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G20 समिट में मेलोनी से मिले मोदी:ब्राजीली राष्ट्रपति डि-सिल्वा को गले लगाया, बोले- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी
केप टाउन,एजेंसी। पीएम मोदी ने जोहान्सबर्ग में शनिवार को G20 समिट में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दुनियाभर के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा को उन्होंने गले लगा लिया।
इसके बाद मोदी ने समिट के पहले सेशन में भाषण दिया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा। मोदी ने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी है।
दूसरी ओर अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा ने 2026 की अध्यक्षता किसी ‘खाली कुर्सी’ को सौंपने की बात कही है। 2026 में G20 की अध्यक्षता अमेरिका को मिलनी है, लेकिन अब तक कोई अमेरिकी ऑफिशियल समिट में शामिल नहीं हुआ है।
G20 से जुड़ीं तस्वीरें…

पीएम मोदी के इवेंट में पहुंचने की तस्वीर।

मोदी और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति मुलाकात के दौरान हाथ मिलाते हुए।

साउथ अफ्रीका में G20 समिट के दौरान मौजूद PM मोदी और इटली PM मेलोनी।

मोदी ने G20 समिट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बानीज और कनाडाई PM मार्क कार्नी के साथ बैठक की।

G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में वर्ल्ड लीडर्स।
अमेरिका के बायकॉट के बावजूद G20 घोषणापत्र मंजूर
ट्रम्प के G20 समिट को बायकॉट करने के बावजूद बाकी देशों ने साउथ अफ्रीका के बनाए घोषणा पत्र को आपसी सहमति से मंजूर कर लिया है।
साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बताया कि सभी देशों का अंतिम बयान पर सहमत होना बेहद जरूरी था, भले ही अमेरिका इसमें शामिल नहीं हुआ।
शुक्रवार को G20 देशों ने बिना अमेरिकी भागीदारी के ही घोषणा पत्र का ड्राफ्ट तैयार कर लिया था। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने इसे शर्मनाक कदम बताया।
ट्रम्प ने G20 समिट के मुख्य एजेंडे को भी खारिज कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका चाहता था कि G20 देश गरीब देशों की जलवायु आपदा से लड़ने में मदद करें, साफ ऊर्जा की ओर बढ़ें और विकासशील देशों के कर्ज के बोझ को कम करें।
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने इन सभी मुद्दों पर साथ देने से इनकार कर दिया है।
क्या दक्षिण अफ्रीका खाली कुर्सी को सौंपेगा अगली मेजबानी?
इसपर अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा ने कहा कि शायद उन्हें अगली अध्यक्षता किसी ‘खाली कुर्सी’ को सौंपनी होगी। दरअसल, G20 समिट की 2026 की मेजबानी अमेरिका को मिलनी है, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प इस समिट में भाग नहीं ले रहे हैं।
ट्रम्प ने आखिरी सेशन में मेजबानी लेने के लिए एक अमेरिकी अधिकारी को भेजने की बात कही थी। रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने अमेरिकी अधिकारी को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

पीएम मोदी के जोहान्सबर्ग पहुंचने पर स्थानीय कलाकारों ने जमीन पर लेटकर स्वागत किया।
G7 और यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर चर्चा की
G20 समिट के दौरान जोहान्सबर्ग में G7 देशों, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद के पूर्व प्रमुख एंटोनियो कोस्टा और कई यूरोपीय नेताओं ने अमेरिका के यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर चर्चा की। यह जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों ने दी।
बैठक से पहले E3 समूह फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी की अनौपचारिक सुरक्षा गठबंधन की आंतरिक चर्चा भी हुई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में फिनलैंड, नॉर्वे, स्पेन और नीदरलैंड के नेता भी शामिल हुए।
PM मोदी ने अंगोला के राष्ट्रपति लूरेन्सो से मुलाकात की

G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुएल गोंकाल्वेस लूरेन्सो से मुलाकात की। लूरेन्सो अफ्रीकन यूनियन के अध्यक्ष भी हैं।
मोदी ने कहा कि उनकी बातचीत बेहद अच्छी रही। उन्होंने कहा कि भारत और अंगोला के रिश्ते मजबूत हैं और दोनों देश व्यापार बढ़ाने और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
PM मोदी ने सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग से मुलाकात की

G20 समिट के दौरान PM मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। मोदी ने बातचीत को बहुत ही उपयोगी और सार्थक बताया।
मोदी ने कहा कि भारत-सिंगापुर साझेदारी क्षेत्र में विकास और स्थिरता की एक महत्वपूर्ण ताकत बनी हुई है।
इंडिया-ऑस्ट्रेलिया-कनाडा में टेक पार्टनरशिप होगी
G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक नई त्रिपक्षीय साझेदारी ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (ACITI) पार्टनरशिप का ऐलान किया।
यह घोषणा पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद हुई।
पीएम मोदी ने कहा कि यह साझेदारी तीन देशों को एडवांस टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में एक साथ लाएगी।
ACITI का मकसद-
- सप्लाई चेन को एक देश पर निर्भर न रहने देना, बल्कि कई देशों में फैलाना
- क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देना
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल
- भारत के लिए खास G20 समिट
- साउथ अफ्रीका में हो रही इस साल की G20 समिट भारत के लिए इसलिए खास है क्योंकि 2023 में अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने अफ्रीकन यूनियन को G20 का सदस्य बनवाया था।
- अब पहली बार अफ्रीका में समिट हो रही है। इसके चलते सभी अफ्रीकी देशों में भारत का सम्मान बढ़ा है। शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ अफ्रीका पहुंचने पर स्थानीय कलाकारों ने उनके सम्मान में जमीन पर लेटकर स्वागत किया।
- ट्रम्प, पुतिन और जिनपिंग की गैरमौजूदगी में भारत समिट का सबसे प्रमुख चेहरा बन गया है। पीएम मोदी समिट के तीनों अहम सत्रों में आर्थिक विकास, क्लाइमेट रेजिलियंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे।
- भारत की ग्लोबल साउथ लीडरशिप और विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से पेश करने के लिए यह समिट बड़ा मंच साबित होगी।
- मोदी ने मलेशियाई PM से मुलाकात की

PM मोदी ने G20 समिट के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ मुलाकात की।
उन्होंने कहा- भारत और मलेशिया द्विपक्षीय सहयोग में विविधता लाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। - मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की

G20 समिट के दौरान मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी ने बताया कि उन्होंने दोनों देशों की भलाई के लिए कई मुद्दों पर बात की। - G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में शामिल हुए वर्ल्ड लीडर्स


मोदी ने साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग से मुलाकात की

प्रधानमंत्री मोदी ने G20 समिट के दौरान साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग के साथ मुलाकात की। इस वर्ष दोनों नेताओं की यह दूसरी बैठक है।
मोदी ने कहा, ‘हमने दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश आदान-प्रदान को और बढ़ाने के तरीकों पर बात की।’
मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई PM और कनाडाई PM के साथ बैठक की


मोदी ने G20 समिट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बानीज और कनाडाई PM मार्क कार्नी के साथ बैठक की।
मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। उन्होंने X पर कहा कि- यह साल भारत-ब्रिटेन साझेदारी में नई एनर्जी लेकर आया है और हम इसे अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ाते रहेंगे।


पीएम मोदी ने UN चीफ गुटेरेस से बातचीत की

G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बातचीत को बहुत उपयोगी और सार्थक बताया।
मोदी ने विकास के नए मॉडल की वकालत की
मोदी ने कहा G20 समिट में विकास के नए पैमाने तय करने चाहिए। उन्होंने भारतीय दर्शन इंटीग्रल ह्यूमनिज्म को रास्ता बताते हुए कहा कि इंसान, समाज और प्रकृति तीनों को एक इकाई मानकर आगे बढ़ना होगा।
अफ्रीका के लिए 4 प्रस्ताव रखे
पारंपरिक ज्ञान की ग्लोबल लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव: मोदी ने कहा कि दुनिया में कई समुदाय आज भी प्राकृतिक जीवन जीते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि G20 के तहत एक ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी बनाई जाए, ताकि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय ज्ञान आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।
अफ्रीका के लिए स्किल मिशन: अफ्रीका के युवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए भारत ने G20–Africa Skills Multiplier Initiative का प्रस्ताव रखा। इसके जरिए “ट्रेन-द-ट्रेनर्स” मॉडल पर काम होगा। इसका लक्ष्य अगले एक दशक में अफ्रीका में 10 लाख सर्टिफाइड ट्रेनर तैयार करना है। जो आगे करोड़ों युवाओं को स्किल दे सकेंगे।
ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी टीम बनाने की मांग: मोदी ने कहा कि महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए G20 देशों की एक Global Healthcare Response Team बनाई जाए, जो किसी भी संकट में तुरंत तैनात हो सके।
ड्रग–टेरर नेटवर्क पर सख्ती: फेंटेनिल जैसे ड्रग्स का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यह ड्रग तस्करी, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा सबके लिए खतरा है। भारत ने G20 Initiative on Countering the Drug–Terror Nexus शुरू करने का प्रस्ताव दिया, ताकि ड्रग और आतंकी फंडिंग के नेटवर्क को मिलकर तोड़ा जा सके।
अपील मोदी ने कहा कि भारत-अफ्रीका संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि नई दिल्ली G20 समिट में अफ्रीकन यूनियन को स्थाई सदस्य बनाया गया, और अब जरूरत है कि वैश्विक संस्थानों में ग्लोबल साउथ की आवाज और मजबूत हो।
देश
मिडिल ईस्ट में उबाल, दुनियाभर के बाजारों में भूचाल, कमजोर खुल सकते हैं सेंसेक्स-निफ्टी
मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में संकट गहराने व होर्मुज स्ट्रेड के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए बयान के बाद दुनियाभर के बाजार 3 मार्च को क्रैश हो गए। एशियाई बाजार 11 महीनों के अपने सबसे खराब दौर के ट्रेक पर नजर आ रहे हैं। साउथ कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी दिख रही है। छुट्टी से लौटने के बाद यह 5 फीसदी गिर गया और प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए कुछ समय के लिए सेल ऑर्डर रोक दिए गए। होली की छुट्टी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। फ्यूचर्स से जुड़े संकेतक GIFT Nifty में करीब 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,355 के आसपास लगभग 2.55% नीचे ट्रेड करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि BSE Sensex और NIFTY 50 दबाव में खुल सकते हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के चलते बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। उल्लेखनिय है कि ट्रंप ने कहा कि यह वॉर करीब 1 महीने तक चल सकती है।
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली हावी रही। दक्षिण कोरिया का KOSPI 7% से ज्यादा टूट गया, जो 2024 के बाद की बड़ी गिरावट मानी जा रही है। टेक दिग्गज Samsung Electronics और SK Hynix में करीब 10% तक की कमजोरी आई।
जापान का Nikkei 225 3% से अधिक फिसला, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का SSE Composite Index भी 1% से ज्यादा नीचे रहे। यूरोप में Stoxx Europe 600 लगभग 2.5% गिरा, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी 2% तक की कमजोरी दिखी।
कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी चिंता
तनाव के बीच Brent Crude 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। आज इसमें 7% से अधिक की तेजी दर्ज हुई थी। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते जोखिम ने तेल और गैस आपूर्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेल की बढ़ती कीमतें एशियाई कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव और महंगाई में तेजी की आशंका है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
सोमवार को भी दिखा भारी उतार-चढ़ाव
सोमवार को भी बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,700 अंकों से ज्यादा टूटा, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी के साथ करीब 1,048 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ। निफ्टी भी दिन में 575 अंक फिसलकर अंत में 312 अंक नीचे बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऊंची ऊर्जा कीमतों से रुपये पर दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने के बजाय संतुलित और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
देश
गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल, तीन साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम
मुंबई, एजेंसी। गैस की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। आज थोक गैस की कीमतों में 32% की सीधी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे दाम थोड़े समय के लिए 151 पेंस प्रति थर्म तक जा पहुंचे। यह फरवरी 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।
एक हफ्ते में करीब 93% की वृद्धि
बाजार में गैस की कीमतों का बढ़ना जारी है। कल कीमतों में हुई 50% की वृद्धि के बाद, इस सप्ताह अब तक गैस के दाम 93% तक बढ़ चुके हैं। हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में मामूली राहत देखी गई और यह 148 पेंस प्रति थर्म पर आकर रुकी।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
गैस की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। बिजली की कीमतें अभी भी थोक गैस की लागत से जुड़ी हुई हैं, इसलिए गैस महंगी होने से बिजली भी महंगी हो सकती है। दूसरी ओर ‘एनर्जी प्राइस कैप’ (जो ऊर्जा की प्रति यूनिट अधिकतम शुल्क को सीमित करती है) काफी हद तक थोक लागतों के आधार पर ही तय की जाती है।
यदि थोक कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू बिलों (Household bills) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
देश
Gold-Silver Drop: औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के भाव, कीमतों में आई बड़ी गिरावट
मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के कारण सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर शाम के कारोबार में दोनों कीमती धातुएं औंधे मुंह गिरी है। MCX पर खबर लिख जाने के समय सोने का वायदा भाव 2.45% यानि 3760 रुपए की गिरावट के साथ 1,62,314 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं चांदी में 16653 रुपए (6.21%) टूटकर 2,61,828 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। आपको बता दें कि आज MCX पर होली के कारण सुबह का कारोबार बंद था। इंटरनैशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है।
इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमत
इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $5400 के पार चली गईं, जिसके बाद देर शाम के ट्रेडिंग में गिरावट देखी गई। शाम के कारोबार में Comex पर सोना 159 डॉलर की गिरावट के साथ 5,159.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 7.44 डॉलर की गिरावट के साथ 81.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।
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