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कोरबा

बारिश को ध्यान में रखते हुए सभी प्रगतिरत कार्यों में लाएं तेजी – कलेक्टर

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विभागों के निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूर्ण करने किया निर्देशित

कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्यवाही करने के दिए निर्देश

कलेक्टर ने ली निर्माण विभाग से संबंधित अधिकारियों की बैठक

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने  आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निर्माण कार्यों से संबंधित जल संसाधन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर प्रगतिरत निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्य प्रारंभ नही करने वाले, धीमी प्रगति व निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्यवाही करते हुए ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी प्रगतिरत कार्यों में गति लाएं और आवश्यकता अनुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें, जिससे सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण होकर आमजनों को अधिकतम लाभ प्रदान कर सकें।

बैठक में जल संसाधन विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण, नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन कार्यों मे तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही जलाशयों में चल रहे नहर लाइनिंग व सुधार कार्यों को भी शीघ्रता से पूर्ण करने निर्देशित किया। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने, कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने तथा किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संसाधन से जुड़ी हर परियोजना जिले की कृषि और ग्रामीण आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिएइन कार्याे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आदिम जाति विकास विभाग व गृह निर्माण मंडल अंतर्गत स्वीकृत, प्रगतिरत एवं पूर्ण- अपूर्ण कार्याे की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रगतिरत  व अपूर्ण कार्याे में त्वरित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन निर्माण के पूर्ण हो चुके कार्य का शीघ्रता से पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर उन्हें संबंधित विभाग को तत्काल हस्तांतरित किया जाए। साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किए जा चुके कार्यों को जल्द से जल्द प्रारंभ करने कहा गया एवं भूमि  उपलब्धता व वन विभाग की अनुमति की आवश्यकता वाले कार्यों में प्रक्रिया को भी शीघ्रता से पूर्ण कराने कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग प्रमुख विभागीय कार्यों को पूर्ण कराने में व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्य करें एवं नियमित मॉनिटरिंग कर निर्माण कार्य मे गंभीरता से प्रगति लाएं।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर सहित सम्बंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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कोरबा

मन की बात’ में गूंजा कोरबा का नाम:1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट और रिचार्ज वेल मॉडल की प्रधानमंत्री ने की प्रशंसा

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कोरबा। जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम के ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। प्रधानमंत्री की इस सराहना से जिला प्रशासन, नगर निगम और जिलेवासियों में उत्साह और गर्व का माहौल है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में कोरबा में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। एसएएम-2.0 अभियान के तहत शहर के 10 स्थानों पर इसरो के विशेषज्ञों की सलाह से इंजेक्ट वेल तकनीक से रिचार्ज वेल बनाए गए हैं।

1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार

नगर निगम ने जनसहभागिता के माध्यम से 757 शासकीय और 971 निजी भवनों में कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार कराए हैं। भवन निर्माण की अनुमति में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया गया है। स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मंगल भवनों और अन्य सार्वजनिक भवनों में भी इसकी व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

अनुपयोगी बोरवेल बनेंगे रिचार्ज संरचना

भूजल संरक्षण को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने 95 अनुपयोगी बोरवेल चिन्हित किए हैं। इन्हें री-ड्रिलिंग कर रिचार्ज संरचना में बदलने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग हो सके।

पौधरोपण अभियान भी तेज

जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वन विभाग के कोरबा और कटघोरा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 15 सितंबर तक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं 18 जुलाई को आयोजित ‘रन फॉर ग्रीन कोरबा’ अभियान में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

‘मन की बात’ का हुआ सामूहिक श्रवण

इसी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के शक्ति केंद्र पोडीबाहर स्थित एसएलआर सेंटर में ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता के प्रति अपना संकल्प दोहराया।

जल संरक्षण की पहल को राष्ट्रीय पहचान
जल संरक्षण की पहल को राष्ट्रीय पहचान

पूर्व महापौर ने बताया प्रेरणादायी पहल

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व महापौर जोगेश लांबा ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ-स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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कोरबा

रायपुर : ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री साय

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 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की

जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वाेच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था – तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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कोरबा

भव्य आध्यात्मिक समारोह में दिव्य मंत्रोच्चार के साथ पाली में नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न

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कोरबा/पाली। कोरबा जिला के पाली ब्लाक मुख्यालय नगर पंचायत पाली के मंगल भवन के पास ख्यातिलब्ध समाजसेवी प्रशांत मिश्रा के नेतृत्व में जनसहयोग से मंगल भवन के पास राधा-कृष्ण धाम का भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है, जहां राधा-कृष्ण की दिव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया।
प्रथम दिन भव्य रूप से विशाल कलश यात्रा निकाली गई। दूसरे दिन दिव्य मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। तीसरे दिन नवनिर्मित मंदिर में महाआरती के साथ विशाल भोग भंडारे का आयोजन किया गया, जहां पर हजारों धर्मानुरागियों ने भोग प्रसाद ग्रहण किया। तीन दिन तक पाली आध्यात्मिक, अलौकिक तथा सद्भाव की पवित्र रसधारा में स्नान किया। पाली के चारों तरफ आध्यात्म की गूंज सुनाई दे रही थी, वहीं दिव्य मंत्रोच्चार से चारों तरफ सत्व का प्रकाश फैल रहा था और घंटे की नाद से प्रकृति भी राधा-कृष्ण की भक्ति का रसपान कर रही थी। बरसात में आसमान की लालिमा भी संदेश दे रही थी कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की दिव्य प्रतिमा से प्रकृति भी प्रसन्नचीत हो रही है और अपनी लालिमा से आसमान भी मानो आयोजकों को आशीर्वाद दे रहा है। इस अद्भूत, अलौकिक और पवित्र क्षण का हजारों लोग साक्षी बने।

समारोह के द्वितीय दिन हुई प्राण प्रतिष्ठा

तीन दिवसीय समारोह के द्वितीय दिवस 19 जुलाई को विद्वान पंडितों, आचार्योंश्री अभिनव शुक्ला, संजय कृष्णा द्विवेदी, वासुदेव पाण्डेय, कृष्णा तिवारी, विवेकानंद पंडा एवं सी डी वैष्णव सहित उपस्थित पंडितों एवं आचार्यों के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चारों की गूंज सुनाई दे रही थी, घंटे की नाद से क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था, अलौकिक हवन पूजन से पूरा प्रकृति सत्व से नहा रही थी और मुख्य यजमान प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा सहित पूजा में बैठे युगल दम्पत्तियों के हवन पूजन से सभी देवी-देवता पूजन स्थल में पहुंच कर मानो इस महायज्ञ को सफल बना रहे हों और भगवान राधा-कृष्ण की युगल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बन रहे हों और इस अद्भूत मूर्ति को देखने के लिए लालायित हो रहे हों।
इस दिव्य समारोह में विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कई दिग्गज और विभूतियां शामिल हुए और इस दिव्य समारोह में स्थापित मूर्तियों का दिव्य दर्शन कर अभिभूत हुए।


आषाढ़ शुक्ल पंचमी 19 जुलाई को शुभ लग्र में भगवान राधा-कृष्ण की दिव्य मूर्ति के साथ भगवान श्रीगणेश के विग्रह की भी प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। सबसे पहले विघ्न विनाशक भगवान श्रीगणेश राधा-कृष्ण धाम में पधारे और भगवान राधा-कृष्ण की युगल जोड़ी की भव्य प्रतिष्ठा के साक्षी बने। ऐसा अद्भूत और अलौकिक दृष्य से उपस्थित भक्तगण रोमांचित हुए और प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न होने के बाद दिव्य मूर्तियों का दर्शन कर पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन विशाल भोग भंडारा में हजारों लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण

कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन आषाढ़ शुक्ल षष्ठी 20 जुलाई को भी भगवान जगन्नाथ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हवन पूजन, महाआरती का आयोजन किया गया और पूजन सम्पन्न होने के बाद परिसर में विशाल भोग भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश भर से आए धर्मानुरागियों ने भोग प्रसाद ग्रहण कर धन्य हुए और भगवान राधा-कृष्ण धाम का दिव्य दर्शन कर पूण्य लाभ प्राप्त किया।

प्रथम दिन विशाल और भव्य कलश यात्रा निकाली गई

पाली में नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम में तीन दिवसीय आध्यात्मिक समारोह के प्रथम दिन 18 जुलाई को हजारों नारी शक्ति ने कलश यात्रा निकाली और कलश यात्रा के दौरान पूरा पाली भगवामय तथा राधा-कृष्ण भक्तिमय हो गया था। प्रमुख आचार्य एवं पंडितों की अगुवाई में मुख्य यजमान प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा सिर में व्यासपीठ लेकर कलश यात्रा की अगुवाई कर रहे थे। दिव्यता और अलौकिक दृश्य से सभी रोमांचित हो रहे थे। कलश यात्रा नौकोनिहा तालाब से पवित्र जल लेकर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद निकली और नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम परिसर कथास्थल पर पहुंची। कलश यात्रा पूर्ण होने के बाद कथास्थल में व्यासपीठ की स्थापना करने के बाद हवन-पूजन प्रारंभ हुआ और दूसरे दिन प्राण प्रतिष्ठा की गई।

प्रशांत मिश्रा ने क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की और आभार जताया

मुख्य यजमान के रूप में प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा ने प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न होने के बाद अपने आराध्य देव भगवान राधा-कृष्ण और श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की और सपत्नीक क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा और प्रदेश में अमन चैन, सद्भाव तथा विश्व में शांति के लिए कामना की।
तीन दिवसीय इस अलौकिक दिव्य समारोह की सफलता में धर्मानुरागियों की सहभागिता रही, प्रशांत मिश्रा ने सभी का आभार जताया। तीन दिवसीय समारोह को जिनका सानिध्य मिला, उन आचार्यों एवं पंडितों का भी आभार जताया, जिनकी विद्वता से यह समारोह भव्य और अलौकिक बन सका। दूर दराज से पधारे धर्मानुरागियों का भी प्रशांत मिश्रा ने ह्दय से अभिनंदन किया और आभार जताया।

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