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छत्तीसगढ़

पैसे डबल करूंगा बोलकर 20 लोगों से 1 करोड़ ठगा:सेमीनार में मोटिवेशनल-स्पीच से फंसाया, मालिश करने वाली महिला के नाम खरीदी जमीन,संपत्ति होगी कुर्क

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में खुद को मोटिवेशनल स्पीकर बताकर आरोपी ने 1 करोड़ की ठगी की है। लोगों को 40 दिन में पैसा डबल करने का झांसा देकर फंसाया। ठगी की पैसों से एक महिला के नाम पर जमीन खरीदी। इसके बाद फरार हो गया। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के मुताबिक शातिर ठग का नाम हीरानंद भगवानी है, जो बिलासपुर के सिंधी कॉलोनी का रहने वाला है। सिविल लाइन पुलिस ने ठगी की पैसों से खरीदी गई 25 लाख 80 हजार रुपए की जमीन को कुर्क करने कोर्ट में आवेदन दिया है।

सिंधी कॉलोनी निवासी हीरानंद भगवानी अपने आप को मोटिवेशनल स्पीकर बताता था।

सिंधी कॉलोनी निवासी हीरानंद भगवानी अपने आप को मोटिवेशनल स्पीकर बताता था।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, हीरानंद भगवानी खुद को मोटिवेशनल स्पीकर बताता था। वह लोगों को निवेश के ज़रिए ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने के तरीके भी बताता था। इसके लिए वह सेमिनार आयोजित करता था, जिनमें वह मार्केटिंग सिखाने का दावा करता था।

शातिर ठग हीरानंद भगवानी लोगों के निवेश का रिटर्न 40 दिनों में दोगुना करने का वादा करता था। इस तरह उसने 20 से ज्यादा लोगों को ठगा और उनसे 1 करोड़ रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद वह बिलासपुर से फरार हो गया।

पत्नी और सहयोगी गिरफ्तार

बिलासपुर के निवेशकों को जब पता चला कि, हीरानंद उनके पैसे लेकर गायब हो गया है, तब उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी हीरानंद की पत्नी नायरा भगवानी और सहयोगी मुरली लहजा को गिरफ्तार किया है, जबकि हीरानंद भगवानी अब तक फरार है।

ये तस्वीर आरोपी हीरानंद भगवानी की है, जो लोगों से एक करोड़ की ठगी के बाद से फरार है।

ये तस्वीर आरोपी हीरानंद भगवानी की है, जो लोगों से एक करोड़ की ठगी के बाद से फरार है।

ठगी के पैसे से खरीदी जमीन

सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, पुलिस ने जब आरोपियों का बैंक रिकॉर्ड खंगाला तो बड़ा खुलासा हुआ। मुरली लहजा ने महिला बोधनी बाई के खाते में 12 लाख रुपए जमा कराए थे। जमीन की रजिस्ट्री के एक दिन पहले ही यह रुपए जमा कराए गए थे।

इसके बाद अगले दिन बोधनी बाई के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। महिला के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि संपत्ति ठगी के पैसों से खरीदी गई थी। पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने जमीन कुर्क करने के लिए सीजीएम कोर्ट में आवेदन दिया है।

मालिश करने वाली के पास एक रात में आए 12 लाख

तिफरा की बोधनी बाई वर्षों से मालिश का काम करती है। लोग उसे ‘मालिश करने वाली’ के नाम से पहचानते हैं। उसके खाते में अचानक 12 लाख रुपए जमा होने और अगले दिन जमीन की रजिस्ट्री होना पुलिस के लिए बड़ा सबूत साबित हुआ।

जांच में हीरानंद की दो संपत्तियां सामने आईं। रायपुर रोड स्थित रामा वर्ल्ड कॉलोनी में एक प्लॉट और दूसरा प्लॉट ग्राम तिफरा में 1200 वर्ग फीट का मिला। हीरानंद ने अपनी मां शांति बाई भगवानी के नाम पर रामा वर्ल्ड में 1000 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी। इस प्लॉट को भी उसने डेढ़ महीने पहले बेच दिया।

नए कानून में कार्रवाई का प्रावधान

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत पुलिस अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्ति जब्त कर न्यायालय को भेज सकती है। छत्तीसगढ़ में इस धारा के तहत बिलासपुर पुलिस ने अब तक दो बड़ी कार्रवाई की है। इसमें पहली कार्रवाई कोनी क्षेत्र के शराब कोचिया पर और दूसरी हीरानंद भगवानी पर की गई।

पुलिस के निशाने पर भू-माफिया

शहर के भू-माफियाओं के पुराने मामलों की भी पुलिस जांच कर रही है। उनकी संपत्ति की डिटेल जुटाई जा रही है। पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही बीएनएसएस की धारा 107 के तहत उनकी संपत्ति कुर्क कर मामला न्यायालय को सौंपा जाएगा।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 7 IFS अफसरों के तबादले:संजीता गुप्ता को लघु वनोपज संघ का प्रभार, अमरनाथ प्रसाद को राज्य वन विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 7 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक आधार पर जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

आदेश के मुताबिक, संजीता गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक बनाया गया है। वहीं एस. वेंकटाचलम को कार्यकारी संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के पद पर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।

अमरनाथ प्रसाद को वन विकास निगम के MD का अतिरिक्त प्रभार

अमरनाथ प्रसाद सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पद पर बने रहेंगे। उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके अलावा अभिषेक कुमार सिंह को प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय में वन संरक्षक बनाया गया है।

टाइगर रिजर्व में गुरुनाथन और प्रणय मिश्रा को नई जिम्मेदारी

गुरुनाथन एन. को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक नियुक्त किया गया है। वहीं प्रणय मिश्रा को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक तथा प्रोजेक्ट एलीफैंट का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

रमेश जांगड़े बने क्षेत्रीय महाप्रबंधक

रमेश कुमार जांगड़े को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक का प्रभारी बनाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूची में पहले तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना 31 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।

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छत्तीसगढ़

CGPSC भर्ती घोटाले में 500 करोड़ के भ्रष्टाचार की आशंका:47 लाख CSR के नाम पर खपाने का आरोप, मनी लॉन्ड्रिंग के मिले सबूत

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की साल 2021 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग तक पहुंच गई है। पूर्व PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के खिलाफ चल रही जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी वित्तीय लेनदेन की पड़ताल शुरू कर दी है।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का दायरा 500 करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है। आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य प्रशासनिक पदों पर चयन के लिए अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपए की वसूली की गई।

वहीं, CBI की अब तक की जांच में 47 लाख रुपए की कथित मनी लॉन्ड्रिंग और करीब 1.3 करोड़ रुपए की वसूली से जुड़े सबूत मिलने का दावा किया गया है। जांच के अनुसार रकम का कुछ हिस्सा कैश लिया गया, जबकि बाकी राशि परिवार के नियंत्रण वाली संस्था के जरिए CSR दान के नाम पर खपाई गई।

47 लाख संस्था के खाते में ट्रांसफर

जांच एजेंसी के अनुसार, एक पावर प्लांट के डायरेक्टर के बेटे और बहू के चयन के एवज में 47 लाख रुपए ग्रामीण विकास समिति नाम की संस्था के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोप है कि इस संस्था के अधिकांश सदस्य तत्कालीन PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के परिजन या करीबी थे।

संस्था की चेयरपर्सन उनकी पत्नी पद्मनी सिंह सोनवानी थीं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस रकम को एक ऐसे कॉलेज के लिए CSR दान के रूप में दर्शाया गया, जिसका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं है। जांच एजेंसियां इस पूरे वित्तीय लेनदेन की मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही हैं।

मेंस पेपर और चयन के नाम पर 1.3 करोड़ की वसूली

CBI चार्जशीट के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने अभ्यर्थियों से मुख्य परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर करीब 1.3 करोड़ रुपए वसूले। मामले में नाम सामने आने के बाद से उत्कर्ष फरार बताया जा रहा है। हाईकोर्ट उसकी अग्रिम जमानत भी रद्द कर चुका है। अब ED भी उसकी तलाश कर रही है।

12 से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं जांच के घेरे में

जांच एजेंसियों के मुताबिक टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में CGPSC, सहायक प्रोफेसर समेत 12 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। CGPSC-2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई थी।

13 फरवरी 2022 को हुई प्रारंभिक परीक्षा में 2,565 अभ्यर्थी पास हुए। 26 से 29 मई 2022 तक हुई मुख्य परीक्षा में 509 अभ्यर्थी सफल हुए।

170 अभ्यर्थियों का हुआ चयन

इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई। आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों के लिए 75 लाख से 1 करोड़ रुपए प्रति पोस्ट तक लिए गए। यह भी आरोप है कि टामन सिंह सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों, कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों को बड़े पदों पर चयनित कराया।

29 लोगों को बनाया गया आरोपी

तत्कालीन PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जेके ध्रुव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, टामन के बेटे नितेश सोनवानी, रिश्तेदार साहिल सोनवानी, निशा कोसले, दीपा आदिल, जेके ध्रुव के बेटे सुमित ध्रुव और उत्कर्ष चंद्राकर समेत कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले में CBI और ED की जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़

सौरभ चंद्राकर के खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी:महादेव ऐप के मास्टरमाइंड के प्रत्यर्पण की तैयारी तेज, इस बार ED ने जारी कराया वारंट

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रायपुर, एजेंसी। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने ओमान से उसके प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए स्पेशल पीएमएलए कोर्ट से फिर से ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी कराया है। वारंट जारी होने के बाद प्रत्यर्पण से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर भारत के हाई कमीशन को भेज दिए गए हैं।

ED के विशेष लोक अभियोजक सौरभ पांडे ने बताया कि एजेंसी को सूचना मिली थी कि सौरभ चंद्राकर दुबई में है। इसी आधार पर स्पेशल पीएमएलए कोर्ट से ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया था और प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज दुबई भेजे गए थे।

बाद में जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि सौरभ दुबई छोड़कर ओमान पहुंच गया है। इसके बाद ED ने रायपुर की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में नया आवेदन पेश किया। कोर्ट ने 16-17 जुलाई में दोबारा ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी किया, ताकि ओमान के माध्यम से प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में एंट्री ली।

फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में एंट्री ली।

हाई कमीशन भेजे गए दस्तावेज

वकील सौरभ पांडे ने बताया कि कोर्ट से वारंट मिलने के बाद प्रत्यर्पण से संबंधित सभी दस्तावेजों पर आवश्यक न्यायिक एंडोर्समेंट कराए गए। इसके बाद सारे दस्तावेज भारत के हाई कमीशन को भेज दिए गए। अब मामला ओमान में संबंधित अधिकारियों और भारतीय एजेंसियों के समन्वय से आगे बढ़ रहा है।

ED के अधिकारियों का कहना है कि सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब प्रत्यर्पण की अगली कार्रवाई दोनों देशों के बीच तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

क्या होता है ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट?

ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट ऐसा वारंट होता है, जिसकी कोई निर्धारित समय-सीमा नहीं होती। यह तब तक प्रभावी रहता है, जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती या संबंधित अदालत इसे वापस नहीं लेती। विदेश में फरार आरोपियों के मामलों में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाए रखने के लिए ऐसे वारंट का इस्तेमाल किया जाता है।

अब तक 4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच

ED ने इस मामले में अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किए गए। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 74 लोगों को आरोपी बनाया गया। साथ ही रायपुर की विशेष PMLA अदालत में 5 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दाखिल की गई हैं।

एजेंसी के मुताबिक अब तक इस मामले में कुल 4336 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

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