इस्लामाबाद,एजेंसी। पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया है। उसने कहा कि हम दिल्ली को दुल्हन बनाएंगे। यह वीडियो नवंबर का है, लेकिन अभी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
रऊफ ने कहा, “मक्की साहब कहते थे, हम एक दिन दिल्ली को दुल्हन बनाएंगे और ये होकर रहेगा। गजवा-ए-हिंद होकर रहेगा। हम एक दिन ये निजाम बदल देंगे और इस मुल्क में शरिया की हुकूमत लेकर आएंगे। हम जीती हुई कौम हैं।”
रऊफ ने दावा किया कि भारतीय वायुसेना पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में घुसने की हिम्मत नहीं करेगी और पाकिस्तान इस्लामी देशों में इकलौती परमाणु शक्ति है। रऊफ ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत अगले 50 साल तक पाकिस्तान पर हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा।
वीडियो में रऊफ ने जिस मक्की का नाम लिया है, वह मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का साला है। पिछले साल दिसंबर में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी। रऊफ, लश्कर सरगना हाफिज सईद का करीबी सहयोगी है। अब्दुल रऊफ पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखा है।
पाकिस्तानी नेता-अफसर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर अब्दुल रऊफ के साथ जनाजे की नमाज पढ़ते दिखे। यह तस्वीर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की है।
रऊफ बोला- कश्मीर की लड़ाई खत्म नहीं हुई
वीडियो में रऊफ ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कम होने की बातों को खारिज करते हुए कहा कि कश्मीर की लड़ाई खत्म नहीं हुई है। रऊफ ने चेतावनी दी कि जो लोग इसके उलट सोचते हैं, वे गलत हैं।
रऊफ ने लश्कर चीफ हाफिज सईद के साले अब्दुल रहमान मक्की का हवाला देते हुए दावा किया कि हमारा मकसद दिल्ली पर हुकूमत करना है।
इसके अलावा रऊफ ने भारत की सैन्य ताकत को कमजोर बताते हुए कहा कि उनके राफेल लड़ाकू विमान, एस-400 मिसाइल सिस्टम और ड्रोन कुछ नहीं कर सकते।
रऊफ (सफेद कुर्ते में) पाकिस्तान के रावलपिंडी में लश्कर की नई इमारतों के निर्माण का निरीक्षण करते हुए।
पाकिस्तानी सेना ने रऊफ को आम आदमी बताया था
अब्दुल रऊफ 1999 से लश्कर-ए-तैयबा का मेंबर है और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन का प्रमुख है। आंतकियों के जनाजे में अब्दुर रऊफ के मौजूद होने की बात सामने आने के बाद पाकिस्तानी सेना ने उसे ‘आम आदमी’ बताकर बचाने की कोशिश की थी।
भारत ने 7 मई को पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 9 आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की थी। इस दौरान रऊफ पाकिस्तानी अफसरों के साथ मारे गए आतंकियों की जनाजे की नमाज पढ़ता हुआ नजर आया था।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया था-आतंकियों के जनाजे की नमाज पढ़ाने वाला इंसान एक मौलवी है और पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग (PMML) का मेंबर है। उसकी तीन बेटियां और एक बेटा है।
उन्होंने रऊफ का ID नंबर (35202-5400413-9) और जन्म तारीख (25 मार्च 1973) का जिक्र किया था, लेकिन ये डिटेल अमेरिका के स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स एंड ब्लॉक्ड पर्सन्स लिस्ट में मौजूद हाफिज अब्दुर रऊफ की डिटेल से पूरी तरह मेल खाती है।
आंतकियों के जनाजे में अब्दुर रऊफ (माइक मे बोलते हुए) के मौजूद होने की बात सामने आने के बाद पाकिस्तानी सेना ने उसे ‘आम आदमी बताया था।
लश्कर आतंकी ने आसिम मुनीर से कहा था- मोदी को सबक सिखाओ
इससे पहले भी कई लश्कर आतंकी भारत को धमकी दे चुके हैं। लश्कर आतंकी और पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने सितंबर में एक वीडियो में भारत और पीएम मोदी को धमकी दी थी। कसूरी ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनीर से कहा कि वह पीएम मोदी को 10 मई 2025 की तरह सबक सिखाएं।
कसूरी ने पाकिस्तान में हाल ही में आई बाढ़ के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। सैफुल्लाह कसूरी भी हाफिज सईद का करीबी है।
आतंकी बोला- ईंट का जवाब पत्थर से देंगे
कसूरी ने लोगों से समर्थन मांगते हुए कहा , “हम मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन हमारा मनोबल ऊंचा है। हम अपने लोगों के लिए नरम हैं, लेकिन अपने दुश्मनों के लिए उतने ही खतरनाक हैं। हमारे दुश्मनों को यह नहीं सोचना चाहिए कि हम कमजोर हैं, हम पूरी ताकत से जवाब देंगे।”
कसूरी ने आगे कहा, “भारत जो भी कदम उठा रहा है, उसे उसकी कीमत चुकानी होगी। हम हर जख्म का बदला लेंगे और ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। हम हर कीमत पर अपनी धरती, अपनी जमीन की हिफाजत करेंगे।”
पाकिस्तानी सेना के अफसर कसूरी का फूल देकर स्वागत करते हुए।
लश्कर डिप्टी बोला था- हिंदुस्तान और हिंदुओं का सफाया होगा
कसूरी भारत से हिंदुओं का सफाया करने की धमकी दे चुका है। एक वीडियो में वह कहता है, “हमारे काफिले न रुकेंगे, न थमेंगे और तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक पूरे हिंदुस्तान पर ‘ला इलाहा इलल्लाह’ (अल्लाह के अलावा कोई दूसरा नहीं) के परचम लहरा नहीं देते।”
कसूरी आगे कहता है, “ये वक्त आने वाला है, कोई नाउम्मीदी नहीं। हम जिस मैदान में खड़े हुए हैं, अपने दुश्मन को चारो खाने चित्त किया है। ये हिंदू हमारे सामने क्या है। हिंदुस्तान का हिंदू मिट जाएगा और इस्लाम का राज आने वाला है। “
लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी का वीडियो वायरल हुआ था।
पहलगाम हमले के खिलाफ भारत का ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पहलगाम हमले का जवाब देते हुए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।
इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं।
लखनऊ, एजेंसी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जयप्रकाश चतुर्वेदी का देर रात निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन भाजपा के वरिष्ट नेता कलराज मिश्र ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कुशल संगठनकर्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक, पूर्व संगठन मंत्री एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य आदरणीय जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका निधन मेरे लिए एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति है।
चतुर्वेदी का संगठन के प्रति समर्पण, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता और राष्ट्रसेवा का उनका संपूर्ण जीवन सदैव स्मरणीय एवं प्रेरणादायी रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसी कड़ी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
आप को बता दें कि जयप्रकाश चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कोन क्षेत्र के ग्राम चांची, पोस्ट चाची कलां के निवासी थे। वे राजवंशी देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे। लंबे समय तक उन्होंने सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर भाजपा नेताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन को क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक जीवन की बड़ी क्षति माना जा रहा है।
कीव, एजेंसी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। यूक्रेन के प्रमुख ओडेसा बंदरगाह पर एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिक भी सवार थे। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है। एमवी एजीएन रैग्नर (MV AGN Ragnar) ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया। ओडेसा काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह कई बार हमलों का निशाना बन चुका है।
यूक्रेन में भारतीय दूतावास के अनुसार, घटना के समय जहाज पर चार भारतीय नागरिक मौजूद थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। दो अन्य भारतीयों के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। उनकी तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने जारी बयान में कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। दूतावास संबंधित यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीयों का जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। जहाज पर कुल कितने चालक दल के सदस्य थे, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अधिकारियों ने अभी तक चारों भारतीयों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। साथ ही जहाज पर उनकी जिम्मेदारियों और पदों के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगातार जोखिम भरी बनी हुई है। हाल के महीनों में कई व्यापारी जहाज मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चंडीगढ़, एजेंसी। रू. 657 करोड़ के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सीबीआई की विशेष अदालत में दायर अपनी नियमित जमानत याचिका में सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में न कभी किसी से रिश्वत मांगी और न ही कोई रिश्वत स्वीकार की। उनकी भूमिका केवल अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति देने तक सीमित थी।
पंकज अग्रवाल को सीबीआई ने 22 जून को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दर्ज रू. 657 करोड़ के बैंक घोटाले के मामले में नियमित जमानत याचिका पर पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत 30 जुलाई को सुनवाई करेगी।
जमानत याचिका में अग्रवाल ने कहा है कि जांच एजेंसी अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि उनका कथित बैंक धोखाधड़ी या किसी आपराधिक षड्यंत्र से कोई संबंध था। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोलने संबंधी प्रस्ताव विभागीय अधिकारियों की संस्तुति पर स्वीकृत किया गया था और संबंधित खाता खोलने के प्रपत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं।
सीबीआई ने अपनी जांच में आरोप लगाया था कि पंकज अग्रवाल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खुलवाने में सहायता की तथा उन्हें लगभग रू. 60.54 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी थी।
हालांकि, अग्रवाल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बैंक खाते खोलने के समय उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता या बाद में खातों से कथित धोखाधड़ी के जरिए धन निकासी की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक स्तर पर तय की गई रू. 50 करोड़ की सीमा बाद में हटा दी गई थी, जिससे यह आरोप भी कमजोर पड़ जाता है कि प्रशासनिक निर्णय स्वयं अवैध था।
जमानत अर्जी में यह भी तर्क दिया गया है कि सीबीआई ने एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय को आपराधिक षड्यंत्र का रूप देने का प्रयास किया है। याचिका में कहा गया है कि केवल इस आधार पर किसी अधिकारी को आपराधिक साजिश का आरोपी नहीं ठहराया जा सकता कि उसके प्रशासनिक निर्णय का बाद में किसी तीसरे पक्ष ने कथित रूप से अनुचित लाभ उठा लिया।
अब इस मामले में सभी की निगाहें 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी।