घेराव के बाद अधिकारियों ने नवंबर के अंतिम सप्ताह में बैठक कर समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन
20 नवंबर को सीएमडी कार्यालय घेराव की चेतावनी
भू विस्थापितों ने कहा उत्पादन बढ़ाने के लिए दौरा करने से पहले भू विस्थापितों की समस्या का समाधान करें नहीं तो खदान बंद कर होगा आंदोलन
कोरबा/कुसमुंडा। जिले के भूविस्थापितों के आंदोलन की आंच लगातार फैल रही है, एसईसीएल के सीएमडी कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए कुसमुंडा क्षेत्र के दौरे पर रविवार की शाम पहुंचे और लगभग 7 बजे रात के समय कुसमुंडा गेस्ट हाउस में अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे, इसकी जानकारी होते ही भू विस्थापितों ने बड़ी संख्या में किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में एसईसीएल के सीएमडी का कुसमुंडा गेस्ट हाउस में घेराव कर दिया और रोजगार की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया, बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया, अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगे, भू विस्थापितों ने सीएमडी से बात कर समस्याओं के समाधान की मांग करने लगे, काफी देर नारेबाजी होते रही उसके बाद कुसमुंडा महाप्रबंधक के द्वारा नवंबर के अंत में सीएमडी के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, उसके बाद घेराव समाप्त हुआ।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा की एसईसीएल की जन विरोधी नीतियों से त्रस्त ग्रामीणों ने अब किसान सभा के नेतृत्व में आर पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प ले लिया है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो ग्रामीणों की बर्बादी और किसानों की लाशों पर जिला प्रशासन के सहयोग से इस क्षेत्र में एसईसीएल अपने मुनाफे की महल खड़ा कर रहा है और दूसरी ओर रोजगार और पुनर्वास के लिए ग्रामीण संघर्ष कर रहे हैं। किसान सभा भू विस्थापितों के संघर्ष में हर पल उनके साथ खड़े रहेगी। भू विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के बगैर उत्पादन का लक्ष्य कभी पूरा नहीं होगा।
भू विस्थापित संघ के दामोदर श्याम और रघु यादव ने कहा की अधिकारियों का ध्यानाकर्षण पहले भी कई बार कराया गया था पिछले कई बैठक में दिए गए आश्वाशन पर क्षेत्रीय महाप्रबंधकों और बिलासपुर के अधिकारियों द्वारा सकारात्मक कार्यवाही नहीं करने का आरोप लगाया और भू विस्थापितों की समस्याओं का जल्द निराकरण की मांग की और भू विस्थापितों से कहा की एसईसीएल की नीतियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। भू विस्थापितों के समस्या का समाधान नहीं होने पर कोयला से जुड़े किसी भी अधिकारी के दौरे का विरोध किया जायेगा। उत्पादन बढ़ाने से पहले भू विस्थापितों के समस्याओं का समाधान करना होगा।
अधिकारियों ने रोजगार के मामले में बैठक कर कार्यवाही तेज करने के साथ सभी मांगों पर जल्द निराकरण और अर्जन के बाद जन्म वाले रोजगार प्रकरणों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने अधिकारियों से कहा कि आश्वाशन पर भरोसा नहीं है, एसईसीएल को कार्य धरातल पर करते हुए कार्यों का रिजल्ट दिखाना होगा। हर बार आंदोलन के बाद झूठा आश्वाशन प्रबंधन देता है, जब तक निर्णायक निर्णय भू विस्थापितों के पक्ष में नहीं होगा तब तक आंदोलन चलता रहेगा। किसान सभा के नेता दीपक साहू ने एलान किया की भू विस्थापितों की समस्या के समाधान के लिए 20 नवंबर को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर का महा घेराव भी किया जायेगा।
किसान सभा ने रखी प्रमुख मांग की
वन टाइम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने लंबित मामलो का जल्द से जल्द निराकरण किया जाये और अर्जन के बाद जन्म वाले प्रकरण का निराकरण कर जिनकी भी जमीन अधिग्रहण की गई है, उन्हे बिना शर्त रोजगार प्रदान किया जाए|
पुराने अर्जित भूमि को मूल खातेदारों को वापसी करायी जाये | कोरबा, कुसमुंडा एवं अन्य क्षेत्र में अर्जित जमीन मूल खातेदारों को वापस किया जाए और जरूरत होने पर पुन: अर्जन की प्रक्रिया पूरा कर पुनर्वास नीति के अनुसार भू विस्थापितों को लाभ दिलाया जाए।
आउट सोर्सिंग कार्यों में भू विस्थापितों एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार उपलब्ध कराया जाए 30% के नाम पर रोजगार बेचना बंद किया जाए।
एसईसीएल के आश्वाशन से थके भू विस्थापितों ने अब आर पार लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। किसान सभा ने 20 नवंबर को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर का महा घेराव का एलान करते हुए कहा है कि भू विस्थापितों के समस्याओं पर सकारात्मक पहल कदमी नहीं होने पर दिसंबर महीने में जिले से बाहर जाने वाले कोल परिवहन को भी बंद किया जाएगा।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।
इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।
कोरबा/बालको नगर। बालको में सितंबर 2008 बैच के कर्मचारियों ने 18 वर्षों की सेवा पूरी होने पर वार्षिक मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह में बैच के 35 कर्मियों ने हिस्सा लिया और अपने बालको में बिताए 18 साल के अनुभव साझा किए। उपलब्धियां और चुनौतियों को सामने रखा। बालको कर्मियों ने अपने सेवाकाल के कई यादगार किस्से सुनाए। पुराने साथियों से मिलकर माहौल उत्साह से भरा रहा।
इस आयोजन से कर्मियों के बीच आपसी स्नेह, सौहार्द, भाईचारा, एकजुटता मजबूत हुई। समारोह में राजशेखर साहू, गगन गुप्ता, टिकेश्वर चेलक, अमित शर्मा, कमलेश बोहरपी, ज्ञानेंद्र, सुमन यादव, देवेंद्र प्रताप, सुमित सोनी, कुंदन, आशीष शुक्ला, आशीष दुबे, मधुरेश श्रीवास्तव, संजय न नारवानी, जितेंद्र द्विवेदी, अभिषेक साहू, दुर्गेश साहू, पूर्णानंद साहू, केशव साहू, हेमंत वर्मा, अरविंद, विकास गुरुदीवान, लेखराज लोधी, प्रकाश ठाकुर, प्रकाश रघुवंशी समेत अन्य उपस्थित थे।
कोरबा/कटघोरा। पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में गुरुवार को आग की लपटें उठी तो विस्फोट की आशंका पर आसपास घरों को खाली कराया गया। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। लेकिन कटघोरा- अंबिकापुर हाइवे पर लगभग 2 घंटे आवाजाही थमी रही।
कोरबा से तेल से भरी टैंकर कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाइवे के रास्ते से वाड्रफनगर जाने रवाना हुआ। बांगो थाना क्षेत्र के गुरसिया ढाबा के पास टैंकर चालक ने खाना खाने वाहन रोका। कुछ देर बाद वहां से चालक आगे बढ़ने टैंकर स्टार्ट किया, तभी बैटरी में चिंगारी उठी और केबिन तक आग की लपटें उठने लगी। संभवत: शार्ट सर्किट से आग वाहन तक फैली होगी। टैंकर में 12 हजार लीटर तेल भरने की कैपिसिटी है। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हाइवे पर आवाजाही को रोकवाया। साथ ही आसपास के घरों को खाली कराया गया। इस तरह सुरक्षा के जरूरी ऐहतियात बरते गए।
सूचना पर बांगो, कटघोरा नगर पालिका, सीएसईबी कोरबा की दमकल टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल कर्मियों ने पानी और फोम से आग बुझाई। इसमें करीब दो घंटे लग गए। आग पर काबू पा लेने के बाद हाइवे पर आवाजाही सामान्य हुई। एनएएआई की टीम को सूचना देने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंची। कटघोरा-अंबिकापुर हाइवे के साथ बायपास पर दो साल के भीतर वाहनों में आग लगने की यह तीसरी घटना है। इसी महीने कटघोरा-बायपास के हुकरा क्षेत्र में एक तेज रफ्तार 407 वाहन रोड किनारे पेड़ से टकराया। इसके बाद वाहन में आग लगने की घटना सामने आई। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। साल 2024 में 28-29 दिसंबर की रात अंबिकापुर-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांगो थाना क्षेत्र के चोटिया टोल प्लाजा के पास ट्रक और कार में भिड़ंत हो गई थी। इस दुर्घटना में ट्रक पलट गया, वहीं कार सवार दो युवकों की वाहन में आग लगने पर जलकर मौत हो गई।