नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक की दहलीज पर है क्योंकि संसद उस समय ”नया इतिहास” रचेगी जब 2029 से महिला आरक्षण अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए, इस सप्ताह इसमें संशोधन किया जाएगा। मोदी ने 16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के तीन दिवसीय सत्र से पहले यहां आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में कहा कि इस कानून के लागू होने से अतीत की परिकल्पनाएं साकार होंगी और भविष्य के संकल्प पूरे होंगे। उन्होंने शासन में महिलाओं के योगदान की सराहना की और जोर दिया कि उनमें से कई बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार और उत्सुक हैं।
मोदी ने सम्मेलन में कहा, ”हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की परिकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। यह ऐसे भारत का संकल्प है, जो समतावादी हो, जिसमें सामाजिक न्याय केवल नारा न होकर हमारी कार्य संस्कृति और निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो।” उन्होंने यह भी कहा कि जब 2023 में यह कानून पेश किया गया था तब इसे सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित किया गया था और इसे 2029 तक लागू करने की विशेष रूप से विपक्ष की ओर से सामूहिक मांग उठी थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों के इंतजार को समाप्त करने का समय 16, 17 और 18 अप्रैल है, जब संशोधनों पर विचार करने और उन्हें पारित करने के लिए विस्तारित बजट सत्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा, ”2023 में नयी संसद में हमने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में पहला कदम उठाया था…हमारे राष्ट्र की विकास यात्रा में इन महत्वपूर्ण पड़ावों के बीच, भारत 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक निर्णय लेने की दहलीज पर खड़ा है।” मोदी ने कहा, ”मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि यह फैसला हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक होगा। यह फैसला महिला सशक्तिकरण को समर्पित होगा और नारी शक्ति एवं नारी सम्मान के प्रति सच्चे आदर का प्रतीक होगा।”
संसद ने सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है। यह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान 2023 में संविधान संशोधन के जरिए किया गया था। मौजूदा कानून के तहत महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि इसे 2027 की जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जोड़ा गया था। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में बदलाव जरूरी है। इसी वजह से सरकार ने कानून में संशोधन पारित कराने के लिए बजट सत्र की अवधि का विस्तार किया गया है। महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधन पारित होने के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय पर लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं की भागीदारी देश के लोकतंत्र को मजबूत कर सके। उन्होंने कहा, ”हमारा प्रयास है, और हमारी प्राथमिकता भी है, इस बार भी, ये काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो।” इस मुद्दे पर महिलाओं के बीच उत्साह का उल्लेख करते हुए, मोदी ने कहा कि देश भर की महिलाएं विधानसभाओं और लोकसभा तक पहुंचने की अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त कर रही हैं, और उनके सपनों को नए पंख मिलने जा रहे हैं और देश में एक सकारात्मक माहौल का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा, ”मैं सभी महिलाओं से अपील करता हूं कि वे इस पूरी प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी बनाए रखें और अपने सांसदों से मिलकर अपने विचार और अपेक्षाएं साझा करें।”
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान सभा तक महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डालते हुए स्वतंत्र भारत की नींव रखने में उनकी अपार भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, ”जिन महिलाओं को प्रतिनिधित्व के अवसर मिले, उन्होंने राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट कार्य किया है। आज भी हमारे देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक, महिलाएं इतने महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं।” उन्होंने कहा, ”राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक, महिलाएं जहां भी रही हैं, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।”
पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए मोदी ने कहा कि वर्तमान में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय सरकारी निकायों में सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, ”लगभग 21 राज्यों में तो पंचायतों में उनकी भागीदारी करीब-करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। राजनीति और सामाजिक जीवन में लाखों महिलाओं की यह सक्रिय भागीदारी दुनिया के अग्रणी नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों को भी आश्चर्यचकित करती है। इससे पूरे भारत का बहुत गौरव बढ़ता है।” उन्होंने कहा, ”जल जीवन मिशन की सफलता एक ऐसा उदाहरण है जहां पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय निकायों और संस्थाओं में वर्षों से काम कर रही लाखों महिलाओं के पास व्यापक अनुभव है और वे बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार और उत्सुक हैं। मोदी ने कहा, ”नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने से ऐसी सभी महिलाओं के जीवन में एक बड़ा अवसर मिलेगा।
पंचायत से संसद तक का सफर आसान हो जाएगा।” मोदी ने देश की हर मां, बहन और बेटी को आश्वासन दिया कि देश उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा, “देश की नारी शक्ति ने कड़ी मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के बल पर नयी ऊंचाइयों को छुआ है। हमें सामूहिक रूप से इस शक्ति को नयी ऊर्जा प्रदान करनी चाहिए और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना चाहिए।” विकसित भारत की राह में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि उनकी सरकार ने 2014 से महिलाओं के जीवन चक्र के हर चरण के लिए योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने बालिकाओं और महिलाओं के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को गिनाते हुए कहा, “हमने कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया, गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण के लिए मातृ वंदन योजना के तहत 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की और बेटियों की शिक्षा का समर्थन करने के लिए उच्च ब्याज वाली सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की।”
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।