Connect with us

छत्तीसगढ़

शराब-घोटाला…EOW ने 1500 पन्नों का चालान किया पेश:देवेंद्र ने पैसों का मैनेजमेंट-ट्रांजैक्शन और केके ने कैश नेटवर्क संभाला,सौम्या ने पोजीशन का गलत इस्तेमाल किया

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 8वां पूरक चालान पेश किया है। 1500 पन्नों के इस चालान में सौम्या चौरसिया, के.के. श्रीवास्तव तांत्रिक और देवेंद्र डडसेना के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया गया है।

देवेंद्र ने पैसों का मैनेजमेंट और ट्रांजैक्शन संभाला, केके ने कैश नेटवर्क संभाला और सौम्या ने अपने पोजीशन का गलत इस्तेमाल किया। चालान में घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज, लेन-देन और साक्ष्य शामिल किए गए हैं। इससे पहले शराब घोटाले में EOW ने अब तक कुल 51 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया है।

EOW ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 8वां पूरक चालान पेश किया है।

EOW ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 8वां पूरक चालान पेश किया है।

देवेंद्र डडसेना की भूमिका: पैसों का मैनेजमेंट और ट्रांजैक्शन

जांच में सामने आया है कि, देवेंद्र डडसेना राजीव भवन का पुराना अकाउंटेंट रहा है। उसने शराब घोटाले और कई स्रोतों से अवैध पैसे लेने, सुरक्षित रखने और निर्देशानुसार आगे भेजने का काम किया। इस तरह उसने आपराधिक षड़यंत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए पूरे सिंडिकेट को सहयोग किया।

के.के. श्रीवास्तव पर कैश नेटवर्क संभालने का आरोप

वहीं, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ के.के. श्रीवास्तव की भूमिका भी जांच में अहम पाई गई है। उस पर आरोप है कि, उसने सिंडिकेट के अवैध उगाही तंत्र के जरिए कैश के उठाव, एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना, उसके प्रबंधन, निवेश और घोटाले की रकम को खपाने में सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित किया।

सौम्या चौरसिया पर पद के दुरुपयोग का आरोप

तत्कालीन उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सौम्या चौरसिया पर आरोप है कि, उन्होंने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए शराब घोटाले से जुड़े सिंडिकेट को संरक्षण, समन्वय, प्रशासनिक सुविधा और समर्थन दिया।

जांच में उनकी सक्रिय संलिप्तता, अवैध लाभ और षड़यंत्र के जरिए शासन को राजस्व में भारी नुकसान पहुंचाने की भूमिका प्रमाणित होने का दावा किया गया है।

EOW का दावा: साजिश और अवैध लाभ के पुख्ता सबूत

EOW ने बताया कि, केस में संलिप्त अन्य शासकीय, अशासकीय और राजनीतिक व्यक्तियों के साथ-साथ संबंधित संस्थाओं, फर्मों और कंपनियों के खिलाफ जांच अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी अलग-अलग अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ में कैसे हुआ शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला

A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन

2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई।

B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना

डिस्टलरी मालिक से ज्यादा शराब बनवाई। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री करवाई गई। नकली होलोग्राम मिलने में आसानी हो, इसलिए एपी त्रिपाठी के माध्यम से होलोग्राम सप्लायर विधु गुप्ता को तैयार किया गया। होलोग्राम के साथ ही शराब की खाली बोतल की जरूरत थी। खाली बोतल डिस्टलरी पहुंचाने की जिम्मेदारी अरविंद सिंह और उसके भतीजे अमित सिंह को दी गई।

खाली बोतल पहुंचाने के अलावा अरविंद सिंह और अमित सिंह को नकली होलोग्राम वाली शराब के परिवहन की जिम्मेदारी भी मिली। सिंडिकेट में दुकान में काम करने वाले और आबकारी अधिकारियों को शामिल करने की जिम्मेदारी एपी त्रिपाठी को सिंडिकेट के कोर ग्रुप के सदस्यों ने दी।

शराब बेचने के लिए प्रदेश के 15 जिले शॉर्ट लिस्टेड किए गए

शराब बेचने के लिए प्रदेश के 15 जिलों को चुना गया। शराब खपाने का रिकॉर्ड सरकारी कागजों में ना चढ़ाने की नसीहत दुकान संचालकों को दी गई। डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब बिना शुल्क अदा किए दुकानों तक पहुंचाई गई। इसकी एमआरपी सिंडिकेट के सदस्यों ने शुरुआत में प्रति पेटी 2880 रुपए रखी थी। इनकी खपत शुरू हुई, तो सिंडिकेट के सदस्यों ने इसकी कीमत 3840 रुपए कर दी।

डिस्टलरी मालिकों को शराब सप्लाई करने पर शुरुआत में प्रति पेटी 560 रुपए दिया जाता था, जो बाद में 600 रुपए कर दिया गया था। ACB को जांच के दौरान साक्ष्य मिला है कि सिंडिकेट के सदस्यों ने दुकान कर्मचारियों और आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से 40 लाख पेटी से अधिकारी शराब बेची है।

C: डिस्टलरीज की सप्लाई एरिया को कम/ज्यादा कर अवैध धन उगाही करना

देशी शराब को CSMCL के दुकानों से बिक्री करने के लिए डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया को सिंडिकेट ने 8 जोन में विभाजित किया। इन 8 जोन में हर डिस्टलरी का जोन निर्धारित होता था। 2019 में सिंडिकेट की ओर से टेंडर में नई सप्लाई जोन का निर्धारण प्रतिवर्ष कमीशन के आधार पर किया जाने लगा।

एपी त्रिपाठी ने सिंडिकेट को शराब बिक्री का जोन अनुसार विश्लेषण मुहैया कराया था, ताकि क्षेत्र को कम-ज्यादा करके पैसा वसूल किया जा सके। इस प्रक्रिया को करके सिंडिकेट डिस्टलरी से कमीशन लेने लगा। EOW के अधिकारियों को जांच के दौरान साक्ष्य मिले हैं कि तीन वित्तीय वर्ष में देशी शराब की सप्लाई के लिए डिस्टलरीज ने 52 करोड़ रुपए पार्ट C के तौर पर सिंडिकेट को दिया है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

बिलासपुर : 8 कार्यों के लिए 1.99 करोड़ स्वीकृत : उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी

Published

on

बिलासपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बिलासपुर जिले के बोदरी नगर पालिका में 8 कार्यों के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने बोदरी नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-7 में दो बी.टी. कोटिंग सड़कों के लिए 42 लाख 20 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। वार्ड क्रमांक-15 में बी.टी. कोटिंग सड़क के लिए 13 लाख 13 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-11, 12, 13 एवं 14 में झूलेलाल मंदिर से दुर्गा मदिर तक बी.टी. कोटिंग सड़क के लिए 41 लाख 61 हजार रुपए तथा वार्ड क्रमांक-14 में आत्मानंद स्कूल से काली मंदिर होते हुए मेन रोड तक बी.टी. सड़क के लिए 16 लाख 73 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।

विभाग ने वार्ड क्रमांक-6 में रहंगी रोड से मुक्तिधाम तक सी.सी. रोड के लिए 31 लाख 8 हजार रुपए और वार्ड क्रमांक-10 में प्राथमिक शाला दड़हा से मेन रोड तक सी.सी. रोड के लिए 12 लाख 83 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग ने पीपल चौक से बिजली ऑफिस रहंगी मोड़ तक आर.सी.सी. नाली के निर्माण के लिए भी 41 लाख 50 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : कृषि विश्वविद्यालय, उद्यानिकी विश्वविद्यालय एवं कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

Published

on

व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा पी.ए.टी. एवं पी.पी.वी.टी. प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा, दुर्ग तथा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग के अंतर्गत संचालित 33 कृषि महाविद्यालयों, 04 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों, 17 उद्यानिकी महाविद्यालयों, 01 वानिकी महाविद्यालय, 01 खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, 01 पशु चिकित्सा महाविद्यालय, 01 दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, 01 मत्स्य पालन महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026 में दाखिले हेतु पी.ए.टी एवं पी.पी.वी.टी. प्रवेश परीक्षा 2026 का आयोजन किया जा रहा है।

इन प्रवेश परीक्षाओं हेतु 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्रवेश परीक्षा की संभावित तिथि 21 जून 2026 है। इन परीक्षाओं का आयोजन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिला मुख्यालयों में निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर किया जाएगा। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल नवा रायपुर द्वारा इन प्रवेश परीक्षाओं के लिए परीक्षा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाइट अलंचंउबहण्बहेजंजमण्हवअण्पद पर ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन पद्धति से किया जावेगा। छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी, जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं, उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जावेगा।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Published

on

महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी  -  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी  -  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी  -  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ नारी की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित किया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की सशक्त नींव है।

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस ऐतिहासिक पहल को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी  -  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में सशक्त रूप दिया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल माताओं-बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ ‘महतारी गौरव वर्ष’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है।
उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677