नई दिल्ली, एजेंसी। कृत्रिम मेधा (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग, बड़े पैमाने पर क्लाउड अवसंरचना में निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था के दम पर भारत की डेटा सेंटर क्षमता वर्ष 2025 के 2.2 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक 12 गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। परामर्श कंपनी वुड मैकेंजी की रिपोर्ट के अनुसार, एआई के लिए समर्पित डेटा सेंटर क्षमता वर्ष 2025 के 275 मेगावाट से बढ़कर 2030 तक 6,546 मेगावाट होने का अनुमान है। वहीं, डेटा सेंटर की बिजली मांग 2025 के 10 टेरावाट-घंटे (टीडब्ल्यूएच) से बढ़कर 2040 तक 191 टेरावाट-घंटे होने का अनुमान है।
वुड मैकेंजी के शोध सहयोगी सौहार्द पाल ने कहा, ”भारत का डेटा सेंटर बाजार दीर्घकालिक निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में उभर रहा है। बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश, एआई आधारित कार्यभार में वृद्धि और पिछले एक दशक के नीतिगत समर्थन ने भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख बाजारों की बराबरी करने की स्थिति में ला खड़ा किया है। अब डेवलपर्स और निवेशकों के लिए सवाल यह नहीं रह गया है कि भारत में निवेश किया जाए या नहीं, बल्कि यह है कि निवेश कहां और किस प्रकार किया जाए।”
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में 32 लाख करोड़ रुपए मूल्य वाली और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था डेटा सेंटर अवसंरचना की मांग को बढ़ा रही है। देश में 103 करोड़ से अधिक सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं और हर महीने करीब 2,200 करोड़ यूपीआई लेनदेन किए जाते हैं। भारत का घरेलू एआई बाजार वर्ष 2032 तक 11.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु वर्तमान में देश के कुल स्थापित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) भार का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।
हालांकि, भविष्य में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में निवेश बढ़ने की संभावना है। ये उभरते बाजार वैश्विक स्तर की बड़ी क्लाउड सेवा कंपनियों से महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित कर रहे हैं। इनमें अमेजन वेब सर्विसेज और गूगल के अलावा घरेलू कंपनी अदाणीकॉननेक्स भी शामिल है, जिसने 2.6 गीगावाट क्षमता की विकास परियोजनाओं की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार, विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली की उपलब्धता अब डेटा सेंटर उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
मुंबई, एजेंसी। शेयर बाजार में पिछले पांच दिन से जारी गिरावट सोमवार को थम गई और बीएसई सेंसेक्स में 776 अंक की तेजी आई जबकि एनएसई निफ्टी 228 अंक के लाभ में रहा। पश्चिम एशिया संकट कम होने के साथ कच्चे तेल के दाम में तेज गिरावट से बाजार में तेजी लौटी। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,835.78 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 841.74 अंक चढ़कर 76,901.51 अंक तक चला गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,995.95 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटर्नल के शेयर सबसे अधिक 5.70 प्रतिशत चढ़े।
इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी अच्छी तेजी रही। दूसरी तरफ, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड और एक्सिस बैंक के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 9.40 प्रतिशत टूटकर 87.64 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”पश्चिम एशिया में हमलों पर विराम लगने से आयात लागत और महंगाई बढ़ने की आशंकाएं कम हुई हैं। इससे बाजार में तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के साथ दीर्घकालीन बॉन्ड प्रतिफल में कमी से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 3,892.77 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में थे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख रहा।
वहीं अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए। इससे पहले, शुक्रवार को सेंसेक्स 331.62 अंक टूटकर 76,059.77 अंक और निफ्टी 102.15 अंक फिसलकर 23,767.45 अंक पर बंद हुआ था।
मुंबई, एजेंसी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने से सोमवार को रुपया 61 पैसे की मजबूत बढ़त के साथ 95.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में कमजोरी ने भी रुपए को सहारा दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.18 पर खुला और सत्र में 96.27 के निचले एवं 95.78 के उच्च स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह 95.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपए में 61 पैसे की मजबूती रही।
शुक्रवार को रुपया 20 पैसे की बढ़त के साथ 96.53 पर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा 20 मई को 96.86 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले बंद स्तर पर रही थी। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह तक चले तनाव के बाद हमले रुकने से रुपया तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा। चौधरी ने कहा, ”कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर में नरमी से भी रुपए को समर्थन मिला। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप की खबरों ने भी बाजार को बल दिया।”
उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपए की हाजिर विनिमय दर निकट अवधि में 95.50 से 96.20 के दायरे में रह सकती है। इस बीच, दुनिया छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत गिरकर 101.09 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 8.95 प्रतिशत गिरकर 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। घरेलू शेयर बाजार में भी मजबूती का रुख रहा।
बीएसई सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत चढ़कर 76,835.78 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 अंक पर पहुंच गया। हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों से पता चला कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाल बने रहे। एफआईआई ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,892.77 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की।
ग्लासगो, एजेंसी। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पांचवां मेडल जीत लिया है। ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 kg वेटलिफ्टिंग इवेंट में कुल 199 किलोग्राम (88 kg स्नैच + 111 kg क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत का यह चौथा और कुल मिलाकर पांचवां मेडल हो गया।
नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर गेम्स और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता।
23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 kg उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले 103, फिर 107 और आखिरी प्रयास में 111 kg उठाया। कुल 199 kg के साथ उन्होंने सिल्वर पक्का किया। हालांकि, डिडीह ने 113 kg उठाकर 206 kg के कुल वजन के साथ गोल्ड अपने नाम कर लिया।
भारत अब मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया 17 गोल्ड सहित 39 मेडल के साथ पहले स्थान पर है।
चानू ने गोल्ड जीता
इससे पहले रविवार को मीराबाई चानू ने महिला 48 kg वर्ग में 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाकर भारत को गेम्स का पहला गोल्ड दिलाया था। वहीं ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) सिल्वर जीत चुके हैं। झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।
ज्ञानेश्वरी के पिता बॉडीबिल्डर, आर्थिक तंगी में छोड़ना पड़ा खेल
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग की शुरुआत कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपना खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के साथ ट्रेनिंग करते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और नेशनल टीम में जगह बनाई। 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
सचिन और अंकुश बॉक्सिंग क्वार्टर फाइनल में
भारतीय बॉक्सर सचिन सिवाच ने मेंस 60 kg के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अब उनका सामना बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। वहीं अंकुश ने 80 kg में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया।
सचिन ने इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 के अंतर से हराया।
श्रीशंकर और साजन प्रकाश भी फाइनल में
एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। लोकेश सत्यानाथन ने भी 7.77 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। स्विमिंग में साजन प्रकाश ने मेंस 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में प्रवेश किया, जबकि तेजस शिर्से 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में पहुंच गए।
श्रीशंकर ने पहली ही कूद में 8.01 मीटर दूरी तय की।
प्रतिष्ठा सातवें स्थान पर रहीं, गुरिंदरवीर बाहर
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स के महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता 12.883 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं और मेडल से चूक गईं। वहीं, भारत के सबसे तेज रनर गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकालने के बावजूद सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके।
हाई जंप में तेजस्विन पर नजर
एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मेंस हाई जंप फाइनल में होगी। तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम रात 11:40 बजे मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, तेजस शिर्से दोपहर 3:55 बजे 110 मीटर हर्डल्स हीट्स दौड़ेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 2:15 बजे फाइनल में भी खेलेंगे।
वेटलिफ्टिंग में बिंद्यारानी और अजया से भी उम्मीद
आज रात 8:00 बजे महिला 58 किग्रा वर्ग के फाइनल में बिंद्यारानी देवी उतरेंगी। वहीं रात 12:30 बजे पुरुष 79 किग्रा वर्ग के फाइनल में वी. अजया बाबू अपना दम दिखाएंगे। दोनों खिलाड़ी सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे।