रात 10 बजे के बाद DJ बंद, बिना लाइसेंस नहीं परोस सकेंगे शराब, हाई-अलर्ट पर छत्तीसगढ़ पुलिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस नए साल के जश्न को लेकर हाई अलर्ट पर है। रायपुर में नए साल की पार्टियों में रात 10 बजे के बाद डीजे बंद करने का आदेश जारी किया गया है। बिना लाइसेंस के शराब परोसने वाले फार्म हाउस और होटल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में 50 पेट्रोलिंग गाड़ियां और 600 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
इस बीच बिलासपुर में ड्रोन से जश्न पर नज़र रखी जाएगी। शहर में 800 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। दुर्ग पुलिस ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर केक काटने या स्टंट करने पर तुरंत जेल भेजा जाएगा। बस्तर में नए साल से चार दिन पहले ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहां 400 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
इसके अलावा, रायगढ़ और सरगुजा पुलिस ने गाइडलाइन जारी की है जिसमें साफ किया गया है कि नए साल के जश्न के दौरान सड़कों पर जश्न मनाने, मोटरसाइकिल पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने या सार्वजनिक जगहों पर गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यू ईयर के सेलिब्रेशन को लेकर पुलिस ने नई गाइडलाइन जारी की है। रात 10 बजे के बाद DJ रहेंगे बंद।
रायपुर में सेलिब्रेशन CCTV कैमरे में रिकॉर्ड होगा
छत्तीसगढ़ पुलिस ने त्योहारों के दौरान किसी भी तरह के झगड़े या गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए कमर कस ली है। रायपुर के पुलिस अधिकारियों ने राजधानी के होटलों, रेस्टोरेंट, कैफे, ढाबों, फार्महाउस और बार के मालिकों के साथ मीटिंग की है और साफ निर्देश दिए हैं।
रायपुर पुलिस के मुताबिक जश्न CCTV कैमरों की निगरानी में होनी चाहिए। अगर बिना लाइसेंस वाली शराब बेची जाती है, ड्रग्स बांटे जाते हैं, या रात 10 बजे के बाद म्यूजिक बजाया जाता है, तो मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस साल आबकारी विभाग ने 12 लोगों को लाइसेंस दिए हैं। पिछले साल ये संख्या 42 थी। 26 स्थानों पर पुलिस जांच करीब, 5 सौ के करीब अलग अलग बल तैनात रहेंगे।
इसके साथ ही होटल-फार्म हाउस मालिकों को अपनी जगह के बाहर पार्किंग के लिए भी सही इंतजाम करने होंगे। मेन रोड या सर्विस रोड पर पार्किंग पूरी तरह से मना है। अगर किसी भी तरह से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती है, तो होटल-फार्म हाउस मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हुड़दंग होने पर संचालक जिम्मेदार
नए साल की शाम को बाहरी इलाकों की सभी दुकानें रात 12:00 बजे से 12:30 बजे तक बंद रहेंगी। बिना लाइसेंस के शराब परोसने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक जगहों या गाड़ियों में शराब पीने पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। अगर इवेंट के दौरान कोई गड़बड़ी या ड्रग्स का इस्तेमाल पाया जाता है, तो उस जगह का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
नशे में मदहोश ग्राहक को छोड़ना होगा घर तक
SSP लाल उमेद सिंह के अनुसार, आयोजक इवेंट में बुलाए गए हर कस्टमर के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। अगर कोई कस्टमर इवेंट में शराब पीने के बाद नशे में हो जाता है, तो आयोजकों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे उसे सुरक्षित घर पहुंचाएं।
इसी तरह आयोजकों को इवेंट की जगह पर मजबूत सुरक्षा इंतजाम करने होंगे। आयोजकों को इवेंट होने से पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन को इवेंट की पूरी जानकारी भी देनी होगी।
बिलासपुर में नए साल के जश्न की ड्रोन से निगरानी, 800 जवान तैनात
बिलासपुर 31वां क्राइम मुक्त सिटी है। पुलिस 31 दिसंबर की शाम से 1 जनवरी की सुबह तक शहरी और ग्रामीण इलाकों में कड़ी निगरानी और पेट्रोलिंग करेगी। SSP रजनीश सिंह ने बताया कि 800 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और जवान, 100 होम गार्ड जवानों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
बिलासपुर में ड्रोन से क्राइम पर नजर रखेगी पुलिस।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर ड्रोन कैमरों और इंटरसेप्टर गाड़ियों की मदद से नजर रखी जाएगी। DJ या लाउडस्पीकर पर तेज म्यूजिक बजाने वालों, बिना साइलेंसर के गाड़ी चलाने वालों या ट्रिपल राइडिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवैध हथियार रखने वालों या गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बस्तर में 400 जवानों की होगी तैनाती।
बस्तर में 400 जवान तैनात किए जाएंगे
जगदलपुर में नए साल के जश्न के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस हाई अलर्ट पर है। नए साल से पहले के चार दिनों तक जगदलपुर शहर में 150 से ज्यादा CCTV कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। लगभग 300 से 400 जवानों को तैनात किया गया है।
बस्तर के ASP महेश्वर नाग ने बताया कि ज़िले के हर पुलिस स्टेशन में भी जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस बल होटलों, टैक्सी स्टैंड और बस स्टैंड पर नजर रख रहे हैं। हर कोने पर जवान तैनात किए गए हैं।
न्यू ईयर सेलिब्रेशन की पुलिस सीसीटीवी के जरिए रखेगी नजर।
दुर्ग पुलिस 31 दिसंबर की रात हाई अलर्ट पर
दुर्ग ज़िले में पुलिस 31 दिसंबर की रात और नए साल के दिन गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी नजर रखेगी। सड़कों पर गुंडागर्दी करने या स्टंट करने वालों को तुरंत जेल भेजा जा सकता है।
सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस विजय अग्रवाल ने कहा कि 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी को पूरे जिले में पुलिस हाई अलर्ट पर रहेगी। सड़कों से लेकर पब्लिक जगहों तक हर गतिविधि पर कड़ी नज़र रखी जाएगी। नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी इमरजेंसी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 112 या पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479192099 पर दें। नियमों का उल्लंघन होते ही कार्रवाई की जाएगी। यह ज़रूरी है कि जश्न कानून के दायरे में रहकर मनाया जाए।
सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।
इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।
चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।
कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।
चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।
ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।
बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।
इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।
10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।
नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।
अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।
ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।
पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल
जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।
जानिए क्या है CGPSC घोटाला
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।
इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।
एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।
दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।
छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।
कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।
चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी
तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।