शराब घोटाला केस…ED ने कांग्रेस दफ्तर किया अटैच:रायपुर-सुकमा में कवासी-हरीश की प्रॉपर्टी अटैच, लखमा को मिला 72 करोड़ कमीशन, कांग्रेस बोली-BJP की राजनीतिक साजिश
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में ED ने कवासी लखमा और बेटे हरीश लखमा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सुकमा में लखमा के मकान और रायपुर के बंगले को भी ED ने अटैच किया है। इसमें हरीश लखमा की भी संपत्ति अटैच है।
इसके साथ ही ED ने सुकमा कांग्रेस पार्टी के कार्यालय को भी अटैच किया है। विभागीय सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। जल्द ही ED संपत्तियों के अटैचमेंट को लेकर आधिकारिक बयान जारी करेगी।
वहीं ED की कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के निर्देश पर केंद्रीय एजेंसियां अपनी सीमाओं को पार कर रही हैं। आज कांग्रेस के जिला कार्यालय सुकमा को ED ने अटैच कर लिया। यह भाजपा की राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
इस पर BJP के प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने कहा कि पूर्व CM भूपेश बघेल के शासनकाल में लगातार भ्रष्टाचार होते रहे। कुछ जेल में हैं, कुछ बेल में हैं, किसी पर कार्रवाई चल रही है। आबकारी घोटाले में कवासी लखमा और उनके बेटे की 6 करोड़ की संपत्ति अटैच हुई है।
सुशील आनंद ने पूछा- कुशाभाऊ ठाकरे कार्यालय का हिसाब लेगी क्या ED ?
उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए हमने आलीशान शंकर नगर में कार्यालय बनाया, हम अपना हिसाब दे देंगे, लेकिन क्या ED में साहस है कि वह भाजपा के तमाम जिलों में बनाए गए कार्यालयों का हिसाब लेगी। 150 करोड़ रुपए से बनाए गए कुशाभाऊ ठाकरे कार्यालय का हिसाब लेगी क्या ED, या सिर्फ विपक्ष को बदनाम करने की साजिश रचेगी।
कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा
कवासी लखमा 16 जनवरी 2025 से जेल में बंद हैं। ED का आरोप है कि, पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी।
वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।
रायपुर ED दफ्तर के अंदर जाने की तस्वीर, करीब 8 घंटे तक उनसे पूछताछ हुई है।
कवासी की प्रॉपर्टी पर कार्रवाई क्यों ?
ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और सुकमा कांग्रेस भवन निर्माण में लगे।
ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। जांच में पहले पता चला था कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था।
इस घोटाले की रकम 2161 करोड़ रुपए है। जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिला है। इस वजह से कवासी की प्रॉपर्टी और कांग्रेस कार्यालय पर कार्रवाई हुई है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में कवासी लखमा को ED ने पूछताछ के लिए बुलाया था, तब की तस्वीर है।
ED ने कार्रवाई पर क्या खुलासा किया
बता दें कि 28 दिसंबर 2024 को ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उनके बेटे हरीश कवासी के घर छापा मारा था। टीम रायपुर के धरमपुरा स्थित कवासी लखमा के बंगले पहुंची थी। पूर्व मंत्री की कार को घर से बाहर निकालकर तलाशी ली थी।
साथ ही कवासी के करीबी सुशील ओझा के चौबे कॉलोनी स्थित घर, सुकमा में लखमा के बेटे हरीश लखमा और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर भी दबिश दी थी।
2 एकड़ जमीन के अलावा मेरे पास कोई संपत्ति नहीं- कवासी लखमा
शराब घोटाले में ED के छापे के बाद कवासी लखमा ने खुद को निर्दोष बताया था। पूर्व मंत्री ने अपनी संपत्ति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मैं राजनीतिक परिवार से नहीं हूं। जगदलपुर में 2009 में 2 एकड़ जमीन ली थी। उसके अलावा मेरे पास कोई संपत्ति नहीं है।
लखमा ने कहा था कि मैं कभी वार्ड मेंबर और सरपंच तक नहीं था। टोरा, महुआ, इमली का धंधा करता था, फिर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गया। मुझे सुकमा से टिकट मिला और जीता। 15 साल में भाजपा वहां जीत नहीं पाई है, लेकिन मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है।
कवासी लखमा को ED की टीम गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करने लेकर जाती हुई।
प्रॉपर्टी अटैचमेंट का मतलब क्या ?
अटैचमेंट का मतलब है कि संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल जारी रहता है। आप उस संपत्ति का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन आप इसे बेच नहीं सकते या किसी और को ट्रांसफर नहीं कर सकते।
अटैचमेंट एक कानूनी प्रक्रिया है, जो आमतौर पर तब होती है, जब कोई व्यक्ति किसी कानूनी मामले में ऋण चुकाने में विफल रहता है। किसी कांड में भ्रष्टाचार से कमाई गई प्रॉपर्टी होने का अंदेशा हो तो फैसला आने तक संपत्ति को सुरक्षित रखना जरूरी होता है, इसलिए ये कार्रवाई की जाती है।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।
कोरबा/पाली। विश्व हिन्दी अधिष्ठान अंतर्गत केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली का पत्र, दिनांक 17.09.2026, सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ का पत्र, दिनांक 30.09.2026 के अनुसार 21वीं सदी का हिन्दी साहित्य:विविध परिदृश्य विषयक सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ परिसर में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय आयोजन प्रात: 10.30 बजे से प्रारंभ होगा। उक्त संगोष्ठी में वक्ता/सत्र समीक्षक के रूप में कोरबा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल पाली के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी को आमंत्रित किया गया है। इस आशय का पत्र अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक मीनकेतन प्रधान ने डॉ. गजेन्द्र तिवारी को पे्रषित किया है और फोन कर भी उन्हें आमंत्रित किया। डॉ. तिवारी इस दो दिवसीय संगोष्ठी में अपना वक्तव्य देंगे।
नीट, सेट को भी किया क्वालीफाई, 10वीं में 93.33 एवं 12वीं में 93.4 प्रतिशत के साथ परीक्षा पास ग्रेजुएशन बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) में 81.93 एवं पीजी एमएससी बॉटनी में 88.08 के साथ किया अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन बिलासपुर। कड़ी मेहनत और लगन के साथ जो भी विद्यार्थी आगे बढ़ता है, उसे लक्ष्य जरूर हासिल होता है, भले ही थोड़ा समय लगे। ऐसे ही कड़ी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने वाली होनहार छात्रा शिवाली शर्मा ने कर दिखाया और प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली ने अपनी मेहनत एवं लगन के बल पर सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ के साथ-साथ सीजी सेेट और माइक्रोबॉयोलॉजी में पीएचडी कर जिले को गौरव प्रदान किया।
प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली शर्मा ने अपना लक्ष्य तय कर आगे बढ़ रही हैं। शासकीय सेवक आर के शर्मा एवं हाऊस वाईफ श्रीमती इंदिरा शर्मा की होनहार पुत्री शिवाली शर्मा ने 2013 में हाई स्कूल सर्टिफिकेट में 93.33 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी सर्टिफिकेट 2015 में 93.4 प्रतिशत अंक हासिल किया। 12वीं में बायोलॉजी विषय लेकर हायर सेकेण्डरी पास की। बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) 2018 में 81.93 अंक अर्जित किया, वहीं एमएससी बॉटनी 2020 में 88.08 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी सफलता का लोहा मनवाया, उन्होंने एमएससी गुरूघासीदास विश्वविद्यालय (सेन्ट्रल युनिवर्सिटी) बिलासपुर से पास किया। 2020 में सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ क्वालिफाईट किया। 2025 में सीजी एसईटी क्वालिफाईट किया वहीं उन्होंने पीएचडी-डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, रिसर्च फिल्ड-माईक्रोबॉयोलॉजी में किया।
Research Topic- Study of Qurum Sensing Regulated Siderophore Production From Soil Rhizosphere Bactria Isolated From Rice Filed of Chhattisgarh. PHD Suparvisor- Dr. Vibhaynath Tripathi, Assistant Professor-Guru Ghasidas University Bilaspur
पूरा परिवार उच्च शिक्षित शिवाली शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा नवजागृति उच्चतर माध्यमिक शाला तखतपुर से प्रारंभ की और प्रारंभ से ही लगन और कड़ी मेहनत तथा माता-पिता की प्रेरणा को उज्ज्वल भविष्य के लिए हथियार बनाया। आज वो पीएचडी की उपाधि से शिक्षा और उन्नत कृषि क्षेत्र में काम करने को अपने कैरियर का लक्ष्य बनाया है। शिवाली शर्मा के पिता लोकनिर्माण विभाग में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं और एक कर्त्तव्यनिष्ठ लोक सेवक हैं। बड़े भाई डॉ. शशांक शर्मा भी फिजिक्स में पीएचडी हैं और उनकी भाभी अल्का शर्मा एमएससी (केमिस्ट्री) बीएएड हैं। शिवाली शर्मा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति संजीदा हैं और माता-पिता पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते रहें। बच्चों को आगे बढ़ने प्रोत्साहित करें अभिभावक-डॉ. गजेन्द्र तिवारी
प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं पाली स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने शिवाली शर्मा की सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का बेहतर कैरियर सिर्फ शिक्षा के माध्यम से बन सकता है और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर अभिभावक को प्रेरित करना चाहिए। शिवाली शर्मा युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जिन्होंने लगातार कई उपलब्धियां हासिल कर यह बता दिया कि अभिभावकों की प्रेरणा, गुरूजनों का मार्गदर्शन एवं लक्ष्य हासिल करने की ललक और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। मेरे पापा मेरे प्रेरणाश्रोत-शिवाली
अपनी उपलब्धि पर शिवाली शर्मा ने कहा कि पापा हमेशा कहा करते हैं कि बेटियां ज्यादा प्रतिभावान होती हैं और तुम असंभव को भी संभव करने की ताकत रखती हो। अपना लक्ष्य तय करो और उसे जुनून बना लो, कड़ी मेहनत करो और अनुशासन के साथ सभी काम समय पर करो। पापा की हर बात को मैंने गांठ बांध ली और कड़ी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य पाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और भाई के प्रोत्साहन के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ती गई और सफलता मिलती गई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रयास कभी न छोड़ें, मंजिल जरूर मिलेगी। हर काम को संभव कर दिखाती है शिवाली- आर के शर्मा
शिवाली शर्मा की सफलता पर पिता भावुक हुए और कहा कि बेटियां घर की शान और मान दोनों होती हैं, वे असंभव को संभव करने की माद्दा रखती हैं। बेटियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, फिर वे अपने स्वर्णिम भविष्य का रास्ता खुद तय कर लेती हैं। शिवाली, हर काम को संभव कर दिखाती है और बचपन से ही पढ़ाई के प्रति ऐसी रूचि रखती थी, लक्ष्य लेकर आगे बढ़ती रही और अपना लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत के साथ यह सफलता अर्जित की और हमें शिवाली पर गर्व ही नहीं अभिमान भी है। उसकी सफलता से पूरा परिवार आल्हादित है।
कोरबा। आज 28 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी, आदिवासी कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाज सेविका श्रीमती कौशिल्या देवी साय कोरबा के अल्प प्रवास पर पहुंची। वे एक शो रूम के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुईं। कोरबा पहुंचने पर छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में श्रीमती कौशिल्या देवी साय का अभिनंदन किया और बुके देकर उनका हृदय से स्वागत किया। इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू सहित जिला सचिव जयकुमार नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, मीडिया प्रभारी रामायण सिंह, अनिल गिरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।