जोहान्सबर्ग,एजेंसी। PM मोदी ने जोहान्सबर्ग में हो रहे G20 समिट के दौरान दुनिया के 20 ग्लोबल लीडर्स से मुलाकात की। इनमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई बड़े अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल रहे।
मोदी ने रविवार को समिट के तीसरे सेशन में दुनिया को AI के गलत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है, इसलिए सभी देशों को मिलकर इसके लिए मजबूत नियम-कानून बनाने चाहिए।
मोदी ने कहा कि AI पर एक ग्लोबल कॉम्पैक्ट (यानी अंतरराष्ट्रीय समझौता) होना जरूरी है। इसमें तीन चीजें सबसे जरूरी होंगी। निगरानी (Oversight), सुरक्षा (Safety) और पारदर्शिता (Transparency)।
उन्होंने खास तौर पर चेतावनी दी कि डीपफेक वीडियो-ऑडियो, अपराध और आतंकवाद में AI का इस्तेमाल बहुत खतरनाक है। मोदी ने कहा कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो AI का गलत इस्तेमाल समाज के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। इसलिए समय रहते पूरी दुनिया को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।
G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में वर्ल्ड लीडर्स शामिल हुए।
मोदी-रामफोसा की द्विपक्षीय बैठक, टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट पर चर्चा
पीएम मोदी ने रविवार को G20 शिखर सम्मेलन से इतर साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
इससे पहले मोदी ने बताया था कि, कल G20 शिखर सम्मेलन की बैठक अच्छी रही। उन्होंने कहा, ‘मैंने दो सत्रों में भाग लिया और प्रमुख मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।’
मोदी ने X पर बताया कि, ‘जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति रामफोसा के साथ शानदार बैठक हुई। हमने भारत-दक्षिण अफ्रीका साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की, विशेष रूप से ट्रेड, कल्चर, इंवेस्टमेंट और टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट, AI, रेयर अर्थ मेटल में सहयोग में विविधता लाने पर।’ इसके साथ ही मोदी ने G20 की सफल अध्यक्षता के लिए राष्ट्रपति रामफोसा को बधाई दी।
मोदी ने साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ बैठक की।
IBSA बैठक में मोदी बोले- वैश्विक संस्थानोंमें सुधार अब जरूरत बन गई है
मोदी G20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (IBSA) नेताओं की बैठक में शामिल हुए। इसमें विदेश मंत्री एस.जयशंकर भी शामिल हुए। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी बैठक में मौजूद रहे।
इस दौरान मोदी ने 4 मुद्दों पर बात रखी-
वैश्विक संस्थाओं में सुधार जरूरी: IBSA को दुनिया को एक संदेश देना चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधार अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि जरूरी हो गया है। ये संस्थाएं 21वीं सदी की वास्तविकता से बहुत दूर हो चुकी हैं। अब बदलाव का समय आ गया है।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुट लड़ाई: आतंकवाद के मुद्दे पर कोई दोहरा मापदंड नहीं चल सकता। तीनों देशों को इस लड़ाई में पूरा समन्वय रखना होगा।
आईबीएसए डिजिटल इनोवेशन एलायंस की शुरुआत: तकनीक का इस्तेमाल इंसान-केंद्रित विकास के लिए किया जाए। इसके लिए एक नया ‘आईबीएसए डिजिटल इनोवेशन अलायंस’ बनाया जाना चाहिए।
IBSA फंड फॉर क्लाइमेट-रेजिलिएंट एग्रीकल्चर: खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के लिए ‘आईबीएसए फंड फॉर क्लाइमेट-रेजिलिएंट एग्रीकल्चर’ शुरू किया जाए। यह कोष जलवायु परिवर्तन से प्रभावित कृषि को मजबूत बनाने में मदद करेगा।
IBSA (India-Brazil-South Africa) एक त्रिपक्षीय अंतरराष्ट्रीय मंच है जो भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
6 जून 2003 को ब्राजील में तीनों देशों के तत्कालीन विदेश मंत्रियों ने ब्रासीलिया घोषणापत्र (Brasília Declaration) पर हस्ताक्षर करके IBSA की औपचारिक शुरुआत की।
IBSA बैठक में भाग लेते पीएम मोदी, ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा।
IBSA बैठक में भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के अधिकारी शामिल हुए।
साउथ अफ्रीका के बनाए घोषणा पत्र को मंजूरी मिली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बॉयकॉट के बावजूद 20वीं G20 समिट के पहले दिन शनिवार को सदस्य देशों ने साउथ अफ्रीका के बनाए घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया।
साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने बताया कि सभी देशों का अंतिम बयान पर सहमत होना बेहद जरूरी था, भले ही अमेरिका इसमें शामिल नहीं हुआ। वहीं, ट्रम्प ने आखिरी सेशन में 2026 की मेजबानी लेने के लिए एक अमेरिकी अधिकारी को भेजने की बात कही थी।
रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने अमेरिकी अधिकारी को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को नकार दिया। अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा आज G20 की अगली अध्यक्षता ‘खाली कुर्सी’ को सौंपेंगे।
साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति ने परंपरा तोड़ी
इस बार के G20 समिट में दो बड़ी परंपराएं टूट गईं और यही वजह है कि यह बैठक ऐतिहासिक रूप से अलग मानी जा रही है।
पहली परंपरा मेजबानी सौंपने की है। हर G20 समिट में पिछले साल की मेजबानी करने वाला देश, इस साल के मेजबानी देश को औपचारिक रूप से ‘गवेल’ (अध्यक्षता का प्रतीक) सौंपता है।
यह एक लाइव सेरेमनी होती है, जिसमें दोनों देशों के नेता आमने-सामने मौजूद रहते हैं। इस बार अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति ट्रम्प शामिल नहीं हुए।
2024 में G20 की मेजबानी अमेरिका (सैन फ्रांसिस्को) ने की थी, इसलिए गवेल ट्रम्प को ही सौंपना था। लेकिन उनकी गैरहाजिरी की वजह से साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति ने खाली कुर्सी को मेजबानी सौंपने का ऐलान किया है।
पहले दिन ही पास हुआ G20 समिट का घोषणापत्र
दूसरी बड़ी परंपरा घोषणापत्र से जुड़ी है। G20 समिट के अंत में सभी देश मिलकर एकमत से संयुक्त घोषणापत्र जारी करते हैं।
यानी दो दिन की बैठकें, चर्चाएं, ड्राफ्टिंग सब पूरा होने के बाद अंतिम सत्र में घोषणापत्र जारी किया जाता है। लेकिन इस बार घोषणापत्र पहले ही दिन सर्वसम्मति से पास हो गया।
जानिए पीएम मोदी ने पहले और दूसरे समिट में क्या कहा…
मोदी बोले- पुराने डेवलपमेंट मॉडल को बदलना जरूरी
पीएम मोदी ने G20 समिट के पहले दो सत्रों को संबोधित किया। पहले सेशन में उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा।
मोदी ने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी है।
वहीं समिट के दूसरे सत्र में पीएम ने भारत के श्री अन्न (मोटा अनाज), जलवायु परिवर्तन, G20 सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप और डिजास्टर रिस्क रिडक्शन पर बात की।
पीएम मोदी ने कहा-
G20 ने भले ही दुनिया की अर्थव्यवस्था को दिशा दी हो, लेकिन आज की ग्लोबल विकास मॉडल के पैरामीटर्स ने बड़ी आबादी को रिसोर्स से वंचित किया है और प्रकृति के दोहन को बढ़ावा दिया है। अफ्रीकी देशों पर इसका असर सबसे ज्यादा दिखता है।
मोदी ने G20 समिट में तीन पहल पेश कीं
1.वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार : इसका मकसद दुनिया के लोक ज्ञान, पारंपरिक चिकित्सा और सामुदायिक प्रथाओं को एक साथ लाना है।
2. अफ्रीका स्किल इनिशिएटिव: अफ्रीकी युवाओं के लिए कौशल विकास, ट्रेनिंग और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की योजना।
3. ड्रग–टेरर नेक्सस के खिलाफ इनिशिएटिव: प्रधानमंत्री ने इसे अहम बताते हुए कहा कि ड्रग तस्करी, अवैध पैसों का नेटवर्क और आतंकवाद की फंडिंग आपस में जुड़े हैं।
यह पहल इन्हें रोकने के लिए सदस्य देशों के वित्तीय, सुरक्षा और शासन तंत्र को एकजुट करेगी।मोदी के मुताबिक, इस फ्रेमवर्क से ड्रग नेटवर्क पर सख्त चोट की जा सकेगी और आतंकवाद की फंडिंग भी कमजोर होगी।
दिल्ली घोषणा-पत्र की सराहना की गई
इस G-20 समिट के दौरान दिल्ली में 2023 के 18वें जी-20 घोषणा-पत्र की सभी सदस्य देशों ने सराहना की। इसके तहत महिला सशक्तिकरण, जलवायु परिवर्तन फंड और डिजिटल लिटरेसी को बढ़ावा देने के बिंदुओं की समीक्षा कर नए फैसले किए गए।
UN सुरक्षा परिषद (UNSC) का विस्तार कर भारत को भी जगह दिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।