Connect with us

छत्तीसगढ़

शराब घोटाला…ED का दावा-सौम्या को 100 करोड़ मिले:कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड पर भेजा, लखमा बोले-11 महीने बाद पेशी, हार्ट-बीपी का मरीज हूं

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले मामले में ईडी (Enforcement Directorate) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी के मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान राज्य में हुए कई घोटालों में पैसों के मैनेजमेंट में उनकी अहम भूमिका रही।

ईडी ने पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयान के आधार पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया। ED को सौम्या, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर-चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स में कई अहम सबूत भी मिले हैं।

ईडी का दावा है कि सौम्या लीकर स्कैम नेटवर्क में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रही थीं। घोटाले से उन्हें करीब 100 करोड़ रुपए मिलने की जानकारी है। शराब घोटाले में आज सौम्या चौरसिया को ईडी ने कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों में बहस पूरी हो गई है।

बचाव पक्ष के वकील हर्षवर्धन परगनिया ने कहा कि ED ने पूछताछ के लिए जोनल ऑफिस बुलाया था। शाम 5.30 बजे अवैध तरीके से गिरफ्तार किया। बिना मजिस्ट्रेट जांच, डायरी वही पर कहानी और राशि बदल गई। कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड पर भेजा है। शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

वहीं रायपुर कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि 11 महीने में पहली बार पेशी में लाया गया। मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती। बीपी, शुगर और हार्ट की बीमारी है। विधानसभा सत्र चल रहा है, लेकिन मैं मौजूद नहीं हूं। मैं इलाज के लिए बाहर ले जाने बोला था। प्रताड़ित हो रहा हूं। अब ऊपर वाला ही जाने।

ईडी ने सौम्या को रायपुर के PMLA स्पेशल कोर्ट में पेश किया

ईडी ने सौम्या को रायपुर के PMLA स्पेशल कोर्ट में पेश किया

ढाई साल जेल में रह चुकी है सौम्या

ईडी ने इससे पहले 2 दिसंबर 2022 को सौम्या चौरसिया को कोल लेवी घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था। और इस मामले में वे करीब ढाई साल जेल में रही और पिछले 6 महीने से वे सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर थीं। वही 6 महीने बाद ED ने शराब घोटाले में दूसरी बार गिरफ्तार किया है।

बता दें कि सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाले में ED और EOW (केंद्र व राज्य एजेंसियां) ने पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थीं। इसके अलावा, डीएमएफ घोटाले में भी ईओडब्ल्यू ने उन्हें गिरफ्तार किया था। 49 करोड़ रुपए से अधिक आय के मामले में भी ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की। यानी सौम्या अब तक चार घोटालों में जेल जा चुकी हैं और 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में यह उनकी दूसरी गिरफ्तारी है।

सौम्या ने टुटेजा को चैट में लिखा है कि AD (अनवर ढेबर) को बोलो की कोई हिसाब नहीं देगा। जो है उतना ही बताएगा, बिट्टू बता रहा था कि बंसल उससे बहुत सारे सवाल पूछ रहा था।

सौम्या ने टुटेजा को चैट में लिखा है कि AD (अनवर ढेबर) को बोलो की कोई हिसाब नहीं देगा। जो है उतना ही बताएगा, बिट्टू बता रहा था कि बंसल उससे बहुत सारे सवाल पूछ रहा था।

सौम्या मोबाइल में अनिल टुटेजा को देती थी ऑर्डर

ED ने 15 सितंबर को पांचवीं प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें सौम्या चौरसिया की ओर से रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर और चैतन्य बघेल के साथ हुई चैट्स भी सामने आई थीं। इन चैट्स में सौम्या, अनिल टुटेजा को निर्देश देती हुई दिख रही हैं।

इसमें सौम्या ने अनवर ढेबर (एडी) को कहा था कि पप्पू बंसल (लक्ष्मी नारायण अग्रवाल) को कोई हिसाब न दे, क्योंकि पप्पू कलेक्शन को लेकर लगातार सवाल पूछ रहा था। और यह जानकारी उन्हें खुद बिट्टू से मिली थी।

ED ने चार्जशीट में खुलासा किया था कि बिग बॉस वॉट्सएप ग्रुप के चैट्स में सौम्या, ढेबर और सिंडिकेट के सदस्यों के बीच बातचीत होती थी।

ED ने चार्जशीट में खुलासा किया था कि बिग बॉस वॉट्सएप ग्रुप के चैट्स में सौम्या, ढेबर और सिंडिकेट के सदस्यों के बीच बातचीत होती थी।

शराब घोटाले के लिए बनाया था ‘बिग बॉस’ ग्रुप

सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, चैतन्य बघेल आपस में व्यक्तिगत चैट तो करते थे ही लेकिन शराब घोटाले को ऑपरेट करने के लिए ‘बिग बॉस’ नाम का एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया गया था। इसमें सौम्या चौरसिया, चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और पुष्पक जैसे अहम लोग जुड़े थे।

इस ग्रुप के जरिए करोड़ों रुपए की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग की जानकारी और निर्देश साझा किए जाते थे। इसके साथ ही पैसे आने और किसको देना है? इसकी चर्चा भी ग्रुप में होती थी। वॉट्सऐप ग्रुप में चैट के कुछ स्क्रीनशॉट भी दैनिक भास्कर डिजिटल के पास मौजूद हैं।

49 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच

2 महीने पहले अक्टूबर में ACB- EOW ने सौम्या चौरसिया के खिलाफ कोयला घोटाला और आय से अधिक संपत्ति मामले में 8000 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। जिसमें बताया गया कि सौम्या को 17 साल की सेवा में 2.51 करोड़ रुपए वेतन मिला। जबकि उन्होंने इस दौरान 49.69 करोड़ रुपए की 45 बेनामी संपत्ति खरीदी हैं, जो उनकी आय से 1872 प्रतिशत अधिक है।

कई संपत्तियां उन्होंने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी। इनके संबंध में एजेंसी ने उनसे हिसाब मांगा, पर कोई जवाब या हिसाब नहीं दिया। एजेंसी ने इन संपत्तियों को अटैच कर लिया है। सबसे ज्यादा निवेश साल 2019 से 2022 के बीच किया गया है। अधिकारियों ने इसे EOW के इतिहास में आय से अधिक कमाई का सबसे बड़ा केस बताया है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

Published

on

कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

Continue Reading

कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

Published

on

मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

Continue Reading

कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

Published

on

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677