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छत्तीसगढ़

सदस्यता अभियान:युवा कांग्रेस चुनाव में अब तक 3.95 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन, फीस चुकाने वाले सिर्फ 47.29%

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के डिजिटल संगठन चुनाव में युवाओं की भागीदारी के आंकड़ों ने संगठन के सामने एक अलग तस्वीर रखी है। प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों में 4 सितंबर तक 3.95 लाख से ज्यादा युवाओं ने WithIYC ऐप पर पंजीकरण कराया, लेकिन इनमें से 1.86 लाख और 799 ने ही 75 रुपए सदस्यता शुल्क का भुगतान किया।

यानी कुल पंजीकरण में से 47.29% ही भुगतान वाले सदस्य बन सके। 52.71% पंजीकरण ऐसे रहे, जिनमें फीस जमा नहीं हुई। चुनाव में मान्य सदस्यता के लिए भुगतान जरूरी होने के कारण ये पंजीकरण सक्रिय सदस्यता में परिवर्तित नहीं हो सके। आंकड़ों के विधानसभा और जिला स्तर पर विश्लेषण से क्षेत्रवार दिलचस्प अंतर सामने आया है।

अंबिकापुर विधानसभा पूरे प्रदेश में सदस्यता पंजीकरण और भुगतान दोनों में सबसे आगे रही। यहां 16,438 पंजीकरण हुए, जिनमें 8,928 ने फीस जमा की। यानी 54.31% पंजीकरण भुगतान वाले सदस्यों में बदले।

सरगुजा में सबसे ज्यादा सदस्य

जिलों में सरगुजा 26,821 पंजीकरण के साथ पहले नंबर पर रहा। यहां 12,701 युवाओं ने फीस जमा की। जांजगीर-चांपा 25,403 पंजीकरण के साथ दूसरे और महासमुंद 22,611 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हालांकि फीस भुगतान के मामले में महासमुंद का प्रदर्शन ज्यादा मजबूत रहा। यहां 12,287 सदस्यों ने भुगतान किया, जो कुल पंजीकरण का 54.34% है।

शहरों में फीस जमा कराने की क्षमता ज्यादा

डेटा का एक और अहम संकेत यह है कि शहरी क्षेत्रों में पंजीकरण को भुगतान वाली सदस्यता में बदलने की दर अपेक्षाकृत बेहतर रही। कोरबा सिटी में 6466 पंजीकरण में से 4492 ने भुगतान किया। यह 69.47% है। भिलाई सिटी में 15960 में से 10862 यानी 68.06%, जबकि रायपुर सिटी में 16659 में से 10112 यानी 60.70% ने फीस जमा की।

धरमजयगढ़ में 665 पंजीकरण, फीस सिर्फ 28 ने दी

सबसे बड़ा अंतर धरमजयगढ़ विधानसभा में दिखाई देता है। यहां 665 युवाओं ने पंजीकरण कराया, लेकिन सिर्फ 28 ने 75 रुपए का भुगतान किया। भुगतान का अनुपात महज 4.21% रहा, जो प्रदेश में सबसे कम है। दूसरी ओर सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा में कुल पंजीकरण सिर्फ 78 रहे और इनमें 34 ने भुगतान किया। जिलों में बलरामपुर सबसे कमजोर रहा। यहां 6,504 पंजीकरण के बावजूद सिर्फ 1,172 सदस्यों ने फीस जमा की।

आंकड़े संगठन के लिए भी संकेत

युवा कांग्रेस का यह चुनाव पहली बार बड़े पैमाने पर डिजिटल प्रक्रिया से हो रहा है। इसलिए पंजीकरण और वास्तविक भुगतान वाले सदस्यों के बीच इतना बड़ा अंतर संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है। सिर्फ पंजीकरण को युवाओं की सक्रिय भागीदारी मानना सही नहीं होगा।

चुनाव में वास्तविक प्रभाव उन सदस्यों का होगा, जिन्होंने प्रक्रिया पूरी कर फीस जमा की है। यही वजह है कि अब उम्मीदवारों की ताकत आंकने के लिए कुल रजिस्ट्रेशन से ज्यादा पैड मेंबर महत्वपूर्ण होंगे।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में डाक बांटने निकला आरक्षक 54 दिन बाद लौटा:51 बार मिली थी चेतावनी, विभागीय जांच के बाद एसएसपी ने दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति

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बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर पुलिस लाइन में पदस्थ एक आरक्षक डाक बांटने के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह 54 दिन तक ड्यूटी से गायब रहा। विभागीय जांच में सामने आया कि उसे पहले भी 51 बार चेतावनी दी जा चुकी थी।

जांच पूरी होने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की। बिना सूचना लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के मामले में उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा दी गई है।

दिनेश पुलिस लाइन में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत था। वह बिना सूचना दिए कई बार ड्यूटी से गैरहाजिर रहा। इस मामले में उसके खिलाफ विभागीय जांच कराई गई।

जांच में सामने आया कि दिनेश 30 नवंबर 2023 से 3 जनवरी 2024 तक 32 दिन और 11 सितंबर से 3 अक्टूबर 2024 तक 22 दिन बिना सूचना ड्यूटी से गैरहाजिर रहा। इस तरह वह कुल 54 दिन ड्यूटी से नदारद रहा। विभागीय जांच में यह आरोप प्रमाणित पाया गया। इसके बाद उसके खिलाफ अंतिम दंडादेश जारी किया गया।

51 बार पहले ही दी जा चुकी है चेतावनी

विभागीय जांच में सामने आया कि आरक्षक को पहले भी बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के मामलों में 51 बार एलआर-24 किया जा चुका था। इसके अलावा उसे 21 छोटी और 4 बड़ी सजाएं भी मिल चुकी थीं।

विभाग ने इसे सेवा में सुधार का पर्याप्त मौका माना। इसके बावजूद जांच अधिकारी ने लगातार अनुशासनहीनता और ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने के दोनों आरोपों को सही पाया।

जांच के दौरान सुनवाई का दिया पूरा मौका

विभागीय जांच के बाद आरक्षक को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त मौका दिया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद भी उसने तय समय में अपना आवेदन नहीं दिया। 25 अगस्त 2026 को उसे दोबारा मौका दिया गया, लेकिन वह फिर भी उपस्थित नहीं हुआ। विभाग ने इसे असहयोगात्मक रवैया माना और इसके बाद अंतिम निर्णय लिया।

आदेश में आरक्षक की लंबी सेवा को देखते हुए उसके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया। हालांकि, पहले कई बार सजा मिलने के बावजूद उसके व्यवहार और कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। इसे गंभीर मानते हुए आरक्षक दिनेश प्रधान को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा दी गई। आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है।

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छत्तीसगढ़

युकां चुनाव प्रचार में आपस में भिड़े प्रत्याशियों के भाई: खुर्सीपार में पहले कोहनी मारने को लेकर विवाद, युवक बोला- पार्षद कर रही गुंडागर्दी

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। भिलाई में युवा कांग्रेस के चुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रत्याशियों के भाईयों के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला खुर्सीपार का बताया जा रहा है। यहां चुनाव प्रचार के सिलसिले में पहुंचे दो पक्षों के युवाओं के बीच पहले किसी बात को लेकर बहस हुई। इसके बाद मामला धक्का-मुक्की और झूमाझटकी तक पहुंच गया। विवाद बढ़ता देख पुलिस को मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग करना पड़ा। इस दौरान वीडियो में कांग्रेसी पार्षद सुभ्रदा सिंह के बारे में एक युवक गुंडागर्दी करने की बात कहता हुआ सुना जा सकता है।

दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल।

दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल।

इस पूरे विवाद की वजह कोहनी मारने की बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। एक पक्ष ने पूछा कि कोहनी क्यों मारी। इस पर बात बढ़ी और दोनों तरफ से तीखी बातें होने लगीं। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने दूसरे पक्ष पर गुंडागर्दी करने का तंज कसा। बातचीत के दौरान एक-दूसरे पर हत्या के मामलों से जुड़े होने को लेकर तंज कसे जाने की बात सामने आई है। इसी के बाद दोनों पक्षों के बीच माहौल गर्म हो गया। घटना को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्ष खुर्सीपार में यूथ कांग्रेस को लेकर बैठक करने पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक को कथित तौर पर कोहनी लग गई।

पार्षद का बेटा लड़ रहा है विधानसभा अध्यक्ष चुनाव

भिलाई नगर विधानसभा अध्यक्ष के लिए कांग्रेस पार्षद सुभ्रदा सिंह के बेटे रॉबिन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। बेटे रॉबिन सिंह के चुनाव प्रचार के सिलसिले में पार्षद सुभ्रदा सिंह अपने दूसरे बेटे रोहन सिंह के साथ खुर्सीपार पहुंची थी। यहां पर पहले से मौजूद दूसरे गुट की ओर से भिलाई नगर विधानसभा प्रत्याशी अर्जुन शर्मा अपने भाई शुभम शर्मा के साथ मौजूद थे। इस दौरान शुभम शर्मा और रोहन सिंह के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बात दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। झूमाझटकी में कपड़े फटने की बात भी सामने आई है। घटना के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

इस दौरान विवाद बढ़ता देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना के बाद पहुंची खुर्सीपार पुलिस ने पहले तो मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के सामने भी दोनों पक्ष आपस में लड़ते नजर आए। जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया और मामले को शांत करवाया। वायरल वीडियो में ये भी कहते हुए सुनाई दे रहा है कि सुभ्रदा सिंह भिलाई में आकर गुंडागर्दी कर रही है।

इस पूरे मामले में जब जिले के सीनियर नेताओं से सवाल किया गया तो किसी ने सीधा जवाब नहीं दिया। सभी जवाब देने से बचते रहे। पू्र्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे देश में जहां-जहां चुनाव पेंडिंग थे वो हो रहे हैं, विवाद जैसी कोई बात नहीं है। वहीं सीनियर नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि यह एक फुटबॉल मैच की तरह है, जहां हर कोई जीतना चाह रहा है। मैंने अपने आप को दूर रखा है। मुझे लगता है सीनियर लोगों को इससे दूर रहना चाहिए, क्योंकि मुझे लगता है इसमें टकराव और ज्यादा हो जाता है। वहीं इस पूरे मामले में देवेंद्र यादव ने कहा कि विवाद जैसी कोई बात नहीं है। हम सब एक होकर काम कर रहे हैं। किसी का व्यक्तिगत विषय पार्टी का नहीं हो सकता है।

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छत्तीसगढ़

काजल हिंदुस्थानी बोलीं-छत्तीसगढ़ को ‘तीन-M’ से मुक्त करना है:लव-जिहाद, धर्मांतरण, मनुस्मृति और महिला सुरक्षा पर साधा निशाना, देश में महिला-बाल विकास-विभाग की जरूरत नहीं

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुजरात की वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता काजल हिंदुस्थानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को ‘तीन एम’ से मुक्त करना है। उन्होंने हिंदू बेटियों को कथित लव जिहाद और धर्मांतरण से बचाने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। इस दौरान उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण, मनुस्मृति और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी जमकर निशाना साधा।

वंदे मातरम् मित्र मंडल के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘एक शाम बेटियों के नाम’ कार्यक्रम से पहले काजल हिंदुस्थानी ने मीडिया से बात की। उन्होंने महिला और बेटियों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।

तीन M से घिरा है छत्तीसगढ़- कहा मुक्त कराना है

काजल हिंदुस्थानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को ‘तीन एम’ से मुक्त करना है। उन्होंने हिंदू बेटियों को कथित लव जिहाद और धर्मांतरण से बचाने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने हिंदू संगठनों से जुड़ी माताओं और बेटियों से कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया।

‘लव जिहाद पीड़ित बच्चियों के लिए बने पुनर्वास केंद्र’

महिला और बच्चियों की सुरक्षा के सवाल पर काजल हिंदुस्थानी ने कहा कि देश में लव जिहाद से पीड़ित बच्चियों के लिए पुनर्वास केंद्र बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या देश में महिला एवं बाल विकास विभाग की जरूरत नहीं है, तो उन्होंने जवाब दिया- “बिल्कुल नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं और महिला सांसद भी महिला उत्पीड़न के मुद्दों पर अपेक्षित आवाज नहीं उठातीं।

हालांकि, देश में महिला प्रधानमंत्री के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में महिला प्रधानमंत्री होनी चाहिए।

मनुस्मृति के मुद्दे पर राहुल गांधी को चुनौती

हाल ही में कांग्रेस के कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर भी काजल हिंदुस्थानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह चुनौती देती हैं कि कोई यह दिखाए कि मनुस्मृति में महिलाओं के बारे में क्या गलत लिखा है। उनका कहना था कि भारतीय वेदों और ग्रंथों में नारी सम्मान की बात कही गई है, इसके बावजूद इस विषय पर “उल-जुलूल” बातें की जाती हैं।

स्वरा भास्कर के बयान पर भी जताई नाराजगी

अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा रानी पद्मावती को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान पर भी काजल हिंदुस्थानी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपनी बेटियों को बचपन से भारतीय संस्कृति और इतिहास से परिचित कराना चाहिए।

उन्होंने माताओं से अपील की कि वे अपनी बेटियों को रानी पद्मावती, महारानी लक्ष्मीबाई और माता अहिल्याबाई होल्कर जैसी ऐतिहासिक महिलाओं के बारे में बताएं और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ें।

कल होगा ‘एक शाम बेटियों के नाम’ कार्यक्रम

वंदे मातरम् मित्र मंडल के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर रविवार को आयोजित कार्यक्रम में काजल हिंदुस्थानी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगी। आयोजन में बेटियों की सुरक्षा, संस्कृति, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।

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