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कोरबा

जनपद पंचायत पाली में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की ऐतिहासिक जीत!

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श्रीमती पूर्णिमा शोभा जगत बनीं अध्यक्ष, दिलहरण कश्यप ने उपाध्यक्ष पद पर दर्ज की जीत

पाली/कोरबा। जनपद पंचायत पाली में आज हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर अपना परचम लहराया।

अध्यक्ष पद पर पूर्णिमा शोभा जगत की विजय

श्रीमती पूर्णिमा शोभा सिंह जगत ने 19 मतों के साथ अपने प्रतिद्वंदी को हराकर जनपद पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उनके समर्थकों में इस जीत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।

उपाध्यक्ष पद पर दिलहरण कश्यप विजयी

दिलहरण कश्यप ने 20 मतों के साथ उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। उनकी जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बढ़-चढ़कर खुशी का इजहार किया, आतिशबाजी की और मिठाइयाँ बाँटी।

समर्थकों में हर्ष, विकास का संकल्प

इस जीत के बाद नव निर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शोभा जगत और उपाध्यक्ष दिलहरण कश्यप ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि भाजपा की विचारधारा के अनुरूप, वे पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देंगे और जनहित में कार्य करेंगे।

भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल

भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की इस जीत से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने एकजुट होकर नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाइयाँ दीं और इस ऐतिहासिक जीत को पाली जनपद के विकास का नया अध्याय बताया।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
जनपद पंचायत पाली में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर भाजपा को विजयश्री दिलाने में भाजपा जिला उपाध्यक्ष संजय भावनानी, भाजपा नेता चिंटू राजपाल, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल, दुष्यंत शर्मा सहित अन्य नेताओं की भूमिकाएं रही। इस अवसर पर ज्ञान सिंह राजपाल, गडऱाज सिंह, रोशन सिंह ठाकुर, दीपक शर्मा, विक्की अग्रवाल, प्रवीण सिंह सहित अन्य नेता उपस्थित थे। शासन भाजपा का होने के कारण कई कांग्रेसी सदस्यों ने भी भाजपा के पक्ष में अपना समर्थन दिया और दोनों पदों पर भाजपा को विजयीश्री मिली। काफी गहमा-गहमी के बीच यहां चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव में भाजपा को विजयश्री मिलने के बाद ढोल-ताशों के साथ विजय रैली भी निकाली गयी।

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कोरबा

जनपद पंचायत कोरबा में आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु प्रशिक्षण का आयोजन 16 फरवरी को

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कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 16 फरवरी को जनपद पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा।
जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि जिला चिकित्सालय कोरबा, शहरी प्राथमिक केन्द्र ढोढ़ीपारा, एसईसीएल कोरबा (मुड़ापार), सीएसईबी पूर्व, ईएसआईसी अस्पताल कोरबा, समस्त सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र विकासखंड कोरबा के लिए प्रशिक्षण का आयोजन प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक किया जायेगा। इसी तरह नगर पालिका कोरबा एवं जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक किया जायेगा।

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कोरबा

जीर्ण एवं कष्टसाध्य रोगों में आयुर्वेदिक पंचकर्म से नई उम्मीद

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कोरबा। आयुष विभाग अंतर्गत स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर, सह संस्था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राष्ट्रीय संधिवात कार्यक्रम के अंतर्गत संधिवात, अस्थिगतवात, वातरक्त, अवबाहुक जैसे जीर्ण एवं कष्टसाध्य रोगों का आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा पद्धति द्वारा प्रभावी उपचार किया जा रहा है। आधुनिक जीवनशैली, खान-पान की अनियमितता और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण कम आयु में भी अस्थि-संधिगतवात रोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र में पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से जनकल्याणकारी पहल संचालित की जा रही है।
इस प्रयास का मूल उद्देश्य आमजन को आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा पद्धति की सुरक्षित और प्रभावी भूमिका से अवगत कराना है। अस्थि-संधिगतवात रोगों की प्रारंभिक जांच के माध्यम से इनकी समय पर पहचान सुनिश्चित की जा रही है तथा पंचकर्म चिकित्सा के क्षेत्र में आयुष प्रणाली की क्षमता को जनसामान्य के समक्ष दृढ़ता से स्थापित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का स्वरूप
स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर कटघोरा में रोगियों की विस्तृत जांच, परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत स्नेहन, स्वेदन, कटिबस्ती, जानूबस्ती, मात्रावस्ति, नस्य, विरेचन और शिरोधारा जैसी पारंपरिक प्रक्रियाओं के माध्यम से अनेक जीर्ण एवं कष्टसाध्य रोगों का सफल उपचार किया गया। उपचार प्रक्रियाओं में रोगियों को राहत, सहजता और दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हुए।
पंचकर्म चिकित्सा अंतर्गत विगत वर्ष कुल 5399 पंचकर्म प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। उपचार प्राप्त करने वाले रोगियों में पंचकर्म उपरांत शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, पुनरावृत्ति में कमी और उच्च संतुष्टि देखने को मिली। क्षेत्र में आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा के प्रति जनविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लोग इसका लाभ लेने के लिए अधिक संख्या में केंद्र पहुंच रहे हैं। उपचार से लाभ हासिल करने वाली
शुकवारा बाई, उम्र 52 वर्ष ने बताया कि वह दोनों घुटनों में अत्यधिक दर्द से पीड़ित थीं और चिकित्सकों द्वारा उन्हें ऑपरेशन की सलाह तक दे दी गई थी। स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर कटघोरा में उन्होंने पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत अभ्यंग, नाड़ी स्वेदन और जानूबस्ती की प्रक्रियाएं लीं। लगभग एक माह के उपचार के बाद उन्हें आशातीत राहत मिली। घुटनों के दर्द में भारी कमी आई, चलने-फिरने में सहजता बढ़ी और उन्हें ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं रह गई। आज वे सामान्य जीवनशैली के साथ अपनी दैनिक गतिविधियों को आरामपूर्वक पूरा कर पा रही हैं और पंचकर्म चिकित्सा को अपने लिए जीवनदायी मानती हैं।

स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर कटघोरा में आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा जीर्ण और कष्टसाध्य रोगों में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। इस चिकित्सा पद्धति ने अनेक रोगियों को राहत प्रदान की है और कई मामलों में शल्य क्रिया की आवश्यकता भी समाप्त कर दी है। इस पहल से न केवल स्वास्थ्य लाभ बढ़ा है, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली के प्रति लोगों का विश्वास भी उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुआ है।

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कोरबा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से सुदृढ़ हो रही किसानों की आर्थिक स्थिति

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तीन किश्तों में वार्षिक सहायता से मिली खेती को नई मजबूती

कोरबा। केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाएं जिले के कृषकों के लिए संबल सिद्ध हो रही हैं। कोरबा जिले के ग्राम रिसदा निवासी कृषक गोवर्धन सिंह इसका जीवंत उदाहरण हैं। श्री सिंह एक मेहनतकश किसान हैं और पिछले कई वर्षों से कृषि कार्य में संलग्न हैं। वे लगभग 18 वर्ष की आयु से खेती कर रहे हैं और वर्तमान में उनके पास लगभग चार एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे मुख्य रूप से धान की फसल का उत्पादन करते हैं।
श्री सिंह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि समय पर सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो जाती है, जिससे उन्हें खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक सहारा मिलता है। योजना से उन्हें वर्ष में तीन बार रूपये दो-दो हजार की किश्त समय पर प्राप्त हो जाती है।  प्राप्त राशि का उपयोग वे बीज, खाद एवं अन्य कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति में करते हैं। इससे खेती की लागत वहन करने में सुविधा होती है और आर्थिक दबाव कम होता है।
उन्होंने कहा कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे आत्मसम्मान के साथ कृषि कार्य कर पा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

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