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मोदी बोले- प्राकृतिक आपदाएं हमारे देश की परीक्षा ले रहीं:UPSC में सिलेक्ट न होने वाले उम्मीदवारों को ‘प्रतिभा सेतु’ के जरिए नौकरी

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नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में प्राकृतिक आपदा, खेल-खिलाड़ी, इनोवेशन, शिक्षा, वोकल फॉर लोकल पर बात की। उन्होंने कहा- इस मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाएं हमारे देश की परीक्षा ले रही हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों हमने भीषण बाढ़-भूस्खलन देखे। इन घटनाओं ने हर भारतीय को दुख पहुंचाया है। हम उन परिवारों के दुख में शामिल हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। जहां भी आपदाएं आईं, हमारे NDRF-SDRF के जवानों ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर, दिन-रात अथक परिश्रम किया है।

पीएम ने कहा कि कई उम्मीदवार यूपीएससी की फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना सके। उनकी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रतिभा सेतु एप पर उपलब्ध कराई जा रही है। जो देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ शेयर की जाएगी, ताकि उन्हें इन कंपनियों में अच्छी जॉब मिल सके।

पीएम ने कहा- सितंबर में हम हैदराबाद लिबरेशन डे मनाएंगे

सितंबर में हम हैदराबाद लिबरेशन डे मनाएंगे। ये वही महीना है जब हम उन सभी वीरों के साहस को याद करते हैं जिन्होंने ऑपरेशन पोलो में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा-

जब अगस्त 1947 में भारत को आजादी मिली, तो हैदराबाद अलग ही स्थिति में था। निजाम-रजाकारों के अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे। तिरंगा फहराने या ‘वंदे मातरम्’ कहने पर भी मौत के घाट उतार दिया जाता था। महिलाओं और गरीबों पर अत्याचार किए जाते थे। उस समय बाबा साहेब अंबेडकर ने भी चेतावनी दी थी कि ये समस्या बहुत बड़ी बनती जा रही है। सरदार पटेल ने मामले को अपने हाथ में लिया। उन्होंने सरकार को ऑपरेशन पोलो शुरू करने के लिए तैयार किया। रिकॉर्ड समय में हमारी सेनाओं ने हैदराबाद को निजाम की तानाशाही से आजाद कराया और उसे भारत का हिस्सा बनाया। पूरे देश ने इस सफलता का उत्सव मनाया।

पीएम ने गिनाईं जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियां

पीएम मोदी ने कहा- बाढ़ और बारिश से हुई तबाही के बीच जम्मू-कश्मीर ने दो बेहद खास उपलब्धियां भी हासिल की हैं। पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए। पुलवामा का पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच यहीं खेला गया। पहले यह नामुमकिन था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है।

मन की बात में इन लोगों की जिक्र

  • जितेंद्र सिंह राठौड़ सूरत में रहने वाले जितेंद्र सिंह राठौड़ सिक्योरिटी गार्ड हैं। वे कुछ सालों से उन सभी जवानों की जानकारियां जुटा रहे हैं, जो भारत के लिए दुश्मन देश से लड़े। जितेंद्र के पास प्रथम विश्व युद्ध से लेकर अब तक शहीद हुए वीर जवानों की डिटेल है। उनके पास हजारों जवानों की तस्वीर भी हैं, जो शहीद हो चुके हैं। जितेंद्र ने करीब ढाई हजार शहीद जवानों के माता-पिता के चरणों की मिट्टी भी अपने पास आशीर्वाद के तौर पर रखी है।
  • बिहार की देवकी (सोलर दीदी) बिहार के मुजफ्फरपुर के रतनपुरा गांव की रहने वाली देवकी ‘Solar Didi’ के नाम फेमस हैं। उन्होंने अपने गांव में सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़कर सोलर पंप सिस्टम लगाया है। पहले यहां सिर्फ कुछ एकड़ जमीन की ही सिंचाई हो पाती थी, अब 40 एकड़ से ज्यादा खेतों तक पानी पहुंच रहा है।
  • जर्मनी के डाइटमार बेयर्सडॉर्फर दुनिया के फेसम पोडकास्टर लेक्स फ्रिडमन के साथ पोडकास्ट के दौरान एमपी के शहडोल के फुटबॉल खिलाड़ियों का जिक्र हुआ। जर्मनी के डाइटमार बेयर्सडॉर्फर ने वो पोडकास्ट देखकर जर्मनी में भारतीय दूतावास से संपर्क किया। उन्हें शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की लाइफ जर्नी ने प्रभावित किया। फुटबॉल कोच डाइटमार ने शहडोल के इन खिलाड़ियों को जर्मनी की एक अकादमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की। इसके बाद मध्य प्रदेश की सरकार ने भी उनसे संपर्क किया। जल्द ही शहडोल के हमारे कुछ युवा-साथी जर्मनी जाएंगे।

22 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होता है मन की बात कार्यक्रम

मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकास्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं।

मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर से होती है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था।

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Major Decision: कंपनियों को बड़ी राहत, भारत सरकार ने चीन से उपकरण खरीद पर दी ढील

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक सप्लाई चेन में दबाव और घरेलू परियोजनाओं में देरी को देखते हुए भारत सरकार ने चीन से जरूरी औद्योगिक उपकरणों की खरीद पर आंशिक ढील देने का फैसला किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम के तहत कई सरकारी कंपनियों को सीमित दायरे में चीन से क्रिटिकल उपकरण आयात करने की अनुमति दी गई है।

इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) जैसी कंपनियों को होगा। BHEL को चीन से 21 प्रकार के महत्वपूर्ण उपकरण खरीदने की मंजूरी मिली है, जबकि SAIL को भी अपने प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी कंपोनेंट्स आयात करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा कुछ अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कोल गैसीफिकेशन से जुड़े उपकरण खरीदने की छूट दी गई है।

2020 में किए थे सख्त नियम लागू 

दरअसल, वर्ष 2020 में सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद भारत ने चीन से आयात और निवेश पर सख्त नियम लागू कर दिए थे लेकिन हाल के महीनों में कई इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक परियोजनाओं में देरी और उपकरणों की कमी सामने आने के बाद सरकार ने इन नियमों में आंशिक ढील देने का निर्णय लिया है। नए आदेश के तहत अब सरकारी ठेकों में शामिल चीनी कंपनियों को पहले की तरह हर बार राजनीतिक और सुरक्षा मंजूरी के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक व्यापार में हो रहे बदलावों के बीच संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा है। खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने और सप्लाई चेन में बदलाव के चलते भारत अपने औद्योगिक हितों को ध्यान में रखते हुए लचीला रुख अपना रहा है।

सहयोग बढ़ाने के लिए उठाए गए अहम कदम

हाल के समय में दोनों देशों के बीच संबंधों में भी कुछ नरमी देखी गई है। नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात के बाद द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके तहत डायरेक्ट फ्लाइट्स बहाल करने और बिजनेस वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। सरकार का यह कदम जहां एक ओर घरेलू परियोजनाओं को गति देने में मदद करेगा, वहीं दूसरी ओर भारत-चीन आर्थिक संबंधों में संतुलन बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।

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3 सरकारी बैंकों पर चला RBI का डंडा, लगाया भारी जुर्माना

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मुंबई, एजेंसी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग नियमों का पालन न करने पर चार संस्थाओं पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इसमें तीन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक—यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया—के साथ-साथ फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स शामिल है।

आरबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर 95.40 लाख रुपए, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 63.60 लाख रुपए, बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपए और पाइन लैब्स पर 3.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

बैंकों पर क्यों हुई कार्रवाई 

केंद्रीय बैंक ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ग्राहकों से जुड़े अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि वापस करने में विफल रहा। साथ ही, बैंक ने 24×7 शिकायत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई और कुछ मामलों में सिस्टम आधारित प्रक्रियाओं में मैन्युअल हस्तक्षेप भी पाया गया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर केवाईसी नियमों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई की गई। बैंक समय पर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड केंद्रीय रजिस्ट्री में अपलोड नहीं कर पाया और कुछ ग्राहकों के लिए एक से अधिक बेसिक सेविंग्स खाते खोले गए। वहीं, बैंक ऑफ इंडिया पर प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण खातों में अतिरिक्त शुल्क वसूलने और कुछ सावधि जमा पर समय पर ब्याज भुगतान न करने के कारण जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा, पाइन लैब्स को बिना पूर्ण केवाईसी प्रक्रिया पूरी किए प्रीपेड भुगतान उपकरण (PPI) जारी करने के लिए दंडित किया गया। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने और बैंकिंग व फिनटेक सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

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iPhone यूजर्स को झटका! Apple ने हटाया बड़ा डिस्काउंट सपोर्ट

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मुंबई, एजेंसी। भारत में स्मार्टफोन खरीदारों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। Apple ने अपने लोकप्रिय iPhone मॉडल्स की कीमतों को अप्रत्यक्ष रूप से महंगा करने का फैसला लिया है। कंपनी ने रिटेलर्स और चैनल पार्टनर्स को मिलने वाला ‘डिमांड जेनरेशन (DG) सपोर्ट’ बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे iPhone 16 और iPhone 15 जैसे मॉडल अब ग्राहकों के लिए करीब 5,000 रुपए तक महंगे पड़ सकते हैं।

क्या करता है DG सपोर्ट

DG सपोर्ट एक तरह का बैकएंड इंसेंटिव होता है, जिसकी मदद से रिटेलर्स बिना MRP बदले ग्राहकों को आकर्षक डिस्काउंट दे पाते थे। इस वजह से iPhone 15 और iPhone 16 जैसे मॉडल मिड-प्रीमियम सेगमेंट में काफी प्रतिस्पर्धी बने हुए थे लेकिन अब इस सपोर्ट के हटने के बाद रिटेलर्स पहले जितनी छूट नहीं दे पाएंगे, जिससे ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

किन ग्राहकों पर पड़ेगा ज्यादा असर

इससे पहले कंपनी कैशबैक ऑफर्स में भी बड़ी कटौती कर चुकी है। जहां पहले ग्राहकों को 6,000 रुपए तक का कैशबैक मिलता था, उसे घटाकर 1,000 रुपए कर दिया गया है। लगातार कम हो रहे इन फायदों का सीधा असर खरीदारों की जेब पर पड़ने वाला है।

रिटेलर्स के अनुसार, यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो सकता है और मौजूदा कीमतों पर खरीदारी करने का मौका सीमित समय के लिए ही बचा है। खासतौर पर उन ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा, जो पुराने iPhone मॉडल्स की कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे थे।

कई एंड्रॉइड ब्रांड्स बढ़ा चुके हैं दाम

हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला नए iPhone 17 लाइनअप पर लागू नहीं होगा और केवल मौजूदा या पुराने मॉडल्स तक ही सीमित रहेगा। भारत में iPhone की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है, खासकर EMI विकल्पों के चलते, जो बढ़ी हुई कीमत के असर को कुछ हद तक कम कर सकते हैं।

इसी बीच, Samsung, Xiaomi और Motorola जैसे कई एंड्रॉइड ब्रांड्स भी बढ़ती उत्पादन लागत के कारण अपने स्मार्टफोन्स की कीमतें पहले ही बढ़ा चुके हैं, जिससे पूरे बाजार में कीमतों का दबाव बना हुआ है।

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