देश
करणी सेना के अध्यक्ष की हत्या
गोगामेड़ी को हमलावरों ने घर में घुसकर मारी गोली, साथ आया युवक भी मारा गया
जयपुर (एजेंसी)। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जयपुर में उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार दिनदहाड़े 3 बदमाशों ने गोगामेड़ी पर गोलियां चलाईं, फिर भाग निकले। गोगामेड़ी को मेट्रो मास हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोगामेड़ी के साथ घटना के दौरान मौजूद गार्ड अजीत सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में उनको गोगामेड़ी के घर ले जाने वाले युवक की भी मौत हो गई। गैंगस्टर रोहित गोदारा ने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। पुलिस के अनुसार, श्याम नगर जनपथ पर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का घर है। मंगलवार दोपहर करीब 1.03 बजे उनके घर 3 बदमाश पहुंचे। पहले तो वे सोफा पर बैठकर गोगामेड़ी से बात करने लगे। करीब 10 मिनट बाद ही दो बदमाश उठे और फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान गोगामेड़ी के गार्ड ने बचाने की कोशिश की। बदमाशों ने उस पर भी फायरिंग की। जाते-जाते एक बदमाश ने गोगामेड़ी के सिर में भी गोली मारी। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में नवीन को गोली लग गई और उसकी भी मौत हो गई। फायरिंग के बाद दो बदमाश भागते हुए एक गली से निकले और एक कार को रोककर लूटने का प्रयास किया। उसने ड्राइवर को पिस्तौल दिखाई तो ड्राइवर कार को भगा ले गया। इस दौरान पीछे से आ रहे स्कूटी सवार को बदमाशों ने निशाना बनाया। स्कूटी सवार को गोली मारकर घायल कर दिया और स्कूटी लेकर फरार हो गया। सूचना पर श्याम नगर पुलिस मौके पर पहुंची।
नवीन घर में लेकर घुसा था बदमाशों को
जिस नवीन की बदमाशों की गोली लगने से मौत हुई है, वह ही बदमाशों को गोगामेड़ी के घर लेकर पहुंचा था। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसेफ के अनुसार मरने वाला नवीन सिंह शक्तावत मुलताई शाहपुरा का रहने वाला था। नवीन जयपुर में कपड़े का व्यापार करता था। पुलिस के पास सभी आरोपियों और घटना को लेकर सीसीटीवी फुटेज है। मौके से भागने वाले दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हत्या से पहले पी शराब
बदमाश स्कॉर्पियो (आरजे-14 टीई- 7037) से पहुंचे थे। गोगामेड़ी के घर के बाहर खड़ी बदमाशों की स्कॉर्पियो में पुलिस को एक बैग, शराब की बोतल और खाली ग्लास मिले हैं। एफएसएल टीम की मदद से फायरिंग वाली जगह से सबूत जुटाए गए हैं। पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए स्कॉर्पियो को लॉक कर खड़ा कर दिया है। स्कॉर्पियो जयपुर के झालाना आरटीओ ऑफिस से रजिस्टर्ड है। गाड़ी मालिक प्रदीप बताया जा रहा है। पुलिस गाड़ी मालिक के बारे में जानकारी जुटा रही है।
5 हजार रुपए में किराए पर ली थी स्कॉर्पियो
पुलिस की शुरुआती जांच में आया है कि नवीन ने 30 नवंबर को मालवीय नगर में रेंट पर गाड़ी देने वाले इमरान से 5 हजार रुपए किराए पर स्कॉर्पियो ली थी। आज (5 दिसंबर) दोपहर 12.30 बजे तक नवीन यह स्कॉर्पियो लेकर अकेला घूमता नजर आया था। वैशाली नगर स्थित नर्सरी सर्किल के पास महज 2 मिनट के लिए स्कॉर्पियो बंद हुई थी। इसके बाद दोबारा वहां से रवाना होकर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर के बाहर रुकी थी। यह सब पुलिस को स्कॉर्पियो में लगे जीपीएस सिस्टम से पता चली।
हत्या के विरोध में प्रदर्शन, रोडवेज बस पर पथराव, बाजार बंद
इधर, गोगामेड़ी की हत्या के बाद कई जिलों में प्रदर्शन शुरू हो गए। जयपुर में लोग हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठ गए। चूरू के सादुलपुर में गांव चैनपुरा बड़ा में जाम लगा दिया।रोडवेज बस पर पथराव कर दिया। पथराव के बाद सवारियां बस से उतरकर भाग गई। राजसमंद के कुंभलगढ़ में बाजार बंद करा दिए।
डीजीपी उमेश मिश्रा ने दिए सतर्कता बरतने के निर्देश
डीजीपी उमेश मिश्रा ने सुखदेव सिंह गोगामेडी की हत्या के बाद प्रदेशभर में पुलिस अफसरों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हत्यारों को पकडऩे के नाकाबंदी के निर्देश दिए हैं। संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता के साथ ही सुरक्षा बढ़ाने को भी कहा है।
गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ली हत्या की जिम्मेदारी
इधर, घटना के बाद गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से बने फेसबुक पेज पर हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। पोस्ट में लिखा- राम राम, सभी भाइयों को मैं रोहित गोदारा कपूरीसर, गोल्डी बरार। भाइयों आज यह जो सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या हुई है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हम लेते हैं। यह हत्या हमने करवाई है। भाइयों मैं अपको बताना चाहता हूं कि ये हमारे दुश्मनों से मिलकर उनका सहयोग करता था। उनको मजबूत करने का काम करता था। रही बात दुश्मनों की तो वह अपने घर की चौखट पर अपनी अर्थी तैयार रखें। जल्दी उनसे भी मुलाकात होगी।
पहले कई बार मिल चुकी थी धमकी
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को पहले कई बार धमकी मिली चुकी थी। इसको लेकर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी कि मेरी जान को खतरा है। जब गोगामेड़ी की पत्नी कॉलोनी स्थित मंदिर में पूजा के लिए जाती थीं तो उनके साथ निजी गनमैन जाते थे। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी साल 2017 में फिल्म पद्मावत की जयगढ़ में शूटिंग के दौरान राजपूत करणी सेना के लोगों ने तोडफ़ोड़ की थी। गोगामेड़ी फिल्म पद्मावत और गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर केस के बाद राजस्थान में हुए प्रदर्शन से चर्चा में आए थे।
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CBI Raid: सरकारी पैसे की हेराफेरी में CBI का बड़ा एक्शन, दिल्ली-NCR सहित 6 जगहों पर छापे
नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सरकारी धन की हेराफेरी और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से जुड़े 661 करोड़ रुपये के एक बहुत बड़े धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीमों ने एक साथ चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में छह अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। अधिकारियों से रविवार को मिली जानकारी के मुताबिक इस महाघोटाले की आंच हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के कई बड़े विभागों तक पहुंच चुकी है जिसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा धनराशि के कथित दुरुपयोग की जारी जांच के तहत शुक्रवार को हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक से जुड़े परिसरों पर छापे मारे गए।
सीबीआई के अनुसार इस धोखाधड़ी से हरियाणा सरकार के आठ विभाग और चंडीगढ़ के दो विभाग – चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन सोसायटी (सीआरईएसटी) प्रभावित हुए। बयान में कहा गया, जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके खाते खुलवाए और धन हस्तांतरण किया और फिर उसका इस्तेमाल दूसरे कामों में किया।
सीबीआई ने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों ने लेन-देन को सुगम बनाने और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में अपराध से प्राप्त धनराशि जमा हुई जिसे बाद में उसके निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया।
सीबीआई ने कहा, छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई। यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से लिए गए एक मामले और चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध शाखा पुलिस थाने द्वारा मूल रूप से दर्ज किए गए दो मामलों से संबंधित है।
सीबीआई ने बताया कि ये मामले कथित आपराधिक साजिश, सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक अधिकारियों और लोक सेवकों की मिलीभगत से किए गए संबंधित अपराधों से जुड़े हैं। सीबीआई ने कहा कि उसने पंचकूला की एक विशेष अदालत में अपना पहला आरोप पत्र दाखिल कर दिया है जिसमें हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के लोक सेवकों की कथित भूमिका का विस्तृत विवरण दिया गया है।
आरोपपत्र में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल किए गए कथित तौर-तरीकों का भी विवरण दिया गया है। जांच जारी है और इस मामले में संलिप्त पाए गए अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे।
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‘जो कोर्ट-कचहरी का खर्च नहीं उठा सकते, उन्हें भी मिले न्याय’, CJI सूर्यकांत ने लंदन के मंच से कह दी बड़ी बात, बोले- न्याय केवल अमीरों का हक नहीं
नई दिल्ली/लंदन, एजेंसी। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा है कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल उन लोगों के अधिकारों की रक्षा करना नहीं है जो मुकदमेबाजी का खर्च उठा सकते हैं, बल्कि हर नागरिक को न्याय सुलभ कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका को ऐसा संस्थान होना चाहिए, जिसका संरक्षण समाज के अंतिम व्यक्ति तक महसूस हो।

लंदन के कार्यक्रम में सूर्यकांत ने रखे अपने विचार
लंदन स्थित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद करते हुए CJI सूर्यकांत ने न्यायपालिका में जनता के विश्वास, न्याय तक पहुंच और कानूनी व्यवस्था के भविष्य जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
‘जनता का भरोसा पारदर्शिता से मिलता है, पद से नहीं’
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में जनता का भरोसा अपने आप नहीं मिलता, बल्कि पारदर्शिता, निरंतरता और आत्म-सुधार के माध्यम से अर्जित करना पड़ता है। न्यायपालिका संविधान की अंतिम संरक्षक है, लेकिन उसे संविधान और नागरिकों दोनों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए।
‘अदालतों में एकरूपता से बढ़ेगा न्याय व्यवस्था पर विश्वास’
सीजेआई ने एक समान राष्ट्रीय न्यायिक नीति की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अदालतों के फैसलों में एकरूपता आने से लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है और कानून के शासन को मजबूती मिलती है।
प्रौद्योगिकी की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक ने न्याय तक पहुंच को आसान बनाया है। हालांकि न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि नवाचार को अपनाते समय निष्पक्षता, सुलभता और समान न्याय के संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश के लिए सबसे संतोषजनक क्षण वह होता है जब किसी व्यक्ति को यह महसूस हो कि उसकी बात सुनी गई और उसे न्याय मिला।
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बंगाल सरकार के आदेश से मदरसा संचालकों की उड़ी नींद, 5 जुलाई तक करना होगा ये काम नहीं तो…
कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल सरकार ने मदरसों के कामकाज, उनके बुनियादी ढांचे और उनकी कानूनी स्थिति के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त करने के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण शुरू किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पांच जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।

भाजपा सरकार ने बदली रणनीति
अधिकारियों ने कहा कि सर्वेक्षण से सरकार को यह सत्यापित करने में भी मदद मिलेगी कि सभी मदरसे मौजूदा नियमों के अनुसार चल रहे रहे हैं या नहीं और यह भी कि उनके पास आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। यह घटनाक्रम भाजपा के राज्य में सत्ता में आने के एक महीने बाद सामने आया है। पार्टी ने 15 वर्षों तक राज्य पर शासन करने वाली तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया था।
पंजीकरण विवरण, वैध दस्तावेजों की मांगी रिपोर्ट
अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने पांच जून को एक अधिसूचना जारी की जिसके अनुसार, जिला प्रशासनों को मदरसों के स्थान, उनकी स्थापना का वर्ष, पंजीकरण विवरण, वैध दस्तावेजों की उपलब्धता और विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या के बारे में डेटा एकत्र करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट करना होगा कि संस्थान आवासीय हैं, सहायता प्राप्त निजी संस्थान हैं या गैर-सहायता हैं।
मदरसा शिक्षा क्षेत्र में भविष्य की योजना बनाने का उद्देश्य
रिपोर्ट में मदरसों में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों का विवरण देना होगा। राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मदरसा शिक्षा क्षेत्र में भविष्य की योजना बनाने में सहायता के लिए एक अद्यतन डेटाबेस तैयार करना है। प्रशासन के सूत्रों ने संकेत दिया कि समीक्षा के दौरान पाई गई किसी भी अनियमितता या अनधिकृत गतिविधि की अलग से जांच की जाएगी।
‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य
हालांकि मदरसों द्वारा अपनाए जा रहे मौजूदा शैक्षणिक ढांचे या पाठ्यक्रम में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में शुरू की गई कई नीतिगत पहलों के बीच यह कदम उठाया गया है। संयोगवश, भाजपा सरकार ने हाल में राज्य में अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ मदरसों में भी सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य कर दिया है।
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