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कोरबा

महामाया एफपीओ बना किसानों की समृद्धि का मजबूत आधार, 7 लाख के कारोबार से 1.96 करोड़ तक पहुंची सफलता की उड़ान

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कोरबा। करतला विकासखंड के नवापारा में स्थापित महामाया बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित (महामाया एफपीओ) आज इस बात का जीवंत उदाहरण बन चुकी है कि यदि किसान संगठित होकर आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन और सामूहिक विपणन को अपनाएं, तो उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव लाया जा सकता है। नाबार्ड के सहयोग और सहकारिता विभाग के मार्गदर्शन में शुरू हुई यह पहल आज क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए नई उम्मीद और समृद्धि की कहानी बन गई है।

वर्ष 2015-16 में मात्र 7.09 लाख रुपये के कारोबार से शुरू हुई इस किसान उत्पादक संगठन ने निरंतर विकास करते हुए वर्ष 2024-25 में अपना कारोबार बढ़ाकर 1.96 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। यह उपलब्धि किसानों की एकजुटता, बेहतर प्रबंधन और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली का परिणाम है।
एफपीओ से जुड़े 882 किसानों और बड़ी संख्या में महिला सदस्यों को सामूहिक विपणन, गुणवत्तायुक्त कृषि आदान, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिला। पहले जहां किसान अपनी उपज स्थानीय व्यापारियों को कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर थे, वहीं अब सामूहिक विपणन के माध्यम से उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की मोलभाव करने की क्षमता भी बढ़ी है।
महामाया एफपीओ ने केवल उपज की बिक्री तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि काजू प्रसंस्करण, कोल्ड प्रेस्ड ऑयल, आम एवं जामुन पल्प जैसी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन भी शुरू किया। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन हुआ।
एफपीओ द्वारा संचालित कृषि इनपुट सेंटर के माध्यम से किसानों को समय पर खाद, बीज और दवाइयां बाजार से कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आधुनिक खेती की तकनीकों पर नियमित प्रशिक्षण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है और खेती की लागत में कमी आई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी यह संगठन उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 200 से अधिक महिलाओं को आय अर्जित करने के अवसर मिले हैं, जिससे उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है। किसानों की औसत आय में 50 हजार रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
महामाया एफपीओ आज आम, काजू, मूंगफली, जामुन, ब्लैक राइस, नींबू, तिल, सरसों सहित अनेक कृषि उत्पादों का संग्रहण और विपणन कर रहा है। शासन के सहयोग से अब 500 किलोग्राम प्रतिदिन क्षमता वाली उन्नत काजू प्रसंस्करण इकाई और 5 टन क्षमता के डीप फ्रीजर की सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे उत्पादों का बेहतर भंडारण और वर्षभर विपणन संभव हो सकेगा।
महामाया एफपीओ की सफलता यह साबित करती है कि सहकारिता, आधुनिक कृषि तकनीक, मूल्य संवर्धन और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा सकता है। आज यह संगठन कोरबा जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है।

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कोरबा

बाइक गुम होने के तनाव में युवक ने दी जान:कोरबा में नशे की हालत में खोई थी बाइक, कमरे में फंदे पर मिला शव

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कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।

सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव

परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।

घर में मचा कोहराम

घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।

सुसाइड नोट नहीं मिला

पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।

पुलिस कर रही जांच

परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

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कोरबा

कोरबा में सोते परिवार पर धारदार हथियार से हमला:बुजुर्ग महिला की हत्या, बेटा-बहू गंभीर, पूछताछ में आरोपी परिजन ने जुर्म कबूला

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कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राडीह में शनिवार (25 जुलाई) देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हमले में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे हेतराम (45) और बहू प्रमिला (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने मामले में मृतका के एक परिजन को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

देर रात घर में घुसकर किया हमला

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे और बहू के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति घर में घुसा और धारदार हथियार से तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों ने पहुंचाई पुलिस को सूचना

हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 तथा पाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जबकि दोनों घायलों को शुरुआती इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

परिजन ही निकला आरोपी

घटना की जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या और हमले की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस मामले के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।

शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

सड़क नहीं होने से खाट पर ले जाना पड़ा शव

घटना के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि हर्राडीह तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। यही कारण रहा कि शव और दोनों घायलों को करीब एक किलोमीटर तक खाट और लकड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गांव तक जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग दोहराई है।

कोरबा के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हर्राडीह में शनिवार देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे 45 वर्षीय हेतराम और बहू 40 वर्षीय प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया है, जो मृतिका का परिजन बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे हेतराम और बहू प्रमिला के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और तीनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तुरंत 112 और पाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल हेतराम और प्रमिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मृतिका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इस घटना का एक दुखद पहलू यह भी सामने आया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। इसके बाद ही उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।

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कोरबा

कोरबा में युवक का शव बिजली पोल के नीचे मिला:अंडरवियर से धमकी भरा पत्र और मोबाइल बरामद, हत्या या आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

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कोरबा। कोरबा के मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित डीपरापारा में लवकुश (40) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पहले इसे करंट लगने या आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान मिले अहम सुरागों के बाद पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, लवकुश साहू हमाली का काम करता था और पत्नी बिंदा साहू व बच्चों के साथ रहता था। शनिवार (25 जुलाई) शाम वह घर से बाहर निकला था। कुछ देर बाद घर के पास 11 केवी विद्युत पोल के नीचे उसका शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्चुरी भिजवाया।

अंडरगारमेंट से मिला मोबाइल और संदिग्ध पर्ची

रविवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले पंचनामा कार्रवाई के दौरान पुलिस को मृतक के अंडरगारमेंट्स के नीचे से एक की-पैड मोबाइल और एक कागज का टुकड़ा मिला। पर्ची में टूटी-फूटी भाषा में कुछ लोगों के नाम लिखे थे। इसमें जान से मारने की धमकी और हत्या के प्रयास जैसी बातें दर्ज थीं। पर्ची में “लुकवा” नाम के साथ कुछ अन्य लोगों का भी उल्लेख मिला है।

सिर पर गंभीर चोट के निशान

पुलिस के मुताबिक, लवकुश के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। यही वजह है कि अब मौत को केवल करंट लगने या आत्महत्या मानकर नहीं देखा जा रहा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

पारिवारिक विवाद भी जांच के दायरे में

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लवकुश की दूसरी शादी बिंदा साहू से हुई थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। लवकुश मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और करीब आठ साल पहले रोजगार की तलाश में कोरबा आया था।

हैंडराइटिंग और मोबाइल की होगी जांच

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि बरामद मोबाइल और पर्ची को जब्त कर लिया गया है। पर्ची किसने लिखी, इसकी हैंडराइटिंग की जांच कराई जाएगी। साथ ही मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लवकुश की मौत आत्महत्या थी या फिर किसी साजिश के तहत हत्या की गई।

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