छत्तीसगढ़
नीट-विवाद…कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की:कोंडागांव में मोहन मरकाम ने राहुल गांधी के मुद्दों को दोहराते हुए सरकार पर हमला बोला
कोंडागांव, एजेंसी। देश भर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) को लेकर उपजे विवाद के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
कोंडागांव के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मरकाम ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। उन्होंने इन घटनाओं को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
मोहन मरकाम ने हाल ही में राजस्थान के कोटा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा छात्रों के बीच दिए गए संबोधन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के बजाय युवाओं को निराशा की ओर धकेल रही है।

‘रिजेक्शन सिस्टम’ बन गई है शिक्षा व्यवस्था: मोहन मरकाम
मरकाम ने राहुल गांधी के बयान को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को “सिलेक्शन सिस्टम” की बजाय “रिजेक्शन सिस्टम” बताया था। उनका आरोप था कि मौजूदा प्रणाली छात्रों के सपनों को पूरा करने के बजाय उन्हें मानसिक दबाव और तनाव में डाल रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा कमजोर किया है। मरकाम ने बताया कि परिवार अपनी गाढ़ी कमाई कोचिंग, किताबों और फीस पर खर्च करते हैं, लेकिन अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य संकट में पड़ जाता है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मरकाम ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
कांग्रेस का मानना है कि नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर कांग्रेस जिला महामंत्री जयप्रकाश यादव सहित कई कांग्रेसी नेता उपस्थित थे।
कोरबा
दीपका रेलवे क्रॉसिंग पर ACB कंपनी के हाईवा चालक की भारी लापरवाही, सजग नागरिक से की बदसलूकी, ओवरब्रिज निर्माण के बीच मंडरा रहा हादसों का खतरा
कोरबा/दीपका। दीपका के गौरव पथ मार्ग पर बीते शुक्रवार को सुबह 6:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टला ACB कंपनी के आईचर हाईवा वाहन क्रमांक: CG 12 BF 3647 के चालक ने घोर लापरवाही बरतते हुए रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्धारित कच्चे रास्ते को छोड़कर वाहन को प्रतिबंधित पक्की सड़क गौरव पथ की तरफ घुसा दिया ।

वहां मौजूद एक सजग नागरिक ने जब जिम्मेदारी दिखाते हुए चालक को टोकना चाहा और कहा कि आप गलत रास्ते पर आ गए हैं, भारी वाहनों से रेलवे क्रॉसिंग पर कच्चा रास्ता से होते हुए पक्की मार्ग के लिए अपने कर्तव्य निर्धारित किया गया है, जोकि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक के लिए यह रास्ता प्रशासन ने अस्थाई रूप से छूट दिया गया है। बस इतना ही कहते ही चालक अपनी गलती मानने के बजाय आक्रोशित हो गया, आरोपी चालक सजग नागरिक के साथ ‘तू-तू मैं-मैं’ और बदतमीजी करने लगा। मौके पर मौजूद अन्य राहगीरों ने बीच-बचाव कर हाईवा चालक को समझाया, जिसके बाद नागरिक ने उसे वापस तय मार्ग पर जाने की हिदायत दी ।
क्या है पूरा मामला और नियम?

गौरतलब है कि गौरव पथ मार्ग पर वर्तमान में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो जल्द ही पूरा होने वाला है। जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक प्रशासन ने भारी वाहनों ट्रेलर-हाईवा के लिए दीपका रेलवे क्रॉसिंग फाटक के पास से कच्चा रास्ता मुख्य मार्ग से होते हुए रास्ता प्रशासन ने अस्थाई रूप से तय किया है, इसके बावजूद कोयला परिवहन में लगे कई वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर फाटक के पास के मुख्य मार्ग पर गाड़ियां घुसा रहे हैं ।
पहले भी टूट चुका है लोहे का बैरियर, हो चुके हैं कई हादसे

यह कोई पहली घटना नहीं है पूर्व में भी दीपका रेलवे क्रॉसिंग फाटक के पास प्रशासन द्वारा लगाए गए लोहे के सुरक्षा बैरियर को इन भारी ट्रेलर और हाईवा गाड़ियों ने कई बार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया है, इन चालकों की अंधाधुंध और लापरवाही पूर्वक ड्राइविंग के कारण इस क्षेत्र में आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है ।
कंपनियों और वाहन मालिकों को चेतने की जरूरत

गौरव पथ मार्ग पर भारी वाहनों के कारण होने वाले हादसों को लेकर पूर्व में कई सामाजिक संगठनों द्वारा उग्र आंदोलन भी किए जा चुके हैं, सड़क पर चलने वाले हर एक आम नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है ।
इस घटना के बाद प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय जनता ने ACB कंपनी सहित अन्य सभी ट्रांसपोर्ट और निजी ट्रक मालिकों से कड़ी मांग की है कि:-
वे अपने वाहन चालकों (ड्राइवर्स) को समय-समय पर सतर्कता सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का विशेष प्रशिक्षण दें ।
जनता से दुर्व्यवहार करने वाले ऐसे लापरवाह चालकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ।
भविष्य में किसी भी राहगीर की जान-माल की हानि न हो इसके लिए कंपनियां खुद आगे आकर जिम्मेदारी लें ।
प्रशासन और प्रबंधन को यह समझना होगा कि जब तक ड्राइवर चालकों को सजग नहीं होंगे, तब तक दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना मुमकिन नहीं है। यदि समय रहते कंपनियां और ट्रक मालिक नहीं जागे, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
छत्तीसगढ़
सरगुजा : आषाढ़ के प्रथम दिवस पर 29 एवं 30 जून को होगा भव्य रामगढ़ महोत्सव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, इतिहास, संस्कृति, साहित्य और लोककला का होगा अद्भुत संगम
विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ में दो दिनों तक सजेंगी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियां

सरगुजा। सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक रामगढ़ में आषाढ़ के प्रथम दिवस के अवसर पर 29 एवं 30 जून को दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित महोत्सव में प्रदेश की लोकसंस्कृति, साहित्य, इतिहास, पुरातत्व और पर्यटन की समृद्ध विरासत एक साथ देखने को मिलेगी। महोत्सव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, कलाकार, शोधकर्ता, पर्यटक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहेंगे।

29 जून को प्रातः 10ः30 बजे अतिथियों के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। स्वागत समारोह, अतिथियों के उद्बोधन तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं पर आधारित लोकनृत्य, लोकगीत एवं लोकवाद्य प्रस्तुतियां पूरे दिन आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सायंकाल सुप्रसिद्ध लोक एवं सांस्कृतिक कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां महोत्सव को और अधिक भव्य बनाएंगी। महोत्सव के दौरान आगंतुक विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण करेंगे। विशेषज्ञ इन धरोहरों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी देंगे।
30 जून को साहित्य, इतिहास एवं संस्कृति पर केंद्रित परिचर्चाएं, जनजातीय संस्कृति की प्रस्तुतियां, लोककलाओं का प्रदर्शन, स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी तथा विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया जाएगा। रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा। महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को रामगढ़ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को निकट से जानने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन ने प्रदेशवासियों, साहित्यकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों एवं पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : रविवार को 35.98 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद
14,396 बूथों पर मिलेगी पोलियो की दो बूंद, 57 हजार से अधिक वैक्सीनेटर रहेंगे तैनात
रायपुर। देश भर में रविवार को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभियान के तहत राज्य के पांच वर्ष तक के 35 लाख 98 हजार 904 बच्चों को पोलियो से बचाव हेतु दवा की दो बूंद पिलाई जाएगी। अभियान के संचालन हेतु 28,791 टीमों के साथ 57 हजार से अधिक वैक्सीनेटर तैनात किए गए हैं। बूथ दिवस के बाद 29 एवं 30 जून को टीमें घर-घर पहुंचकर ऐसे बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए।
अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला एवं विकासखंड स्तर पर टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित कर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और टीकाकरण दलों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। माइक्रोप्लान का सत्यापन, वैक्सीन की उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन तथा आवश्यक लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
इस अभियान में दूरस्थ गांवों, वनांचल क्षेत्रों, शहरी बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों तथा प्रवासी और घुमंतू परिवारों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जाएगी। बूथ दिवस के बाद टीमें घर-घर भ्रमण कर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी. आर. भगत ने बताया, “राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली गई हैं। अभियान के दौरान बूथों के साथ-साथ घर-घर भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जन्म से पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। अभिभावक अपने बच्चों को निर्धारित बूथों पर अवश्य लेकर आएं। यदि किसी कारणवश वे बूथ तक नहीं पहुंच पाते हैं, तो घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम को सहयोग करें। पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने में प्रत्येक परिवार की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को, चाहे उसे पहले नियमित टीकाकरण अथवा पल्स पोलियो अभियान में दवा मिल चुकी हो, इस अभियान में भी पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना आवश्यक है।
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