयोग द्वारा इस दिशा में सहयोग प्रदान किया जाता है। सामाजिक संगठन अथवा ग्राम पंचायत इस प्रकार की गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं। धान विक्रय के लिए किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील कलेक्टर श्री दुदावत ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रही गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों का नया शासकीय अथवा वन पट्टा बना है, रकबे में संशोधन हुआ है, जो पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए पंजीयन से वंचित रह गए थे अथवा किसी कारण से पंजीयन नहीं करा पाए थे और इस वर्ष धान बेचना चाहते हैं, वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि धान विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की, ताकि सर्वे के पठन के दौरान यदि किसी प्रकार की आपत्ति हो तो किसान अपनी बात रख सकें और समय रहते आवश्यक सुधार कराया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि खनन प्रभावित गाँवों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, बिजली और आजीविका के अवसरों को मजबूत करते हुए गाँवों को आत्मनिर्भर और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना जिला प्रशासन का लक्ष्य है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूर्ण कराने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ, बीईओ, तहसीलदार, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा 07 सितंबर 2026। नारी शक्ति मछुवा सहकारी समिति मर्यादित बुका मड़ई पंजीयन क्रमांक 346 के सदस्यों की मतदाता सूची का प्रकाशन 07 सितंबर 2026 को कर दिया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 12 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी जी.डी. पाण्डेय ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय बुका मड़ई में प्रबंधक/सदस्य श्रीमती बसंती बाई के पास 12 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 14 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।