छत्तीसगढ़
सूरजपुर में दंतैल हाथी ने पति-पत्नी को कुचलकर मार डाला:सूंड से उठाकर पटका, फिर रौंदा, खलिहान में धान की रखवाली कर रहे थे
सूरजपुर,एजेंसी। सूरजपुर जिले के ग्राम कपसरा में 28 नवंबर की रात दंतैल हाथी ने खलिहान में धान की रखवाली कर रहे दंपती को कुचलकर मार डाला। दंतैल हाथी प्रतापपुर वन परिक्षेत्र से देर रात सूरजपुर वन परिक्षेत्र में घुसा।
हाथी के पहुंचने से बेखबर पति-पत्नी धान की रखवाली के लिए बनाए गए झोपड़ी में सो रहे थे। तभी वहां पहुंचे हाथी ने दोनों को सूंड से उठाकर पटका फिर कुचलकर मार डाला। मामला भटगांव थाना क्षेत्र का है।

खलिहान में पड़े पति-पत्नी का शव देखकर परिजन बिलख पड़े।
खलिहान में बने झोपड़ी में सो रहे थे दोनों
सूरजपुर के ग्राम कपरसा के बिसाही पोड़ी निवासी कबिलास राजवाड़े (45 वर्ष) अपनी पत्नी धनियारो (40 वर्ष) के साथ खलिहान में काटकर रखे गए धान की रखवाली के लिए सो रहे थे।
शीत एवं सर्द हवाओं से बचने के लिए उन्होंने आम पेड़ के नीचे एक झोपड़ीनुमा झाला बनाया था। दंपती रात में वहीं सोए हुए थे।
अचानक पहुंचा हाथी, भागने के दौरान मार डाला
28 नवंबर की रात करीब दो बजे दंतैल हाथी कबिलास राजवाड़े के झाले के पास पहुंच गया। हाथी ने बगल में मौजूद अहाते की दीवार को लात मारकर तोड़ दिया।
दीवार की ईंटें झाले से टकराई तो दोनों पति-पत्नी झाले से बाहर निकले। जैसे ही वे बाहर आए, उनका सामना दंतैल हाथी से हो गया। हाथी ने दोनों को सूंड से उठाकर पटक दिया और कुचल दिया।
हाथी के गांव में आने पर लोग दहशत में आ गए। तड़के दोनों का शव देखकर सूचना वन विभाग के कर्मियों को दी गई। सूचना पर सूरजपुर रेंजर सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। शव को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

सूरजपुर रेंजर सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचकर जांच की।
कई किलोमीटर तय कर पहुंचा था हाथी
जिस दंतैल हाथी ने दंपती को कुचला, वह कुछ दिनों पहले सरगुजा के लुण्ड्रा क्षेत्र से विचरण करते हुए प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में पहुंचा था। शुक्रवार को हाथी सरहरी में देखा गया था। हाथी की निगरानी की जा रही है। 28 नवंबर शाम करीब 4 बजे हाथी ने प्रतापपुर क्षेत्र के परसा बस्ती को भी पार किया था।
रात को हाथी वन विभाग के कर्मियों की नजरों से ओझल हो गया और कई किलोमीटर का सफर करते हुए बिसाही पोड़ी पहुंच गया।
वनविभाग के अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में हाथी नहीं आते हैं, इस कारण दंपती हाथी की मौजूदगी से बेखबर था। वनविभाग द्वारा आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है।
कोरिया जिले में बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला
कोरिया में एक दिन पहले ही हाथियों ने बुजुर्ग को कुचलकर मारा था। बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र में फुलसाय पंडो रेलवे ट्रैक किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहा था। फुलसाय का कोई परिवार नहीं है। उसके भाई समय लाल पंडो और भतीजों का परिवार गांव में रहता है।
27 नवंबर की रात कटघोरा रेंज से 11 हाथियों का दल नेशनल हाईवे 43 पार कर बिशुनपुर रेलवे ट्रैक के पास पहुंचा। रेलवे ट्रैक पार करने से पहले ही वहां से एक तेज रफ्तार मालगाड़ी गुजरी। मालगाड़ी की आवाज और हॉर्न की वजह से हाथियों का दल बिखर गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा।

इसी झोपड़ी में बुजुर्ग रहता था, जिसे हाथियों ने तोड़ दिया और मार डाला।
इस दौरान हाथियों का दल बिशुनपुर के बांधपारा के पास पहुंचा। रेलवे ट्रैक के किनारे पेड़ के नीचे झोपड़ी बनाकर रह रहे फुलसाय पंडो को घेर लिया। हाथियों ने फुलसाय की झोपड़ी तोड़ दी। वहीं हाथियों को देखकर फुलसाय ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथियों ने सूंड से उठाकर पटककर कुचल दिया।

छत्तीसगढ़
प्रतापपुर : कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

प्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज धोन्धा प्रतापपुर में बहुप्रतीक्षित कृषि महाविद्यालय का विधिवत भूमि पूजन संपन्न किया। उनके द्वारा आज 889.53 लाख राशि से निर्मित होने वाले कृषि महाविद्यालय भवन प्रतापपुर (धोन्धा) व 602.10 लाख से निर्मित होने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन प्रतापपुर (धोन्धा) का भूमि पूजन किया गया।
इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैंकरा, जिला पंचायत सदस्य लवकेश पैंकरा, क्षेत्र के किसान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
भूमि पूजन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह दिन धोंधा प्रतापपुर और संपूर्ण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर कृषि महाविद्यालय की स्थापना से किसान बंधुओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च कृषि शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती के तरीके और कृषि विज्ञान की उच्चस्तरीय शिक्षा अब उनके अपने गृह जिले में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जाएगा।
इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना उनके क्षेत्र के लिए एक स्वप्न के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के लिए प्रयास आज सफल हुआ है जिसमें कृषि मंत्री राम विचार नेताम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों एवं किसान बंधुओं से कहा कि अब उनके बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। विधायक श्रीमती पोर्ते ने यह भी कहा कि यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव भी रखेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
इस कृषि महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को कृषि विज्ञान, उद्यानिकी, पशुपालन और ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। अब दूरदराज के ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की बैठक सम्पन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विधि एवं विधायी तथा शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक की विशेष उपस्थित में सम्पन्न हुई। बैठक में महाधिवक्ता विवेक शर्मा, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी विभाग सुषमा सावंत, अधिवक्ता शैलेन्द्र दुबे, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील ओटवानी, छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति के अन्य सदस्य सहित भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, वित्त तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अधिवक्ताओं के हितों एवं कल्याण के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा, पेंशन, नए अधिवक्ताओं के मानदेय, चिकित्सा बीमा, अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु मृत्युदावा राशि का प्रावधान सहित छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़
रायपुर : सेवा और समर्पण भाव के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश के बाहर भी मिलता है सम्मान – डेका
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर दिया बल
राज्यपाल रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स एक विश्वसनीय संस्थान रहा है। जब हम सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों की बात करते हैं एम्स का नाम सबसे ऊपर होता है। यह गर्व का विषय है कि भारत के सभी राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। एम्स रायपुर में इलाज हेतु आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस लिहाज से इस संस्थान को और बड़ी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं राज्य शासन को यह सलाह दूंगा कि नवा रायपुर में एम्स की स्थापना के लिए भूमि आबंटित करें, ताकि बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल सकें।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर बल दिया, ताकि हृदय रोगियों को अपने ही प्रदेश में बेहतर इलाज मिल सकें और उन्हें प्रदेश के बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अथवा एम्स में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसीलिटी की स्थापना की जा सकती है।
श्री डेका ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की बढ़ोतरी के कारण प्रदेश में मृत्यु दर में आशानुकूल कमी आई है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है ताकि हम वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना सकें। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने होंगे, चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो, इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो या अंतरिक्ष विज्ञान। श्री डेका ने डॉक्टरों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आप सभी ऐसे नोबेल प्रोफेशन में हैं जो सीधे लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ है। आज भी समाज का एक बड़ा तबका डॉक्टरों को भगवान मानता है। देश के बाहर भी भारतीय डॉक्टरों का नाम सम्मान से लिया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारे सुप्रशिक्षित और समर्पित डॉक्टर हैं। हमारे भारतीय डॉॅक्टर हमेशा मरीजों के बेहतर इलाज को प्राथमिकता देते है जो उनकी सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने अपनी माता जी का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब मेरी माता जी बीमार रहा करती थीं जब का मेरा अनुभव है कि डॉक्टरों को देखते ही उनकी आधी परेशानी खत्म हो जाती थी। यह डॉक्टरों पर आम लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।
श्री डेका ने इस अवसर पर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित करता रहें और निरंतर मरीजों की सेवा में तत्परता से जुटा रहे ऐसी मेरी कामना है। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे।
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