छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा डबल मर्डर-लूट में मुख्य आरोपी को 4 बार उम्रकैद:दो अन्य को 3-3 बार आजीवन कारावास, कोर्ट ने सुनाया फैसला
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सिवनी में हुए डबल मर्डर और लूट कांड में प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने मुख्य आरोपी सहित तीन दोषियों को सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी को चार बार आजीवन कारावास जबकि दो अन्य आरोपियों को तीन-तीन बार आजीवन कारावास की सजा दी गई है। न्यायालय ने सभी पर अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला 4 नवंबर 2023 की रात का है। सिवनी स्थित शराब दुकान में सुरक्षा गार्ड यदुनंदन पटेल और जयकुमार सूर्यवंशी ड्यूटी पर तैनात थे। आरोपियों ने लूटपाट के इरादे से दुकान में घुसकर दोनों गार्डों की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

आरोपियों ने षड्यंत्र रचाया था
घटना की सूचना 5 नवंबर को मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य सबूत जुटाए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने न्यायालय को बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से आपराधिक षड्यंत्र रचा था। उन्होंने शराब दुकान में घुसकर लूटपाट की और विरोध करने पर दोनों सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी।
इन धाराओं में कार्रवाई
सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी शिवशंकर चौहान उर्फ मुन्ना को दोषी पाया। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दो बार आजीवन कारावास, धारा 397 के तहत एक बार आजीवन कारावास और धारा 460 के तहत एक अतिरिक्त आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस प्रकार, उसे कुल चार बार आजीवन कारावास और प्रत्येक धारा में 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया।
3 बार आजीवन कारावास की सजा
सह-आरोपी कृष्णा सहिस को धारा 302 के तहत दो बार आजीवन कारावास और धारा 397 के तहत एक बार आजीवन कारावास, कुल तीन बार उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसी तरह, महिला आरोपी मंगली बाई उर्फ माला सहिस को भी धारा 302 के तहत दो बार और धारा 397 के तहत एक बार आजीवन कारावास की सजा के साथ अर्थदंड से दंडित किया गया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें प्रत्येक अपराध के लिए अतिरिक्त 6-6 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।
कोरबा
वेदांता ने रचा इतिहास; बीएसई और एनएसई पर चार स्वतंत्र कंपनियों की लिस्टिंग
‘एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में एक साथ सबसे अधिक स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड’
मुंबई/बालकोनगर। वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया। इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।

वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर की लिस्टिंग भविष्य के लिए तैयार उस परिवर्तनकारी रणनीति का परिणाम है, जिसका उद्देश्य वैल्यू अनलॉक करना, व्यवसायों पर फोकस बढ़ाना और भारत को वैश्विक आर्थिक एवं विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में सेक्टर-लीडर कंपनियां तैयार करना है। ये नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी। वेदांता लिमिटेड की आधारशिला हिंदुस्तान जिंक तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों के वैश्विक महत्व वाले पोर्टफोलियो पर आधारित है।

लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा:
“आज वेदांता के लिए एक ऐतिहासिक दिन है और मेरे लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास है। 24 वर्ष पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आगे चलकर एफटीएसई-100 कंपनी का दर्जा हासिल किया। उस दिन बोया गया बीज आज एक विशाल बरगद के पेड़ में बदल चुका है और उसके संरक्षण में विकसित हुए पौधे अब प्रमुख क्षेत्रों में दिग्गज बनने तथा भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं। अभूतपूर्व विकास का अगला अध्याय अब मुंबई में शुरू हो रहा है, जो वह शहर है जहां मेरी कारोबारी यात्रा की शुरुआत हुई थी।
हमारी पूरी यात्रा के दौरान शेयरधारकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वोच्च रही है। पिछले पांच वर्षों में हमने 300 प्रतिशत से अधिक का कुल शेयरधारक प्रतिफल दिया है, जो निफ्टी के रिटर्न से लगभग पांच गुना अधिक है। इसके साथ ही हमने 70 प्रतिशत से अधिक का संचयी डिविडेंड यील्ड भी प्रदान किया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन से संचालित भविष्य की अर्थव्यवस्था में मिनरल्स, मेटल्स और ऊर्जा की मांग अत्यधिक बढ़ने वाली है। वर्तमान में भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है, जबकि भविष्य में हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। आज सूचीबद्ध हुई कंपनियां इन महत्वपूर्ण कच्चे माल की मांग और आपूर्ति के बीच मौजूद बड़े अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
इन कंपनियों का निर्माण आने वाली पीढ़ियों तक राष्ट्र की सेवा करने, शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने, भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। हालांकि, वेदांता की विकास यात्रा का अगला अध्याय केवल हम अकेले नहीं लिख सकते। इसके लिए हमारे शेयरधारकों का विश्वास, सरकार का सहयोग और 1.5 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं तथा सहभागिता की आवश्यकता होगी। भारत जैसा कोई देश नहीं है। और यह भारत का समय है।”
भारत के औद्योगिक भविष्य का नया अध्याय
यह लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है। आधुनिक अर्थव्यवस्था को गति देने वाली आवश्यक सामग्रियों, जिनमें ऑयल एवं गैस, सोना, चांदी, जिंक, एल्युमिनियम, आयरन एवं स्टील, कॉपर और कोयला शामिल हैं, की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
ऐसे परिदृश्य में वेदांता के व्यवसाय हमारे समय के सबसे बड़े औद्योगिक विकास अवसरों के केंद्र में स्थित हैं। सामूहिक रूप से ये भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अवसंरचना निर्माण, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटलीकरण, एआई-आधारित विकास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी, एनर्जी ट्रांजिशन और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देंगे।
वेदांता एल्युमिनियम (बीएसई: 544780 एवं एनएसई: वीएएमएल), वैश्विक एल्युमिनियम चैंपियन बनने की ओर
वेदांता एल्युमिनियम भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक और चीन के बाहर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में अपनी स्वतंत्र यात्रा शुरू कर रहा है। इसका आधार ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित दुनिया का सबसे बड़ा एल्युमिनियम स्मेल्टर है। बालको में मात्र 1 लाख टन उत्पादन से शुरू हुई यात्रा आज 30 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता तक पहुंच चुकी है, जिससे वेदांता दुनिया के सबसे बड़े और सबसे कम लागत वाले एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हो गया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी क्षमता को बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है और उसका लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा तथा सबसे कम लागत वाला पूर्णतः एकीकृत एल्युमिनियम उत्पादक बनना है। प्राथमिक धातु उत्पादन से आगे बढ़ते हुए, वेदांता एल्युमिनियम हजारों डाउनस्ट्रीम उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारत के व्यापक औद्योगिकीकरण एजेंडे को मजबूती मिलेगी।
वेदांता ऑयल एंड गैस (बीएसई: 382914 एवं एनएसई: वीओजीएल), भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती
वेदांता ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ऑयल एवं गैस उत्पादक कंपनी और देश के सबसे रणनीतिक ऊर्जा व्यवसायों में से एक के रूप में बाजार में प्रवेश कर रही है।
आने वाले दशक में भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है। ऋण-मुक्त बैलेंस शीट के साथ विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही कंपनी वित्तीय मजबूती, परिचालन क्षमता और संसाधन संभावनाओं का अनूठा संयोजन प्रस्तुत करती है। वेदांता अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर उत्पादन को बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना बना रही है।
इसके विकास पोर्टफोलियो में टाइट ऑयल, शेल गैस, शैलो-वॉटर एवं डीप-वॉटर एसेट्स, सैटेलाइट फील्ड्स तथा असम और पूर्वोत्तर भारत में महत्वपूर्ण एकरेज शामिल हैं। विविध संसाधन आधार और उन्नत वैश्विक तकनीकों तक पहुंच के कारण कंपनी भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।
वेदांता आयरन एंड स्टील (बीएसई: 544784 एवं एनएसई: वीआईएसएल), भारत के अवसंरचना विकास की मजबूत नींव

वेदांता आयरन एंड स्टील एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण, संसाधन-सुरक्षित और ऋण-मुक्त व्यवसाय है, जो भारत की अवसंरचना और विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप है।
वर्तमान में लगभग 40 लाख टन वार्षिक स्टील उत्पादन करने वाली कंपनी ने क्षमता को बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।
कंपनी को तीन महत्वपूर्ण इनपुट्स की उपलब्धता के रूप में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त है, गोवा, ओडिशा और कर्नाटक में लगभग 4 अरब टन आयरन ओर संसाधन, लगभग 800 केटीपीए मेटलर्जिकल कोक तथा गैस पाइपलाइन अवसंरचना तक सीधी पहुंच। ये एकीकृत क्षमताएं कंपनी को भारत में तेजी से बढ़ती स्टील मांग का लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करती हैं। व्यवसाय का फोकस ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और स्पेशियलिटी स्टील जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों पर रहेगा।
वेदांता पावर (बीएसई: 544781 एवं एनएसई: वीईडी पावर), भारत की अगली औद्योगिक क्रांति को ऊर्जा
वेदांता पावर को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत की स्थिर बेसलोड बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
भारत की बिजली मांग अगले दशक में लगभग 240 गीगावाट से बढ़कर 460 गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में कंपनी देश की विकास महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के बड़े अवसर देख रही है। 4.2 गीगावाट परिचालन क्षमता, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स और सुरक्षित कोल माइंस के आधार पर वेदांता पावर पहले से ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है। कंपनी की योजना क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट तक पहुंचाने और देश की अग्रणी पावर कंपनियों में शामिल होने की है।
विस्तार का अधिकांश हिस्सा ब्राउनफील्ड एक्सपैंशन के माध्यम से होगा। कंपनी का मानना है कि आने वाले दशकों तक भारत के ऊर्जा मिश्रण में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी, जो नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के साथ सह-अस्तित्व में रहेगा। साथ ही, कंपनी न्यूक्लियर एनर्जी के अवसरों का भी मूल्यांकन कर रही है, जिसे वह स्वच्छ, विश्वसनीय और 24×7 बिजली स्रोत तथा भारत के एनर्जी ट्रांजिशन का प्रमुख सक्षमकर्ता मानती है।
वेदांता लिमिटेड: भारत का क्रिटिकल मिनरल्स चैंपियन

नई सूचीबद्ध कंपनियों के साथ-साथ वेदांता लिमिटेड समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई बनी रहेगी और भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों में से एक होगी।
विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक इसकी आधारशिला है। इसके अतिरिक्त कंपनी के पास जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल, फेरो अलॉयज तथा अन्य रणनीतिक खनिजों का वैश्विक महत्व वाला पोर्टफोलियो है। हिंदुस्तान जिंक के माध्यम से कंपनी भारत की कृषि महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए 15 लाख टन क्षमता का फर्टिलाइज़र प्लांट भी विकसित कर रही है। वेदांता लिमिटेड भारत की एकमात्र निकेल उत्पादक कंपनी है और ऊर्जा परिवर्तन तकनीकों तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निकेल उत्पादन को बढ़ाकर 60,000 टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है। कंपनी के कॉपर व्यवसाय घरेलू आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जबकि फैकोर भारत का सबसे बड़ा स्पेशल-ग्रेड फेरो क्रोम उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर है तथा कुछ मैंगनीज सेगमेंट्स में जल्द ही देश की एकमात्र निजी क्षेत्र की उत्पादक कंपनी बन जाएगी।
ये सभी व्यवसाय मिलकर वेदांता लिमिटेड को भारत की दीर्घकालिक क्रिटिकल मिनरल्स रणनीति, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और भविष्य के विनिर्माण विकास के केंद्र में स्थापित करते हैं।
कोरबा
पथ विक्रेताओं को व्यवसाय हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है पीएम स्वनिधि योजना – महापौर
जिला प्रशासन व नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित किया गया पीएम स्वनिधि महोत्सव व लोक कल्याण मेला

कोरबा। महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महती योजना प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सड़क व फुटपाथ पर एवं गली-मोहल्ले में फेरी लगाकर व्यवसाय करने वाले शहरी पथ विक्रेताओं, लघु व्यवसायियों को उनके व्यवसाय हेतु सुगम रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। उन्होने कहा कि नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा भी सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले पथ विक्रेताओं को उनके व्यवसाय हेतु सुविधायुक्त एवं स्थाई स्थल उपलब्ध कराने के लिये वेंडिंग जोन बनाये गये हैं, साथ ही आगे भी इस दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं।

उक्त बातें महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आज पीएम स्वनिधि महोत्सव व लोक कल्याण मेला के आयोजन के दौरान कही। यहॉं उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन व नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा पीएम स्वनिधि महोत्सव का आयोजन इस पूरे जून माह में किया जा रहा है तथा निर्धारित कार्यक्रम के तहत जोन कार्यालयो में शिविर आयोजित हो रहे हैं। इस कड़ी में आज निगम के पं.जवाहरलाल नेहरू सभागार में पीएम स्वनिधि महोत्सव व लोक कल्याण मेला का वृहद आयोजन किया गया।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आयोजन को संबोधित करते हुये आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दर्जनों महत्वपूर्ण व जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कराई हैं, उन्ही में से एक महत्वपूर्ण योजना है, पीएम स्वनिधि योजना, जो शहरी पथ विक्रेताओं के लिये वरदान बन चुकी है। इस योजना के तहत इन लघु व्यवसायियों को बड़ी आसानी से कम से कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, उन्होने कार्यक्रम में उपस्थित स्ट्रीट वेंडर्स लघु व्यवसायियों को संबोधित करते हुये आगे कहा कि कोरबा में ही अनेक ऐसे उदाहरण है कि पूर्व में छोटा-मोटा व्यवसाय करने वाले व्यक्ति आज अपनी मेहनत से बडे़ व प्रतिष्ठित व्यवसायी हो चुके हैं, अतः आप लोग भी प्रधानमंत्री जी की इस योजना का लाभ लें तथा अपने व्यवसाय को बहुत आगे तक ले जाएं, मैं यह कामना करती हूॅं। उन्होने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीबों के हित में लगातार कार्य कर रही है, उन्होने कहा कि नगर निगम कोरबा द्वारा पथ विक्रेताओं के हितों की रक्षा करते हुये वेंडिंग जोन का निर्माण कराया गया है, तथा आगे भी इस दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं।
योजना का लाभ पहुंचाने बैंकर्स करें पूर्ण सहयोग

इस अवसर पर निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं बैंकों से आग्रह करता हूूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महती योजना पीएम स्वनिधि योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिये बैंकर्स पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें। उन्होने कहा कि छोटे व्यवसायी हों या बडे़ व्यवसायी वे देश व प्रदेश के विकास की रीढ़ की हड्डी होते हैं, व्यवसाय बढ़ने से रोजगार बढ़ता है, आत्मनिर्भरता में वृद्धि होती है तथा स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त होता है।
पीएम स्वनिधि में कोरबा प्रदेश में नम्बर-वन

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने इस मौके पर कहा कि यह हम सबके लिये प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन एवं लक्ष्य प्राप्ति में नगर निगम कोरबा प्रदेश में प्रथम स्थान पर है, वर्ष 2030 तक हमें जो लक्ष्य दिया गया था, उस लक्ष्य का 85 प्रतिशत हम प्राप्त कर चुके हैं, हमें विश्वास है कि हम प्रदत्त लक्ष्य से बहुत आगे तक जाएगें। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शहरी पथ विक्रेताओं व लघु व्यवसायियों को अपना व्यवसाय प्रारंभ करने में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगर निगम कोरबा द्वारा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के अंतर्गत शहरी पथ विक्रेताओं व असंगठित श्रमिकों को वित्तीय समावेशन, डिजिटल सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों से जोड़ने तथा पथ विक्रेताओं के लिये सूक्ष्म ऋण पहुंच, सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने आदि से जुडे़ विभिन्न कार्य लगातार सम्पन्न कराये जा रहे हैं।
लघु व्यवसायियों के आर्थिक ढांचे को मजबूत करती है यह योजना
इस अवसर पर वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि शहरी पथ विक्रेताओं, लघु व्यवसायियों के आर्थिक ढांचे को पीएम स्वनिधि योजना मजबूती प्रदान करती है, इन लघु व्यवसायियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें व्यवसाय संचालन में सक्षम बनाना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समाज के सभी वर्ग के लोगों के हितों की चिंता करते हैं, तथा प्रत्येक वर्ग के हितों की रक्षा हेतु उनके द्वारा योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्हेाने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना स्वरोजगार व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
ऋण राशि का सदुपयोग कर बढ़ायें अपना व्यवसाय
इस अवसर पर निगम के पूर्व सभापति एवं वरिष्ठ पार्षद अशोक चावलानी ने उपस्थित पथ विक्रेताओं, लघु व्यवसायियों को प्रोत्साहित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण राशि का सदुपयोग करते हुये वे अपने व्यवसाय को आगे तक ले जाएं, मैं यह कामना करता हूॅं। उन्होने कहा कि पूर्व में बैंक से ऋण लेना अत्यंत कठिन कार्य था, किन्तु अब सरलता से ऋण प्राप्त हो जाता है, अतः इस सुविधा का वे भरपूर लाभ उठायें। उन्होने आगे कहा कि निगम का कोसाबाड़ी वेंडिंग जोन मेेरे ही वार्ड में आता है, वहॉं पर पथ विक्रेताओं को शिफ्ट किया गया है तथा किस को भी व्यवसाय से बेघर नहीं किया गया है।
दी गई योजनाओं की जानकारी
आयोजित पीएम स्वनिधि महोत्सव व लोक कल्याण मेला के दौरान काफी संख्या में आये शहरी पथ विक्रेताओं व अन्य नागरिकों को प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना आयुष्मान भारत योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, स्वच्छ भारत अभियान योजना, बचत खाता खुलवाना, बी.ओ.सी.डब्ल्यू. के तहत पंजीकरण, पीएम मातृत्व वंदना योजना, प्रधानमंत्री श्रमिक पंजीयन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को किया गया सम्मानित
आयोजन के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत सहित उपस्थित अतिथियों ने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राही उमा द्विवेदी, सावित्री यादव, अनीता कुर्रे, पवन कुमार, चन्द्रशेखर सारथी, प्रकाश तिवारी, रेहाना खान, कुसुम शुक्ला, सदाम हुसैन, सुब्रत साह, सावित्री जायसवाल, अमित कुमार, अनु तिवारी, शांति खडिया, पूर्णिमा सिदार, ज्योति सिंह, दीपक तिवारी, कविता बेला, प्रेमलता राठौर, जलेश्वर प्रसाद श्रीवास आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक श्री घनश्याम श्रीवास के द्वारा किया गया, जबकि निगम के अपर आयुक्त श्री विनय मिश्रा ने आभार प्रदर्शन किया।
आयोजित पीएम स्वनिधि महोत्सव एवं लोक कल्याण मेला के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन व अशोक चावलानी, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, एमआईसी सदस्य अजय कुमार चन्द्रा, फिरतराम साहू, ममता यादव, धनकुमारी गर्ग, अजय गोंड़, सरोज शांडिल्य, पार्षद लक्ष्मण श्रीवास, गोपाल कुर्रे, रामकुमार साहू, सीमा कंवर, मंगलराम बंदे, रूबीदेवी सागर, चेतन सिंह मैत्री, राधा महंत, प्रीति दिनेश शर्मा, बद्रीकिरण, पंकज देवांगन, राकेश वर्मा, प्रताप सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, कल्याणी यादव, रामाधार पटेल, सुनीता चौहान, रजत खुंटे, सुलोचना यादव, चंदा देवी, चन्द्रकली जायसवाल, प्रेमकुमार साहू आदि के साथ निगम के अधिकारी कर्मचारीगण, विभिन्न बैंकों के अधिकारी कर्मचारी एवं काफी संख्या में शहरी पथ विक्रेता, लघु व्यवसायी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों में रोजाना गायत्री, भोजन और दूसरे मंत्रों का पाठ अनिवार्य किया, कांग्रेस ने जताई आपत्ति
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 2026-27 शैक्षणिक सत्र से रोजाना सांस्कृतिक, शैक्षिक व मूल्यों पर आधारित गतिविधियां आयोजित करें। अधिकारियों ने बताया कि इसमें इनमें राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ-साथ गायत्री, दीप, भोजन और अन्य मंत्रों का पाठ भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद छात्रों के बौद्धिक विकास को बढ़ावा देना और उन्हें भारतीय संस्कृति व परंपराओं से परिचित कराना है।

इस कदम की विपक्षी दल कांग्रेस ने आलोचना की है और भाजपा सरकार पर स्कूलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 12 जून को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी आदेश के अनुसार स्कूल अब दिन में तीन अलग-अलग समय पर अनिवार्य गतिविधियां आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा कि नए निर्देश के तहत, सुबह प्रार्थना में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और महान हस्तियों की जीवनियों का पाठ शामिल होगा।
अधिकारी ने बताया कि मध्याह्न भोजन के दौरान छात्र सामूहिक रूप से भोजन मंत्र का पाठ करेंगे, जबकि शाम को स्कूल की छुट्टी के दौरान राज्य गीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इस पहल का मकसद छात्रों में देशभक्ति, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है, साथ ही भारतीय परंपराओं और राष्ट्रीय आदर्शों के साथ उनके जुड़ाव को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और तय निर्देश का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधन या प्राचार्य के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
कांग्रेस ने साधा निधाना
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने शैक्षणिक संस्थान में धार्मिक मंत्रों का पाठ अनिवार्य करने की ज़रूरत पर सवाल उठाया।शुक्ला ने कहा, “राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्य गीत का पाठ करना उचित है। लेकिन गायत्री मंत्र, दीप मंत्र, सरस्वती मंत्र और भोजन मंत्र को अनिवार्य क्यों किया गया है? सरकार स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिरों में बदलने के लिए दृढ़ संकल्पित दिखती है। सरकारी स्कूलों में आरएसएस का एजेंडा थोपना गलत है।”
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के छात्र पढ़ते हैं और कुछ खास धार्मिक मंत्रों का पाठ अनिवार्य करने से दूसरे धर्मों के लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।शुक्ला ने कहा, “भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और हमारा संविधान सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान की गारंटी देता है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा किसी खास धर्म पर आधारित नहीं होनी चाहिए।”
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