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छत्तीसगढ़

दिल्ली में फाइनल हुई पदाधिकारियों की सूची:चार की जगह फिर होंगे 3 महामंत्री नवीन, अखिलेश, अभिषेक दौड़ में आगे

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रायपुर,एजेंसी। भाजपा संगठन में एक बार फिर चार की जगह तीन ही महामंत्री होंगे। यह निर्णय दिल्ली में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ हुई बैठक में लिया गया। महामंत्री की दौड़ में चार नाम का पैनल रखा गया। इसमें रायपुर संभाग से नवीन मार्केंडेय, सरगुजा से अखिलेश सोनी, दुर्ग से अभिषेक सिंह और बिलासपुर से रजनीश सिंह का नाम है। नवीन और अ​खिलेश का नाम फाइनल हो गया है, बाकी अभिषेक और रजनीश में से किसी एक को महामंत्री बनाया जाएगा।

बैठक में भाजपा संगठन के 24 पदाधिकारियों के अलावा मोर्चा-प्रकोष्ठ के अध्यक्षों के नाम पर आखिरी मुहर लग गई। इसमें 6 प्रदेश उपाध्यक्ष, 6 प्रदेश मंत्री, 8 प्रदेश प्रवक्ता, एक कोषाध्यक्ष, 7 मोर्चा और 17 प्रकोष्ठ के अध्यक्षों के नाम शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक कोषाध्यक्ष नंदन जैन ही बने रहेंगे। बाकी 2 मंत्री को उपाध्यक्ष और 2 प्रवक्ता को मंत्री बनाने की तैयारी है। इसके अलावा बैठक में बचे हुए निगम-मंडल को लेकर भी चर्चा हुई। 10 अगस्त के पहले इन पदाधिकारियों की सूची जारी हो जाएगी। बता दें कि अभी 10 निगम-मंडल में अध्यक्षों की नियुक्ति होनी है। इसके अलावा करीब निगम-मंडल में उपाध्यक्ष और सदस्य मिलाकर 70 पद पर राजनैतिक नियुक्तियां की जानी है।

पदाधिकारी के बाद मोर्चा-प्रकोष्ठ की आएगी सूची

भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की सूची के साथ ही 7 मोर्चा और 17 प्रकोष्ठ के अध्यक्ष की सूची जारी हो सकती है। इसके बाद ये अध्यक्ष अपनी टीम तैयार करेंगे। प्रदेश कार्यसमिति के 100 से अधिक सदस्यों की लिस्ट भी इसी साल आ जाएगी। इस बार हर मोर्चा-प्रको​ष्ठ में 30 प्रतिशत महिलाओं को रखे जाने की बात भी सामने आ रही है। राष्ट्रीय संगठन से यह तय किया गया है कि इस बार संगठन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना है।

भाजयुमो के पैनल में 6 नाम

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का हटना तय बताया जा रहा है। इसके लिए 35 साल के कम उम्र के युवा नेताओं को ही मौका दिया जाएगा। इसके लिए 6 नाम का पैनल संतोष के सामने रखा गया। इसमें सीतापुर विधायक राम कुमार टोप्पो, राहुल टिकरिहा, भूपेंद्र नाग, जितेंद्र देवांगन, राजनांदगांव भाजयुमो जिलाध्यक्ष मोनू सिंह बहादुर और अंकित जायसवाल का नाम शामिल है।

प्रदेश अध्यक्ष ने दिए संकेत

प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव ने शुक्रवार को दिल्ली जाने से पहले बताया कि संगठन विस्तार पर चर्चा होगी। इसके लिए महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। साथ ही उन्होंने प्रदेश संगठन में बदलाव के संकेत भी दिए। बता दें कि संतोष की बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, संगठन महामंत्री पवन साय, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और किरणदेव शामिल हुए।

मंत्रिमंडल विस्तार पर फिर सुगबुगाहट: बीएल संतोष की बंद कमरे में चली बैठक के बाद फिर मंत्रिमंडल विस्तार सुगबुगाहट शुरू हो गई है। चर्चा है कि दो नए मंत्रियों की नियुक्ति दो-चार दिन में की जा सकती है। हालांकि संसदीय सचिवों की नियुक्ति कर मंत्रियों के काम को हल्का करने पर भी चर्चा की बात सामने आ रही है। वहीं दिल्ली के सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार संभावित है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित

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विभागाध्यक्ष कार्यालयों और जिलों में भी हर माह आयोजित होंगे सम्मान कार्यक्रम- मुख्य सचिव

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों (नस्तियों) के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जून माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी, सभी विभागाध्यक्ष तथा प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

जिला व विभागाध्यक्ष स्तर पर सम्मान
   
         मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मंत्रालय की तर्ज पर विभागाध्यक्ष कार्यालयों एवं जिला स्तर पर भी हर माह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमित सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। 100% डिजिटल ऑनबोर्डिंग: ई-एचआरएमएस (e-HRMS), स्पैरो (SPARROW) और ई-ऑफिस प्रणालियों में सभी अधिकारी-कर्मचारियों की शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन एसीआर व बायोमेट्रिक उपस्थिति: वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) ऑनलाइन भरने और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया गया है।

राज्य स्तर पर पुरस्कार
 
       अगले माह से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागाध्यक्ष कार्यालय और सर्वश्रेष्ठ जिला कार्यालय को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि का संचयी आकलन कर स्कोरबोर्ड और जिलों/विभागों की रैंकिंग जारी की जाएगी। 

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभाग एवं अधिकारी सम्मानित 

      विभागीय श्रेणी (Top 3) प्रथम लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, द्वितीय गृह विभाग, तृतीय वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया इसी प्रकार अधिकारी श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्तकर्ता संयुक्त सचिव श्रेणी में भूपेन्द्र कुमार राजपूत (आदिम जाति विकास) – प्रथम, अनुपम त्रिवेदी (अ.जनजाति विकास) – द्वितीय, सच्चिदानंद आलोक (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -तृतीय। उप सचिव श्रेणी में दूरदेशी राम सोन्टापर (वन एवं जलवायु परिवर्तन)-प्रथम, शिव कुमार सिंह (वाणिज्यिक कर) -द्वितीय, किशोर कुमार भूआर्य (सामान्य प्रशासन-1) -तृतीय स्थान पर रहे, जिन्हे सम्मानित किया गया।

          अवर सचिव श्रेणी में पूरन लाल साहू (गृह) -प्रथम, मगन लाल पवार (वाणिज्य एवं उद्योग) -द्वितीय, अरुण कुमार मिश्रा (विधि एवं विधायी कार्य) -तृतीय, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में नंद कुमार मेश्राम (सामान्य प्रशासन-1) -प्रथम, शिवकुमार गोंड (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -द्वितीय, वीरेन्द्र कुमार (स्वास्थ्य विभाग) -तृतीय स्थान पर रहे,  विशेष सम्मान सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में आलोक जोशी (आई टी विभाग) तथा वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सुश्री ललिता राय (चिकित्सा शिक्षा विभाग) को सम्मानित किया गया। कनिष्ठ सचिवालय सहायक में उमेश यादव – प्रथम, प्रभु सिंह राठिया – द्वितीय, सतकुमार भास्कर -तृतीय, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में अभिषेक दास -प्रथम, श्रीमती माया देवांगन -द्वितीय, अमित हूमाने -तृतीय, इसके अलावा, समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव सहित 19 अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : राज्यपाल डेका से उच्च शिक्षा मंत्री वर्मा ने की सौजन्य भेंट

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका और उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा के बीच प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन  पर  चर्चा हुई।

राज्यपाल श्री डेका ने  गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार, विद्यार्थियों के कौशल उन्नयन तथा नवाचार को बढ़ावा देने के संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री से चर्चा की। 

इस दौरान प्रदेश के विश्वविद्यालयों की विभिन्न समस्याओं और उनके निराकरण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई।

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रायपुर : राष्ट्रपति भवन तक पहुँची बस्तर की गौरवगाथा, राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं का सम्मान

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट, जनजातीय संस्कृति और परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहेंगे प्रतिनिधिमंडल में शामिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनप्रतिनिधियों का 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 30 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करेगा। 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन भी किया है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन का भ्रमण करेगा तथा नई दिल्ली के प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का अवलोकन भी करेगा। यह अवसर बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश के सर्वाेच्च संवैधानिक मंच पर मिल रहे सम्मान का ऐतिहासिक प्रतीक होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के कलाकारों और परंपरागत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान बस्तर की संस्कृति, परंपरा और जनजातीय समाज के प्रति पूरे देश के सम्मान का प्रतीक है।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम-2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय ज्ञान परंपरा, लोकजीवन, पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण का सशक्त अभियान बन चुका है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सम्मान है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बस्तर पंडुम आज केवल छत्तीसगढ़ का नहीं, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण जनजातीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। लोककलाओं को मंच उपलब्ध कराने, कलाकारों को सम्मान दिलाने, जनजातीय ज्ञान परंपरा का दस्तावेजीकरण करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में इस महोत्सव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में पहली बार आयोजित बस्तर पंडुम ने विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाई थी। इस उपलब्धि के बाद वर्ष 2026 में महोत्सव का दायरा और अधिक व्यापक किया गया। पहले जहां सात विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, वहीं इस वर्ष इन्हें बढ़ाकर 12 विधाओं तक विस्तारित किया गया। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लेकर अपनी लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित महोत्सव में जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक पेय, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि सहित 12 विधाओं के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया।

जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। महोत्सव में जनजातीय शिल्प, हस्तशिल्प, वन-औषधियों, पारंपरिक आभूषणों और लोक व्यंजनों की प्रदर्शनी ने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया। इससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक अवसर भी प्राप्त हुए। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के कलाकारों की सहभागिता ने बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का स्वरूप प्रदान किया।
 
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने जा रही बस्तर की यह गौरवगाथा न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति और जनजातीय गौरव का प्रतीक है, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी है।

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