छत्तीसगढ़
नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ में बेहतर,औद्योगिक वातावरण का होगा निर्माण
औद्योगिक विकास नीति 2024-2030
विशेष लेख : उप संचालक: छगनलाल लोन्हारे
रायपुर। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से लागू हो गई है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य में औद्योगिक नीतियों की परिकल्पना राज्य गठन के उपरान्त लगातार की जा रही है। छत्तीसगढ़ में अब तक पांच औद्योगिक नीतियां क्रमशः – 2001, 2004-09, 2009-14, 2019-24 प्रवाशील रही एवं अब नई औद्योगिक नीति 2024 लागू की गई है। उपरोक्त औद्योगिक नीति को लागू किये जाने के साथ ही इन नीतियों में तत्कालीन आवश्यकताओं को तथा औद्योगिक विकास के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नीतियों में यथा आवश्यकता विभिन्न प्रकार के औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यथा- ब्याज अनुदान, राज्य लागत पूंजी अनुदान, (अधोसंरचना लागत पूंजी अनुदान), स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट, प्रवेश कर छूट, मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति, मंडी शुल्क छूट, परियोजना लागत पूंजी अनुदान इत्यादि प्रदान की जाती रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। हमारा राज्य देश के मध्य मेें स्थित है, आने वाले वर्षो में हम अपनी भौगोलिक स्थिति आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को ‘‘हेल्थ हब‘‘ बनाने मे सफल होंगे। जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारभ करने जा रहे है।
प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन का कहना है कि निश्चित तौर पर हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग कैसे स्थापित हो इसे ध्यान में रखकर यह उद्योग नीति तैयार की गई है। हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हाल ही में आयोजित केबिनेट बैठक में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है।
इसमें छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। राज्य के प्रशिक्षित व्यक्तियों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए उद्योगों हेतु प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक के लिए होगी। नई औद्योगिक नीति में निवेश प्रोत्साहन में ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट. मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। नई नीति में मंडी शुल्क छूट, दिव्यांग (निःशक्त) रोजगार अनुदान, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान, नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति के भी प्रावधान किये गये हैं।
इस नीति में राज्य के युवाओं के लिये रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर एक हजार से अधिक स्थानीय रोजगार सृजन के आधार पर बी-स्पोक पैकेज विशिष्ट क्षेत्र के उद्योगों के लिये प्रावधानित है। राज्य के निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों, जिनमें पैरामिलिट्री भी शामिल है, को नई औद्योगिक नीति के तहत अधिक प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। नक्सल प्रभावित लोगों, कमजोर वर्ग, तृतीय लिंग के उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। सरकार का प्रयास होगा कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान
यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सृजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्रों में रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।
राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है।
4 दिसम्बर 2024 को नवा रायपुर में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप के दौरान राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर प्रदान किए। इनमें राज्य के कोर सेक्टर के साथ ही नये निवेश क्षेत्रों जैसे आईटी, एआई, डाटा सेंटर, एथेनॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें शिवालिक इंजीनियरिंग, मां दुर्गा आयरन एण्ड स्टील, एबीआरईएल ग्रीन एनर्जी, आरएजी फेरो एलायज, रिलायंस बायो एनर्जी, यश फैंस एण्ड एप्लायंसेस, शांति ग्रीन्स बायोफ्यूल, रेक बैंक डाटा सेंटर आदि सम्मिलित हैं।
इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है।
कोरबा
छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ का तृतीय महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह 29 मार्च को कोरबा में
कोरबा। छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ का तृतीय महासम्मेलन की मेजबानी इस बार कोरबा कर रहा है। 29 मार्च को यह सम्मेलन टीपी नगर स्थित प्रदेश अखबार वितरक संघ कार्यालय परिसर में सम्पन्न होगा। महासम्मेलन को सफल बनाने छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ की जिला इकाई ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। महासम्मेलन के साथ-साथ सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जा रहा है।
महासम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 3.30 बजे कोरबा विधायक एवं केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे, वहीं महासम्मेलन की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत करेंगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, भाजपा के प्रदेश मंत्री सुश्री ऋतु चौरसिया, पार्षद एवं भाजयुमो के पूर्व जिला महामंत्री नरेन्द्र देवांगन, वार्ड पार्षद श्रीमती प्रेमलता बंजारे एवं पार्षद रामकुमार साहू होंगे। वक्ता के रूप में राष्ट्रीय वितरक महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामरक्षा सिंह संरक्षक पंकज भट्ट महामंत्री साकेश सैनी उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश अवस्थी श्रेष्ठ पासवान भागवत नारायण चौरसिया एवं , महाराष्ट्र राज्य वृत्तपत्र विक्रेता संघटना के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पाटनकर सचिव विनोदपन्नास उपाध्यक्ष दिनेश उईके एवं छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से प्रतिनिधि भी शामिल होंगे एवं छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पदमसिंह चंदेल होंगे। महासम्मेलन में अन्य प्रदेशों से पदाधिकारी शिरकत करेंगे।
समापन समारोह 29 मार्च को ही रात्रि 8.30 बजे होगा। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल होंगे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर (शहर), मनोज चौहान (ग्रामीण), कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश अग्रवाल, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद कृपा राम साहू नेता प्रतिपक्ष नगर पालिका निगम कोरबा , पार्षद , रवि चंदेल,पूर्व पार्षद अविनाश बंजारे उपस्थित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के कोरबा जिलाध्यक्ष विपेन्द्र साहू ने जिले के सभी ब्लाक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है, ताकि संघ को और मजबूत बना सकें एवं अखबार वितरकों के अधिकार पाने के अभियान को और मजबूती दे सकें।
श्रम विभाग एवं चिकित्सा कैम्प का आयोजन
परिसर में महासम्मेलन के दौरान श्रम विभाग का कैम्प भी लगेगा, जहां पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी समय 11:00 से अखबार वितरकों के श्रमिक कार्ड बनाएंगे, ताकि श्रम विभाग छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं का लाभ अखबार वितरकों को भी मिल सके। कोरबा के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा अपनी टीम के साथ स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन करेंगे।
सम्मान समारोह का भी होगा आयोजन
अखबार वितरक संघ के तृतीय महासम्मेलन में लब्ध प्रतिष्ठित पत्रकारों एवं अखबार वितरकों के लिए सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा।
महासम्मेलन को सफल बनाने पदाधिकारियों की बैठक
महासम्मेलन को सफल बनाने कोरबा जिला इकाई के पदाधिकारियों ने आवश्यक बैठक की और सभी ने जी तोड़ मेहनत करने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पदमसिंह चंदेल ने की। बैठक में प्रमुख रूप से जिला संरक्षक रेशम साहू, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र साहू, सचिव जयसिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, सहसचिव रायसिंह, कटघोरा इकाई प्रभारी बबलू यादव (कन्हैया) कटघोरा सचिव विजय दास पाली इकाई प्रभारी सुरेंद्र सिंह ठाकुर पाली सचिव संतराम पटेल पाली उपाध्यक्ष शंकर दीवान जमीनी पाली इकाई प्रभारी दीपक सचिव रविंदर मीडिया प्रभारी रामायण सिंह (रामा), कार्यक्रम संयोजक तपेश्वर राठौर, प्रवक्ता अनिल गिरी, दिलबाग, दिलीप, हर्ष, कृष्णा निर्मलकर, दीपक सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कोरबा
माँ सर्वमंगला देवी का दिव्य दरबार सजा फूलों से:श्रद्धालुओं का मन प्रफूल्लित
सप्तमी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कोरबा। चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना करने एवं दर्शन करने श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। आज प्रबंधन ने सप्तमी को माँ सर्वमंगला देवी का अभूतपूर्व अभिनंदन किया और माँ के दिव्य दरबार को विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूल मालाओं का तोरण बनाकर अभूतपूर्व सजाया और माँ का दिव्य अभिनंदन किया।

माँ सर्वमंगला देवी के सजे दरबार से श्रद्धालुओं का मन अभूतपूर्व दृश्य से प्रफूल्लित हो उठा और ह्दय रोमांचित हो उठा। संध्या होते ही यह दृश्य और अतिसुंदर हो गया, मानो हम स्वर्ग में आ गए हैं, वैसे भी माँ सर्वमंगला देवी का परिसर पहुंचते ही मन में अजीब सी शांति का एहसास होता है और सारे विकार दूर हो कर मन सिर्फ माँ के आगोश में जाने का करता है। शांत वातावरण और दिव्य दृश्य मन और मस्तिष्क को आल्हादित करते हैं।
आज सप्तमी पर माँ कालरात्रि स्वरूपा की पूजा करने परिसर से लेकर लम्बी लाईन लगी हुई थी और श्रद्धालु धीरे-धीरे गर्भगृह पहुंचकर माता के श्रृंगारमय सजी मूर्ति का दर्शन कर तृप्त हो गए। सजीवरूपी माँ सर्वमंगला देवी अपने भक्तों का हर मनोकामना पूर्ण करती हैं, इसी विश्वास के साथ आज सप्तमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माँ कालरात्रि स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी का दिव्य दर्शन कर अपने आपको धन्य मान रहे थे।

कल महाष्टमी पर भी रहेगी अभूतपूर्व भीड़

कल 26 मार्च चैत्र शुक्ल अष्टमी को महागौरी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना होगी और कल महाष्टमी पर माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सबसे ज्यादा पहुंच सकती है।
माँ महागौरी की पूजा से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और कल महाष्टमी पर माँ महागौरी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु धन और ऐश्वर्य के लिए आशीर्वाद मांगेंगे।
माँ महागौरी को सूजी का हलवा और फल अतिप्रिय हैं और भक्तगण सूजी का हलवा और फल अर्पण कर मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगेंगे।
मंदिर परिसर की सजावट से भावविभोर हो रहे श्रद्धालु- नमन पाण्डेय

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने बताया कि माता की असीम कृपा सभी पर बरसती है और माता के आशीर्वाद से परिसर को फूलों से सजाया गया है और दिव्य मनोकामना ज्योति कलशों के पुण्य तेज और फूलों की महक से दरबार ऐसा लग रहा है, मानो स्वर्ग का एहसास करा रहा हो। कल माँ महागौरी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना होगी और माँ महागौरी धन और ऐश्वर्य प्रदात्रि हैं। माँ महागौरी स्वरूपा की पूजा-अर्चना करने से घर में धन की कमी नहीं होती और परिवार खुशहाल और समृद्ध होता है।

छत्तीसगढ़
बलौदाबाजार : किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों की नवरात्रि भी हुई समृद्ध
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राशि का किया अंतरण
प्रदेश के 4.95 लाख से अधिक भूमिहीन कृषकों के खातों में 495 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित
सुशासन सरकार की सतत पहल से किसान, मजदूर और महिलाओं को मिल रहा मजबूत आर्थिक संबल

बलौदाबाजार। किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए भी यह नवरात्रि समृद्धि और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आई है। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की योजनाएं अब सीधे जनजीवन में परिवर्तन का आधार बनती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदा बाजार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार द्वारा तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस वर्ष उत्साह और संतोष के साथ होली मनाई, वहीं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिली राशि ने उनके आत्मनिर्भरता के संकल्प को और मजबूत किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश कराते हुए मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बलौदाबाजार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का स्मरण करते हुए बाबा गुरु घासीदास, संत कबीर और शहीद वीर नारायण सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि भूमिहीन कृषि मजदूरों को दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः संचालन तथा रामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कोरोना काल में लंबित बिलों के निपटान हेतु विशेष छूट एवं आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह योजना जून तक संचालित होगी और प्रदेशभर में इसके लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश के समग्र विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा, कृषि और वन उत्पादों के बेहतर उपयोग से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा पांच जिलों के हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को कम समय में पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता का प्रमाण है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी के अंतर की राशि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आज योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं। उन्होंने सभी भूमिहीन कृषि मजदूरों, विशेषकर बैगा-गुनिया परिवारों को इस योजना के लाभ के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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