केप टाउन,एजेंसी। पीएम मोदी ने जोहान्सबर्ग में शनिवार को G20 समिट में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दुनियाभर के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा को उन्होंने गले लगा लिया।
इसके बाद मोदी ने समिट के पहले सेशन में भाषण दिया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा। मोदी ने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी है।
दूसरी ओर अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा ने 2026 की अध्यक्षता किसी ‘खाली कुर्सी’ को सौंपने की बात कही है। 2026 में G20 की अध्यक्षता अमेरिका को मिलनी है, लेकिन अब तक कोई अमेरिकी ऑफिशियल समिट में शामिल नहीं हुआ है।
G20 से जुड़ीं तस्वीरें…
पीएम मोदी के इवेंट में पहुंचने की तस्वीर।
मोदी और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति मुलाकात के दौरान हाथ मिलाते हुए।
साउथ अफ्रीका में G20 समिट के दौरान मौजूद PM मोदी और इटली PM मेलोनी।
मोदी ने G20 समिट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बानीज और कनाडाई PM मार्क कार्नी के साथ बैठक की।
G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में वर्ल्ड लीडर्स।
अमेरिका के बायकॉट के बावजूद G20 घोषणापत्र मंजूर
ट्रम्प के G20 समिट को बायकॉट करने के बावजूद बाकी देशों ने साउथ अफ्रीका के बनाए घोषणा पत्र को आपसी सहमति से मंजूर कर लिया है।
साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बताया कि सभी देशों का अंतिम बयान पर सहमत होना बेहद जरूरी था, भले ही अमेरिका इसमें शामिल नहीं हुआ।
शुक्रवार को G20 देशों ने बिना अमेरिकी भागीदारी के ही घोषणा पत्र का ड्राफ्ट तैयार कर लिया था। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने इसे शर्मनाक कदम बताया।
ट्रम्प ने G20 समिट के मुख्य एजेंडे को भी खारिज कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका चाहता था कि G20 देश गरीब देशों की जलवायु आपदा से लड़ने में मदद करें, साफ ऊर्जा की ओर बढ़ें और विकासशील देशों के कर्ज के बोझ को कम करें।
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने इन सभी मुद्दों पर साथ देने से इनकार कर दिया है।
क्या दक्षिण अफ्रीका खाली कुर्सी को सौंपेगा अगली मेजबानी?
इसपर अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा ने कहा कि शायद उन्हें अगली अध्यक्षता किसी ‘खाली कुर्सी’ को सौंपनी होगी। दरअसल, G20 समिट की 2026 की मेजबानी अमेरिका को मिलनी है, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प इस समिट में भाग नहीं ले रहे हैं।
ट्रम्प ने आखिरी सेशन में मेजबानी लेने के लिए एक अमेरिकी अधिकारी को भेजने की बात कही थी। रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने अमेरिकी अधिकारी को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
पीएम मोदी के जोहान्सबर्ग पहुंचने पर स्थानीय कलाकारों ने जमीन पर लेटकर स्वागत किया।
G7 और यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर चर्चा की
G20 समिट के दौरान जोहान्सबर्ग में G7 देशों, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद के पूर्व प्रमुख एंटोनियो कोस्टा और कई यूरोपीय नेताओं ने अमेरिका के यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर चर्चा की। यह जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों ने दी।
बैठक से पहले E3 समूह फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी की अनौपचारिक सुरक्षा गठबंधन की आंतरिक चर्चा भी हुई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में फिनलैंड, नॉर्वे, स्पेन और नीदरलैंड के नेता भी शामिल हुए।
PM मोदी ने अंगोला के राष्ट्रपति लूरेन्सो से मुलाकात की
G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुएल गोंकाल्वेस लूरेन्सो से मुलाकात की। लूरेन्सो अफ्रीकन यूनियन के अध्यक्ष भी हैं।
मोदी ने कहा कि उनकी बातचीत बेहद अच्छी रही। उन्होंने कहा कि भारत और अंगोला के रिश्ते मजबूत हैं और दोनों देश व्यापार बढ़ाने और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
PM मोदी ने सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग से मुलाकात की
G20 समिट के दौरान PM मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। मोदी ने बातचीत को बहुत ही उपयोगी और सार्थक बताया।
मोदी ने कहा कि भारत-सिंगापुर साझेदारी क्षेत्र में विकास और स्थिरता की एक महत्वपूर्ण ताकत बनी हुई है।
इंडिया-ऑस्ट्रेलिया-कनाडा में टेक पार्टनरशिप होगी
G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक नई त्रिपक्षीय साझेदारी ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (ACITI) पार्टनरशिप का ऐलान किया।
यह घोषणा पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद हुई।
पीएम मोदी ने कहा कि यह साझेदारी तीन देशों को एडवांस टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में एक साथ लाएगी।
ACITI का मकसद-
सप्लाई चेन को एक देश पर निर्भर न रहने देना, बल्कि कई देशों में फैलाना
क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देना
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल
भारत के लिए खास G20 समिट
साउथ अफ्रीका में हो रही इस साल की G20 समिट भारत के लिए इसलिए खास है क्योंकि 2023 में अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने अफ्रीकन यूनियन को G20 का सदस्य बनवाया था।
अब पहली बार अफ्रीका में समिट हो रही है। इसके चलते सभी अफ्रीकी देशों में भारत का सम्मान बढ़ा है। शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ अफ्रीका पहुंचने पर स्थानीय कलाकारों ने उनके सम्मान में जमीन पर लेटकर स्वागत किया।
ट्रम्प, पुतिन और जिनपिंग की गैरमौजूदगी में भारत समिट का सबसे प्रमुख चेहरा बन गया है। पीएम मोदी समिट के तीनों अहम सत्रों में आर्थिक विकास, क्लाइमेट रेजिलियंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे।
भारत की ग्लोबल साउथ लीडरशिप और विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से पेश करने के लिए यह समिट बड़ा मंच साबित होगी।
मोदी ने मलेशियाई PM से मुलाकात की
PM मोदी ने G20 समिट के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ मुलाकात की। उन्होंने कहा- भारत और मलेशिया द्विपक्षीय सहयोग में विविधता लाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की
G20 समिट के दौरान मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी ने बताया कि उन्होंने दोनों देशों की भलाई के लिए कई मुद्दों पर बात की।
G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में शामिल हुए वर्ल्ड लीडर्स
मोदी ने साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग से मुलाकात की
प्रधानमंत्री मोदी ने G20 समिट के दौरान साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग के साथ मुलाकात की। इस वर्ष दोनों नेताओं की यह दूसरी बैठक है।
मोदी ने कहा, ‘हमने दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश आदान-प्रदान को और बढ़ाने के तरीकों पर बात की।’
मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई PM और कनाडाई PM के साथ बैठक की
मोदी ने G20 समिट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बानीज और कनाडाई PM मार्क कार्नी के साथ बैठक की।
मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। उन्होंने X पर कहा कि- यह साल भारत-ब्रिटेन साझेदारी में नई एनर्जी लेकर आया है और हम इसे अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ाते रहेंगे।
पीएम मोदी ने UN चीफ गुटेरेस से बातचीत की
G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बातचीत को बहुत उपयोगी और सार्थक बताया।
मोदी ने विकास के नए मॉडल की वकालत की
मोदी ने कहा G20 समिट में विकास के नए पैमाने तय करने चाहिए। उन्होंने भारतीय दर्शन इंटीग्रल ह्यूमनिज्म को रास्ता बताते हुए कहा कि इंसान, समाज और प्रकृति तीनों को एक इकाई मानकर आगे बढ़ना होगा।
अफ्रीका के लिए 4 प्रस्ताव रखे
पारंपरिक ज्ञान की ग्लोबल लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव: मोदी ने कहा कि दुनिया में कई समुदाय आज भी प्राकृतिक जीवन जीते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि G20 के तहत एक ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी बनाई जाए, ताकि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय ज्ञान आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।
अफ्रीका के लिए स्किल मिशन: अफ्रीका के युवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए भारत ने G20–Africa Skills Multiplier Initiative का प्रस्ताव रखा। इसके जरिए “ट्रेन-द-ट्रेनर्स” मॉडल पर काम होगा। इसका लक्ष्य अगले एक दशक में अफ्रीका में 10 लाख सर्टिफाइड ट्रेनर तैयार करना है। जो आगे करोड़ों युवाओं को स्किल दे सकेंगे।
ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी टीम बनाने की मांग: मोदी ने कहा कि महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए G20 देशों की एक Global Healthcare Response Team बनाई जाए, जो किसी भी संकट में तुरंत तैनात हो सके।
ड्रग–टेरर नेटवर्क पर सख्ती: फेंटेनिल जैसे ड्रग्स का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यह ड्रग तस्करी, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा सबके लिए खतरा है। भारत ने G20 Initiative on Countering the Drug–Terror Nexus शुरू करने का प्रस्ताव दिया, ताकि ड्रग और आतंकी फंडिंग के नेटवर्क को मिलकर तोड़ा जा सके।
अपील मोदी ने कहा कि भारत-अफ्रीका संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि नई दिल्ली G20 समिट में अफ्रीकन यूनियन को स्थाई सदस्य बनाया गया, और अब जरूरत है कि वैश्विक संस्थानों में ग्लोबल साउथ की आवाज और मजबूत हो।
लुधियाना/महाराष्ट्र,एजेंसी। महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारा माता साहिब कौर में एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया। बादल के हाथ में चोट लगी है। हमले के दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने हमले के आरोपी निहंग जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सुखबीर बादल परिवार के साथ नांदेड़ के गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे थे। हमले के बाद उन्हें यशोसाई अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुखबीर बादल पर 4 दिसंबर 2024 को भी हमला हुआ था। गोल्डन टेंपल में सेवादार की धार्मिक सजा भुगतने के दौरान उन पर फायरिंग की गई थी।
सुखबीर सिंह बादल ने अपने परिवार के साथ तख्त श्री हजूर साहिब में मत्था टेका।
हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल ले जाया गया।
यशोसाईं अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हमले से पहले बादल अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब गए थे।
महाराष्ट्र सीएम फडणवीस ने जांच के आदेश दिए
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से बात की और सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए।
इस हमले के दौरान बादल के सुरक्षाकर्मी संतोष हेगड़े ने भी हमलावर को रोकने का प्रयास किया, जिसमें वह भी घायल हुआ। हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज तथा चश्मदीद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।
हमलावर को सम्मानित करने का दावा
इस घटना के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हमला करने वाले निहंग जसपाल सिंह को सम्मानित किया गया। हालांकि, वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दावा है कि जिस निहंग को दस्तार बांधा जा रहा है उसी ने हमला किया है। मौके पर एक पुलिसवाला भी मौजूद है, जो बाद में इसे पकड़कर ले गया।
अकाली दल के प्रवक्ता बोले- सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश
इस मामले में अकाली दल के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि सुखबीर बादल पूरी तरह स्वस्थ हैं। मामला महाराष्ट्र का है, इसलिए वहां की पुलिस जांच करेगी कि हमलावर कौन है?। उसने किसके कहने पर हमला किया?।उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे कुछ सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश हो सकती है।
अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा- हमलावर सच्चा सिख नहीं
इस बारे में सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब ऐसी जगह है, जहां श्रद्धालु सभी की भलाई के लिए अरदास करने आते हैं। सच्चा सिख किसी ऐसे व्यक्ति पर हमला नहीं कर सकता, जो गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया हो। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से गुरुद्वारों की मर्यादा को ठेस और पूरे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंची है।
2024 में भी हुआ था हमला
गोल्डन टेम्पल में सुखबीर सिंह बादल पर दिसंबर 2024 में हुए हमले की तस्वीर।
एक बुजुर्ग व्यक्ति भीड़ के बीच से धीरे-धीरे सुखबीर बादल की ओर बढ़ा। उसने अपनी जेब से 9mm की पिस्टल निकाली और सीधे बादल पर निशाना साधकर गोली चला दी।
सुखबीर सिंह बादल पर 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल के प्रवेश द्वार पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। इसमें वह बाल-बाल बच गए थे।
यह हमला उस समय हुआ था जब वह अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई एक धार्मिक सजा (तनखैया) काट रहे थे।
सुखबीर बादल को सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने धार्मिक रूप से दोषी घोषित किया था। यह सजा अकाली दल सरकार के दौरान हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के प्रायश्चित के रूप में दी गई थी।
उस दिन उनकी सजा का दूसरा दिन था। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण वह व्हीलचेयर पर बैठे थे। गले में पट्टी लटकी हुई थी, नीली पोशाक पहने थे और हाथ में भाला लेकर द्वार पर पहरेदार के रूप में सेवा दे रहे थे।
नई दिल्ली, एजेंसी। देश के मध्य और पूर्वी हिस्से में मानसून एक्टिव है। मध्यप्रदेश, राजस्थान के कई इलाकों में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश से हालात खराब हैं। इसकी वजह तीन मानसूनी सिस्टम हैं। इनके कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी आ रही है।
भोपाल में बुधवार को लगातार तीसरे दिन स्कूलों में छुट्टी है। यहां दो दिनों में 8.57 इंच बारिश हुई। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा बारिश का अनुमान है।
उधर, राजस्थान में खोखी बांध की दीवार टूटने से 300 बीघा फसल खराब हो गई है। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की टनल के एक हिस्से में दो-तीन फीट तक पानी भरा हुआ है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में पिछले 2 दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को पानी भर गया था। इसका वीडियो आज सामने आया है। वाराणसी में घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। 100 से ज्यादा छोटे मंदिर डूब गए हैं।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है। वहीं, शिवपुरी में NH-46 पर करीब एक फीट तक पानी भर गया। इससे काफी देर तक जाम लगा रहा। प्रदेश में अब तक 19.6 इंच बारिश हो चुकी है।
राजस्थान में पिछले 3 दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल में पानी भर गया है। इस वजह से बुधवार सुबह से यहां लंबा जाम लगा हुआ है। पिछले दो दिनों से ट्रैफिक रेंग-रेंगकर चल रहा है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बारिश के बाद पानी भर गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इससे फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा। घटना मंगलवार की है, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।
मुंबई में कुर्ला के अशोक नगर इलाके में बुधवार सुबह 3 बजे गौसिया चॉल के पास बारिश की वजह से मिट्टी का बड़ा हिस्सा गिर गया। इसकी चपेट में दो-तीन घर आ गए। महाराष्ट्र के कई इलाकों में 24 घंटे से बारिश हो रही है।
उत्तराखंड के चमोली की नीति घाटी में दो दिन पहले बादल फटने से तमक नाला उफान पर आ गया था। तेज बहाव में 17 टन स्टील से बना वैली ब्रिज बह गया। अब नाले पर अस्थायी ब्रिज बनाने का काम किया जा रहा है।
हिमाचल के शिमला-धर्मशाला NH-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार को चलती कार पर बड़ी चट्टान गिर गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हो गए। राज्य में लैंडस्लाइड से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुंबई, एजेंसी। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आज 12 अगस्त को इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम से ठीक पहले आया है। हालांकि, वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे।
चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ सहमति नहीं बन पाई थी। नए कारोबारों में भारी निवेश, उनके प्रदर्शन और टाटा संस के भविष्य को लेकर मतभेद इस फैसले की बड़ी वजह बने।
एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर के शेयर 3% तक नीचे हैं।
चंद्रशेखरन ने इस्तीफा देते हुए क्या कहा
चंद्रशेखरन ने कहा कि, “टाटा संस के चेयरमैन के रूप में मेरा मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके मेरे अगले 5 साल के कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी।
इसे टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और बोर्ड ने दर्ज किया था और आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी। इसके बाद, यह प्रस्ताव 24 फरवरी 2026 को टाटा संस बोर्ड के सामने रखा गया था।
हालांकि, यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि बोर्ड के एक सदस्य ने इसका समर्थन नहीं किया। सर्वसम्मत समर्थन न मिलने की वजह से मैंने इस फैसले को टालने का विकल्प चुना। उस बोर्ड मीटिंग को हुए 6 महीने बीत चुके हैं और आज तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।
टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और कई बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स अभी अहम मोड़ पर हैं। फरवरी 2027 के बाद ग्रुप की अगुआई करने के लिए न सिर्फ एक लीडर का होना जरूरी है, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और बाकी स्टेकहोल्डर्स के लिए लीडरशिप को लेकर स्पष्टता होना भी बहुत जरूरी है।”
इस्तीफे की 4 बड़ी वजह
चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने पर मतभेद
फरवरी 2026 में टाटा संस बोर्ड ने चंद्रशेखरन के अगले 5 साल के कार्यकाल की सिफारिश की थी। बाद में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसका विरोध किया और सिर्फ 2 साल का कार्यकाल देने की वकालत की।
24 फरवरी 2026 को 5 साल के विस्तार का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया। एक सदस्य के समर्थन न देने से इस पर सहमति नहीं बन सकी है।
नए कारोबारों के प्रदर्शन पर सवाल
चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप ने एविएशन, डिजिटल कारोबार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और बैटरी जैसे नए क्षेत्रों में बड़े निवेश किए। इनमें से कुछ कारोबार अभी घाटे में हैं।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस को FY26 में कुल रू.22,238 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि टाटा डिजिटल का घाटा रू.4,974 करोड़ रहा। इन्हीं मुद्दों पर नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई थी।
टाटा संस की लिस्टिंग हो या नहीं
टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए या निजी कंपनी ही रखा जाए, इस पर टाटा ट्रस्ट्स के अंदर अलग-अलग राय सामने आई। नोएल टाटा लिस्टिंग के पक्ष में नहीं बताए जाते हैं, जबकि कुछ ट्रस्टी लिस्टिंग की वकालत कर चुके हैं।
टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच तालमेल
टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है, इसलिए दोनों के बीच बड़े फैसलों पर सहमति बेहद अहम है। नए कारोबारों की रणनीति, निवेश और चंद्रशेखरन के कार्यकाल को लेकर मतभेदों से दोनों के बीच तालमेल का सवाल भी सामने आया।
चंद्रशेखरन का 9 साल का सफर: रेवेन्यू रू.16.24 लाख करोड़ पहुंचा
चंद्रशेखरन के 2017 में कमान संभालने के बाद टाटा ग्रुप का दायरा काफी बढ़ा है। चंद्रशेखरन ने ग्रुप को एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे नए क्षेत्रों में उतारा।
रेवेन्यू: वित्त वर्ष 2020 में ग्रुप का रेवेन्यू रू.7.89 लाख करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर रू.16.24 लाख करोड़ हो गया।
मुनाफा: ग्रुप का मुनाफा रू.32,000 करोड़ से बढ़कर रू.1.71 लाख करोड़ हो गया।
मार्केट कैप: लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2020 के रू.9.31 लाख करोड़ से बढ़कर 2026 में रू.24.39 लाख करोड़ पहुंच गया।
टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में फर्क
टाटा ग्रुपः टाटा नाम से चलने वाली अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों को मिलाकर टाटा ग्रुप बनता है। जैसे- टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा पावर और एअर इंडिया।
टाटा संसः टाटा संस, टाटा ग्रुप की मुख्य कंपनी है। यह ग्रुप की बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखती है और बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।
टाटा ट्रस्ट्सः टाटा ट्रस्ट्स सामाजिक और परोपकारी काम करने वाले ट्रस्टों का समूह है। इसके पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है।
कैसे चुना जाएगा नया चैयरमैन
टाटा संस के चेयरमैन को चुनने की प्रक्रिया में पहले चयनसमिति उम्मीदवारों पर विचार करती है। इस समिति में टाटा ट्रस्ट्स की ओर से नामित सदस्य, टाटा संस बोर्ड का एक सदस्य और एक स्वतंत्र बाहरी सदस्य शामिल होते हैं।
समिति उम्मीदवार के नाम की सिफारिश टाटा संस के बोर्ड से करती है। बोर्ड उम्मीदवार की योग्यता और ग्रुप की जरूरतों को देखते हुए अंतिम नियुक्ति का फैसला करता है। अगर मौजूदा चेयरमैन को ही जारी रखना हो, तो उनके कार्यकाल के विस्तार पर भी इसी प्रक्रिया के तहत फैसला होता है।